शनिवार, 14 अगस्त 2010

हिन्दू-मुस्लिम में परस्पर प्रेम और सौहार्द्र- न न रहने दो, मत मिटाओ इन्हें - ब्लॉग 4 वार्ता - शिवम् मिश्रा

प्रिय ब्लॉगर मित्रो, 
प्रणाम !

भारत छोड़ो आंदोलन के समय खुफिया कांग्रेस रेडियो चलाने के कारण पूरे देश में विख्यात हुई उषा मेहता ने आजादी के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी और आजादी के बाद वह गांधीवादी दर्शन के अनुरूप महिलाओं के उत्थान के लिए प्रयासरत रही।
उषा ने भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अपने सहयोगियों के साथ 14 अगस्त 1942 को सीक्रेट कांग्रेस रेडियो की शुरूआत की थी। इस रेडियो से पहला प्रसारण भी उषा की आवाज में हुआ था। यह रेडियो लगभग हर दिन अपनी जगह बदलता था, ताकि अंग्रेज अधिकारी उसे पकड़ न सकें। इस खुफिया रेडियो को डा. राममनोहर लोहिया, अच्युत पटवर्धन सहित कई प्रमुख नेताओं ने सहयोग दिया। रेडियो पर महात्मा गांधी सहित देश के प्रमुख नेताओं के रिकार्ड किए गए संदेश बजाए जाते थे।

 ब्लॉग 4 वार्ता  के पूरे वार्ता दल की ओर से उषा मेहता जी को शत शत नमन !

अब चलते है आज की ब्लॉग वार्ता की ओर................. आशा है कि आप सब को यह ब्लॉग वार्ता भी पसंद आएगी !

सादर आपका 


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नागपंचमी : नमन नागराज! :- हमारा भी नमन !



तुमसे बना मेरा जीवन - पार्ट १ :- जो यह ना होते तो क्या होता ??

हिन्दू-मुस्लिम में परस्पर प्रेम और सौहार्द्र :- रहना चाहिए .......पर रहने दिया जाता नहीं !

न न रहने दो, मत मिटाओ इन्हें! :- मेरी पहचान है लकीरों में !


दिल पर लगे घाव को अब छुपाये कैसे :-घाव लगने ही क्यों दिए ?

मां :- तुझे सलाम !




वो एक बार फिर, गठरी बन जाती है ... :- पर कौन यह तो बताइए ?? 



आओ अनुशासित करने के लिए बच्चों को दागें! :- राम का नाम लो........ ना जी ना.......कभी नहीं  !!

लिखने में नहीं लागे मन... :- ऐसा क्या हो गया ??


ओवर फ्लो होती आज़ादी :- कहाँ .......कहाँ ?



दो लड्डू और पंद्रह अगस्त :-  अरे, थोड़े से लड्डू और मंगवा लिए होते !


यूँ ही बैठे ठाले .. :- क्या कर लिया आपने ?

मिर्च बिना जीवन सूना. :- ज़िन्दगी का मज़ा तो तीखे में है !

हर फिक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया-राजीव तनेजा :- किसी चिमनी के अन्दर थे क्या ??

आज़ादी या सरकारी छुट्टी ??? :- मुझे तो दोनों एक सी लगती है !

माइक्रोसॉफ़्ट ने किया अपने ऑपेरेटिंग सिस्टम से किनारा, अब है नए का सहारा :- क्या होगा हमारा ?

भारत की विश्व को देन :- यूँ तो बहुत कुछ ................वैसे कुछ भी नहीं !


मंहगाई सोनिया खा गई- तारकेश्वर गिरी. :- पास्ता कम पड़ गया लगता है !

वट ए कार या फिर वट ए गर्ल.............! :- अब हम क्या कहे !!??

ब्लॉग जगत रूपी भवसागर में... :- जो डूब गया सो पार !
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 आज की ब्लॉग वार्ता बस यहीं तक अगली बार फिर मुलाकात होगी एक और ब्लॉग वार्ता के साथ .....तब तक के लिए .......

जय हिंद !!

शुक्रवार, 13 अगस्त 2010

कुत्ते- कैसे कैसे?--या इलाही ये माजरा क्या है ?--ब्लाग4वार्ता--ललित शर्मा

नमस्कार, अखबारों मे हिन्दी के स्वरुप को इतना बिगाड़कर लिखा जा रहा है कि पता नहीं चलता हिन्दी का अखबार है या अंग्रेजी का या फ़िर खिचड़ी है, मिली जुली सरकार है।एक बानगी देखिए--"आज हम Independent हैं हम कहीं भी जाकर अपनी education पूरी कर सकते हैं,चाहे वो india हो या abord, हमें वो सारे rights मिले हुए हैं,जो हमारे Indian constitution मैं हैं. जिसका हम फायदा भी उठाते हैं, लेकिन आज देश में एक ऐसा group है जो रुढ़िवादी नियमो का पालन करता है"। इससे इनकी अंग्रेजी दां होने की मानसिकता का पता चलता है। अब चलते हैं आज की ब्लाग4वार्ता पर.......

मित्र अलबेला खत्री जी के भाई साब का इलाज गुड़गांव मे हो रहा है,इस आशय की उनकी एक पोस्ट आई है--अब ईश्वर के बाद डॉ नरेश त्रेहान का ही सहारा है, हो सके तो आप भी प्रार्थना करना कि भैया जल्द स्वस्थ हो जाएँ.प्यारे ब्लोगर बन्धुओ ! आपसे एक ज़रूरी बात कहनी है बहुत दिनों से कुछ लिख नहीं पा रहा हूँ और आपको पढ़ भी नहीं पा रहा हूँ क्योंकि मेरे आदरणीय अग्रज श्री रामलाल खत्री का स्वास्थ्य ठीक नहीं है । उनकी चिकित्...डॉ.कविता वाचक्नवी हिन्दी भारत पर कह रही हैं कि 'गर्म हवा...' : सच्ची घटना पर आधारित.कहानी * 'गर्म हवा...' (एक सच्ची घटना पर आधारित) ललित अहलूवालिया 'आतिश' फिलाडेल्फिया से न्यू योर्क वापसी पर रूट ८३ साउथ से आते हुए, पार्सिपनी से कुछ पहले, बांये हाथ पे एक एक्सिट है; जिसका रैम्प दूर तक ...

रानी विशाल एक बार फ़िर लौट आई हैं ब्लाग की दुनिया में कहती हैं घर आए फिर परदेसी .आप सभी ब्लॉगर साथियों को मेरा सादर नमस्कार .......लगभग चार महीनो के अवकाश के बाद मैं आप सभी के समक्ष पुन: उपस्थित हूँ । पिछले सभी दिनों की ढ़ेर सारी बातें लेकर जिस तरह कविताएँ लिखना एक नशा है उसी तरह ब्लॉग...मनोज पर पढिए ऑंच – 30 :: अरुण राय की कविता 'कील पर टंगी बाबू जी की कमीज'ऑंच – 30 अरुण राय की कविता 'कील पर टंगी बाबू जी की कमीज' **** हरीश प्रकाश गुप्त प्रयोगवाद के अनन्य समर्थक अज्ञेय ने अपने चिंतन से स्वातन्त्रयोत्तरी कविता को नई दिशा दी। उन्होंने परम्परागत प्रतीकों और ...

कुसुम जी परदेश में हैं,ब्लाग पर कम ही दिख रही थी-मैने उनसे कल निवेदन किया कि ब्लाग पर तो दिखिए तो उन्होने एक पोस्ट लिखी है जन्म मरण अज्ञात क्षितिज जन्म मरण अज्ञात क्षितिज" जन्म मरण अज्ञात क्षितिज , जिसे समझ सका न कोई । न इसका कोई मानदंड , और जोड़ न है इसका दूजा । कभी लगे यह चमत्कार सा , लगे कभी मृगमरीचिका । कभी तो लागे दूभर जीवन , कभी सात जन्म लाग..डॉ.आशुतोष शुक्ल की पोस्ट है--झूठे नेता उत्तर प्रदेश विधान परिषद में बिजली की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सदस्यों को आश्वासन देते हुए ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने कहा कि वर्ष २०१४ तक प्रदेश में बिजली का संकट पूरी तरह से समाप्त हो जायेगा. ...

अब देखिए कुत्ते कितने प्यारे होते हैं कि उड़न तश्तरी पर भी आ जाते हैं समीर भाई कह रहे हैं कि कुत्ते- कैसे कैसे? अब दादा आप ही बताईए कैसे-कैसे हैं, हमको 14 इंजेक्शन नहीं लगवाना, वैसे भी इनसे दूर ही रहते हैं, काटे-चाटे स्वान के----अन्तर तो खुली आँखों दिखता ही है हर तरफ. तुलना करने की बात ही नहीं है कनाडा और भारत. मेरा देश भारत मेरा है, उसकी भला क्या तुलना करना और क्यूँ करना? मगर अब रहता तो कनाडा में हूँ, न चाहते हुए भी स्पष्ट अ...संजय भास्कर राम नाम का सुमिरन कर रहे हैं--अंत में राम का नाम याद आया राम ने बनाया काम काम से मिला धन धन से मिली इज्ज़त इज्ज़त से मिला सम्मान | सम्मान से हुआ अभिमान | अभिमान से लगी ठोकर ठोकर से बना जोकर जोकर से हुई बदनामी बदनामी ने बढ़ा दी परेशानी परेशानी से कुछ समझ न आ...
उदय भाई ने फ़िर बाजा फ़ाड़ दिया है--क्या मिला उनको बम फोड़ने से !बोल बम बोल बम गूँज रहा था बाहर कोई बेवजह बम फोड़ रहा था मर गए दो-चार बम फूटने से क्या मिला उनको बम फोड़ने से । अल्लाह-ओ-अकबर के नारे गूँज रहे थे बाहर कोई बेवजह बम फोड़ रहा था मर गए आठ-दस बम फूटने से क्या मि...इधर नुक्कड़ पर अविनाश जी जमे हुए हैं और चेता रहे हैं-- हिन्‍दी ब्‍लॉगजगत में घुस आए हैं आतंकवादी : नाम हमारीवाणी : करतूत ब्‍लॉगों को बंद करने की घिनौनी साजिश यह करतूत गूगल दादा की नहीं, हमारीवाणी की है। उसकी कारगुजारी से बचिए। ब्‍लॉगजगत पर आतंकवादी हमला इस हमले की जद में आने से बचें और सभी को बचाएं। तुरंत इस पोस्‍ट को सबके पास पहुंचाएं। आप सभी जिनके ब्‍लॉग ...

डॉ.दराल भाई साहब ने कल हवन किया था जन्मदिन पर--आखिर क्यों हो गई दिल से लिखी पोस्ट स्वाहाहमारे दादाजी घुड़सवारी के बड़े शौक़ीन थे । एक दिन उन्होंने एक शानदार घोड़ी खरीदी । देखने वालों में से किसी ने कहा --बड़ी किस्मत वाली घोड़ी है । देखना नौ महीने के अन्दर आपको पोता मिलेगा । वैसा ही हुआ --ठीक नौ ...सुधाओम ढिंगरा जी कि ई मेल आई डी हैक हो गयी, उनका ब्लाग पर लिखना बंद हो गया,सुधा ओम ढींगरा मुसीबत में नहीं हैं पर आप अवश्‍य सावधान रहिएगाविश्वास नहीं हो रहा कि यह मेल जाल जगत की मशहूर शख्सियत सुधा ओम ढींगरा की है। मगर ईमेल पता उन्हीं का है। अभी दो दिन पहले ही इसी पते से हिन्दी चेतना का अंग प्राप्त हुआ था अब यह आश्चर्यचकित कर देने वाला मेल।...

अवधिया जी का सर्वकालिक एक सवाल क्या हिन्दी ब्लोग्स कभी व्यावसायिक हो पाएँगे? ब्लोग याने कि वेबलॉग की शुरुवात हुई थी निजी किन्तु सार्वजनिक दैनन्दिनी के रूप में। अंग्रेजी ब्लोग्स की बात करें तो यह कहा जा सकता है बहुत ही तेजी के साथ उनकी की लोकप्रियता बढ़ती चली गई। लोकप्रियता बढ़ने के स...रविन्द्र प्रभात जी कह रहे हैं दो दिन और तीन महत्वपूर्ण सम्मानसबसे पहले तो मैं यह स्पष्ट कर दूं कि *कोई भी अलंकरण श्रेष्ठता की कसौटी नहीं है , वरन श्रेष्ठता का सम्मान है ।* ** *लोकसंघर्ष परिकल्पना सम्मान-२०१० *देने के पीछे यह उद्देश्य कतई नहीं है कि हम दूसरे की श्...

आशिक क्यों करता है माशूक का कत्लमहबूबा नहीं मिली तो उसका कत्ल कर दिया। प्रेमिका ने प्यार से इंकार किया तो उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया। प्रेयसी नहीं मिली तो--महाभारत व कुरूक्षेत्र बना बिहार24 नवंबर 2010 के पूर्व बिहार विधानसभा में नई सरकार का पदारोहण होना है। अभी चुनाव कार्यक्रम की अधिकृत घोषणा नहीं हुई है।---हनुमान चालीसा एवं संपूर्ण सुंदर कांडअक्सर शुभ अवसरों पर गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखी गई रामचरितमानस के सुंदरकांड का पाठ करने का महत्व माना गया है। ज्यादा परेशानी हो, कोई काम नहीं बन रहा हो, आत्मविश्वास की कमी हो या कोई और समस्या कई ज्योतिषी औ...

आज सावन की तीज का त्यौहार है जोर शोर से मनाया जा रहा है राजस्थान के माली गांव से एक पोस्ट आई है हर्ष उल्लास का पर्व तीजसबसे पहले मैं ब्लॉग जगत के सभी पाठको ब्लॉग स्वामियों को आज के त्यौहार तीज की हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहूंगा यह त्यौहार सुख व समृद्धि का प्रतीक माना जाता है इसलिए यह खुशी का त्यौहार व हर्ष उल्लास कुंवर जी कह रहे हैं...या फिर...आप सब से जो प्यार मुझे मिल रहा है उसको मै कभी भी स्वयं से दूर नहीं मानता,बस मलाल इस बात का रहता है कि मै आपको यथोचित रूप से यह सूचित नहीं कर पा रहा हूँ!एक अघोषित सी जो दूरी बनी हुई है प्रत्यक्ष में व...

गोदियाल जी आज मनमोहनी मुस्कान में फ़ंस गए लगता है इसलिए कह रहे हैं मनमोहन सिंह जी की जय बोलिए क्योंकि वे भी आज २२७३ दिन के प्रधानमंत्री हो गए !आज जब एक दैनिक अंगरेजी अखबार की वेब-साईट पर उसकी न्यूज हेडिंग पर नजर गई तो पता चला कि मनमोहनसिंह जी इस देश के प्रधानमन्त्री की कुर्सी को लम्बे समय तक सुशोभित करने वाले तीसरे प्रधानमंत्री बन गए है ! नि:संद...कम्पयुटर को हैकर से बचाने के लिए 34 सुत्र लेकर आए हैं पाबला,आईए लाभ उठाईए,आपको हैकर्स से बचाने के लिए, माईक्रोसॉफ़्ट ने जारी किए 34 सुरक्षा अपडेटआम उपयोग में आने वाले कम्प्यूटरों पर *चल रहे माईक्रोसॉफ़्ट के अनेकों सॉफ़्टवेयर्स की खामियों का फायदा उठाकर, हैकर्स द्वारा अक्सर हमला किया जाता है। परिणामस्वरूप आए दिन सायबर हमलों की खबरें मिलती रहती हैं।...

धीरु सिंग जी ने लिखा है यूनाईटेड स्टेट्स आफ़ इण्डियास्वायत्तता सिर्फ कश्मीर को क्यों ? सब राज्यों को क्यों नहीं . कश्मीर से लेकर केरल तक ,गुजरात से बंगाल तक और पूर्वोत्तर के राज्यों को भी स्वायत्तता दे देनी चाहिए . अपने क़ानून बनाये यह राज्य . अपने हिसाब से..अदा जी ने गरियाया है कि.ये अहमकों का दौर है..और हम कितने अनजान हैं.....समलैंगिक विवाह, लिव-इन रिलेशन आज ज्यादा लोकप्रिय और सहज से रास्ते हो गए हैं..इनको मान्यता देकर हमारी सरकार ने इसे और भी सहज बना दिया है...इस तरह की घटनाओं को देख कर यही लगता है कि कुछ मानसिक बीमारियों को...

राजकुमार सोनी डरा रहे हैं एक हारर मुवी की स्टोरी लेकर आए हैं--भागो भूत आया...मैं पिछले कुछ दिनों से लगातार यह सोच रहा था कि आज नहीं तो कल माइक पकड़कर चैनलों में एक ही बात को पचास बार बोलने वाले मीडियाकर्मियों के बारे में लिखूंगा लेकिन चाहकर भी मौका नहीं मिल पा रहा था. दूसरा डर यह...अमरेंद्र त्रिपाठी कह रहे हैं--कविता का दाय ? , या इलाही ये माजरा क्या है ? . ब्लागरी मेरे लिए सामयिकता से सम्पृक्ति है | स्वयं के शब्द-लोक में खोये रहने का माध्यम-मात्र नहीं | इसके लिए तो एक डायरी भी लिखी जा सकती है , जो वर्षों या वर्षों बाद पलटती रहे , यानी नितांत न...
अशोक बजाज जी की पोस्ट--अर्जुन सिंह ने राज को और गहरा दिया ?अर्जुन सिंह ने राज को और गहरा दिया ?* भोपाल गैस त्रासदी के मुख्य आरोपी यूनियन कार्बाईड के प्रमुख वारेन एंडरसन को भारत से सुरक्षित व बाईज्जत भगाने के मामले में ...आज तो बड़े दिनों के बाद शोभना भी ब्लाग पर आई हैं पढिए थोडा-शोभना 'शुभि'थोडा थोडा सा अकेलापन थोडा सा गुमसुम सा पल थोडा सा चुप हो जाना थोडा सा मुस्कुरा जाना ऐसे ही बहुत से थोड़े थोड़े से जिंदगी में खुशियों का शामिल हो जाना दिमाग में बेशक न आ पता हो पर दिल की तह में बस जाता है ...


चलते चलते व्यंग्य चित्र

वार्ता को देते हैं विराम--आपको ललित शर्मा का राम राम--- आतंकवादी वायरस के विषय में जानने लिए यहां से जाएं.....

गुरुवार, 12 अगस्त 2010

आतंकवादी हमला--आज के नेता--कसौटी रिश्ते की-- ब्लाग4वार्ता --- ललित शर्मा

नमस्कार, भारत के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री एम एस गिल को अपनी नाक की चिंता सता रही है, इधर कामन वेल्थ गेम्स के नाम पर लूटम लूट मची है।लोक सभा में उनका कहना था कि जांच तो बाद में होती रहेगी 15 अक्तुबर के बाद, इससे पहले गेम निपटा लिए जाएं। लोक सभा में एक जिम्मेदार मंत्री  का हास्यास्पद बयान है। मतलब कामनवेल्थ तक लूट जारी रहे। जनता के धन को दोनो हाथों से लूटा जा रहा है। अब चलते हैं आज की ब्लाग4वार्ता पर ...


अभी देर रात एक पोस्ट ब्लाग जगत पर आतंकवादी हमला! हमारीवाणी फैला रहा है वायरस… आई जि्सने सोचने को मजबूर कर दिया कि थोड़ी सी असावधानी से हम कितना नुकसान उठा सकते हैं--कनिष्क कश्यप कहते हैं --अगर आपने हमारीवाणी या अपनीवाणी का लोगो अपने ब्लाग पर लगा रखा है, तो उसे यथासिघ्र हटा दें। वरना आपको कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है--सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पं.दीनदयाल उपाध्याय महान राष्ट्रभक्त गरीबों के मसीहा,अंत्योदय के जनक तथा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रणेता थे उन्होने देश की राजनैतिक एंव आर्थिक दशा व दिशा ...

एक माइक्रो पोस्ट - आज के नेता !!जनता के अनमोल बिश्वास के कबाड़ा हो गईल. बिधानसभा त नेता लोग के अखाडा हो गईल. इ लोग का समझी जनता के दिकदारी. बहस के जगे कुर्सी से करत बा लो मारामारी. गाली में तब्दील हो गईल संस्कार के भाषा. होता लोकतं... बेटे-बेटी के घर आने का उत्सव कम्प्यूटर अनुप्रयोग में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त कर लेने के बाद बेटे वैभव ने कुछ सप्ताह घर पर बिताए। आरंभ से ही शिक्षा में उत्तम प्रथम श्रेणी प्राप्त करते रहने से उस की इच्छा थी कि काम भी उस के अनुरूप ही...
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डॉ.दराल जी जन्मदिन मनाया गया, हम तो दूर बैठे हैं,फ़िर भी हमने सेलिब्रेट किया,टीचर्स नही तो ब्लेंडर के साथ,भाई साहब का जन्मदिन जो था---आज डॉ टी एस दराल का जनमदिन हैआज, 11 अगस्त को अंतर्मंथन वाले डॉ टी एस दराल का जनमदिन है। बधाई व शुभकामनाएँ *आने वाले **जनमदिन आदि की जानकारी, अपने ईमेल में प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें**।* *अपने मोबाईल फोन पर **SMS के द्वार...अरब न दरब झूठ का गौरबदेसिल बयना-42 अरब न दरब झूठ का गौरब करण समस्तीपुरी एंह... गाँव-घर के रमन-चमन का एगो अलगे मजा है। ई रंग-रहस, उ अलमस्ती, हे उ अपनापन... गालियो दे तो लगे फूले बरसता है। ससुर डांट-डपट में भी छुर-छुरा के ह...

कसौटी रिश्ते कीकसौटी रिश्ते की --कहानी* उनकी आँखों से आँसूओं का सैलाब थमने का नाम ही नही ले रहा था।मै उनको रोकना भी नही चाहती थी------- आज उनके दर्द को बह जाने देना चाहती थी। ., मैने तो एक दर्द के लिये भी सैंकडों आँसू ब...साग-सब्जी-तरकारी-भाजीसोच रहा हूँ कि आज क्या लिखूँ अपने पोस्ट में? कुछ भी नहीं सूझ रहा है और खीझ रहा हूँ खुद पर। क्या हर रोज कुछ ना कुछ लिखना जरूरी है? न लिखूँ तो क्या फर्क पड़ जायेगा? और लिखता हूँ तो भी क्या फर्क पड़ जाता है? कु...

नेपल्स का सौंदर्यनेपल्स एक अद्भुत और खूबसूरत जो कि अपनी एक बांह से समंदर को अपने आगोश में बांधने की कोशिश करता सा प्रतीत होता है । यहीं से आप देख सकते हैं विसूवियस पर्वत के नजारे । यह भी अपनी खूबसूरती तथा अपने इतिहास ...30-32 करोड़ का माल 5 लाख में...लोकतंत्र की जय हो, लोकतंत्र अमर रहे। हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी को यह नारा जोर-शोर से लगाया जाता है। इस बार भी यह नारा लगेगा और झक सफेद कपड़े में मुख्यमंत्री से लेकर जनप्रतिनिधि शपथ भी लेंगे और इसके चंद मिनट...

डाकू जी को सादर प्रणाम नॉएडा की एक महिला अपने पति को डाकुओं के गढ़ से वापिस ले आई। महिला की हिम्मत को स्वतंत्रता दिवस का सलाम। खबर यही होती तो भी बहुत था लेकिन इसके साथ तो एक और बड़ी खबर है जो हमें सोचने को मजबूर कर देती है। खबर य...क्या फूल है हम ????सारा देश महंगाई से त्रसत है और सरकार कॉमन वेल्थ खेलों में व्यस्त है!क्या जरूरी है ये खेल? अगर हमारे पास उचित संसाधन नहीं थे तो हमें इस पचड़े में पड़ना ही नहीं चाहिए था!ऐसी झूठी शान किस काम की?और जैसे को...

पर्व आजादी कानिकली वो घर से कॉलेज के लिए थी रास्ते में बजी सिटी उड़ी फब्ती नजर तक ना उठा सकी चुनरी संभालती तेज क़दमों से पहुंची सिटी बस स्टैंड एक कागज की पुड़िया टकराई उस से और गिरी पैरों में डरते हुए उठाई खुलते ही पुड...इस तिरंगे की छाँव मेंपन्द्रह अगस्त स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर विशेष रूप से लिखी गई रचना |शायद पसंद आए | इस तरंगे की छाँव में , जाने कितने वर्ष बीत गए , फिर भी रहता है इन्तजार , हर वर्ष पन्द्रह अगस्त के आने का , स्वतंत्रता दिवस...

प्रणय आवेदन प्रणय आवेदन सेवा में सौन्दर्य समृद्धि के स्वामिनी प्रेमलोक द्वारा मित्रसेतु महोदया परिचयहीन स्नेही अयोग्य होते हुए भी प्रतिवेदन के अनुसार असफ़ल स्नेहियों में सर्वश्रष्ठता के आधार पर क्षण भर के लिये दृष्टिपात...बेवफाई विशेषांक-एक घिनौवनी मानसिकता का परिचायक गीतांजलिश्रीसबसे पहले मैं स्पष्ट कर देना चाहती हूं कि कालिया और राय की बर्खास्तगी के कागज पर हस्ताक्षर नहीं दे रही हूं। मगर इस मुद्दे पर सारी औरत विरोधी नजर और मानसिकता पर अपना प्रोटेस्ट दर्ज कर रही हूं।जिस ...

मेरी त्रिपोली (लीबिया) यात्रा.त्रिपोली, लीबिया की राजधानी है. यह भूमध्यसागर(Mediterranean) के किनारे अफ्रिका के उत्तरी किनारे पर स्थित है किन्तु इसकी संस्कृति अरबी है. यह यूरोप के बहुत नज़दीक है इसलिए आए दिन यहां स...चुनावी सरगमदोस्तों आजकल हमारी नगरी बगड़ में नगरपालिका चुनाव क माहौल चल रहा है। आगामी 18 अगस्त 2010 को नगरपालिका अध्यक्ष पद व वार्ड पार्षदों के चुनाव होने हैं। इसके लिए जहां भी देखें हर जगह चुनाव की ही चर्चा है। जि...

भटकती आत्मा से साक्षात्कार जाने क्यों और कैसे … बचपन में मुझे ऊंचाइयों से गिरने और अजीब अजीब सायों के बहुत से सपने आया करते … शायद इन्हीं के प्रभाव से धीरे धीरे ऊंचाई से एक डर की भावना अंदर कहीं घर कर गयी थी .. अगर किसी छत से भी...शुक्र की सितंबर से दिसंबर 2010 तक की खास स्थिति का आपपर कैसा प्रभाव पडेगा ??पिछले आलेख में 13 अगस्‍त को आसमान में दिखाई देने वाले शुक्र चंद्र युति कीमैने चर्चा की है। सिर्फ 13 अगस्‍त को ही नहीं , आने वाले दिनों में लगभग पांच महीनों तक यानि 11 सितंबर , 9 अक्‍तूबर , 2 दिसंबर , 31 दिस...

थेम्ज क्रूज ..मेरी नजर सेआइये आज आप सबको ले चलती हूँ रिवर थेम्स के क्रूज पर. नदी के किनारे बहुत सी एतिहासिक इमारतें हैं और उनकी एक अपनी पहचान भी है ..पर मेरी नजरों को देखिये वो उनसे अलग भी कुछ देख लेती हैं ..तो आपको दिखाती हूँ क..हम तो छप गए ... सच में कभी नहीं सोचा था दिल की बातें जो यूँ ही ब्लॉग पर डाल देती हूँ एक दिन खबर बन छप जायेंगी ... आज का दिन आश्चर्य से भरा हुआ रहा ..जब पता चला मेरे ब्लॉग की च... 

दैनिक जनसत्‍ता में विष्‍णु खरे की राय हिन्‍दी ब्‍लॉग जगत के बारे में कितनी खरी ?हिन्‍दी ब्‍लॉग जगत एक लेखक के आईने में (*सन्दर्भ छिनाल प्रकरण का है, यह खरे जी के लेख का एक हिस्सा है* ) इस प्रकरण में कुछ ब्लॉगों ने सक्रिय, जोशीली, पक्षधर भूमिका निबाही है लेकिन हिंदी का ब्लॉग-विश्व भी...सड़क मार्ग से महाराष्ट्र: 'आंटी' द्वारा रात बिताने का आग्रह, टाँग का फ्रेंच किस, उदास सिपाही और उफ़-उफ़ करती महिलाअपनी समझ से सारी तैयारी कर भिलाई से, 27 जून को जब हम अपनी मारूति वैन में मुम्बई की ओर रवाना हुए तो मौसम सुहाना ही था।* बारिश के आसार पुन: दिख रहे *थे। जुड़वां शहर, दुर्ग-भिलाई की सीमा, शिवनाथ नदी छोड़ ही च...

चलते-चलते व्यंग्य चित्र



राम-राम मिलते हैं एक ब्रेक के बाद.................

बुधवार, 11 अगस्त 2010

आज ब्लॉग4वार्ता की 150 वीं पोस्ट---ललित शर्मा

नमस्कार मित्रों, आज ब्लॉग4वार्ता की 150 वीं पोस्ट है, विगत 10 मार्च से प्रारंभ होकर अनवरत चल रही इस वार्ता को पोस्ट के हिसाब से तो 5 माह हो चुके हैं। इन 5 महीनों में कई समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। लेकिन वार्ता का प्रकाशन रुका नहीं। आगे भी अनवरत जारी रहेगा ऐसी आशा है। मैं ब्लाग वार्ता की पूरी टीम को शुभकामनाएं देता हूँ,जिनके प्रयास से इस मुकाम पर पहुंचना संभव हुआ। अब चलते हैं आज की ब्लाग वार्ता पर...

आज छत्तीसगढ में हरेली का त्योहार मनाया गया, वार्ता का प्रारंभ हरेली की पोस्ट से करते हैं--बचपन का गेंडी चलाना बहुत याद आता हैछत्तीसगढ में सावन मास की अमावश को हरेली(हरियाली)अमावश कहते हैं, यह त्यौहार मूलत: हरियाली के साथ जुड़ा हुआ है। इस दिन को हम त्यौहारों की शुरुवात मानते हैं जो कि होली पर जाकर अंतिम त्योहार टोनही मंत्र सिद्ध करने का दिन - हरेली...अमावस की घोर अंधेरी रात! घोर अंधेरा! नदी के उस पार श्मशान में बार-बार बंग-बंग करके जलती-बुझती कोई चीज! छत्तीसगढ़ में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने कभी ऐसे दृश्य के बारे में ना सुना हो। उस जलती-बुझती ...

 बड़े ब्लॉगर - छोटे ब्लॉगर बड़े ब्लॉगर - यार तुम लोग अभी अभी ब्लागिंग में आये हो जमने के लिए जी-तोड़ मेहनत करनी पड़ेगी । छोटे ब्लॉगर - क्या क्या करना पडेगा भाई साहब । बड़े ब्लॉगर - सबसे पहले तो स्थापित ब्लागरों के संपर्क में रहना पडेग...लेह .... अब यादें ही शेष हैलेह बाजार के स्‍वागत द्वार में मित्र ऋषि तिवारी खारदुंगला रोड में थम से गए झरने पर मेरे मित्र हजारों किलोमीटर दूर, दुनिया के सबसे उंचे मोटरेबल रोड पर काम करते मजदूरों के मुह से गुरतुर गोठ छत्‍तीसगढ़ी सुन...

"विश्व में आतंकवाद का बढ़ता दायरा" - शाहनवाज़हरिभूमि के आज [10 अगस्त] के संस्करण में प्रष्ट न. 4 पर मेरा लेख)* आज सारे विश्व को आतंकवाद ने घेरा हुआ है। अलग-अलग देशों में हिंसक गतिविधियों के अनेकों कारण हो सकते हैं, परन्तु आमतौर पर यह प्रतिशोध की भा...बुलंद का शानदार 21 माह का सफरपत्रकारिता के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने और नई आजादी की लड़ाई में निकल चुके बुलंद परिवार ने रविवार 1 अगस्त को शानदार कार्यक्रम आयोजित किया। बुलंद परिवार के इस आयोजन में परिवार के लोग न केवल शिरकत किए बल...

न होता मैं तो क्या होताआज प्रस्तुत है ग़ालिब साहब की यह गज़ल जो मुझे बेहद पसंद है * *न था कुछ तो ख़ुदा था कुछ न होता तो ख़ुदा होता * *डुबोया मुझको होने ने , न होता मैं तो क्या होता * *हुआ जब ग़म से यों बेहिस, तो ग़म क्या सर के क...'लंकेश' नाम रखने से क्या वो सचमुच रावण हो जाता?आज भी बच्चों के जन्म पर छठी के दिन पन्डित से पूजा-पाठ और यज्ञ आदि करवा कर कुण्डली बनवाने और राशि,नक्षत्र आदि से नाम निकलवाने की रीत है। बिटिया का नाम 'उ या ऊ' से निकला तो मैनें बिटिया का नाम उर्वशी रखा। घर...

हरियाली की आप सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएंआप सभी को हरियाली की बहुत बहुत शुभकामनाएं* *जादू टोना मन्त्र-तंत्र, कलजुग के सारे यंत्र-तंत्र * *रख सद्भाव करें जागृत, आवें काम सर्वदा जनहित * *आपदाओं को दूर करे, आतंकी अत्याचारी डरे * *विश्व-शांति मिशन ...पीडीऍफ़ फाइल को बनाये Exeएक और पीडीऍफ़ टूल जो आपके पीडीऍफ़ फाइल को बिना पीडीऍफ़ रेअदेर के भी देखने कि सुविधा देता है । यही नहीं इसमें आप अपने पीडीऍफ़ फाइल को पासवर्ड से भी सुरक्षित कर सकते हैं । पीडीऍफ़ फाइल को प्रिंट न किया जा सके और..

तुम क्यूँ मेरा पीछा करती होसुबह हो या दोपहर हो , जब मैं बाहर जाती हूँ , कभी आगे चलती हो , कभी पीछे , पर सदा साथ साथ चलती हो , मुझे कारण पता नहीं होता , तुम क्यूँ मेरा पीछा करती हो , तुम क्या चाहती हो मौनव्रत लिए रहती हो , बार बार मुझ...तू ही मुझे संवार दे कुछ वियोगी मन हुआ तन भी ना अब साथ दे कोई ऐसा पल नहीं जो मन को मेरे साध दे साध मन की थी कभी खुशिया सराहे फिर मुझे बुझ गए आंसू में सब दीप जितने थे जले मुश्किल हूँ मैं या वक़्त मुश्किल है मेरा मिलता भ...

पर्यावरण रा दूहाप्रदूशण नै रोकणो, सै सूं पैलो काम। जे काबू ओ नीं हुयो, बचा नीं सके राम।। रंग-बिरंगो जैर‘तो, रच रैयो पोलीथीन। फैषन, सुविधा कारणै, जीवण मौत अधीन ।। नई है सुद्ध खावणो, नीं है निरमल नीर। आभै में विस घुल रयो, ह...दीवाल पर टंगी घडीदीवाल पर टंगी घडी कलियों पर बंधी घडी से भिन्न होती है मौन होती है सब कुछ देख कर भी और नहीं करती कोई प्रतिरोध कलाई घडी की तरह नहीं उतर जाती हाथो से जब चाहे तब उसे पता है रात कैसे करवटों में गुजरी है और ...

मेरा हिंद !! मेरे ख़यालों की वादी है ....मेरा हिंद !! मेरे ख़यालों की वादी है सपनों में आज़ादी है, मैं आज भी शहीदों के लिए रोता हूँ, कर्जे में राष्ट्र को डूबोता हूँ, पुरखों ने जो खून बहाया है उसका मुआवज़ा मैंने हर जगह से उठाया है, शहीदों क...दीनदयाल शर्मा की 2 शिशु कवितायेँ*चूहा* *चूहा आया, चूहा आया, चूँ-चूँ करता चूहा आया। पूँछ हिलाता चूहा आया मूँछ हिलाता चूहा आया। देखो वह कितना फुर्तीला कोई उसको पकड़ न पाया।* * * *बिल्ली* *बिल्ली आई, बिल्ली आई,* *पूँछ हिलाती बिल्ली आई।* 

भीगी खामोशीखामोशियों की पैरहन को आँखों की बारिश ने भिगो दिया है इतना कि चिपक कर रह गयी है जेहन से इसे उतारने की कोशिश भी नाकाम हो चली है .. . 'लिव-इन-रिलेशन में बेवफाई कोई अपराध नहीं; यह एक करार है, जिसका रोजाना नवीनीकरण होता है' -हाई कोर्टदिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हुए अगर एक पक्ष रिश्ते से बाहर आ जाए तो दूसरा बेवफाई की शिकायत नहीं कर सकता। हाई कोर्ट ने कहा कि ये रिश्ते आकस्मिक होते हैं और किसी डोर से बंधे नहीं ..

सारे तथाकथित....यह ग़ज़ल उन मित्रों के लिये हैं जो बहुत अच्छे इनसान है मगर तथाकथित लोगों से हैरान-परेशान है. आज हम यही देख रहे है हर कहीं तथाकथित लोग ही नायक बने हुए है. फिर भी....मैं मानता हूँ कि एक दिन सच जीतता है. प्रति...कश्मीर की समस्या कश्मीरियों की नहीं है कश्मीर की समस्या हिन्दुस्तानियों की है .हड़बड़ी में आज़ादी लेने के चक्कर में आधा कश्मीर, आधा पंजाब ,आधा बंगाल और पूरा सिंध हमने खो दिया .भारत की आजादी के समय एक अधूरा कश्मीर हमें मिला या कहें मेजर सोमनाथ शर्मा जैसे परमवीरो की शाहदत के कारण 

हरियाली 10 अगस्त को हरियाली अमावस्या है यह प्राकृतिक त्यौहार है छत्तीसगढ़ में इसे हरेली त्यौहार के नाम से बड़े धूमधाम से मनाया जाता है.आज का दिन प्रकृति के सुरक्षा के लिए संकल्प लेने का दिन है भविष्य में जल...माफी गलती का हल नहीं, गलती के कारणों को खुद अपने अंदर तलाशना चाहिए कल बोधि भाई का मेल मिला, उन्हों ने विनय पत्रिका पर अपने आलेख "बोलने पर जीभ और छीकने पर नाक काटने वाले शब्द हीन समाज में आपका स्वागत है" पढने का आग्रह किया था। मैं ने इस विषय पर लिखा बहुत पढ़ा है लेकिन मैं ..

एक रिपोस्ट - ..और धोती पहनने लगे नौजवान - खुदीराम बोस के बलिदान दिवस पर विशेषआजादी की लड़ाई का इतिहास क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान के अनगिनत कारनामों से भरा पड़ा है। क्रांतिकारियों की सूची में ऐसा ही एक नाम है खुदीराम बोस का, जो शहादत के बादइतने लोकप्रिय हो गए कि नौजवान ए...विदेशी भाषायों को सीखने के लिए सबसे प्रभावकारी सोफ्टवेयर “Rosetta Stone” ,साथ ही इसके कुछ विकल्प(Alternatives) भीअब तक का सबसे बढ़िया और लोकप्रिय विदेशी भाषाएँ सिखाने वाले सोफ्टवेयर की बात की जाये तो “Rosetta Stone” नाम सबसे पहले आता है | अगर वैसे “Rosetta Stone” की खोज की जाये तो एक विशेष “शिल्पकृति” होती थी जो म....

एक पटरी की रेल

उदयपुर का आमंत्रण देती कुछ तस्‍वीरें, आएंगे ना? [21]-- जरुर आएंगे जी

आज़ादी से पहले, आज़ादी के बाद...खुशदीप--लूट सके तो लूट

यह कैसे पता किया जाए कि काटने वाला साँप ज़हरीला था अथवा नहीं?--साँप की फ़ितरत से

कुत्ते और उन्हें पालने वाले कुत्ते - एक इंसान की व्यथा --जारी रखें कथा

तेरा स्वागत है लड़की -सतीश सक्सेना--उम्दा चित्र है

बुरुंश के फूल--बहुत सुंदर होते हैं।

चलते-चलते व्यंग्य चित्र

 



ब्लाग4वार्ता को देते हैं विराम--आपको ललित शर्मा का राम-राम

मंगलवार, 10 अगस्त 2010

काकोरी कांड - ८५ वी वर्षगाँठ पर विशेष - सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है - ब्लॉग 4 वार्ता - शिवम् मिश्रा

प्रिय ब्लॉगर मित्रो ,
प्रणाम !



भारतीय स्वाधीनता संग्राम में काकोरी कांड एक ऐसी घटना है जिसने अंग्रेजों की नींव झकझोर कर रख दी थी। अंग्रेजों ने आजादी के दीवानों द्वारा अंजाम दी गई इस घटना को काकोरी डकैती का नाम दिया और इसके लिए कई स्वतंत्रता सेनानियों को 19 दिसंबर 1927 को फांसी के फंदे पर लटका दिया।
फांसी की सजा से आजादी के दीवाने जरा भी विचलित नहीं हुए और वे हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए। बात 9 अगस्त 1925 की है जब चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह सहित 10 क्रांतिकारियों ने मिलकर लखनऊ से 14 मील दूर काकोरी और आलमनगर के बीच ट्रेन में ले जाए जा रहे सरकारी खजाने को लूट लिया।
दरअसल क्रांतिकारियों ने जो खजाना लूटा उसे जालिम अंग्रेजों ने हिंदुस्तान के लोगों से ही छीना था। लूटे गए धन का इस्तेमाल क्रांतिकारी हथियार खरीदने और आजादी के आंदोलन को जारी रखने में करना चाहते थे।
इतिहास में यह घटना काकोरी कांड के नाम से जानी गई, जिससे गोरी हुकूमत बुरी तरह तिलमिला उठी। उसने अपना दमन चक्र और भी तेज कर दिया।
अपनों की ही गद्दारी के चलते काकोरी की घटना में शामिल सभी क्रांतिकारी पकडे़ गए, सिर्फ चंद्रशेखर आजाद अंग्रेजों के हाथ नहीं आए। हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के 45 सदस्यों पर मुकदमा चलाया गया जिनमें से राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह को फांसी की सजा सुनाई गई।
ब्रिटिश हुकूमत ने पक्षपातपूर्ण ढंग से मुकदमा चलाया जिसकी बड़े पैमाने पर निंदा हुई क्योंकि डकैती जैसे मामले में फांसी की सजा सुनाना अपने आप में एक अनोखी घटना थी। फांसी की सजा के लिए 19 दिसंबर 1927 की तारीख मुकर्रर की गई लेकिन राजेंद्र लाहिड़ी को इससे दो दिन पहले 17 दिसंबर को ही गोंडा जेल में फांसी पर लटका दिया गया। राम प्रसाद बिस्मिल को 19 दिसंबर 1927 को गोरखपुर जेल और अशफाक उल्ला खान को इसी दिन फैजाबाद जेल में फांसी की सजा दी गई।
फांसी पर चढ़ते समय इन क्रांतिकारियों के चेहरे पर डर की कोई लकीर तक मौजूद नहीं थी और वे हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर चढ़ गए।
काकोरी की घटना को अंजाम देने वाले आजादी के सभी दीवाने उच्च शिक्षित थे। राम प्रसाद बिस्मिल प्रसिद्ध कवि होने के साथ ही भाषायी ज्ञान में भी निपुण थे। उन्हें अंग्रेजी, हिंदुस्तानी, उर्दू और बांग्ला भाषा का अच्छा ज्ञान था।
अशफाक उल्ला खान इंजीनियर थे। काकोरी की घटना को क्रांतिकारियों ने काफी चतुराई से अंजाम दिया था। इसके लिए उन्होंने अपने नाम तक बदल लिए। राम प्रसाद बिस्मिल ने अपने चार अलग-अलग नाम रखे और अशफाक उल्ला ने अपना नाम कुमार जी रख लिया।
खजाने को लूटते समय क्रान्तिकारियों को ट्रेन में एक जान पहचान वाला रेलवे का भारतीय कर्मचारी मिल गया। क्रांतिकारी यदि चाहते तो सबूत मिटाने के लिए उसे मार सकते थे लेकिन उन्होंने किसी की हत्या करना उचित नहीं समझा।
उस रेलवे कर्मचारी ने भी वायदा किया था कि वह किसी को कुछ नहीं बताएगा लेकिन बाद में इनाम के लालच में उसने ही पुलिस को सब कुछ बता दिया। इस तरह अपने ही देश के एक गद्दार की वजह से काकोरी की घटना में शामिल सभी जांबाज स्वतंत्रता सेनानी पकड़े गए लेकिन चंद्रशेखर आजाद जीते जी कभी अंग्रेजों के हाथ नहीं आए।

सभी जांबाज क्रांतिकारियों को ब्लॉग 4 वार्ता  के पूरे वार्ता दल का शत शत नमन |

अब आज की ब्लॉग वार्ता शुरू करता हूँ ! आशा है आप सब को यह वार्ता पसंद आएगी !

सादर आपका 
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मुगल-ए-आजम के ५० साल :- सिर्फ़ ५० ........हमारे ख्याल से ५० से तो काफी ज्यादा हो गए !!



ब्लोगिंग की आचार संहिता :- होनी ही चाहियें !


रूल्स आफ इंगेजमेन्ट :- कौन मानता है यहाँ ??


उँगली छुड़ा लें :- पर क्यों ? 


मौन के तीन रंग :- अपने आप  में अनुपम !


वो रिश्ते.. :- कितने अजीब होते है !


कि बिना मरे चुप रह सकूँ :- बोलने से गुरेज़ क्यों ??  


एक पोस्ट फिल्मी गीतों भरा :- पढो या सुन के देखो ज़रा !



संघ के पास एक ही 'चश्मा' है? :- दूसरा दिलवा दो ना ! 


कार्टून का दर्द :- हम समझते है .........या नहीं ??


हिटलर की कस्टडी :- में कौन है ??



जातीय जनगणना का दंश :- सब को लगेगा !


आस्था ही सड्क पर न आ जाये, इसका भी ध्यान रखे ! :- यहाँ तो सब कुछ सड़क पर ही है ! 


नक्कटों का गाँव. :- साधो रे .........ये नक्कटों का गाँव !!


आज कृष्ण कुमार यादव का जनमदिन है :- हमारी शुभकामनाएं आपके साथ है !


स्वतंत्रता दिवस पर एक अनूठा राष्ट्रीय ध्वज विज़ेट, आपके ब्लॉग के लिए :- धन्यवाद आपका !


चौदहवीं रात है, अब चाँद दिखा दे अपना, हम कई दिन से तेरी छत को तका करते हैं … मेरी पसंद … विवेक रस्तोगी :- पसंद बढ़िया है !

आज़ादी से पहले, आज़ादी के बाद...खुशदीप :- क्या क्या हुआ ?


दमा दम मस्त कलंदर .... :- अली दा पहला नंबर !



एक रिपोस्ट - काकोरी कांड - ०९ / ०८ / १९२५ - ८५ वी वर्षगाँठ पर विशेष :-  जांबाज क्रांतिकारियों को शत शत नमन |

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आज की ब्लॉग वार्ता बस यहीं तक ........अगली बार फिर मिलुगा एक और ब्लॉग वार्ता के साथ तब तक के लिए .....

जय हिंद !!

सोमवार, 9 अगस्त 2010

भारत का वैज्ञानिक चिंतन .. ब्‍लॉग4वार्ता .. संगीता पुरी


पिछले सप्‍ताह मैं संगीता पुरी शहर से बाहर थी , इस कारण वार्ता नहीं कर सकी थी , आज सबसे पहले 

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पंद्रह दिनों में चिट्ठा जगत से जुडे बहुत सारे नए चिट्ठों में सबसे अधिक आकर्षित करने में सक्षम 
हुआ  .....

पिंकी उपाध्‍याय जी के ब्‍लॉग पर  एक नजर डाले ...

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this is a Space for you called Universe

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मेरा फोटो

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अब इजाजत दीजिए .. अब मिलते हैं अगले सप्‍ताह सोमवार को पुन: नए चिट्ठों की वार्ता के साथ ....

रविवार, 8 अगस्त 2010

अहसान फरामोश भिखमंगे-सलाखों के पीछे---ब्लाग4वार्ता----ललित शर्मा

नमस्कार, लेह में बादल फ़टने की एक लोमहर्षक घटना हो गयी है। सैकड़ों काल के गाल में समा गए, हजारों बेघर हो गये। एसी ही एक दूर्घटना 1998 में मानसरोवर यात्रियों के साथ मालपा में घटित हुई थी। जिसमें पूरा मालपा गांव ही बादल फ़टने से बह गया था। इस घटना में प्रसिद्ध नृत्यांगना प्रोतिमा बेदी (कबीर बेदी की पत्नी)भी मारी गयी थी। गांव के साथ पूरा कैंप ही पहाड़ के नीचे दब गया था। मृतकों को विनम्र श्रद्धांजलि देते हैं और बेघर हुए लोगों के साथ हमारी पूर्ण सहानुभूति है। अब चलिए मेरे साथ आज की ब्लाग4वार्ता पर--

कहीं "टशन" तो कहीं "टेंशन" है " ट्यूशन "स्कूल का नया सत्र आरंभ हुए दो माह होने को आए हैं । बड़ी विड्म्बना ही है कि जितना जरूरी स्कूल जाना है , उतना ही जरूरी हो गया है "ट्यूशन" जाना । पढ़ाई पर हावी हो गया है ट्यूशन। कभी आप सोच भी पाते हैं कि ऐस...विमान-दुर्घटना और शराबहाल ही में मंगलापुरम विमान पतन में जो अति दारूण विमान दुर्घटना हुई, उस सिलसिले में ऐसे कई लेख व टिप्पणियां समाचार पत्रों में निकल रही हैं जिन में विमान दुर्घटनाओं के सामान्य कारणों का भी विवेचन किया जाता है।

ए़क पृथक ब्रह्माण्डदेह के विज्ञान से परे प्रेम का ए़क पृथक ब्रह्माण्ड है जहाँ के ग्रह और नक्षत्र परिक्रमा करते है मन के भावों का सितारे अपने अपने स्थान पर टिके होते हैं दृष्टि के गुरुत्वाकर्षण से और साँसों के घर्षण से होते है...मछलियों को भरोसा है उन्हें कोई नहीं मारेगाहमारी यह आदत है कि हम अच्छी या बुरी किसी भी तरह की खबर को तब तक प्रमाणित नहीं मानते जब तक उसे चार अन्य लोगों के मुंह से सुन नहीं लेते। सच तो यह भी है कि हमारे आसपास सूचनाओं का जो विस्फोट हो रहा है वह हमें...

ये सावन मन भाये ना ...ये सावन मन भाये ना बदरा तुमको लाये ना दूर बिदेस में बैठे तुम सौतन कहीं लुभाए ना बाट निहारे नैन दुखे पीर हमारी कौन सुने काली आँखे काली रात उसपर उस डायन की घात मन तो ऐसा ऐसा ह...लगी आज सावन की फिर वो झड़ी हैरात के सन्नाटे में बरसते पानी की टिपिर-टिपिर ध्वनि! आंगन में लगी रातरानी के फूलों की भीनी-भीनी सुवास! पड़ोस के घर में चलती हुई टीवी से सुनाई देता गीत - "मनमोर हुआ मतवाऽऽला ये किसने जादू डाला रे..."! दामिनी ...

सलाखों के पीछे से ,जेल की कोठरी में , सलाखों के पीछे से , सींकचों को थामे . सूनी सूनी आँखों से , वह ताक रहा था कहीं शून्य में , था उदास थका हुआ सा , झाँक रहा था अपने मन में , बार बार वह दृष्य भयावह , उसके समक्ष आ जाता था , सिह...ख़रीददारी कीजिए ' राम ' देकरनीदरलैंड में अब यह मुद्रा भी चलती है । महर्षि महेश योगी द्वारा जारी की मुद्रा '' राम'' को नीदरलैंड में क़ानूनी मान्यता दे दी गई है । '' राम'' नाम की इस मुद्रा में चमकदार रंगों वाले एक, पाँच और दस के नोट...

सोचने में बीत गया कितना वक़्तसबसे पहले आप सभी से क्षमा चाहती हूँ पाठक बंधुओं . आप सभी के लिए मेरा फर्ज है कि मैं अपना शोध आपको बताती रहूं. आज काफी दिनों बाद मैं आपकी अदालत में हूँ. मैं एक पत्नी भी हूँ और तमाम भारतीय पत्नियों की तरह ...ओबामा के विशेष प्रतिनिधि करेंगे 'सुपर थर्टी' का दौराअमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के विशेष प्रतिनिधि रशद हुसैन अपने दो दिवसीय बिहार दौरे पर सात अगस्त को पटना आ रहे हैं। इस दौरान वह कई सरकारी और गैर सरकारी संगठनों का दौरा करेंगे। हुसैन रविवार को भारतीय प...

आभार - 2ग्राम चौपाल* में 03-08-२०१० को "अगस्त यानि क्रन्तिकारी महीना"शीर्षक से प्रकाशित पोस्ट को नईदिल्ली से प्रकाशित दैनिक वीर अर्जुन ने दिनांक ५-८-२०१० के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया है साथ ही साथ रायपु...कुछ आधुनिक सा पुरातन बनाम पेंसिल घिसाईकुछ आधुनिक सा पुरातन ( a pencil sketch by ravi kumar, rawatabhata ) बहुत पुरानी बात है, अक्सर पुरानी ही बातों का जिक्र किया जाता है. पर यह इतनी पुरानी भी नहीं, समय के सापेक्ष इस घटना को आधुनिक सा ही कुछ कह...

'ज्‍योतिषीय योग' की पुस्‍तकों में स्थित 'पंच महापुरूष योग'ज्‍योतिष शास्‍त्र की 'ज्‍योतिषीय योग' की पुस्‍तकों में 'पंच महापुरूष योग' का वर्णन है , जिनके नाम रूचक , भद्र , हंस , मालब्‍य और शश हैं। इन पांचों में कोई एक योग होने पर भी जातक महापुरूष होता है एवं देश वि...जांबाज़ कोया कमांडोकल दंतेवाडा *में नक्सलियों और जिला पुलिस बल के बीच हुई मुठभेड़ के बाद अब यह साफ़ हो गया है कि नक्सलियों के निशाने पर पुलिस नहीं *कोया कमांडो *ही थे जिनको *नक्सली *किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर पा रहे है...

ये अहसान फरामोश भिखमंगे !मेरा मानना है कि विपदा में फंसा हर प्राणी सबसे असहाय होता है, और हमने जहां तक इस भारत भूमि का इतिहास है, अपने पूर्वजों के मुख से, अपने पौराणिक गर्न्थों में, अपने संस्कारों में यही पाया है, यही पढ़ा है कि इ...मीडिया विमर्श के वार्षिकांक में एक बड़ी बहस क्या रोमन में लिखी जाए हिंदी ?इस बार की आवरण कथा हैः हा! हा!! HINDI दुर्दशा देखि न जाई!!! रायपुर। मीडिया विमर्श का सितंबर, 2010 का अंक 15 अगस्त तक बाजार में आ जाएगा। इस अंक में एक बड़ी बहस है कि क्या रोमन में लिखी जाए हिंदी। सितंबर के...

दिल नीलाऐसे कैसे ? सिर्फ स्याह, सिर्फ सफ़ेद धनक के सात रंग .. दिल के बस दो ? पाले के इधर काले उधर उजले सारे… ऐसे कैसे ? पर था बरसों से यही था हमारा भी हिसाब-किताब फिर गिरते-पड़ते जाना किसी रोज़ कि निहायत ग़लत ...सम्मान पर रवींद्र प्रभात जी से क्षमायाचना सहित...खुशदीपऔर किसी का सम्मान हो गया,* ** *क्या आदमी वाकई इनसान हो गया...* ये मेरी उस कविता की पहली दो पंक्तियां हैं जो मैंने सम्मान के ऊपर लिखी थी...कल रवींद्र प्रभात जी ने ब्लॉगोत्सव 2010 में परिकल्पना सम्मान की ओर...

ताऊ पहेली - 86प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम. ताऊ पहेली *अंक 86 *में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते ही हैं क...साहित्य की थारीकवि रामेश्वर शर्मा जी का एक गीत *साहित्य की थारी* पुस्तक के पृष्ठों में सजी कविता की फ़ुलवारी है प्यारे शब्द फ़ूलों जैसे पंक्ति क्यारी-क्यारी है। गीत-गीतिका, कवित्त, सवैया,मुक्तक,छंद कविता दोहा,सोरठा,चौपाई,...

अंडमान निकोबार की सैर ---बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान निकोबार द्वीप समूह , यूँ तो दूसरी सदी से पहचान में है । लेकिन यहाँ रिहायस का प्रथम प्रयास किया अंग्रेजों ने १७८९ में , जिन्होंने वर्तमान के पोर्ट ब्लेयर की जगह अपनी छांवनी ...एक २ इन १ पोस्ट - भीष्म साहनी जी के जन्मदिन पर विशेष !भीष्म साहनी का जन्म आठ अगस्त 1915 को रावलपिंडी में हुआ था। * विभाजन की त्रासदी पर 'तमस' जैसी कालजई रचना लिखने वाले भीष्म साहनी आधुनिक हिंदी साहित्य में सशक्त अभिव्यक्ति और बेहद सादगी पसंद रचनाकार के रूप म...

बस..बन गया डाक्टर -राजीव तनेजाकई दिनों से बीवी की तबियत दुरुस्त नहीं थी…कई बार उसने मुझसे कहा भी कि… “डॉक्टर के पास ले चलो”…लेकिन मुझे अपने काम-धंधे से फुरसत हो तब ना।हर बार किसी न किसी बहाने से टाल देता| एक दिन बीवी ने...ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਹਰਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਜੀ ਦੇ ਜਨਮ ਦਿਹਾੜੇ ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ....ਸ੍ਰੀ ਹਰਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਧਿਆਈਐ ਜਿਸ ਡਿਠੇ ਸਭ ਦੁਖ ਜਾਏ ......(ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਹਰਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਜੀ ਦੇ ਜਨਮ ਦਿਹਾੜੇ ਤੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ .....) ਗੁਰੂ ਹਰਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਜੀ ਦਾ ਜਨਮ ੭ ਜੁਲਾਈ ੧੬੫੬ ਈ: ਚ ਕੀਰਤਪੁਰ ਵਿਖੇ ਮਾਤਾ ਰਾਜ਼ ਕੋਰ ਅਤੇ ਪਿਤਾ ਹਰਿ ਰਾਇ ਜੀ ਦੇ ਘਰ ਹੋਇਆ. ਗੁਰੂ...गोल्डन ग्रास पेंटिंग--आर्ट गैलरी से

शमा-ए-हरम हो या दिया सोमनाथ का !संवेदना के स्वर कितने आंतरिक ** ** *इस मंच से ज़रा लग हट कर कुछ बात कहने की धृष्टता कर रहा हूँ, क्षमा करेंगे.किंचित सफल रहा तो यूँ साझा-सरोकार के पग बढे ,समझूंगा.उद्दिग्नता रही है, द्वन्द रहा है.पढता र...आज अनिल पुसदकर, नीशू तिवारी, शुभम आर्य का जनमदिन हैआज, 8 अगस्त को - अमीर धरती गरीब लोग वाले अनिल पुसदकर - मीडिया व्यूह, नीशू के अल्फाज़ वाले नीशू तिवारी - अजब अनोखी दुनिया के चित्र वाले शुभम आर्य का जनमदिन है बधाई व शुभकामनाएँ *आने वाले **जन...

अब देते हैं वार्ता को विराम-मिलते हैं एक ब्रेक के बाद

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