मंगलवार, 19 मार्च 2013

रंगीला बसंत, अलसी के फूलों ने लिया नीलापन...ब्लॉग 4 वार्ता... संध्या शर्मा

संध्या शर्मा का नमस्कार... चीन में पिछले 40 साल में 33 करोड़ से ज्यादा बच्चों को जन्म लेने से पहले ही मार दिया गया। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 1971 से लेकर 2010 तक चीन में इतने अबॉर्शन हुए हैं। जनसंख्या पर लगाम लगाने के लिए चीन द्वारा उठाए गए कदम हमेशा विवादों के घेरे में रहे हैं और हालिया आंकड़ा चौंकाने वाला साबित हो सकता है। चीन ने पहली बार जब परिवार नियोजन संबंधी कडे़ कदम उठाए थे, ये आंकड़े तब से लेकर अब तक के हैं। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर ये आंकड़े जारी किए गए थे। लीजिये प्रस्तुत है, आज की वार्ता ...

तुम----- - तुम----- अपने-अहम के बबूलों को सींचते रहे--- मेरे घर के गुलदानों को तोड...रंगीला बसंत - तेरी यादों की बालियाँ पक गयी हैं लहलहाने लगी हैं. आम पर लद रही है बौर जैसे संग है मेरा दर्द मुझे महकाता हुआ . अलसी के फूलों ने ले लिया है नीलापन .. आखिर मैं चाहती क्या हूँ - कभी कभी फ़ुर्सत के क्षणों में एक सोच काबिज़ हो जाती है आखिर मैं चाहती क्या हूँ खुद से या औरों से तो कोई जवाब ही नहीं आता क्या वक्त सारी चाहतों को लील गया है ...

रेल और जेल ........... - *रेल और जेल ........... भारतीय रेल और भारतीय जेल दोनों को पहली बार देखने पर कलेजा मुंह को आता है । दिल भारी हो जाता है और माथे पर पसीना चुहचुहाने लगता है ।...  .साईबर हमलों से निपटने को कितने तैयार हैं हम - प्रसिद्ध होलीवुड फिल्म डाई हार्ड फॉर के कथानक में एक ऐसी काल्पनिक समस्या का जिक्र किया गया है जब अमेरिका के इंटरनेट पर एक अपराधी समूह का कब्ज़ा होता है और...यथार्थ - कई बार आदमी जैसा सोचता है, वैसा हो नहीं पाता है. ये कहानी हरसहाय भाटिया और उनकी अर्धांगिनी सुनयना भाटिया की है, जिन्होंने जीवन की दौड़ जीरो से शुरु की थी ...

छत्तीसगढ़ की वाचिक परम्परा में इतिहास और संस्कृति" विषय पर आयोजित सेमीनार - डॉ.रमेन्‍द्रनाथ मि‍श्र राहुल सिंह श्री राहुल सिंह जी का आधार व्‍यक्‍तव्‍य डॉ;सुशील त्रि‍वेदी का अभि‍भाषण डॉ.रमेन्‍द्रनाथ मि‍श्र के वि‍चार  ...जीने का अधिकार मिला है - एकाकी कक्षों से निर्मित, भीड़ भरा संसार मिला है, द्वन्दों से परिपूर्ण जगत में, जीने का अधिकार मिला है ।। सोचा, मन में प्यार समेटे, बाट जोहते जन होंगे, ...दस लाख डॉलर प्रतीक्षा में हैं - इस चिट्ठी में, रीमैन अनुमान के महत्व की चर्चा है। यह चित्र मेरा नहीं है पर इनके चिट्ठे से लिया गया है गणितज्ञों का सबसे महत्वपूर्ण अन्तराष्ट्रीय सम्मेलन ...  

होली है ! - होली है ! लो फिर आ गया रंगों का त्योहार उमंगों-तरंगों में डूबने का वार पर न जाने किसने रोक रखी है भीनी फुहार ललक नहीं दिखती गाल रंगाने की ... होली न सुहाय - ना कर जोरा जोरी सांवरे छोटा लालन रोवत है भए लाल गाल गुलाल से नन्हां देवरिया डरपत है | मैं तेरे रंग में रंगी भीगी चूनर सारी फिर काहे की जोरा जोरी ना ..पलाश से संवाद ! - . ... 

मोटापा घटाने के लिए कुछ आयुर्वेदिक उपाय !! - मोटापे को लेकर कई लोग परेशान रहतें हैं और इससे छुटकारा पाना चाहतें हैं ! कुछ उपाय ढूंढकर उनको प्रयोग में लातें हैं लेकिन कई बार ऐसा देखा गया है कि हर उपाय... कुण्डलिया - बूढ़े-बूढ़े शेर - घिसे दाँत के बाघ हों, बूढ़े-बूढ़े शेर। तो गीदड़ काहे नहीं, करता फिरे अँधेर॥ करता फिरे अँधेर, लोमड़ी का घरवाला, छापें सब अखबार, झूठ भर मिर्च-मसाला। ...मेरठ का हूं, औकात पर आ गया तो... - *मेरठ का हूं, औकात पर आ गया तो कुकड़गांव बना दूंगा..*. जॉली एलएलबी फिल्म में ये डॉयलॉग सुना तो अपने शहर मेरठ का मिजाज़ बड़ी शिद्दत के साथ याद आ गया....

दीजिये इजाज़त नमस्कार.......

10 टिप्पणियाँ:

संध्‍या जी, काफी श्रम से जुटाए हैं आपने लिंक्‍स। आभार।

............
बीमारियों से लडने की चमत्‍कारिक तकनीक...

बढिया वार्ता संध्या जी…… आभार

बहुत ही सुन्दर सूत्र..

कार्टून अच्छा लगा |मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |
आशा

बहुत अच्छी वार्ता संध्या जी...
आभार
सस्नेह
अनु

सुन्दर वार्ता लिंक !!
आभार !!

बहुत बढिया वार्ता
अच्छे लिक्स

बेहतरीन लिंक्‍स संयोजित किये हैं आपने ... आभार

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