रविवार, 30 अक्तूबर 2011

लखपति हो जाएगी वार्ता..वाह रे रथी !! महारथी बनने में एक माह लगेगा...?

जी तय है.. लखपति होगी वार्ता  कल आप को याद था कि नहीं कि किसक महान हस्ती का जन्म दिन है तो कोई बात नहीं आप आज मना लीजिये महान वैग्यानिक भाभा का जन्म दिन . प्रेरणा मिली न.. तो लगाईये चटका.इअनके भी तो जन्म दिन मना लीजिये  सतीश चौहान, अजय ब्रह्मात्मज का जनमदिन था   एक इधर भी जहां सबकी जय जय है.. सब जीतते हैं कोई हारने के वास्ते पैदा होता है क्या..? जो जिधर जीता वो वहीं का सिकंदर है न..!! कुछ भी हो तिरंगे का अपमान बर्दाश्त किसे होगा.. ज़ील सच कहा आपने..!!
    लखपति हो जाएगी वार्ता..वाह रे रथी !!  इनको, इनको और इनको तो महारथी बनने में एक माह लगेगा...? लेकिन लखपति बनना तय है..आप भी लखपती बनना चाहते हैं कुन्नु जैसे तो इधर चटका ज़रूर लगाइये . टिप्पणी के जुगाड़ से कुछ नहीं होगा " हम हिंदी ब्लॉग लेखक टिप्पणियों के मोहजाल में फंसे रहते है पर रामबाबू जी के ब्लॉग पर आपको नाम मात्र की टिप्पणियाँ देखने को मिलेगी पर वह ब्लॉग अपने ब्लॉगस्वामी की कमाई बढ़ाने में चुपचाप कार्यरत है|"
    मुझे अमिताभ त्रिपाठी द्वारा  अनूदित आलेख नियमित मिलते हैं.. डेनियल पाइप्स के आप अवश्य सदस्य बनिये डेनियल पाइप्स ओ आर जी के .अरे भाई आप किसी कलाकार को जानते या कलाकार है तो दर्ज़ हो जाएं कलाकार.काम पर
अब कुछ लिंक्स आपके लिये खास तौर से 
कुन फाया कुन कुन फाया कुन...- *फिल्म - रॉकस्टार* *गायक/संगीतकार - ए. आर. रहमान और अन्य* *गीतकार - इरशाद कामिल* *वर्ष/दशक - 2011* या निजामुद्दीन औलिया, या निजामुद्दीन सरकार कदम बढ़ा ले,
पल दो पल या ज़िंदगी हर इक पल...खुशदीप - *रिश्तों का रूप बदलता है, बुनियादें ख़त्म नहीं होती, **ख्वाबों की और उमंगों की, मियादें ख़त्म नहीं होती...* कल यूहीं खाली बैठा अपनी पसंदीदा फिल्म कभी-क...
मानव शरीर से सम्बन्धित कुछ रोचक जानकारी - - एक वयस्क व्यक्ति के शरीर में 206 हड्डियाँ होती हैं जबकि बच्चे के शरीर में 300 हड्डियाँ होती हैं (क्योंकि उनमें से कुछ गल जाती हैं और कुछ आपस मे...
दोहे: तन-मन-धन-जन-अन्न -*जहाँ-जहाँ पुरुषार्थ है, प्रतिभा से संपन्न, * *संपति पाँच विराजते, तन-मन-धन-जन-अन्न।* * * *दुख है जनक विराग का, सुख से उपजे राग,* *जो सुख-दुख से है परे, वह ...
शून्य दिमाग़ में - शून्य दिमाग़ में अचानक दौड़ पड़ता है रेस लगाता घोड़ा पछाड़ खाकर गिरता है धड़ाम ! शून्य दिमाग में उग आती है हरी-हरी घासें कहीं से गाय बकरी आकर चरने लगती...

सूर्य उपासना का पर्व छठ..गीत / ब्लाग, फेसबुक, ट्विटर आदि, हैं सुन्दर उपहार..ब्‍लॉग4वार्ता .. संगीता पुरी


बिहार का महा पर्व छठ रविवार को नहाय खाय के साथ प्रारम्भ हो जायेगा. छठ में सूर्य भगवान की आराधना की जाती है और छठ के दिन डूबते हुए सूर्य की पूजा होती है. उसके दूसरे दिन उगते हुए सूर्य की पूजा कर पारण यानि व्रत तोड़ा जाता है. 
नोकिया ने काईनेटिक फ़ोन का प्रोटोटाईप तैयार किया, और यह हैंड गेजेट्स की दुनिया में बिल्कुल नई क्रांति है। इस फ़ोन को आगे और पीछे मोड़ा जा सकता है, कोनों से मोड़ा जा सकता है ।
नोकिया मोबाईल फ़ोन की दुनिया में लोगों को एक बेहतरीन तोहफ़ा देने जा रही है। जब ऐसा लग रहा था कि टेबलेट मोबाईल फ़ोन को बदलने जा रहे हैं, परंतु शायद नोकिया का काईनेटिक तकनीक मोबाईल डिवाईस को बचा ले।
रेस और मस्ती,रफ्तार और ग्लैमर,हंगामा और पार्टियां,विदेशी बैण्ड,गायिका और डांसरों के जलवे.लेडी गागा का गाने के लिये पहली बार भारत आगमन,पहली बार होने वाली फार्म्यूला वन रेस के भारत के आगाज़ पर.आयोजन पर अरबो रुपये खर्च,प्रचार्-प्रसार पर करोडो बहा दिये गये.कंही कोई कमी नही,कंही किसी चीज़ का अभाव नही.धन-दौलत और एशर्व्य का ज़बर्दस्त प्रदर्शन.मज़ा आ गया.आना भी चाहिये आखिर हमारा देश रफ्तार की बेहद महंगी रेस कराने वाले देशों में अपना नाम लिखाने में सफल हो गया है.
क्यों मन ही मन
रोते हो?
दिल को तकलीफ
देते हो
किस बात से घबराते हो?
क्यों खुल कर नहीं
कहते हो ?
जीवन में कब किससे मिलना होगा और कौन सी बात होगी, यह कौन बता सकता है? संयोग से कभी कभी ऐसा होता है कि इतने दूर की किसी बात से मिली कड़ी की अगला हिस्सा भी संयोग से अपने आप ही मिल जाता है. कुछ मास पहले मैंने "हाहाकार का नाम" शीर्षक से एक अर्जेन्टीनी मित्र से मुलाकात की बात लिखी थी जिसने मुझे तानाशाही शासन द्वारा मारे गये बच्चों की खोज में किये जाने वाले काम के बारे बता कर द्रवित कर दिया था. तब नहीं सोचा था कि वेरा से मुलाकात भी होगी, जिसने उसी तानाशाह शासन से अपनी बच्ची को खोजने के लिए लड़ाई लड़ी थी और सत्य की खोज में आज भी लड़ रही है.
अंततः एक दिन यह तो होना ही था.
आज सुबह सुबह मेरे अपने ही जीमेल खाते में कई बाउंस हुए और कई समूहों में मेरे याहू ईमेल पते से भेजे गए रद्दी साइटों के लिंक युक्त ईमेल दिखे तो मुझे अंदेशा हुआ कि मेरा याहू ईमेल खाता हैक कर लिया गया है.

ब्लॉग कमाने में कितना सहायक ? अनुभव और उदाहरण

ब्लॉग से कमाने वाले हर लेख का शीर्षक हर एक ब्लॉग लेखक को आकर्षित करता है| ब्लॉग से कमाई करने के कई तरीके विभिन्न ब्लॉगस पर विद्वान ब्लॉग लेखकों ने समय पर समय लिखें है| पर फिर भी आज सवाल वहीँ का वहीँ है कि क्या ब्लॉग से कमाया जा सकता है?
मेरा चार वर्ष का ब्लोगिंग अनुभव यही मानता है कि ब्लॉग से कमाया जा सकता है| पर कैसे? क्योंकि ब्लोगिंग से कमाने का सबसे आसान तरीका गूगल की विज्ञापन सेवा हिंदी ब्लॉगस पर अपने विज्ञापन पूरी तरह से नहीं दिखाती तो फिर ब्लॉग से कैसे कमाया जा सकता है ?
रविवार को ग्रेटर नोएडा में सारी दुनिया रफ़्तार की बेहद रोमांचक जादूगरी देखेगी |लगभग 2000 करोड़ की लागत से बना है ग्रेटर नोएडा का फार्मूला वन रेस ट्रैक जिसकी कुल लम्बाई 5.14 km ,कुल छेत्र्फल 875 एकड़ है और इस ट्रैक में कुल 16 टार्न है |इस ट्रैक की दर्शक छमता एक लाख बीस हज़ार है तथा टिकट दर 2500 से 35000 रुपया तक है | 
सन 2007 में भारत के विजय माल्या ने सब से पहले F1 टीम 90 मिलियन यूरो खर्च कर के खरीदी थी जिस के 42 फीसदी शेयर बाद में सहारा इंडिया ने ख़रीदा और टीम का नाम बदल के सहारा फ़ोर्स इंडियाहो गया|
हताशा से
व्याकुल मन
अपनी अपूर्णता..
महसूस कर
अशांत था,
उद्विग्न हृदय की
गांठें खोलना 
नहीं सरल..
सामने प्रस्तुत 
सकल वृतांत था;
आज के दौर में
सहज होना कठिन है
या फिर
लोग सहज होना नहीं चाहते
सोच रहा था
सोचते सोचते सोचा
कि -
शायद ! लोग
सहज होना ही नहीं चाहते !
हां !! मुझे याद हैं
वो दिन
जब तुम
अंगूठे और तर्जनी के बी़च
रवीली रंगोली कस के उठातीं थीं
फ़िर रवा-रवा रेखाओं से
बिंदु - बिंदु मिलाती थीं
आंगन सजाती थीं..!!

Where is thumbkin

अपने मुन्नार ट्रिप पर आदि बहुत अच्छे मुड में था.. एक एक कर बहुत सी कवितायेँ सुनाई... शुरुआत.. "where is thumbkin?" से....

हींग सिर्फ खाने का जायका ही नहीं बढ़ाती बल्कि हाजमा भी ठीक करती है। कहते हैं अगर सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह कई बीमारियों की दुश्मन है। वैद्यों का मानना है कि हींग को हमेशा भूनकर उपयोग में लाना चाहिए। 
- एक कप गर्म पानी में एक चम्मच हींग का पाउडर घोलें। इस घोल में सूती कपड़े को भिगोकर पेट के उस हिस्से की सिकाई करें जहां दर्द हो रहा है। थोड़ी ही देर में दर्द से राहत मिलेगी। 
भुलाए कैसे बीतें पलों को
जीवन में लगे ग्रहण को
पहले न था अवरोध कहीं
थी जिंदगी भी सरल कहीं |
परिवेश बदला वह बदली
पर समायोजन न कर पाई
होता संघर्ष ही जीवन
यह तक न जान पाई |

जो तुम आ जाते एक बार

जो तुम आ जाते एक बार
कितनी करूणा कितने संदेश
पथ में बिछ जाते बन पराग;
गाता प्राणों का तार तार
अनुराग भरा उन्माद राग;
आँसू लेते वे पथ पखार|
हैकरों के लिए ऐसे पासवर्डों का तोड निकालना कुछ कठिन होता है !!
इस वर्ष नवरात्र में दस बारह दिनों के लिए गांव चली गयी , चूंकि गांव में मेरे पास कंप्‍यूटर और इंटरनेट की सुविधा नहीं थी , इसलिए इतने दिनों तक अपने जीमेल को लॉगिन भी नहीं कर सकी। आने के बाद जैसे ही काम करना शुरू किया , एलर्ट आने शुरू हुए। मेरा अकाउंट 8 अक्‍तूबर को किसी दूसरे देश से खोला गया था। राहत की बात थी कि किसी को मेल वगैरह नहीं किया गया था। मैने झट से पासवर्ड बदला , पर बदलने के बाद भी मुझे कोई राहत नहीं मिली। 11 अक्‍तूबर को ब्राजील और 13 अक्‍तूबर को टर्की से पुन: इस अकाउंट को खोले जाने की सूचना मिली।
इंटरनेट के ज़रिये हम सब वैश्विक हो गए हैं. दुनिया के लोगों से हमारा रिश्ता-सा बनता जा रहा है. एक नईदुनिया में हम सांस ले रहे है. नेट के माध्यम से जो हमें अनेक अभिव्यक्ति-मंच मिले हैं, उनका इस्तेमाल कर के लोग अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे है. इन सबको ले कर मन में एक गीत उमड़ा, उसे आपकी खिदमत में पेश कर रहा हूँ. इसे मैं 'फेसबुक' की ''वाल' पर भी 'पोस्ट' किया है.
बढ़ता जाए प्रतिपल अपना,सकल विश्व-परिवार,
ब्लाग, फेसबुक, ट्विटर आदि, हैं सुन्दर उपहार.... 
जब तक ज़िंदा हैं दुनिया में, बाँटें सबको प्यार.
सबकी 'वाल' सजाएँ हम सब, खींचें ना 'दीवार'.
मिलते हैं एक ब्रेक के बाद.....

शनिवार, 29 अक्तूबर 2011

कब छपेगी टॉप-टेन गरीबों की सूची ? ---- ब्लॉग4वार्ता --- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, चलते हैं लेट लतीफ़ वार्ता पर, फ़टाफ़ट लिंक सेवा के अंतर्गत :)छायावाद की प्रवृत्तियांछायावादी काव्य का विश्लेषण करने पर हम उसमें निम्नांकित प्रवृत्तियां पाते हैं :- 1. वैयक्तिकता : छायावादी काव्य में वैयक्तिकता का प्राधान्य है। कविता वैयक्तिक चिंतन और अनुभूति की परिधि में सीमित होने के का...क्या पढ़ें, क्या नहींबोलते वि‍चार 22 आलेख व स्‍वर - डॉ.आर.सी.महरोत्रा यों तो पढ़ने के लिए लाइब्रेरियाँ भरी पड़ी हैं,पर चूँकि हमारी जिन्दगी सब कुछ पढ़ डालने के नाम पर बहुत छोटी है, इसलिये ‘क्या पढ़ना है, क्या नहीं’, इसका च...आने वाला पल जाने वाला है .....आने वाला पल जाने वाला है हो सके तो इसमें ज़िंदगी बिता दो पल जो यह जाने वाला है" टिक-टिक करती वक्त की सुईयाँ यदि आप वास्तव में व्यस्त हैं तब भी यह आपको अपनी ओर ध्यान देने के लिए मजबूर ज़रूर करती हैं, ...

सुलगती आगसच ! मुझे न थी खबर कि - मेरा अस्तित्व सूखी लकड़ी सा भी है कभी सोचा भी नहीं था कि - जिस दिन जलूँगी, बस जलते रहूँगी हाँ, याद है वो रात, जब तुमने कड़कड़ाती ठण्ड में माचिस की तिली से सुलगाया था मुझे तिली के स्पर...कहाँ मिलेंगे कोमल रिश्तेकहाँ मिलेंगे कोमल रिश्ते   दीवाली अभी गयी नहीं है भाई दूज  है याद दिलाता, बहना के अंतर में निर्मल स्नेह की पावन धार बहाता ! पुलक जगी कैसी भीतर जब फोन की घंटी थी खनकाई, कानों में भाई-भाभी की प्रीत भरी जब ध्व...मोहब्बत और जुदाई याद * जब मोहब्बत की दिल को सोंप दिया तुम्हें , सहज ही और तब आपने कहा ...... "बहुत याद आते हो तुम" एक अजीब सा अहसास हुआ आज जब जिन्दगी वीरान हो गयी तुम्हारी याद तडपाती है तुम तो हमेशा याद रहते हो लेकि...

कब छपेगी टॉप-टेन गरीबों की सूची ?भारत के सबसे अमीर दस व्यक्तियों की सूची आज के अखबारों में छपी है .एक अमरीकी पत्रिका की रिपोर्ट के हवाले से ऐसी सूची हर साल दीपावली के बाद दो-तीन बार देश भर के अखबारों में पढ़ने को मिलती रहती है,...याद....!!!याद आते हो तो कितने ---- अपने -से लगते हो तुम ---- वर्ना, हर लम्हां गुजरता हैं ---- तुम्हारे ख्यालो में ---- चुप -सी आँखों में आज ---- फिर वही सवाल उठा ---- क्या राहत मिलेगी मुझे ---- इन बंद फिजा...इतिहास की धरोहर "रोम"..इटली की राजधानी रोम - इस नाम से जूलियस सीजर , नेरो , जैसे कई नाम ज़ेहन में चक्कर लगाने लगते हैं.इतना कुछ है रोम में कि ना जाने कब से आपको इसकी यात्रा कराने के बारे में सोचा और हर बार यह सोच कर रुक गई क...

जीवन के रंगजिंदगी के हर कदम हर पड़ाव हर मोड़ पर ,घटनाओं को अलग अलग कोण से देखते हुए बहुत कुछ सीखा जा सकता है.सच तो यही है की हर घटना कुछ सिखाने के लिए ही होती है ओर अगर थोडा रुक कर चीज़ों को देखा जाये उन्हें महसूस क...श्रीलाल शुक्‍ल की यादें ...पिछले दिनों हमने यहॉं छत्‍तीसगढ़ के चर्चित साहित्‍यकार श्री विनोद साव जी का एक आलेख प्रकाशित किया था, जब श्रीलाल शुक्‍ल जी एवं अमरकांत जी को ज्ञानपीठ पुरस्‍कार देने की घोषणा हुई थी। उपन्‍यासकार, व्‍यंग्‍यक..." अजब दिन थे मोहब्बत के "अजब दिन थे मोहब्बत के... अजब रातें थी चाहत की..... कभी गर याद आ जाएँ.... तो पलकों की हथेली पर.... सितारे झिलमिलाते हैं.... !!!. हमें अब याद आता है बहुत मासूम थे हम भी कि हम एक अजनबी को उम्र की हँसी...

दीवाली और घर की सफाईदीवाली के पहले की एक परम्परा होती है, घर की साफ़ सफाई। घर में जितना भी पुराना सामान होता है, वह या तो बाँट दिया जाता है या फेंक दिया जाता है। वर्षा ऋतु की उमस और सीलन घर की दीवारों और कपड़ों में भी घुस जा...चलिए आज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को जीत की शुभकामनाएं दे दें !!23 अक्‍तूबर को ईडन गार्डन्स पर खेले गए पांचवें और अंतिम वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को 95 रन से हराकर सीरीज 5-0 से जीत ली और क्लीन स्वीप करके क्रिकेट प्रेमियों को दिवाली का शा...टीम अन्ना और देशजिस तरह से टीम अन्ना के लोगों ने अपने मुंह खोलने शुरू कर दिए हैं उसके बाद इस टीम की विश्वसनीयता पर ही लोगों को संदेह होना स्वाभाविक है. साथ ही इंडिया अगेंस्ट करप्शन की बैठक से खुद को दूर रखने की अन्ना की म...


बस आज इतना ही, मिलते हैं ब्रेक के बाद, राम राम

शुक्रवार, 28 अक्तूबर 2011

प्रेमी जोड़ों का लोकपाल,दीवाली का बदलता स्वरुप --- ब्लॉग4वार्ता -- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, दीवाली का खुमार उतर रहा है, लोग अपनी जेबें झाड़ रहे हैं, देख रहे हैं कितना खर्च हो गया, चचा भी हिसाब लगा रहे थे। त्यौहार के जोश-जोश में कुछ अधिक ही खर्च कर गए। अब खर्च हो गया तो हो गया, साल भर पड़ा है भरपाई के लिए, आगे देखा जाएगा, जो होगा सो निपट लेगें। दीवाली पर एतिहासिक दौर चला बधाईयों और शुभकामनाओं का। जिधर देखो उधर ही बधाईयों के टोकरे सिर पर लिए लोग फ़िर रहे थे बाजार में। कुछ आशीर्वाद जमा करने के लिए झोले लेकर घूम रहे थे। मंत्रियों संत्रियों के यहाँ मिठाई और ड्राईफ़्रूट के डिब्बों की बहार है। खाए जाओ खाए जाओ, पर अधिक खाओगे तो बदहजमी होने की आशंका है, चलते हैं आज की ब्लॉग4वार्ता पर............

सबसे पहले चलते हैं सतीश पंचम जी के ब्लॉग पर, पढिए एक उम्दा पोस्ट प्रेमी जोड़ों का लोकपाल.....जानूं तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो... - और तुम मुझे अच्छी लगती हो... - लेकिन तुममें एक कमी है - कैसी कमी... - तुम कंजूस बहुत हो.... - इसमें सरकार का दोष है... - सरकार ? - हाँ सरकार, व...वो लोकपाल नहीं ला रही....उसका तुम्हारी कंजूसी से क्या रिश्ता...लोकपाल होता तो सारे भ्रष्टाचारी अंदर होते....जमाखोर जेलों में होते.... तो - तो क्या...नेचुरल है कि चीजों के दाम तब कम होते.....और मुझे कंजूस न होना पड़ता... - लेकिन प्रियवर मुझे आपकी ये कंजूसी जरा भी अच्छी नहीं लग रही....ऐसे में हम लोगों का मिलन होना मुश्किल है.....

बस एक टिकाऊपन का ही भय है वरना तोयह एक आम धारणा रही है कि अपने आस-पास के माहौल और घटित होती घटनाओं से इंसान रूपी प्राणि न सिर्फ सबक लेता है अपितु अपनी जीवनचर्या में यथार्थ के धरातल पर उतारने की कोशिश भी करता है! लेकिन जहां तक मैं समझ पाया...रूटीनवही सुबह,वही रातें... वही दोपहर ,वही शामें.... कुछ भी अलग नहीं... जीवन के ये दिन...... बस यूँ ही.... बीतते जाते हैं. बोझल बातें हैं.... बेबस सांसें हैं ..... रुकी-रुकी धडकनें.... थमी-थमी मुस्कुराहटें.... एक ही पल मेंछुप गया सूरज क्षितिज में आज नींद और सपने जीवन की डोर रुक गये पलकों पर एक ही पल में घर की दीवारें मंदिर के कलश गिरिजा के क्रास मस्जिद के गुम्बद कर दिये दफन एक ही पल में बंद हो गई राहें टूट गई पगडंडियां तंग ...

ये क्या हो रहा है वीरू भाई का ब्लाग है 'राम राम भाई'. इस ब्लाग का पता है http://veerubhai1947. blogspot. com/ लेकिन आज 27.10.2011 को शाम 5 बजे के आस-पास इस पर एक पोस्ट उन्होंने प्रकाशित की 'कोंग्रेस का भाग्य दिग्विजय सिंह ...अन्ना भी भ्रष्ट......इसलिए , कौन सा लोकपाल ....कहाँ का लोकपाललीजिये टीवी की ब्रेकिंग न्यूज़ है .....अपने गाँव रालेगन सिद्धि में अन्ना हजारे खड़े हो कर मूतते पकडे गए हैं .........चारो तरफ हाहाकार मचा हुआ है .......टीवी चै...कौन हो तुम .*कौन हो तुम .....* *ख्वाब हो * *या * *हकीकत हो * *या * *एक परछाई * *कौन हो तुम .....* *जो रात की चांदनी तले* *आँखों की नींदें * *चुरा ले जाते हो * *और भोर होते ही * *सूरज की किरण में * *विलीन हो जाते ह.....

समुन्दर...नाव...बदली..समुन्दर...नाव...बदली... पूछोगे नहीं क्यों मौन रुचा क्यों न फूटे बोल, न तुमसे बोली नहीं चाहती बनना नाव, न ही बदलीमेरा वही समुन्दर दे दो मै लहराती, गाती नदिया मैं चलती-चलती ही जाती तुम बने समुन्दर,  मुझको लेकर...अख़बार की तरह हर ब्लॉगर ज़रूरी होता है. दीवाली बीत गई...आज गोवर्धन है...अखबारों की छुट्टी की वजह से आज की सुबह बड़ी सून है...किसी चीज़ की अहमियत तभी पता चलती है, जिस दिन वो नहीं होती...अखबार पढ़ना रूटीन में शामिल है...लेकिन इस अखबार को हमारे घ...कुछ विचार बिखरे बिखरेपहले उसे अपना लिया ,फिर निमिष में बिसरा दिया अनुरोध निकला खोखला ,प्रिय आपने यह क्या किया | बीती बातें वह ना भूला ,कोशिश भी की उसने इन्तजार भी कब तक करता ,गलत क्या किया उसने | है आज बस अनुरोध इतना ,घर में आ...

फलक पर बद्दुआएंमेरे घर की देहरी लांघ रहे थे तो मैंने अभिवादन किया। वे मुझसे ही मिलने आ रहे थे, लेकिन ताज्जुब उनका ध्यान मेरी ओर बिलकुल नहीं था। मेरे अभिवादन की ओर भी नहीं। मेरे नमस्कार को दरकिनार करते वे सीधे जमीन पर झुक...अन्न-कूट गोवर्धन पूजा की हार्दिक बधाईअन्न-कूट गोवर्धन पूजा* * * कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन उत्सव मनाया जाता है। इस दिन बलि पूजा, अन्न कूट, मार्गपाली आदि उत्सव भी सम्पन्न होते है। अन्नकूट...जिंदगी के सफ़र के साथ दीवाली का बदलता स्वरुपएक और दीवाली आकर चली गई । एक बार फिर हमने वायु और ध्वनि प्रदूषण से परिपूर्ण बड़े उत्साह से दीवाली का जश्न मनाया । लेकिन दीवाली हमेशा ऐसी न थी । आज शांति के साथ बैठकर जब हमने दीवाली मनाई तो बचपन की बहुत ...

बस आज इतना ही, मिलते हैं ब्रेक के बाद , राम राम
..............

गुरुवार, 27 अक्तूबर 2011

ईडेन गार्डेन से ही शुरू हो गयी थी दीपावली .. खोखली शुभकामनाएं .. ब्‍लॉग4वार्ता .. संगीता पुरी

बुधवार, 26 अक्तूबर 2011

पत्र पटाखों के नाम,ज्ञान का दीप जलाये, दीपावली की शुभकामनाएं -- ब्लॉग4वार्ता --- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। दीवाली ही ऐसा त्यौहार है जिसका इंतजार बेसब्री से किया जाता है। घर की साफ़ सफ़ाई से लेकर मिष्ठान पकवानों तक खूब मेहनत करनी पड़ती  है तब कहीं जाकर लक्ष्मी जी का आशीर्वाद मिलता है। अन्यथा उल्लू बनने में देर नहीं लगती। लक्ष्मी कृपा किसी और का छ्प्पर फ़ाड़ कर बरस जाती  है। इसलिए प्रत्येक परिवार लक्ष्मी माँ की आगवानी में पलक पांवड़े बिछा देता है। हम भी तैयार हैं लक्ष्मी माता का स्वागत करने के लिए, दीप पर्व की पुन: बधाई, चलते हैं आज की वार्ता पर... चर्चा करते हैं दीवाली के कुछ चिट्ठों की................।

रॉकेट के साथ विकास का सफर *तमसो मां ज्योर्तिगमय...*अंधेरे को दूर करने के लिए घर के कोने-कोने को रोशनी की जगमगाहट से सजा देने का पर्व है दीपावली। और दीपावली का असली मजा है आतिशबाजी में, धूम-धड़ाके और सितारों सी जगमगाती ढेर सारी आति...दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं   हर दीप बने जब दीवाली हर आँगन में हो दीवाली दीप दीप से जगमग जगमग जगमगाए गाँव-गाँव, शहर-शहर हिन्दोस्तां में दीवाली ! तेरे मन में, मेरे मन में खुशियों की हो दीवाली सूना न हो अब कोई दिल और न हो अब खामोशी 'उदय' ...दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें -- बस एक निवेदन सभी लोगों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें। इस अवसर पर अपनी आदत के अनुसार एक अपील करनी है, इस बात की जानकरी के कि कोई भी इस पर अमल नहीं करेगा, बस कर रहे हैं कि इस दीपावली पर आप कुछ ऐसा करें जो आपके साथ...

खुशियों के दीप जलाते चलो...खुशदीप*खुशियों के दीप जलाते चलो, * *ब्ल़ॉगिंग की गंगा बहाते चलो...* किसी दीये की लौ दूसरे दीयों को रौशन करने के बाद कम नहीं होती....इस लिए कभी दूसरों के काम आना, सुख-दुख बांटना और ज़रूरतमंदों की मदद करना बंद मत...रामायण (२०११)..कहानी में ट्विस्ट..."पुर्शोत्तम राम" चौंदह साल के वनवास केबाद घर लौट रहे थे... पूरा शहर बहुत खुश था, आज उनके चहेते राम, लक्ष्मण और सीता के साथ वापस आ रहे थे।सारा शहर झग-मग सजा हुआ था। आज का दिन "डीपावली" के नाम से मनाया जानेवा...डर बिकता है !! [2] सन 2008 में राम गोपाल वर्मा '' फूंक '' लेकर आये थे . काले जादू पर आधारित फिल्म का खास चरित्र एक कोवा था . जब भी कोवा स्क्रीन पर नजर आता था दर्शक के बदन में ठंडी लहर दौड़ जाती थी . इस फिल्म ने कमाल का डर प...चने के खेत में-अंजाम १९९४गोरी बाजरे के खेत में दिखे या चने के खेत में, गोरी ही रहेगी और हमेशा सुन्दर और प्यार करने लायक दिखाई देगी। हिंदी फिल्मों की फिलासफ़ी के अनुसार ऐसा कई गीतों में और दृश्यों में अनुभव किया होगा दर्शक ने। युग परि...

दीपावली चंद्रमौलेश्वर प्रसाद *सामाजिक मंगलेच्छा के दीपावली पर्व पर हज़ारी प्रसाद द्विवेदी का संदेश* चारों ओर जब अभव का करुण हाहाकार सुनाई दे रहा है, दीपावली अपना मंगल-संदेश लेकर आई है। कई हज़ार वर्ष पहले मनुष्य ने सामूहिक रूप से समृ...पति पत्नी की खुन्नस, संता बंता और जुम्मन के चुटकुलेरात भर पति पत्नी लड़ते लड़ते सो गये। दूसरे दिन सुबह हुई तो पति उठा और लेटी हुई पत्नी के लिए गरमा-गरम दूध लेकर हाजिर हुआ। पत्नी - तो इस तरह तुम रात की लड़ाई के लिए माफी माग रहे हो। पति - किसने कहा माफी मांग...दीपावली की हार्दिक मंगलकामनाएं शिवम् मिश्रा *आप सब को हम सब की ओर से दीपावली की बहुत * *बहुत हार्दिक मंगलकामनाएं !*कैसे दीप जलाऊं मैं* * चहुँ ओर तिमिर का घन कैसे दीप जलाऊं मैं कुछ छंट जाये होवें कम थोड़े जुगनू ले आऊं मैं ममता की आँखें पथराई कैसे दीप जलाऊं मैं बेटा दंगों की भेंट चढ़ा सद्भाव कहाँ से लाऊं मैं निरक्षरता है पा...

"अनदेखे अपनों" को सपरिवार दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं इस विधा यानि ब्लागिंग के माध्यम से जितना स्नेह, अपनापन तथा हौसला आप सब की तरफ से मुझे मिला है उससे अभिभूत हूँ। कितनी अजीब सी बात है कि एक-दो दिनों में जब तक सबके नाम दिख न जाएं तो खाली-खाली सा महसूस होता ह...इसे परिवार से छुपकर नहीं पढना पडता था घर की साफ-सफाई करते हुये कुछ पुरानी पत्रिकायें भी निकल आई। कम्पयूटर संचार सूचना, सरिता, मनोहर कहानियां, नंदन, सरस सलिल आदि। मनोहर कहानियां देखकर मैं खुश हो गया। बहुत छोटा था तो चंपक और लोटपोट पढता था, फिर...दीवाली ... और सूना आँगन !!मेरा आँगन सूना है और हर आँगन में खुशियाँ हैं 'सांई' जाने कब तक मुझको खुद ही दीपक बन के जलना है !! सूना आँगन लेकर मुझको कब तक आगे बढ़ना है अंधियारों से कब तक मुझको दीपक बन के लड़ना है !! वो दिन कब आयेगा 'सा...आपका भगवान् किस जात का है मेरे एक दोस्त हुआ करते थे .....यादव जी थे ......एक दिन खबर आई कि मर गए ......बढ़िया आदमी थे .......भरी जवानी में मर गए ...heart attack से मरे थे .......दुःख... 

घरौंदा  हिस्सा सा बन कर रह गया हूं, शहर में इस भीड़ का। हमेशा डर सा बना रहता है, खो जाने की अपनी पहचान का। मलाल सा बना रहता है, हमेशा दिल में, तेरे सामने, व्यक्त नहीं कर पाने का अपनी बात। मैने कब कहा था? ..प्रेस क्लब रायपुर चुनाव: जीतने वालों को बधाई प्रेस क्लब रायपुर के चुनाव इस बात ऐतिहासिक हुए। पहली बार बहुत अच्छे तरीके से चुनाव का संचालन हाई पॉवर कमेटी के सदस्यों दैनिक तरूण छत्तीसगढ़ के संपादक कौशल किशोर मिश्रा, हरिभूमि के प्रबंध संपादक डॉ. हिमांशु ...दीवाली ... क्या बेच के, क्या खरीद लें ??? पूरे गाँव में दीवाली का शोर था हर इंसान कुछ न कुछ खरीद रहा था किसी ने नए नए कपडे खरीदे किसी ने सोने-चांदी के जेवर खरीदे किसी ने ज़मीन खरीदी किसी ने मकान खरीदा किसी ने साइकल, तो किसी ने कार खरीदी बहुतों ने बह...लालू का बिहार बनता उत्तरप्रदेशएक बार ट्रेन में एक नेताजी मिल गए थे .....बिहार से थे ......नेता मूलतः बड़ा मजेदार प्राणी होता है .........उससे गप्पें मारने में बड़ा अच्छा टाइम पास होता है ,...

दीपावली : अपने मन मंदिर में ज्ञान का दीप जलाये ,,,,अपने मन मंदिर में ज्ञान का दीपक जलायें जो ईश्वर की सच्ची आराधना है . करोड़ों अरबों का दान करने की अपेक्षा अपनी मानसिक तुच्छता दीनता हीनता दासता को दूर कर निर्भयता सत्यता पवित्रता और प्रसन्नता की आत्मिक प्रव...कन्यादान सेठ खजानसिंह अब गांव के धन्ना सेठ बन गये थे, पूरे गांव में तूती बोलती थी। चालीस सालों में अपने दम पर पैसे इकट्ठे किये तो नाम, पद, प्रतिष्ठा सब कुछ देखते-देखते बदल गयी, वरना एक समय तो बाप के जमाने में बहनों...नरक चौदस - नरकासुर के नाश का दिन दीपावली के पाँच दिनों के पर्व का दूसरा दिन, अर्थात् लक्ष्मीपूजा के एक दिन पहले वाला दिन, नरक चौदस कहलाता है। नरक चौदस के दिन प्रातःकाल में सूर्योदय से पूर्व उबटन लगाकर नीम, चिचड़ी जैसे कड़ुवे पत्ते डाले गए ज...

आज का संदेश- *मौत से पहले, **जितना हो सके, **मेरी (परमात्मा) याद मे मेरे बच्चे बन कर, **पुरुषार्थ करें.* *भूल से भी पाप न करना, **माया के कितने ही तूफ़ान आये, **पतित मत बनना.* - *बुद्धि का ताला खोलें. माय...एक पत्र पटाखों के नाम*प्यारे पटाखों * *सादर फटस्ते!* *आजकल तुम सब बहुत खुश होगे कि दीवाली को कुछ ही दिन शेष बचे हैं। तुम्हारा मन दीवाली के दिन मिल-जुल कर फट-फूट कर धमाका करने को बेताब हो रहा होगा। हालांकि अभी कुछ ही दिन बीते ह...


.दीवाली पर कार्टून धमाका..



मंगलवार, 25 अक्तूबर 2011

दियना करे उजास तो हर इक अंधकार मिट जाए -- ब्लॉग4वार्ता -- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, अभिकलित्र यंत्र की तकनीकि खराबी के कारण अंतरजाल से दूर हूँ, कुछ दिनों में यंत्र में सुधार आने की संभावना  है। आज नरक चौदस है, शायद यंत्र की खराबी से मुक्ति मिल जाए। आप सभी को दीवाली की पूर्व प्रात: पर दीप पर्व की हार्दिक शुभ कामनाएं एवं बधाईयाँ। दीप पर्व आपके जीवन में उजास लेकर आए। सुर्य रश्मियाँ स्वर्ण आभा से जीवन को आलोकित करें, इन्ही भावनाओं के साथ प्रस्तुत है आज की ब्लॉग4वार्ता, पुन: शुभकामनाएं.

ट्रेन टू पाकिस्तान -दोस्तों मैने एक नया ब्लाग बनाया है, जिसमे पाकिस्तान में घट रही घटनाओं पर सतत जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास रहेगा। इस ब्लाग में मेरी कोशिश रहेगी कि आप सभी को पाकिस्तान मे चल रही गतिविधियों के बारे में ...दीप खुशियों के जलें & Let the lamps light ......डा श्याम गुप्त ...*दीप खुशियों के जलें ऐसे |* *पुष्प दामन में खिलें जैसे |* *खूब रोशनी हो जीवन में ,* *सफलताएं सब मिलें जैसे |* * * *आशा व उत्साह से पूरित ,* *जीवन राह में चलें जैसे |* *उमंगें व उल्लास के पौधे,* *उर्वरा भू...लोक जीवन और आधुनिकता आलोचक जीवन सिंह जी के साक्षात्कार को पढ़ते हुए आधुनिकता और लोक जीवन पर उभरी असहमति को दर्ज करते हुए यह आलेख प्रस्तुत है। *- विजय गौड़* आधुनिकता को यदि बहुत थोड़े शब्दों में कहना हो तो कहा जा सकता है कि नित न...

दीवाली और घरवाली ने मिलकर सारी अफ़सरी उतार दी --हमारे एक पडोसी मित्र दिल्ली सरकार में उच्च पद पर आसीन हैं । एक दिन उनकी पत्नी को दिल में धड़कन बढ़ने लगी और बेचैनी होने लगी । हमने उनका मुआयना किया और सलाह दी कि तुरंत अस्पताल में भर्ती करा दिया जाए । हमार...भय हरण कालिका"भय हरण कालिका" जय जय जग जननि देवी सुर नर मुनि असुर सेवी भुक्ति मुक्ति दायिनी भय हरण कालिका। जय जय जग जननि देवी। मुंडमाल तिलक भाल शोणित मुख लगे विशाल श्याम वर्ण शोभित, भय हरण कालिका। जय जय जग जननि देवी...... एक ईमानदार कोशिश तो की जाए ! चाहता है मेरा भी, दीप जलाऊँ तुम होते, तो शायद दीवाली होती ! ... परवाह नहीं है कि - क्यूँ छपते नहीं हैं हम अभी तो लिख रहे हैं फुर्सत में नहीं हैं हम ! ... न जाने कब, जी ने चाहा था कि तुझसे दूर हो जाऊं उफ़ !...ब्लॉगिंग, लाइफ़ और कूड़े के ट्रक का क़ानून...खुशदीप एक दिन एक सज्जन ने एयरपोर्ट जाने के लिए टैक्सी ली...टैक्सी ड्राइवर कुशल प्रोफेशनल की तरह सारे नियमों का पालन करते हुए टैक्सी चला रहा था...अचानक साइड की पार्किंग लेन से एक कार निकल कर सामने आ गई...टैक्सी ...

भाँड में जाए प्यार, भाँड में जाए ज़िन्दगी....आज तक इस ब्लॉग पर मैंने प्यार के बारे में न जाने क्या क्या लिखा है, पर आज जाने-अनजाने में एक सीख मिली है मुझे | इस दुनिया में प्यार ऐसा कुछ भी नहीं होता, सब बेवकूफी है, बकवास है ... एक म...धनतेरस दुनिया भर के तमाम मित्रों को धनतेरस और दीपावली की शुभकामनाएं। आज धनतेरस है। दीपावली के पखवाड़े की त्रयोदशी को ही धनतेरस कहा जाता है। दीपावली लक्ष्मी पूजन की अमावस्या है ,धनतेरस खरीद फरोख्त की संध्या है। प...दीपोत्सव का पर्व दिवाली रौशन घर घर करे दिया दीपोत्सव का पर्व दिवाली रौशन घर घर करे दिया परब आगमन के पहले ही प्रभू तूने कैसा सिला दिया जगदलपुर नक्सली कहर (छत्तीसगढ़ अनेक जवान शहीद ) कहीं मावे में हो मिला जहर (उत्तर प्रदेश शायद बारह बच्चों की ...भारत के इन अनजान टेलीफोन नंबरों से कौन पुकार रहा है मुझे?  अपने बीएसएनएल नंबर वाले मोबाइल पर यह प्रबंध कर रखा है कि अनजान नंबरों से कोई कॉल नहीं आ सकती। केवल उन्ही को मोबाईल में घंटी बजाने की अनुमति है जिन्हें मैंने अपनी फोनबुक में शामिल किया हुआ है। यह सब उ...

दीवाली [चोका]** ** *आई दीवाली * *जगमग रौशन* *घर आँगन * *जब मिट्टी का दीया * *स्नेह बाती से * *परोपकार तेल * *डाल जलाया * *दीए को माना * *जीवन का आदर्श * *शुभ संकल्प* *कभी न माँगा * *अंधकार हमने * *दिव्य ज्योति से * *असं...शुभ-कामनाएं.कुछ ऐसा महसूस किया अपने इर्द-गिर्द कि ये टूटी-फूटी पंक्तियाँ लिखा गया कोई.... समाज के संस्कारों की दुहाई देने वाला जब खुद ही उन को न माने तो, क्या करे कोई.....?? कामनाएं........ जो खुद को समझते हैं बुद्...अमावस की चमकीली भीगी सी रात....उस रोज चांद जरा देर सा आया था. लड़की उसके इंतजार में बैठी थी. अपनी तिथियों की गणना वो बार-बार करती. कहीं कोई गड़बड़ी नहीं निकलती. फिर वो पूरे आकाश का चक्कर अपनी आंखों से लगाती और वापस लौट आती. आखिर क्यो...दियना करे उजास, मीठी सी लौ भर रही चारो ओर मिठास. दसो दिशाओं में घुली भीनी-भीनी गंध, कण-कण पुलकित हो उठे लूट रहे आनंद. नयी फसल लेकर आयी घर में गुड औ धान, लईया खील बताशों ...

घर के दीवारों पर लगवा दी है रुपहले रंग रोगनघर के दीवारों पर लगवा दी है रुपहले रंग रोगन ,मन की दीवार पर क्यों वैर का भाव चढ़ा है, दीपों की जगमगाहट से ले लें कुछ सन्देश,आ दूर करें हम भी किसी के जीवन से अँधेरे को . धनत्रयोदशी एवं दीपावली की आप सभी को...खुशियों के पैमाने यूँ ही छलकेंगेदोस्तों आज धनतेरस है यही कामना है आप सबके यहाँ खूब धन की वर्षा हो .............आप सँभालते सँभालते थक जायें ..........प्रेम सौहार्द के वातावरण में आप सब दिवाली का आनंद लें और ये आनंदमयी वातावरण पूरे साल , ...विदेशी पनीर के देसी बनानेवालेइतालवी पारमिज़ान पनीर दुनिया भर में प्रसिद्ध है. वैसे तो बहुत से देशों में लोगों ने इसे बनाने की कोशिश की है लेकिन कहते हैं कि जिस तरह का पनीर इटली के उत्तरी पूर्व भाग के शहर पारमा तथा रेज्जोइमीलिया में ब... 

मन का दीप जले तो हर इक अंधकार मिट जाता है*दीपत्सव की शुरुआत हो चुकी है. आप सबको हार्दिक शुभकामनाएं. प्रस्तुत है कुछ पंक्तियाँ, देखे, शायद सुधी पाठकों को पसंद आ जाएँ* *अंधकार आता है आए, उससे कब घबराता है* *इक नन्हा-सा दीप सामने आ कर सबक सिखाता है*...धन तेरस के पूर्वाभिमुख तेरह दीप*धन त्रयोदशी* अर्थात् *धन तेरस* के पूर्वाभिमुख तेरह दीप वर्ष पर्यन्त आपके भण्डार को धन-धान्य, स्वर्ण-रजत आदि से परिपूर्ण रखे! जन्‍मदिन की बहुत बहुत बधाई मम्‍मी !! ज्योतिष से जुड़े होने के कारण पापाजी की चर्चा अक्सर कर लेती हूँ , पर मम्मी को आज पहली बार याद कर रही हूँ . बिहार के नवादा जिले के एक गांव खत्रिया माधोपुर के एक समृद्ध परिवार में सत्‍तर वर्ष पूर्व कार्तिक म...

चलते चलते व्यंग्य चित्र - कार्टुनिस्ट - सुरेश शर्मा



दीपावली की शुभ कामनाओं सहित मिलते हैं अगली वार्ता में -- राम राम

एक चटका इधर भी हो जाए

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