गुरुवार, 25 अगस्त 2011

महानगर में संध्या ..बेटी की किलकारी -- ब्‍लॉग4वार्ता .. संगीता पुरी

आप सबों को संगीता पुरी का नमस्‍कार ..आज अन्ना हजारे के अनशन का 10 वां दिन है। जहां अन्ना की सेहत गिरती जा रही है, वहीं कल तीसरे दौर की सरकार और अन्ना टीम के बीच की बातचीत फेल हो गई है। ऐसा अन्ना टीम का कहना है जबकि सरकार ने कहा है कि हमारे बीच में सकारात्मक बातचीत हुई है, अभी भी हमारे बीच में कुछ मतभेद है लेकिन हम एक-दूसरे को समझने की कोशिश कर रहे हैं।

कल दो घंटे तक चली बैठक के बाद टीम अन्ना मे कहा कि सरकार का रवैया एकदम से बदला हुआ नजर आया। सरकार ने अन्ना टीम से बोला कि एक नया ड्राफ्ट वो पेश करेगें जिसमें आप अपनी बात डाल सकते हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने अन्ना जी के बारे में कहा कि वो अपने अनशन के लिए जिम्मेदार होंगे। सरकार का इससे कोई लेना देना नहीं है। केजरीवाल ने कहा कि सरकार का रवैया बेहद ही सख्त था। पूरे देशवासियों का ध्‍यान आज एक ही जगह पर है । इस मुख्‍य खबर के बाद चलती हूं आज की वार्ता पर .....

अनिलकांत जी की 23 अगस्‍त 2011 की डायरी के साथ वार्ता की शुरूआत करती हूं ..... पंक्तिबद्ध खड़े सुस्ताते हुए ये पेड़ ऐसे प्रतीत होते हैं मानो दिन भर के थके मांदे हों और अब डूबती शाम को स्वंय को हल्का कर लेना चाहते हों. निश्चय ही क्या उन्हें थकान का अनुभव नहीं होता होगा ? जीवन तो उन में भी है. और हम जो सांस ले रहे हैं वह उनकी ही तो देन है. वे केवल देने के लिए बने हैं. 

और हम ? 
क्या केवल इस पृथ्वी को भोगने के लिए ही आये हैं. 

मैं जब इन पर बारिश की बूंदों को गिरते हुए देखता हूँ तो उन पत्तियों पर रखी मोती सी बूंदों को छू लेने के लिए आतुर हो जाता हूँ. उन्हें छूकर शरीर में एक सुखद लहर दौड़ जाती है. आत्मिक सुख की अनुभूति शायद इसे ही कहते हों. 

उदय जी ने लिखा है संसद की गरिमा पर .....

होना चाहिए, हर किसी को होना चाहिए 
ख्याल 
'संसद की गरिमा' का 
क्यों, क्योंकि 
हम एक मजबूत व विशाल लोकतंत्र के सदस्य हैं, अंग हैं ! 

किन्तु 
क्या सिर्फ आम नागरिकों का ही कर्तव्य है 
कि - 
सिर्फ वे ही 'संसद की गरिमा' का ख्याल रखें ! 

ख़ास तौर पर वे 
जो भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे हैं 
या सिर्फ वे - 
जो भ्रष्टाचार विरोधी जन आन्दोलन के अगुवा हैं !

राजदीप के नाम एक और गिनीज रिकॉर्ड ... जानकारी दे रहे हैं ..राजकुमार ग्‍वालानी जी ....
छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय जंप रोप खिलाड़ी राजदीप सिंह हरगोत्रा ने चाइना में एक और गिनीज रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 30 सेकेंड में 117 जंप करके यह रिकॉर्ड बनाया। उनके एक रिकॉर्ड को मैगुमी सुजकी तोड़ नहीं पाए जिसके कारण पुराना रिकॉर्ड भी कायम है। 
चाइना में एक टीवी शो में शामिल होने गए राजदीप सिंह को शो के दौरान जापान के मैगुमी सुजकी ने चुनौती दी कि वे उनके बनाए रिकॉर्ड को तोड़ देंगे। राजदीप ने मैगुमी सुजकी के 30 सेकेंड में 152 स्टेप के रिकॉर्ड को भारत में क्लर्स टीवी के गिनीज रिकॉर्ड अब तोड़ेगा इंडिया में 21 फरवरी को 159 स्टेप के साथ तोड़ा था। राजदीप के इस रिकॉर्ड को चुनौती देने वाले श्री सुजकी अपने ही पुराने रिकॉर्ड 152 तक नहीं पहुंच सके। 

अन्ना हजारे के आंदोलन के उद्देश्य और लक्ष्य के अलावा दो-तीन बातों ने ध्यान खींचा है। ये बातें सार्वजनिक विमर्श से जुड़ी हैं, जो अंततः लोकमत को व्यक्त करता है और उसे बनाता भी है। इस आंदोलन का जितना भी शोर सुनाई पड़ा हो, देश के बौद्धिक-वर्ग की प्रतिक्रिया भ्रामक रही। एक बड़े वर्ग ने इसे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रवर्तित माना। संघ के साथ इसे सवर्ण जातियों का आंदोलन भी माना गया। सिविल सोसायटी और मध्यवर्ग इनकी आलोचना के केन्द्र में रहे।

जाने हुए अनजाने कमीशंड .. रश्मि प्रभा जी की कलम से ...
वह .... किसी का बेटा
कमीशंड हुआ ... पोस्टिंग ...
और अब
सबकुछ ठहर गया !
यूँ ठहरा हुआ वक़्त भागता ही नज़र आता है
पर मैं खुद से मजबूर
उसे अपनी मुट्ठियों में भींच लेती हूँ
.... आंसू कभी मुक्त
आँखें कभी बंजर -
देखते ही देखते सारे इंतज़ार ख़त्म
और - यादें उदासी थकान ...

डॉ जे पी तिवारी जी लिखते हैं ... कुछ तो शर्म करो मेरे भाई ......
कुछ तो शर्म करो मेरे भाई !

लड़ाई और जंग कौन लड़ता?
वह तो लड़े - 'सिपाही'.
अन्ना तो है, असल सिपाही
उसने अपनी फ़र्ज़ निभाई
तुम सो रहे घर में, क्यों भाई?



महानगर में संध्या ... लिखते हैं राजेन्‍द्र गौतम जी .....

महानगर के बाज़ारों मेंगिरह काटती धूसर संध्या।स्वेद-सिक्त धकियाते चेहरेरुद्ध राह है, पग पथराएरक्त-जात संबंधों को भीरहे बाँट गूँगे चौराहेयहाँ रोज़ ईमान ख़रीदेबेच झील पेशेवर संध्या।

दीपक बाबा की बकबक .. नशा बुरी बात .....

लीना तरकारी काट के खाना बनाने का उपक्रम कर रही है... बच्चे डब्लू डब्लू ई, और मैं... बोतल खोल एक किनारे बैठ जाता हूँ..


सामने दिवार पर... चाचा नेहरु कोट पर फूल लगाए मुस्कुरा रहे है... और गाँधी जी.. १००० नोट के उपर..... जो सब्जी वाला लेने आया है.
टीवी पर अन्ना हजारे हैं... अर्धलेटे हुए ..... किरण बेदी तिरंगा लहरा रही है... सोनिया गाँधी... लेक्चर दे रही है ... और मनमोहन सिंह आज्ञाकारी बच्चे की तरह सुन रहे हैं........ प्रणव दादा सहमति से सर हिलाते हैं ....... कपिल सिब्बल और दिग्विजय तिवारी मौन है..... क्लास लग चुकी है..


कल श्रुतिप्रिया का जन्म दिन था और बचपन के दोस्त कंवर लाल गाँधी की बहुत याद आ रही थी. उसकी एक फूल सी बेटी थी, जिसके ह्रदय में सुराख़ था... उसे पता ना चला और वह दुनिया से चल बसी. बहुत रोया अन्दर ही अन्दर वह... आँखों से आंसू नहीं दिखते, पर सुबकियाँ रूकती नहीं थी उसकी. तीन साल पहले मैं उसके गाँव गया. जोधपुर से डेचू और डेचू से चलकर बाप तहसील में कुशलावा उसका गाँव है. मेरे अचानक पहुचने पर वह बहुत खुश हुआ. उसे विश्वास ही नहीं हुआ कि मैं उसके गाँव तक पहुच सकता हूँ. बस उसे तो यही लगी रही कि कहाँ बैठों और क्या खिलाऊं. 

श्रुतिप्रिया को जन्‍मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं !!!!!

 

बुधवार, 24 अगस्त 2011

थैंक यू वेरी मच भ्रष्‍टाचार , डॉ.अमर कुमार अब अमर हो गए.. ब्‍लॉग4वार्ता .. संगीता पुरी

आप सबों को संगीता पुरी का नमस्‍कार , भारत की एक क्रांति का गवाह रामलीला मैदान बन गया है।जहां एक ओर दिल्‍ली के रामलीला मैदान में इतिहास लिखता हिंदुस्‍तान है , वहीं दूसरी ओर आज कलयुग के भगवान बने अन्‍ना , मंदिर बनाकर की जा रही है पूजा , अन्ना के अनशन का आज आठवां दिन है। अन्‍ना हजारे और लोकपाल विधेयक को लेकर जहां सरकार की नींद उडी हुई है , वहीं अन्ना की सेहत बिगड़ती जा रही है। उनके वजन में साढ़े पांच किलो की कमी हुई है। अन्‍ना के ब्लड और यूरीन में कीटोन की मात्रा काफी बढ़ गयी है। प्रधानमंत्री ने अन्ना की सेहत पर चिंता जताते हुए उनसे अनशन खत्म करने की गुजारिश की। पर अन्‍ना ने कहा है कि जब तक सरकार लोकपाल बिल नहीं बनाती वो अपना अनशन जारी रखेगें। अगर उनकी मौत से देश का भला होता है तो वो ऐसी ही मौत चाहते हैं। अन्‍ना की मौत हो भी नहीं सकती , क्‍यूंकि अब अन्‍ना हजारे नहीं अन्‍ना करोडों हो गए हैं। यही कारण है कि देश में हर जगह लोग चिल्‍ला रहे हैं .. हजारे जिंदाबाद , हजारे अमर रहे, जब तक सूरज चाँद रहेगा , हजारे तेरा नाम रहेगा। अब तो पूरा देश है अन्‍ना  , क्‍यूंकि हर कोई कह रहा है , मैं अन्‍ना हजारे हूं । अब चाहे आंदोलन सफल हो या विफल सकारात्मक बदलाव तो होगा ही। अन्ना ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार जनलोकपाल विधेयक पारित नहीं करती है तो 30 अगस्त को पूरे देश में इससे भी बड़ा आंदोलन होगा।

अन्ना की तबीयत और बिगड़ी पर ग्लूकोज न लेने पर अड़े

कंचन सा तपने देश खडा है और उसके साथ ही खडे हैं हर धर्म और हर जाति के लोग।  इस भ्रष्‍टाचार ने सारे देश को एक सूत्र में बांध दिया है , थैंक यू वेरी मच भ्रष्‍टाचार । सबकी बस एक ही मांग है , सरकार हमें हमारा लोकपाल दे दो । आखिर हिंदू मुसलमान में फर्क नहीं जानता भ्रष्‍टाचार , जाति पांति में फर्क नहीं जानता भ्रष्‍टाचार।   हर कोई जानता है , किसका लोकपाल और किसका आंदोलन , सरकार के लिए पतली गली से निकल जाने के लिए भी कोई रास्‍ता नहीं बचा है।  अन्‍ना हजारे के समर्थन में  इतने लोग जुट जाएंगे और अन्‍ना का आंदोलन  इतना विशाल होगा इस बारे में सरकार ने सपने में भी काफी नहीं सोचा था। पहले तो वे यही समझते थे कि नेता भवन्‍तु सुखिन: नेता सन्‍तु महामना । जो लोग पक्ष में नहीं थे , वे भी अबकह रहे हैं ,
अब तक मैं अन्‍ना को गाली दे रहा था! मैं गलत था!! अब इस आंदोलन को दबाने के लिए नहीं है कोई मां का लाल । वैसे सरकार भी भ्रष्‍टाचार को समाप्‍त करना चाहती है , बस नीयत में थोडा सा फर्क है।  अब उनके (कु)तार्किक सवाल का (सु)तार्किक जवाब कैसे दिया जा सकता है। जनलोकपाल पर सवाल कितने जायज ? हो सकते हैं।  अन्‍ना ने देश भर में अपने समर्थकों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों के घरों पर जाकर जनलोकपाल विधेयक के समर्थन में धरना दें। इस तरह बस एक ही काम किया जा सकता है और वो है ....
फ़ैला दो इस आग को शोलों के सैलाब की तरह , 
कि एक एक आदमी सियासत को चुभे तेज़ाब की तरह ॥

अंत में पूरे ब्‍लॉग जगत के लिए एक दुखद खबर है , भगवान करे यह सच न हो...झूठ हो....डॉ. अमर कुमार जी जीवित ही हों  , पर ऐसा नहीं है डॉ.अमर कुमार , अब अमर हो गए ! उनके चले जाने से ब्लॉगजगत की अपुरणीय क्षति हुई है। ईश्वर उनके परिजनों एवं मित्रो को दारुण दुख सहने की शक्ति दे एवं पुण्यात्मा को अपनी शरण में लेवे। उन्हे ब्‍लॉग4वार्ता की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि!!!!

मंगलवार, 23 अगस्त 2011

बच्चा-बच्चा फोड़ेगा, इन लुच्चों का ढोल सखे -------ब्लॉग4वार्ता ---- ललित शर्मा

नमस्कार, नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी। कल श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार धूम-धाम से मनाया गया। आज गुगा नवमी है...... गोगादेव के जन्मस्थान ददरेवा, जो राजस्थान के चुरू जिले की राजगढ़ तहसील में स्थित है। यहाँ पर सभी धर्म और सम्प्रदाय के लोग मत्था टेकने के लिए दूर-दूर से आते हैं। नाथ परम्परा के साधुओं के ‍लिए यह स्थान बहुत महत्व रखता है। दूसरी ओर कायमखानी मुस्लिम समाज के लोग उनको जहर पीर के नाम से पुकारते हैं तथा उक्त स्थान पर मत्‍था टेकने और मन्नत माँगने आते हैं। इस तरह यह स्थान हिंदू और मुस्लिम एकता का प्रतीक है।मध्यकालीन महापुरुष गोगाजी हिंदू, मुस्लिम, सिख संप्रदायों की श्रद्घा अर्जित कर एक धर्मनिरपेक्ष लोकदेवता के नाम से पीर के रूप में प्रसिद्ध हुए। लोक देवता जाहरवीर गोगाजी की जन्मस्थली ददरेवा में भादवा मास के दौरान लगने वाले मेले के दृष्टिगत पंचमी (सोमवार) को श्रद्धालुओं की संख्या में प्रतिवर्ष वृद्धि होती है। मेले में राजस्थान के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, हिमाचाल व गुजरात सहित विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालु पहुंचते हैं एवं अपनी मन्नत मानते हैं। चलते हैं आज की ब्लॉग4वार्ता पर.....

जरा देखिये अन्ना हजारे जी का आन्दोलन देश के हर घर का आन्दोलन बन गया है जिससे पता चलता हैकी सच में लोग भ्रष्टाचार से किस कदर त्रस्त है. इस देश की आबो हवा में बेईमानी इस तरह रच बस गयी है और बेईमानी करने के लिए लोग दिमाग का किस तरह उपयोग करते है इसका एक उदहारण आपके सामने लाना चाहती हूँ. ये है बाज़ार में बिकने वाले फेस वाश जो अधिकतर दुकानों में उलटे रखे होते है याने की ढक्कन नीचे .ये पूरे भरे दिखाई देते है कीमत यही कोई ५५-६० रुपये के आसपास. निश्चित तौरपर इस कीमत पर भी कम्पनी इसपर मुनाफा कमाती होगी . इतनी बड़ी ट्यूब  और कीमत ५५- ६० ठीक है चहरे की सुन्दरता के लिए खर्च की जाती है

ॐ भ्रांतिः भ्रांतिः भ्रांतिः मंत्र कविता ॐ शब्द ही ब्रह्म है ॐ शब्द और शब्द और शब्द और शब्द ॐ प्रणव, ॐ नाद, ॐ मुद्राएं ॐ वक्तव्य, ॐ उद्‍गार, ॐ घोषणाएं ॐ भाषण…. ॐ प्रवचन…. ॐ हूंकार, ॐ फटकार, ॐ शीत्कार ॐ फुसफुस, ॐ फुत्कार, ॐ चीत्कार ॐ आ... साहित्य सर्जकभगवान का ही कार्य है आज सत्य की विजय के लिए किये गये उन के कार्य को गौण बना कर भगवान की एक अनुचित छवि प्रस्तुत कर रहे हैं ये लोग जब कि भगवान ने बाल काल से आज योगिराज भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य दिवस है अत...

आस्था के नाम की मची है लूटकई दिनों से लगातार एक टीवी चैनल के एक विज्ञापन पर नजरें पड़ती हैं। शिव शक्ति कवच। हर मर्ज की दवा है यह शिव शक्ति कवच। इस कवच को लेने वालों को दिखाया जाता है कि कैसे उनको इस कवच को धारण करने के बाद परेशानियो...पनघट मैं जाऊं कैसे? सभी मित्रों को जन्माष्टमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। पनघट मैं जाऊं कैसे, छेड़े मोहे कान्हा। पानी नहीं है, जरुरी है लाना।। बहुत हुआ मुश्किल, घरों से निकलना। पानी भरी गगरी को,सर पे ...

स्कूटर का जीवनआपको पता हैविवेकानन्द भी बीमार पड़ते थे? हम्म? शांति सोने के पहले के सारे काम ख़तम करके सोने की तैयारी कर रही थी। मगरपाखी की उलझनें अभी शेष थी। हाँ ममा, उनका लीवरख़राब रहता था और बुख़ार भी बहुत...क्या आपको अन्ना कहलाने का हक़ है ?आज सारे देश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अन्ना लहर चल रही है । जहाँ भी देखो --अन्ना ही अन्ना । मैं भी अन्ना --तू भी अन्ना । अन्ना टोपी -अन्ना टी शर्ट --यहाँ तक कि अन्ना टैटू भी --जैसे एक फैशन सा बन गया है । ..

भ्रष्टाचार मिटाना हैघूंघट के पट खोल सखे. अन्ना-अन्ना बोल सखे.. भ्रष्टाचार मिटाना है, बात यही अनमोल सखे.. अचरज से सब देख रहे, सत्ता डांवाडोल सखे.. बच्चा-बच्चा फोड़ेगा, इन लुच्चों का ढोल सखे.. लोकपाल बिल लाएँगे, बम-बम, ब....भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए लंबा और सतत संघर्ष जरूरीअब ये सवाल उठाया जा रहा है कि क्या जन-लोकपाल विधेयक के ज्यों का त्यों पारित हो कर कानून बन जाने से भ्रष्टाचार समाप्त हो जाएगा? यह सवाल सामान्य लोग भी उठा रहे हैं और राजनैतिक लोग भी। जो लोग वोट की राजनीत...

नवभ्रष्ट लोचन भ्रष्ट मुख कर भ्रष्ट पद भ्रष्टारुणम्15 अगस्त 1947 के दिन, जब राष्ट्र ने गुलामी की जंजीरों को तोड़कर स्वतन्त्रता का हार पहना था, शायद ही देश के किसी व्यक्ति ने कल्पना की रही होगी कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब भ्रष्टाचार का भस्मासुर इस देश को भस्म क...पिछले अडताली घंटों की आंखों देखी ..झा जी ऑन स्पॉटमैं पहले ही ये बात कह चुका था कि न सिर्फ़ सोलह अगस्त से अन्ना हज़ारे को दोबारा अनशन पर बैठना होगा बल्कि अपनी आदत से मजबूर सरकार इस फ़ुंसी को जब तक असाध्य फ़ोडा नहीं बना देखेगी तब तक उसकी समझ में कुछ नहीं आएग...

कृष्णावतारकृष्ण ! कहा था तुमने जब जब होगी धर्म की हानि तुम आओगे धरती पर , आज मानव कर रहा है तुम्हारा इंतज़ार हे माखनचोर कब लोगे तुम अवतार ? तुम्हारा कोई रूप नहीं जाति नहीं देह नहीं सबके मन में तुम्ह...हिंदी ब्‍लॉग जगत के लेखकों और पाठकों को जन्‍माष्‍टमी की ढेरो शुभकामनाएं !!!! 

चलते चलते व्यंग्य चित्र 

 वार्ता को देते  हैं विराम, मिलते हैं शोर्ट ब्रेक के बाद.......राम राम
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सोमवार, 22 अगस्त 2011

आज इस सहर की शाम ना होने देना साथी --- ब्लॉग 4 वार्ता --- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, आज कुशल कूटनीतिज्ञ योगेश्वर श्री किसन जी  का जन्मदिवस जन्माष्टमी है, किसन जी ने पाण्डवों का साथ देकर कौरवों के कुशासन का अंत किया था। इतिहास गवाह है कि जब जब कुशासन के प्रजा त्राहि त्राहि करती है तब कोई एक नेतृत्व उभरता है और अत्याचार से मुक्ति दिलाता है। आज इतिहास अपने को फ़िर दोहरा रहा है। एक और अन्ना किसन (बाबु राव हजारे) भ्रष्ट्राचार के खात्मे के लिए कौरवों के विरुद्ध उठ खड़ा हुआ है। आम आदमी लोकपाल को नहीं जानता पर, भ्रष्ट्राचार शब्द से अच्छी तरह परिचित है। उसे भ्रष्ट्राचार से मुक्ति चाहिए, इसलिए सड़क पर आ चुका है। आप सभी को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं एवं हार्दिक बधाई। अब चलते हैं आज की  ब्लॉग 4 वार्ता पर ........

शुरुवात करते हैं पत्रकार-अख्तर खान "अकेला" जी की पोस्ट हाँ में भारत की संसद हूँ ..मुझे शर्म आती है से। इनका कहना है कि--हाँ में भारत की संसद हूँ .मुझे मेरी करतूतों पर कई बार शर्म आती है और इन दिनों तो में खुद अपनी करतूतों से शर्मसार हूँ .....मुझे मेरे देश मेरे भारत के लोगों ने उनकी हिफाजत ,सुरक्षा और कल्याण के लियें योजना बनाने के लिए चुना है ..मुझे गरीबी और भ्रष्टाचार दूर करने के लियें बनाया गया है लेकिन में इन सभी मामलों में नाकामयाब रही हूँ .मेरे ५४४ सदस्य है जो कभी भी किसी भी सेशन में कार्यकाल में उपस्थित नहीं रहे हैं ..जब भी किसी बिल को पास कराने या चर्चा के लियें मुझे इन लोगों की जरूरत पढ़ी तब यह लोग गायब मिले हैं। आगे पढें

संजीव शर्मा जी कह रहे  हैं - तो क्या अब इंसान बनाएगा ‘रेडीमेड’ और ‘डिजाइनर’ बच्चे...!भविष्य में इंसान यदि अपने आपको भगवान घोषित कर दे तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि उसने अपनी नई और अनूठी खोजों से भगवान की सत्ता को ही सीधी चुनौती दे दी है.किराए की कोख और परखनली शिशु(टेस्ट ट्यूब बेबी) के बाद अब तो वैज्ञानिकों ने बच्चे के आकार-प्रकार में भी परिवर्तन करना शुरू कर दिया है.इसका मतलब है कि अब हर बैठे डिजाइनर और रेडीमेड बच्चे पैदा किया सकेंगे.इसीतरह अपने परिवार के किसी खास सदस्य को भी फिर से बच्चे के रूप में पैदा किया जा सकेगा। आगे पढें

अशोक बजाज जी की पोस्ट है रेडियो से संस्कृति में विकृति नहीं आती। भाटापारा  में 20 अगस्त 2011 को श्रोता दिवस के अवसर पर आयोजित रेडियो श्रोता सम्मेलन में अपार भीड़ उमड़ी .प्रदेश  के कोने कोने से रेडियो श्रोताओं  ने इस सम्मलेन में भाग लिया . बड़ी संख्या में आकाशवाणी के एनाउंसर भी उपस्थित थे . कार्यक्रम में मै स्वयं मुख्य अतिथि की  हैसियत  से तथा भाटापारा  के पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा अध्यक्ष के रूप में उपस्थित  थे . इस अवसर पर वरिष्ठ रेडियो श्रोता बचकामल का विशेष रूप से सम्मान  किया गया , इसके आलावा प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गायक शेख हुसैन तथा गायिका रीना वैष्णव  भी सम्मानित हुए। आगे पढें

हबीब भाई गीत के माध्यम से आह्वान कर रहे हैं शाम ना होने देना साथी

जागा है हिन्दुसतान, ना सोने देना साथी...
आज इस सहर की शाम ना होने देना साथी...
बहुत किये समझौते हमने,
आशाओं को सूली दी..
कदम कदम पर सपने मारे,
अपने, उन्हें वसूली दी..
आज उठाया है सर अपना,
स्वाभिमान फिर पाने को..
कदम रुके मत, साहस ना खोने देना साथी....
आज इस सहर की शाम ना होने देना साथी... आगे पढें

विजय गौड़ जी रचना आजादी के मायने, साहित्य और यथार्थ पर लिखे गये हावर्ड फास्ट के निबंध के हवाले से कहा जा सकता है, ''अगर यथार्थ की प्रकृति तात्कालिक और स्पष्ट समझ में आने वाली होती तो जीवन के प्रति सहज बोधपरक और अचेतन दृषिट रखने वाले लेखकों का आधार मजबूत होता।"हावर्ड फास्ट का उपरोक्त कथन लेखकीय दृषिटकोण की पड़ताल करते हुए कुछ जरूरी सवाल उठाता है लेकिन आजादी की कल्पनाओं में डूबी देश की उस महान जनता के सपनों पर सवाल नहीं उठाया जा सकता, जो 1947 के आरमिभक दौर में आजादी के तात्कालिक स्वरूप को स्पष्ट तरह से पूरा देख पाने में बेशक असमर्थ रही। आगे पढें 
सुनिए एक रचना हरिवंशराय बच्चन जी की, आप किनके साथ है ? --- आप सभी को कृष्ण जन्माष्टमी पर ढेरों शुभकामनायें !हे कृष्ण ! तू याद बहुत आता है, तू याद हमें आता है ! जब नभ पर बादल छाये हों, वन से लौट रही गाएँ हों दूर कहीं वंशी बजती हो, पग में पायलिया बजती हो मोर नाचते हों कुंजों में, खिले कदम्ब निकुंजों में तू चितचोर ह...हम विरोध जरूर करते हैं, पर देखभाल करविरोध करना हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है फिर भले ही वह किसी अच्छे काम के लिए ही क्यों ना किया जा रहा हो। हमारी परंपरा रही है कि हम विरोध जरूर करते हैं, पर देखभाल कर, हर तरफ से निश्चिंत हो कर, सामने वाले को तौ...
गोदियाल जी कह रहे हैं-- *स्वपन भी क्या अनोखी * ** *सौगात है कुदरत की,* ** *इन्सान कुछ पल के लिये ही सही, * ** *किन्तु हर असम्भव को भी * ** *सम्भव कर डालता है इसमे !* ** *अन्ना, तुम भी एक स्वपन हो, * ** *एक सुहाना... -- भारतीय नारी पर पढिए-स्त्री का उद्घोष ! कोमल नहीं हैं कर मेरे; न कोमल कलाई है; दिल नहीं है मोम का प्रस्तर की कड़ाई है. *********************** नहीं हैं झील सी ऑंखें; हैं इनमे खून का दरिया; मै हूँ मजबूत इर...कलयुग है या भ्रष्टतंत्र है तानाशाही-अत्याचार?कलयुग है या भ्रष्टतंत्र है तानाशाही-अत्याचार??? चार जमा कर स्विस में बैठे भूखे मरें हजार ................. ---------- चक्की में जो पिसे लोग हैं अब चक्की पर चढ़ बैठे !आगे पढिए कन्हैया ..........

वार्ता को देते हैं विराम, आप सभी को जन्माष्टमी की पुन: हार्दिक शुभकामनाएं।..............

रविवार, 21 अगस्त 2011

पप्पू से पंगा लेकर .. ब्लाग परिवार की अन्ना गिरी


तुलसी भाई के आलेख आवाज़ पर पप्पू से पंगा नहीं देखा तो  आपने कुछ नही किया आज़ यक़ीन मानिये कुछ भी नही..?   
आज एक साथ अन्ना पर राज भाटिया जी के ब्लाग ब्लाग परिवार पर अंतर सोहिल  ने जो पेश किया काबिल-ए-तारीफ़ है 
भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में आम आदमी को जोड़ने वाले 72 साल के सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे का मूल नाम किसन बापट बाबूराव हजारे हैं। अण्णा हजारे भारत के उन चंद नेताओं में से एक है जो हमेशा सफेद खादी के कपड़े पहनते हैं और सिर पर गाँधी टोपी ….….….
1990 में 'पद्मश्री' और 1992 में 'पद्मभूषण' से सम्मानित अण्णा की राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी के तौर पर पहचान 90 के दशक में बनी, जब उन्होंने 1991 में 'भ्रष्टाचार विरोधी जनआंदोलन' ….….….….….
अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के पीछे ‘विदेशी’ हाथ की आशंका जातते हुए कांग्रेस ने बुधवार को अमेरिका के उस बयान पर सवाल खड़ा किया कि….….….
लोकपाल को व्यापक शक्तियाँ देने वाले भ्रष्टाचार निरोधक कानून लागू करने की माँग पर आमरण अनशन पर बैठे अण्णा हजारे को चहुँओर से समर्थन मिल रहा है। अण्णा का विरोध सरकारी बिल और जनलोकपाल बिल में व्याप्त असमानताओं पर…….….उधर देशनामा पर खुशदीप जी  ने बताया 
यानी  
अन्ना का ज़ादू सर चड़ कर बोल रहा है. सायंस कालेज में  एक प्रोफ़ेसर थे प्रभात मिश्रा जी मुझे असीम स्नेह दिया उनने  एक दिन जब उनसे मिला था वे मुझसे बोले:- "तुम को एक स्तब्ध क्रांति-की आहट सुनाई नहीं दे रही ! गौर से सुनो एक दिन यही क्रांति एक दिन तस्वीर बदल देगी भारत की"
     बीस बरस पुरानी बात. आज़ अक्षरस: सही साबित हो रही है. टुकड़ा-टुकड़ा तक़सीम भारत जुड़ा एक बार फ़िर से सियासत बौनी नज़र आ रही है . आपने यही देखा है न..?

            कल को यही संसद आप का धार्मिक विशेषाधिकार ख़त्म कर दे या कश्मीर को आजाद कर दे क्या तब भी आप संसद की सर्वोच्चता की बात करेंगे - - - - - -mangopeople - देश में एक वर्ग ऐसा भी है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ हो रहे आन्दोलन को बार बार ये कह कर ख़ारिज कर देता है की वो संसद के खिलाफ है एक लोकतान्त्रिक प्रक्रिया में 
अन्ना हजारे.. एक आंधी (भाग - 2 ) जो अब एक तूफ़ान बन गये हैं..तो  कनु  उदघोषित कर रही हैं             हाँ मैं अन्ना नहीं   हूं और 
अब सुनिये एक  गीत मेरे स्वरों में 

                                                                                      

        प्रवक्ता पर   मैं  भी अन्ना भक्त, किन्तु आज अन्ना भक्तों से गालियाँ सुनने आया हूँ



इ. दिवस दिनेश गौड़
मित्रों अन्ना हजारे का अनशन जनलोकपाल मुद्दे को लेकर चल ही रहा है| अनशन दिल्ली में है लेकिन उसकी आग देश भर में लगी हुई दिखाई दे रही है| मैं तो यहाँ जयपुर में देख रहा हूँ कि जो कहीं नहीं हो रहा वो कल दिनांक १८ अगस्त को जयपुर में हो गया| आन्दोलनकारियों ने सुबह से ही रैली निकालनी शुरू कर दी| इसमें यहाँ के व्यापारी भी शामिल थे| उन्होंने शहर भर में घूम घूम कर आधे दिन के लिए अन्ना के समर्थन में‚ दुकाने व बाज़ार बंद रखने की याचना लोगों से की| कोई जोर ज़बरदस्ती नहीं थी, जिसकी इच्छा हो वो बंद करे जिसकी इच्छा न हो वो न करे| अधिकतर दुकाने व बाज़ार कल बंद रहे|            
                   अंत मे जानिये किरन बेदी को एक ब्लागर के रूप में बारास्ता मिसफ़िट  

शनिवार, 20 अगस्त 2011

कोई सुलझा दे ये पहली,मै भी अन्ना, तू भी अन्ना -- ब्लॉग4वार्ता --- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, आज रेड़ियो श्रोता दिवस है, सभी को रेड़ियो श्रोता दिवस की शुभकामनाएं।20 अगस्त को रेडियो श्रोता सम्मलेन इस वर्ष 20 अगस्त  को भाटापारा में रेडियो श्रोता  सम्मलेन का आयोजन किया गया है .आप जानते ही है की जब जब  रेडियो की चर्चा होती है  तब तब भाटापारा और झुमरीतलैया की याद जरुर आती है और भाटापारा का नाम लेते ही बचकामल की  . इसीलिए छत्तीसगढ़ रेडियो श्रोता संघ  ने इस बार भाटापारा में श्रोता सम्मलेन करने का निर्णय लिया है।

सबसे पहले चलते हैं सतीश जायसवाल जी की पोस्ट पर इस से पहले भी तो दूसरी आजादी आयी थी ?आज काफी हाउस में सुबह की काफी पीते हुए मैं जिनके साथ आज सुबह का अखबार पढ़ रहा था और उनके साथ , देश मैं चल रहे आन्दोलन की बात कर रहा था उन का काम- धंधा भी ऐसे ही किसी "एन.जी.ओ " सेक्टर में चलता है । और वो कोई एक ऐसा दलाल ढूंढ रहे थे जो उन्हें एक बड़े अफसर तक पंहुचा सके जिस बड़े अफसर से उन का काम निकालना है इस काम के एवज में वो १०% दलाली उस दलाल को देंगे। उन के धंधे का हिसाब-किताब जब मेरी समझ में आया तो मैं हैरान रह गया कि इस में कमीशन का लेना देना ५५% तक पहुँच चुका है । काम करने वाले को केवल ४५% में ही काम करना होता है। 

वाणी जी की समस्या का समाधान करें
मेरे इमेल पते साथ विशाखा पंडित कैसे...
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dateSat, Aug 20, 2011 at 3:17 AM
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जनसंघर्ष की मुनादीमी शरद पोटले। रालेगन सिद्दि हूण आलो। रात साढ़े बारह बजे तिहाड़ जेल के गेट नंबर तीन पर अचानक एक व्यक्ति ने जैसे ही पीछे से हाथ पकड़ते हुये मराठी में कहा-मैं शरद पोटले । रालेगन सिद्दि से आया हूं। तो मुझे 199...क्या अन्ना दल के सदस्य भ्रष्ट हैं? फेसबुक पर योगेश ने पूछा है कि *क्या अन्ना, अन्ना के दल के सदस्यो, अन्ना के सर्मथको ने, कभी किसी को रिशवत दी या किसी से ली नही? क्या वो भ्रष्ट नही है?* * * ये तो वही बात हुई कि वही पहला पत्थर फेंके जिसने प...

हमें जो कहनी है वह बात अभी बाकी है कल हमारे एक मित्र मिले कहने लगे यार आजकल आँदोलन का माहौल चल रहा है ,तुम्हारी वह कुत्ते वाली कविता याद आ रही है । हमें याद आया 1984 में जबलपुर के कविता रचना शिविर में , किसान और मजदूरों के आन्दोलन के परिप्र...अन्ना तेरी अगवानी में|क्या करूँ मैं व्याख्यान निरुत्तर हो गयी सरकार अब हो रहा समाधान अन्ना तेरी अगवानी में| अंहि बन देश के गौरव का अजब का उत्साह है हम सब का साहस बढा अन्ना तेरी अगव...

आंदोलन या आराजकता..... धरा बेच देगें, गग**न बेच देगें,* *नमन बेच देगें*, *शरम बेच देगें।* *कलम के पुजारी अगर सो गए तो, वतन के पुजारी, वतन बेच देगें।* बात कहां से शुरू करूं, समझ नहीं पा रहा हूं। दरअसल मैं बताना चाहता हूं कि प्र... हंगामा है क्यूँ बरपा...बस एक फिल्म ही तो है ,"आरक्षण"पिछले कुछ दिन...सबकी तरह हमारे भी बहुत ही व्यस्त रहे....बड़े करीब से जनतंत्र की धड़कन सुनने को मिली. आगे क्या होगा...ये तो किसी को नहीं पता...पर लोगों को अपने अंतर की आवाज़ का अहसास तो हुआ..कि वो आज भी ज...

ढाई आखर “अन्ना” का पढ़ा वो पण्डित होय !!-------चेहरों का संवाद बंगलोर में जहाँ मेरा निवास है, उससे बस 50 मीटर की दूरी पर ही है फ्रीडम पार्क। एक पुराना कारागार था, बदल कर स्वतन्त्रता सेनानियों की स्मृति में पार्क बना दिया गया। पार्क को बनाते समय एक बड़ा भाग छोड़ दिया ...मै भी अन्ना, तू भी अन्ना, सारा देश है अन्ना बाबा पिट गए, अन्ना लिपट गए, भीड़ पीछे चल पड़ी, साथ-साथ हम भी चल पड़े हैं टोपी लगाकर। नहीं जाएगें तो लोग समझेगें कि हम भ्रष्ट्राचार का समर्थन कर रहे हैं, इसलिए "जैसी बहे बयार,पुनि पीठ तै...

ताकि पाठकों को उनकी समस्‍याओं का समाधान मेरे लेखों में ही मिल जाए 22 जून को ही अपने एक पोसट में मैने लिखा कि मै अपने ब्‍लॉग पर पोस्‍ट के माध्‍यम से ही लोगों को जबाब देने का सिलसिला शुरू कर रही हूं। इससे पिछली पोस्‍ट में मैने एक कुंडली में मौजूद समस्‍या के बारे में चर्चा ...गतिरोध कब तक ?अन्ना के रामलीला मैदान में पहुँचने के साथ ही एक बार फिर से वही मुद्दे देश के सामने हैं कि वह लोकपाल विधेयक पर अब किस राह चले ? यह सही है कि देश की आम जनता भ्रष्टाचार से बुरी तरह त्रस्त है और ऐसे में उसे लग...


वार्ता को देते  हैं विराम, मिलते हैं ब्रेक के बाद, राम राम

शुक्रवार, 19 अगस्त 2011

सरदारनी का दूध शर्मसार ना करो ---- ब्लॉग4वार्ता --- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, अन्ना टीम की अनशन की मांग के आगे सरकार को घुटने टेकने पड़े। अब रामलीला मैदान होगा अनशन। अन्ना की हुंकार है कि लोकपाल बिल पास होने के बाद ही अनशन खत्म होगा। रामलीला मैदान पर बाबा पर तो डंडा चला कर बहादुरी दिखा दी, अब अन्ना पर डंडा चलाना मुस्किल ही नहीं, नामुमकिन है। भारत के गाँव-गाँव का युवा उठ खड़ा है भ्रष्ट्राचार के विरुद्ध। वह भ्रष्ट्राचार से मुक्ति चाहता है। अन्ना के नेतृत्व से युवाओं को बल मिला और लड़ाई लड़ने का एक रास्ता दिखाई दिया। अब देखना यह है कि लोकपाल बिल का क्या होता है, वैसे भी महिला आरक्षण बिल ठंडे बस्ते में है। अब चलते हैं आज की ब्लॉग4वार्ता पर......

सबसे पहले चलते हैं आशुतोष शुक्ला जी के ब्लॉग पर हाँ मैं हूँ अन्ना के साथ पर आज देश में एक अलग ही अलख जगाने वाले अन्ना के साथ पूरी ताक़त से पूरा देश खड़ा होना चाहता है तो मैं भी उसमें साथ में होना चाहता हूँ पर मुझे नहीं पता कि क्या मैं नैतिक तौर पर अन्ना के साथ जाने लायक हूँ भी या न...मीडिया धंधा है या चौथा खंभा? मीडिया धंधा है या चौथा खंभा?: मीडिया धंधा है या चौथा खंभा? जस्टिस मजीठिया की अध्यक्षता में बने समाचार पत्र कर्मचारियों के वेतन बोर्ड की रिपोर्ट को लेकर यह विवाद एक बार फिर छिड़ गया है. समाचार पत्रों के माल...

अगर लामप्याले और मिस समीला टेढी के कहने पर चले तो ताऊ महाराज धॄतराष्ट्र राजमहल के तलघर में बने अपने गुप्त कक्ष में चिंता मग्न बैठे हुये हैं. पास ही मिस समीरा टेढी गमजदा बैठी हुई है. दोनों के चेहरे पिटे हुये से लग रहे हैं. जब से वो तोतला व्यक्ति राजमहल के ...अन्ना की आवाज़ इन चौसठ सालों में संविधान बनाया संविधान के प्रति दिखाई निष्ठा संशोधन किया जोड़ा घटाया मगर मूल रूप से कुछ नहीं बदला न संविधान न उसे मानने वाले मौलिक अधिकारों के प्रति रहे सतर्क रात-दिन ...उफ़ ! ये हवा महल !! हवा महल हमारे देश में ... शान, मान, आन, का प्रतीक है सच ! वहां होने थे, सच्चे-अच्छे लोग !! किन्तु वहां है जमावड़ा नंगे, लुच्चे, चोर, उचक्के गुंडे, बदमाश, माफिया, अपराधी हत्यारे, लुटेरे, घोटालेबाज-भ्र...


पढिए कवि योगेन्द्र मौदगिल के मुक्तक....

लोकतंत्र पे अरे तुम वार ना करो..
अमृत जो चखा है उसे बेकार ना करो..
सत्ता तो चार दिन की मौज, इस के लिए तुम,
सरदारनी का दूध शर्मसार ना करो..

रचना क्या है .....हुआ स्वप्न का दास ! कविता कम शब्दों में गहरी बात कहने में सक्षम होती है । ये कवि की कोरी कल्पना हो जो शब्दों के सिर चढ़कर अनदेखे , अनचीन्हे मधुरिम काल्पनिक लोक की सैर करा लाये या शब्दों से टपकती क्रूर निर्मम हकीकत , मुझे कविता...एक अच्‍छी खबर काफी दिनों से ब्‍लॉग लेखन में अनियिमितता बनी हुई है , कई तरह के पूर्वानुमान मन में ही रह जाते हैं , जिसके कारण पाठक जानकारी से वं‍चित रह रहे हैं। पहले मैं मौसम के क्षेत्र की भवष्यिवाणियां हमेशा किया करती थ...

अन्ना की आंधी लेकिन कहां हैं गांधीअनशन गांधी का प्रमुख हथियार था...अन्ना ने भी विरोध का यही रास्ता चुना है....लेकिन इसे इस्तेमाल करने का दोनों का तरीका बिल्कुल जुदा है....गांधी का विरोध करने का मकसद व्यवस्था में सुधार करना और शत्रुओं को...तब गोरों की नहीं रही थी और अब चोरों की नहीं रहेगीहर सीने से आग उठी है * * देश की जनता जाग उठी है * * अब * * भरोसा है अवाम को * * हुकूमत अब दिल्ली में ज़ुल्म और ज़ोरों की नहीं रहेगी * * बद्ज़ुबान, बदतमीज़, बदमिजाज़ छिछोरों की नहीं रहेगी * * अरे....

कांग्रेस कोर कमेटी की बैठकसाहब, कांग्रेस को भीषण संकट के इस काल में किसी ने सुझाव दिया कि *दवे जी नाम के एक फ़ोकट चंद लेखक हैं। जो आज कल सत्ता सुंदरी के नाम से चिठठीयां लिख लिख नेताओं, बाबाओं को सलाह दे रहे हैं। क्यों न उनसे इस संक... आ सखी चुगली करें.....राष्ट्रपति का दौरा एक महीने के लिए भारत छुट्टी पे गया था । वहाँ से लौटने के बाद भी बिलकुल समय नहीं मिल रहा था कि ब्लॉग पर कुछ लिखूं । आज फिर आ गया अपने दोस्तों से मिलने । भारत से लौटने के बाद यहाँ हमारे माननीय राष्ट्रपतिजी श्...

अन्ना, आंदोलन और उम्मीद की किरणअन्ना द्वारा भ्रष्टाचार के विरूद्ध चलाई जा रही मुहिम अब सिर्फ भ्रष्टाचार के खिलाफ ही नहीं रही, उसमें शामिल होकर देखिए, आपको महसूस होगा कि ये भारतीयों के अंदर सालों से कैद विभिन्न सरकारों और सिस्टम के ख...कुछ तो होगा, अगर मैं बोलूँगा  कुछ तो होगा कुछ तो होगा अगर मैं बोलूँगा न टूटे न टूटे तिलस्म सत्ता का मेरे अंदर का एक कायर टूटेगा टूट मेरे मन टूट अब अच्छी तरह टूट झूठ मूठ अब मत रूठ * * *रघुवीर सहाय * 

क्या एक कानून भ्रष्टाचार खत्म कर सकता है हल्ला मचा है जन लोक पाल का ............ बहुत समय से सोच रहा हूँ क्या एक कानून से भ्रष्टाचार सच में ख़त्म किया जा सकता है . बहुत सोचने पर लगता है नहीं ...... अगर कानूनों से अपराध ख़त्म होता तो आज हम आज अपर...सोनुआ बरी तेज लरका हैजयप्रकाश नारायण अन्तराष्ट्रीय एयरपोर्ट से बाहर निकलते हुए बिहार टूरिज्म टैक्सी सर्विस का एक बोर्ड दिखा. वहाँ बैठे बुजुर्ग ने बताया कि गाडी नहीं है. 'एक ही थी... *जो है सो* उसे कोई और ले गया. *एतना* डि...

'गोल्डन टेम्पल अमृतसर 'सुनहरी आभा से दमक रहा ,सज रहा दाता दरबार तेरा !* *मेरे गुरुओ की शरण -स्थली ,लोग इसे स्वर्ण -मन्दिर कहते हैं !!* *( गोल्डन -टेम्पल यानी स्वर्ण -मंदिर ...अमृतसर ) * * * * * * * * * *५ अगस्त...अन्ना और गांधीकोई अन्ना को गांधी बताने पर जुटा है और कोई तुलना करने में जी-जान लगाये है। गांधी-गांधी थे और अन्ना-अन्ना है। दोनों के समय, स्थिति और स्थान में फर्क है। आप ये कहना चाहते हैं कि कृष्ण को भी राम की तरह वन...

नैमिषारण्य की प्राचीनता और महत्व  नैमिषारण्य- महर्षि व्यास की गद्दी मंदिर* - डॉ. शरद सिंह *अगली कड़ी में नैमिषारण्य के प्रमुख स्थानों का विवरण .....* ये रोशनाई, दिया सलाईस्वास्थ्य खराब रहा , काफी दिनों बाद ब्लॉग पर आई हूँ आपसभी के रचनाओं से वंचित रही .......... ये रोशनाई, दिया सलाई , सब मिलकर भी नहीं मिटा पाते हैं , अंतस के अंधकार को , अंतस के बंद कमरों को , रोशन...और नाम के पीछे इन किन्नरों ने लगा लिया हजारे पूरा देश अन्ना के समर्थन में उमड़ पडा है ..भ्रष्टाचार के शीकार करोड़ों लोग एक हो गये और हिल गई सरकार ...वो भी गांधीवादी तरीके से ..इस..

वार्ता को देता हूँ विराम, मिलते हैं अगली वार्ता में, राम राम


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