मंगलवार, 14 जून 2011

जय वीरू का पुनरागमन

मित्रो मित्राणियों  

जय राम जी की 
इस देश में लोग सब कुछ भुला सकते हैं पर शोले को भुला पाना न तो किसी को मंजूर नहीं. पर आजकल कहानी में कुछ फ़ेर बदल ज़रूर है. अब जय-वीरू दिखते पास पास हैं परंतु हैं बहुत दूर ऐसा खबर वाले लोग कह रहे हैं. यही तो है हिन्दुस्तान का दर्द जो बाबा के कान में बयां किया जा रहा है. 



श्री श्री रविशंकर जी, एक अन्य योगी
एवम  ब्रह्मचारी अनंत बोध 

बहरहाल मामला जैसा भी हो हिन्दी ब्लॉग जगत में एक ब्रह्मचारी अनंतबोध चैतन्यजी  ने ''त्रिभाषी'' लेखन आरम्भ किया  है. उनके ब्लॉग सही मायने में विषय आधारित ब्लॉग ही तो हैं.सनातन धारा फ़ाऊण्डेशन ,  उपनिषद् एवं श्री यंत्र मंदिर उनके कम समय में ही आने वाले सफल  कल की सूचना दे रहे हैं. अब बताइये हिंदी ब्लागिंग के बढ़ते प्रभाव को कौन रोक सकता है. अनन्त बोध जी की ब्लागिंग का अर्थ अध्यात्म और भारतीय दर्शन का प्रसार है. 
अरे हां बताना भूल न जाऊं तो इस चित्र को क्लिक कीजिये न 

    अपने राजीव तनेजा जी ने बाबा रामदेव प्रकरण  पर लिख ही दिया सटीक सटायर तो उधर डा० किसलय जी का कमाल देखिये उनको नई दुनिया जबलपुर ने साहित्य-रतन बना दिया.
जब से यादव जी बताए हैं कि अब मोबाइल से जायेगा मनीआर्डर तब से हम अपना मोबाइल श्रीमती जी को भी नहीं दे रहे है.
पहली फ़ुहार में भीगने का एहसास ही अनोखा होता है

आज की चर्चा यही खतम हुई क्योंकि मुझे ZEAL ने बुलाया है

जश्न-ए-ज़ील -- आज ZEAL ब्लॉग की प्रथम सालगिरह है -- आप सादर आमंत्रित हैं.

आप भी हो आएं उधर. 
अरे हां मेरा आलेख भी बांच लेना मिसफ़िट पर तबादलों की पावन सरिता  
के तट पर  रहीम के दोहे अवश्य गुनगुनाना जी 



6 टिप्पणियाँ:

जब से यादव जी बताए हैं कि अब मोबाइल से जायेगा मनीआर्डर तब से हम अपना मोबाइल श्रीमती जी को भी नहीं दे रहे है.
ह ह ह
वार्ता करने का बढिया अंदाज .. अच्‍छे लिंक्‍सों के लिए आभार !!

बढिया वार्ता लगाई है दादा
उम्दा लिंक के साथ

आभार

युं ही जारी रहें।

बहुत दिनों आना हुआ इस कड़ियों से सुसज्जित वार्ता पर

आभार

जय हो जय - वीरू की और साथ साथ आपकी ... बढ़िया लिंक्स ... आभार दादा !

बेहद मजेदार वार्ता .....बढ़िया लिंक्स ... आभार .

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी में किसी भी तरह का लिंक न लगाएं।
लिंक लगाने पर आपकी टिप्पणी हटा दी जाएगी।

Twitter Delicious Facebook Digg Stumbleupon Favorites More