गुरुवार, 10 जनवरी 2013

आधा सच है दोनो ओर .. ब्‍लॉग4वार्ता .. संगीता पुरी

संगीता पुरी का नमस्‍कार , मेरे ब्‍लॉग पर प्रति वर्ष की तरह ही 2013 का वर्षफल भी प्रकाशित किया गया है।'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष की मान्‍यता है कि अलग अलग वक्‍त पर आसमान में अलग अलग मौजूद सभी ग्रह घडी के कांटो की तरह विभिन्‍न संदर्भों के लिए हमारा अच्‍छा और बुरा समय निश्चित करते हैं , जिसे अपने अपने लग्‍न के आधार पर काफी हद तक समझा जा सकता है और अपने कार्यक्रमों को अंजाम दिया जा सकता है। जैसे आज 10 जनवरी और कल 11 जनवरी 2013 का दिन अधिकांश लोगों के बहुत शुभ है , सुबह 5 से 7  और शाम 6 से 8 बजे तक बहुत सुखद समय है , बहुत सारे लोगों के काम बनेंगे या यहां से शुरू होंगे। आप इसे भी देखें , वर्षफल को पढें और इसकी सटीकता को जांचें , वैसे लग्‍न के अलावे जन्‍मकुंडली में मौजूद अन्‍य ग्रहों के कारण भी प्रभाव में कहीं कहीं थोडी भिन्‍नता देखने को मिल सकती है , वैसे हमने 2013 के गोचर के ग्रहों के हिसाब से सॉफ्टवेयर को अपडेट कर लिया है और जन्‍मकुंडली में मौजूद सभी ग्रहों के हिसाब से भी वर्षफल निकाला जा सकता है। अब चलते हैं आज की वार्ता पर .......


सड़कों पर आन्दोलन सही पर देहरी के भीतर भी झांकें -दिल्ली में हुए वीभत्स हादसे ने पूरे देश को हिला दिया । इसके बारे में अब तक बहुत कुछ कहा और लिखा गया है । अनशन ,धरने और कैंडल मार्च सब हुआ और हो रहा है । ...भारत बनाम इंडिया - *भारत और इंडिया, तुलना अच्छी है, पर दोनों कभी एक दूसरे के विरोधी नहीं रहे। आप क्या कहते हैं? *देश का आक्रोश समाप्त और गुस्सा हुआ ठंडा -श्रीगंगानगर-छोटे कस्बे से लेकर महानगर तक के युवाओं के आक्रोश पर कोहरा पड़ गया। व्यवस्था परिवर्तन के लिए उनके दिलों में प्रज्जवलित आग ठंडी हो गई। देश भर ज...जख्म एक भरता नहीं, जख्म कई और दे जाते हैं लोग। -*इस बेदर्द जहां में न जाने क्यों इसकदर सताते हैं लोग, * *जख्म एक भरता नहीं, जख्म कई और दे जाते हैं लोग।* * * *मरहम लगाने के बहाने तल्ख़ लफ्जों से बिंधते है...क्या करेंगे अन्ना? - मीडिया की सुर्ख़ियों में आया है कि अजमेर, राजस्थान, के पुलिस एस.पी. को अपने क्षेत्र के थानों से ‘मासिक वसूली’ के पुख्ता प्रमाणों के आधार पर गिरफ्तार कर लि...

सघन वन में सिंघा धुरवा ………… ललित शर्मा - सुबह मदिरों का भ्रमण कर रहे थे तभी शैलेन्द्र दुबे पहुंच गए। 9 बज रहे थे और अभी हमें स्नान के साथ नाश्ता भी करना था। घर पहुंच कर फ़टाफ़ट तैयार हुए और होटल ...कुत्ते - मुझे जितना क्रोध अपने पड़ोसी के कुत्तों पर आता है उससे कम पड़ोसी पर नहीं आता ! उसे इन्हें रखना तो आता है संभालना नहीं आता। जब भी मैं ताजी हवा के लिए खिड़कि..मेरा नौकरीपेशा जीवन-1 - कुछ समय के लिये घुमक्कडी से फुरसत मिली तो आज याद कर रहा हूं अपने नौकरीपेशा जीवन के बारे में। कितना उतार-चढाव भरा रहा वो समय! बल्कि उतार ही ज्यादा कहना चाहि...केवल एक युक्ति है ... - मैंने अब धारा की उस प्रचंडता को पहचान लिया है व अपने अनुरूप ही हर ढाल का भी निर्माण किया है... ये भी माना कि प्रवाह-शक्ति बड़ी मद से भरी है पर सामने भी तो क...


नहीं लौटना चाहता हूँ दम तन्हा - उन दो मामूली लोगों के लिए जिनकी याद में कीमती लोगों के मुंह पर थूकने को जी चाहता है हाँ उनके ही लिए बहुत सारे दुख उठाने होंगे लोगों को हाँ उनके ही खातिर...डॉ. कौशलेन्द्र मिश्रा की एक कविता और एक कहानी - इस बार प्रस्तुत है डॉ. कौशलेन्द्र मिश्रा की एक कविता और एक कहानी : कविता भारत की धरा पर हर कोई लिखता सफ़रनामा / आया प्रेत 'माओ' का, यहाँ अब होश में चलना ...ये फ़ितूरों के जंगल हमेशा बियाबान ही क्यों होते हैं? -काश ! मौन के ताले की भी कोई चाबी होती तो जुबाँ ना यूँ बेबस होती कलम ना यूँ खामोश होती कोई आँधी जरूर उमडी होती इन बेबसी के कांटों का चुभना … मानो रूह का ज़िन्...नारी है माता कभी - मैं सबसे अच्छा सुमन, खतरनाक है रोग। हैं सुर्खी में आजकल, दो कौड़ी के लोग।। लाज बिना जो बोलते, हो करके बेबाक। समझे जाते हैं वही, आज सुमन चालाक।। चर्चा पूरे...


दिल छीछालेदर - जब गैंग्स ऑफ वासेपुर देखी थी तो बहुत ही नये तरह के गाने सुनने मिले थे, अन्य फिल्मों से सर्वथा भिन्न। मैं कोई फिल्म समीक्षक नहीं पर तीन विशेषतायें उसके सं...एक फैसले ने डुबोई लुटिया- पाकिस्तान के हाथों एक-दिनी सीरीज गंवाने के बाद शुरू हो गया परिणाम को लेकर आकलन, विशेषकर ब्रॉडकास्ट मीडिया में तो क्रिकेट पंडित और एंकर तमाम तरह की चर्चाओं...स्वयं में भी जीवन उगता है - स्वयं में भी जीवन उगता है सबको खुश करते करते ही हँसना हम स्वयं भूल गए, सबको अपने पास किया था खुद से ही दूर निकल गए ! भय ही एक सूत्र में बांध...बाबूजी की कमी खलती है- अमिताभ बच्चन - यह इंटरव्‍यू रघुवेन्‍द्र सिंह के ब्‍लॉग से लिया गया है चवन्‍नी के पाठ‍कों के लिए.... *अमिताभ बच्चन *ने दिल में अपने बाबूजी *हरिवंशराय बच्चन *की स्मृतिय...इंटैल लायेगा विण्डोज़ ८ टैबलेटों के लिये नया क्वाड कोर ऍटम प्रोसैसर - लास वेगास में चल रहे कंज्यूमर इलैक्ट्रॉनिक्स शो में इंटैल ने अपने नये क्वाड कोर ऍटम प्रोसैसर के बारे में जानकारी दी। इस प्रोसैसर का कोड नाम बे ट्रेल है तथा...


शोहरत - शोहरत मतलब पहले दिन तो फूलों का....... सहरा और साफ़ा ! दूसरे दिन उन फूलों से कूड़े में कुछ और इजाफा ! *- वी वी शिवालकर 'कुसुमाग्रज' * *अनुवाद - गुलजार *सुनसान रस्ते - डर सा लगता है अकेले चलने में अँधियारे और तन्हा से उन सुनसान रस्तों पर । जहाँ कोई नहीं गुजरता बस एक एहसास है मेरा जो विचरता है ठहरता है और फिर चल पड़...अमन की आशा को धिक्कार है, सौ बार? -*हरेश कुमार* * * * * राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने अपनी कविता के माध्यम से देशवासियों को संदेश देते हुए लिखा था – क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल...पाक सेना का बर्बर रूप -पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर से अपनी घिनौनी हरकतों के चलते भारत को सोचने को मजबूर कर दिया है कि क्या पाक इस लायक भी है कि उसक...आधा सच है दोनों ओर - आधा सच है दोनों ओर शालिनी जी कौशिक ,आशा राम बापू जी हों ,या मोहन भागवत जी ,इसी विचार धारा के अन्य लोग हों जो ये सब लोग कह रहें हैं उसके निहितार्थ...







6 टिप्पणियाँ:

बढिया वार्ता संगीता जी, आभार

बहुत बढिया वार्ता... आभार संगीता जी...

अच्छे लिंक्स दिये हैं संगीता जी,,,बधाई,,,

recent post : जन-जन का सहयोग चाहिए...

बढिया वार्ता संगीता जी एक दम अच्छी काजल भाई तो गज़ब करते हैं..,

बहुत सुन्दर सूत्र संकलित किये हैं।

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