ललित शर्मा का नमस्कार, अभिव्यक्ति के अनेक माध्यम है, इसमे एक माध्यम व्यंग्य चित्र हैं, इसके माध्यम से व्यंग्य चित्रकार अपनी बात कहता है। गहरी से गहरी बात सिर्फ़ एक रेखा के इशारे से कह जाता है और लोगों को समझ आ जाता है कि वह क्या कहना चाहता है। व्यंग्य चित्र कभी गुदगुदाते हैं तो कभी तिलमिलाते हैं। अपने उम्दा कटाक्ष के माध्यम से जन सरोकार से जुड़ी समस्याओं को सामने लाते हैं। हनुमानगढ राजस्थान से ऐसे ही एक व्यंग्य चित्रकार मस्तान सिंह जी हैं, जो पेशे से तो शिक्षक हैं पर व्यंग्य चित्र की विधा से अपनी बात आम जन तक पहुंचाते हैं। समाज में हो रही घटनाओं पर उनकी पैनी नजर बनी रहती है। प्रस्तुत हैं विशेष वार्ता के रुप में मस्तान सिंह जी के व्यंग्य चित्रों एक झांकी…………।
वार्ता को देते हैं विराम, मिलते हैं एक ब्रेक के बाद, तब तक कविता का आनंद लीजिए राम राम









