प्रिय ब्लॉगर मित्रो,
प्रणाम !
भारत छोड़ो आंदोलन के समय खुफिया कांग्रेस रेडियो चलाने के कारण पूरे देश में विख्यात हुई उषा मेहता ने आजादी के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी और आजादी के बाद वह गांधीवादी दर्शन के अनुरूप महिलाओं के उत्थान के लिए प्रयासरत रही।
उषा ने भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अपने सहयोगियों के साथ 14 अगस्त 1942 को सीक्रेट कांग्रेस रेडियो की शुरूआत की थी। इस रेडियो से पहला प्रसारण भी उषा की आवाज में हुआ था। यह रेडियो लगभग हर दिन अपनी जगह बदलता था, ताकि अंग्रेज अधिकारी उसे पकड़ न सकें। इस खुफिया रेडियो को डा. राममनोहर लोहिया, अच्युत पटवर्धन सहित कई प्रमुख नेताओं ने सहयोग दिया। रेडियो पर महात्मा गांधी सहित देश के प्रमुख नेताओं के रिकार्ड किए गए संदेश बजाए जाते थे।
ब्लॉग 4 वार्ता के पूरे वार्ता दल की ओर से उषा मेहता जी को शत शत नमन !
अब चलते है आज की ब्लॉग वार्ता की ओर................. आशा है कि आप सब को यह ब्लॉग वार्ता भी पसंद आएगी !
सादर आपका
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नागपंचमी : नमन नागराज! :- हमारा भी नमन !
तन्हाई ने मेरी मुझसे चुहलें करना सीख लिया है----दीपक मशाल :- आपको कैसा लगा उनका चुहले करना ?
क्या वाकई में रोग जीवाणुओं की वजह से होते हैं ??? :- हमें तो अब तक यही मालुम था !
तुमसे बना मेरा जीवन - पार्ट १ :- जो यह ना होते तो क्या होता ??
हिन्दू-मुस्लिम में परस्पर प्रेम और सौहार्द्र :- रहना चाहिए .......पर रहने दिया जाता नहीं !
न न रहने दो, मत मिटाओ इन्हें! :- मेरी पहचान है लकीरों में !
दिल पर लगे घाव को अब छुपाये कैसे :-घाव लगने ही क्यों दिए ?
मां :- तुझे सलाम !
अविनाश वाचस्पति गुरु चीज हैं -सतीश सक्सेना :- ले हमे तो पता ही नहीं था !
घर और अदालत का लोकार्पण है शुक्रवार यानी आज शाम को : पहुंच रहे हैं आप :- कहाँ भाई साहब ....हम तो मैनपुरी में है !
वो एक बार फिर, गठरी बन जाती है ... :- पर कौन यह तो बताइए ??
आज के ज़माने में एक रुपये में इतना कुछ...खुशदीप :- चमत्कार है साहब !
केवल आप और हम दुखी नहीं ......... प्रणब दा भी दुखी है !! :- क्या सच में ........मज़ा आ गया !!
आओ अनुशासित करने के लिए बच्चों को दागें! :- राम का नाम लो........ ना जी ना.......कभी नहीं !!
लिखने में नहीं लागे मन... :- ऐसा क्या हो गया ??
आदमी अपनी बातों से साबित कर देते हैं :- खुद को !
ओवर फ्लो होती आज़ादी :- कहाँ .......कहाँ ?
मस्जिद की मीनारें बोलीं मंदिर के कंगूरों से -सतीश सक्सेना :- चलो इन में तो कम से कम बोलचाल है !!
हो रही है चहलकदमी अजनबियों की~~ :- इसे रोका जाए !
दो लड्डू और पंद्रह अगस्त :- अरे, थोड़े से लड्डू और मंगवा लिए होते !
आगे पंद्रह अगस्त कs लड़ाई हौ....... ! :- सही बोले , भईया !!
यशवन्त कोठारी का व्यंग्य : एम․ एल․ ए․ साहब :- की जय हो !!
यूँ ही बैठे ठाले .. :- क्या कर लिया आपने ?
मिर्च बिना जीवन सूना. :- ज़िन्दगी का मज़ा तो तीखे में है !
हर फिक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया-राजीव तनेजा :- किसी चिमनी के अन्दर थे क्या ??
आज़ादी या सरकारी छुट्टी ??? :- मुझे तो दोनों एक सी लगती है !
माइक्रोसॉफ़्ट ने किया अपने ऑपेरेटिंग सिस्टम से किनारा, अब है नए का सहारा :- क्या होगा हमारा ?
भारत की विश्व को देन :- यूँ तो बहुत कुछ ................वैसे कुछ भी नहीं !
मंहगाई सोनिया खा गई- तारकेश्वर गिरी. :- पास्ता कम पड़ गया लगता है !
वट ए कार या फिर वट ए गर्ल.............! :- अब हम क्या कहे !!??
ब्लॉग जगत रूपी भवसागर में... :- जो डूब गया सो पार !
मिर्च बिना जीवन सूना. :- ज़िन्दगी का मज़ा तो तीखे में है !
हर फिक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया-राजीव तनेजा :- किसी चिमनी के अन्दर थे क्या ??
आज़ादी या सरकारी छुट्टी ??? :- मुझे तो दोनों एक सी लगती है !
माइक्रोसॉफ़्ट ने किया अपने ऑपेरेटिंग सिस्टम से किनारा, अब है नए का सहारा :- क्या होगा हमारा ?
भारत की विश्व को देन :- यूँ तो बहुत कुछ ................वैसे कुछ भी नहीं !
मंहगाई सोनिया खा गई- तारकेश्वर गिरी. :- पास्ता कम पड़ गया लगता है !
वट ए कार या फिर वट ए गर्ल.............! :- अब हम क्या कहे !!??
ब्लॉग जगत रूपी भवसागर में... :- जो डूब गया सो पार !
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आज की ब्लॉग वार्ता बस यहीं तक अगली बार फिर मुलाकात होगी एक और ब्लॉग वार्ता के साथ .....तब तक के लिए .......
जय हिंद !!






















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