रविवार, 2 जनवरी 2011

नये वर्ष का व्यस्ततम दिन और अफ़रा तफ़री में वार्ता व्हाया आराधना चतुर्वेदी "मुक्ति"

आराधना चतुर्वेदी "मुक्ति"  एक एग्रीगेटर की तरह काम कर रहीं हैं... क्या यक़ीन नहीं है ..? तो खुद ही दख लीजिये उनके ब्लाग मेरे मनपसंद हिंदी ब्लॉग्स पर. आराधना जी

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शनिवार, 1 जनवरी 2011

स्वागत-नवागत-एसीपी से पंगा-दुआ-शुभकामना--ब्लॉग4वार्ता- ललित शर्मा

नमस्कार, ब्लाग नगरिया के वाशिंदों को नूतन वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। विगत मार्च माह ब्लॉग4वार्ता का सफ़र अनवरत जारी है। वार्ता दल के साथियों एवं पाठकों ने अपने श्रम से यहाँ तक पहुंचाया है। गत 2010 के अनुभवों से प्रेरणा लेकर 2011 में प्रवेश कर रहे  हैं। सभी पाठकों का आशीष चाहते हैं कि उनके स्नेह से ब्लॉग4वार्ता का सफ़र जारी रहे। मैं ललित शर्मा 2011 के सूरज की पहली किरण के साथ आपके लिए उम्दा चिट्ठों के लिंक लेकर आ रहा हूँ। चलते हैं ब्लॉग नगरिया की सैर पर...... सभी पाठकों को नववर्ष की शुभकामनाएं. मुझे आप सभी पाठकों की शुभकामनाओं की आवश्‍यकता है !!।


अशोक पांडे जी कह  रहे हैं कि मत लिखो इतिहास को कविता की तरह कविता वाचक्नवी जी कह रही हैं कि यह कैसे होगा? यह कैसे होगा ? यह कैसे होगा ? यह क्यों कर होगा? नई-नई सृष्टि रचने को तत्पर कोटि-कोटि कर-चरण देते रहें अहरह स्निग्ध इंगित और मैं अलस-अकर्मा पड़ा रहूँ चुपचाप ! यह कैसे होगा ? गोदियाल जी दे रहे हैं दुआ-शुभकामना ! कोटा से दिनेश जी बता रहे हैं राजद्रोह (Sedition) को देशद्रोह कहना क्या अपराध नहीं है?अजीत बड़नेकर जी का शब्दों का सफर छपकर आ गया है।आज अवधिया जी गंभीर प्रश्न खड़ा कर रहे हैं सरकारी नौकरों की सेवानिवृति होती है तो सरकार चलाने वालों की सेवानिवृति क्यों नहीं होती? जब तक कोई रिटायर नहीं करता तब तक कोई  रिटायर नहीं होता। सरकार चलाने वालों को जनता ही रिटायर कर सकती है, लेकिन जनता को नेताओं ने पहले ही सटायर कर दिया है। बात है मैनेज करने की।

सुनील मिश्र जी कहते हैं गा-बजाकर हाथ छोड़ देने का दिन आ  गए हैं। नवीन प्रकाश एक ऐसे ब्लॉगर हैं जो समर्पित भाव से ब्लॉगिंग करते हैं। कोई भी वार त्योहार हो  कुछ न कु्छ भेंट लेकर आते ही हैं इस बार नए साल के लिए कुछ वालपेपर्स लाए हैं। इस्तेमाल कीजिए उम्दा वाल पेपर हैं।क्रांतिदूत शुभ वर्ष बीस-ग्यारह की शुभकामनायें दे रहे हैं। गत वर्ष में इनका कविता संग्रह आया है। आशा जी की कविता है कल जब सुबह होगी संजय भास्कर कह रहे हैं 2011 के साथ होगी खुशियों की बरसात बस झूमो नाचो गाओ, महफ़िलें सजाओ, शेफ़ाली पाण्डे जी उम्दा व्यंग्य पढिए छलकाएं जाम .... आइये घोटालों के नाम .... इन बबालों के नाम | अरुण चंद्र राय लेकर आए हैं लिखते हुए साल की अंतिम कविता।

रविन्द्र प्रभात जी लिख रहे हैं ब्लॉग जगत का इतिहास और वार्षिक हिंदी ब्लॉग विश्लेषण-२०१० (भाग-१०) कर रहे हैं, हरकी्रत हीर जी की नज्में पढिए अलविदा....तोहफ़ा और... दर्द की महक, सु्रेन्द्र सिंग भांभू माली गाँव वासी अब दस को बस 11 का स्वागत कर रहे हैं, अविनाश जी पहेलियाँ पूछ रहे हैं पहचानते हों तो फोन नंबर या ई मेल बतलायें, अंतर सोहिल जी पांच सवाल, नया साल, फत्तूआईन, बोनस में फत्तू की कथा सुना रहे हैं और राज भाटिया जी गाजर का हलवा बना कर खिला रहे हैं। अभी समाचार आया है कि मारा जाएगा आदमखोर, बिलकुल नहीं छोड़्ना, जो आदमखोर नहीं थे उनको नही बख्शा, अशोक बजाज जी ने बताया है कि गुर्दे के बदले जेल से रिहाई अपने-अपने गुर्दे संभाल कर रखो भाई, कहीं अंडर वर्ड की नजर पड़ गयी तो हो गया कल्याण, गुर्दा आपका जाएगा, रिहाई उनकी हो जाएगी।

बना रहे बनारस पर लड़ाई का आगाज है हम लड़ेंगे साथी कह रहे हैं। दिलीप दिल की कलम से लिखते हैं वे एक कटोरी याद से तेरी, खाकर फिर दो ग़ज़ल लाए हैं, स्वराज करुन जी कह रहे हैं कहाँ हैं कलियाँ ,फूल कहाँ हैं ? का बताएं माली ने बाग से चुन चुन कर तोड़ लिए, चौकीदार ही चोर हो गया है। खुशदीप भाई आवाज दे रहे हैं नीरा ओ नीरा, तू कब फोन मुझे करेगी भैया जब टैम था नम्बर देने का तब तो नहीं  दिए, जब सांप निकल गया तो लकीर पीटने से का फ़ायदा। कोटा के उकील साहब अख्तर खान अकेला तो पहले से ही थे अब इनकी  चवन्नी भी चलना बंद हो गयी यार इसलिए आज ब्लाग पर जाकर कमेंट में पूरा रुपया ही चिपका आए हैं। राजकुमार ग्वालानी बेनामी से हलाकान रहे 2010 में अब 2011 में कह रहे हैं अलविदा दोस्तों अब मैं वापस नहीं आऊंगा..काहे नहीं  आओगे भाई, हम पकड़ कर लाएंगे, भले दु लीटर पेट्रोल लग जाए तो कोई बात नहीं। अरे ये तो पैट्रोल है किलो दु किलो प्याज-लहसुन भी लग जाएगा तो सह जाएंगें हांSSS

कुसुम ठाकुर जी कह रही हैं कि लेखन एक अनवरत यात्रा है। आपका कहना सत्य है। संगीता स्वरुप बिखरे मोती पर शब्दों की सुंदर कताई कर रही हैं। मनोज कह  रहे हैं ऐसा हो नव-वर्ष। बिलकुल ऐसा ही होना चाहिए, लेकिन लोग समझे तब ना। शिवम मिश्रा की तरफ़ से नव वर्ष २०११ की हार्दिक शुभकामनायें !! खूब खेले खांए, नया साल बरस भर मनाएं। इधर एक पंगा हो रहा है राखी ने ली जान, राहुल ने की पत्नी की पिटाई ये दोनो पुरुषार्थी हैं भाई। हमसे ज्यादा तो आप लोग जानते हैं। क्योंकि दु बरस से टीवि देखने का ही टैम नहीं मिला है। मुआ कम्प्युटर छोड़े तब ना। हबीब भाई "स्वागत-नवागत" का कर रहे हैं उम्दा गजल के साथ।वेद व्यथित जी की तरफ़ से आपको नव वर्ष की हार्दिक मंगल कामनाएं पहुंचें ।

धीरु भाई की तरफ़ से इस सदी के दूसरे दशक का पहला साल मुबारक हो .  पाबला जी उत्तर भारत की यात्रा: दिल्ली के एसीपी से पंगा लेने/ ना लेने का कारण बता रहे हैं तनि सुने। सुमीत दास नए ब्लागर हैं हिन्दी लिखना सीख रहे हैं अब तक बोलते रहे हैं नत्था ने पनिका मानिकपुरी समाज को पुरे देश मे पहचान दिलाई, कुंवर जी एक पत्नी-पीड़ित की गुहार...पतिहित में जारी कर रहे हैं। मामला नर-नारी का है। प्रतिभा जी कह रही हैं हम जीते जी मसरूफ़ रहे फ़ैज की नज्म लेकर आई हैं, पुरानी यादें ताजा हो गयी, जब हमने फ़ैज को पढा था। नीलम जी ने पोस्ट लगाई है पापा उन्होंने तो तुम्हारे looks पर नज़र लगाई थी ना, अरविंद जांगिड़ लिख रहे हैं "बदलने को आया ये दौर आज सही है भैया बदलते बदलते इतने बदल गए कि खुद को नहीं पहचान पा रहे हैं लेकिन ये जमाना नहीं  बदला। उसी ढर्रे पर चल रहा है, अब हमारी का कहें एक चुड़ैल से सामना -- भुतहा रेस्ट हाउस में हो गया, बड़ी मुस्किल से बच कर आए हैं वार्ता लिखने। अब चलते हैं, सब को नए बरस की बधाई और शुभकामनाएं। चलते चलते व्यंग्य चित्र देखना न भूलें।

सायकिल से जाईए, पिटरोल भी बचेगा और स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।


भगवान तो कर देंगे, लेकिन उनका ऑडर नीचे तक पहुंचे तब ना।


राम राम-- नव वर्ष की पुन: बधाई और शुभकामनाएं।

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