मंगलवार, 14 सितंबर 2010

कुत्तों से भी अंगरेजी में बोलते हैं--हिंदी दिवस पर---ब्लॉग4वार्ता---ललित शर्मा

सबसे पहले हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं एवं बधाई---जलवायु में होता हुआ परिवर्तन अब दृष्टिगोचर होने लगा है और स्पष्ट रुप से भी दिखने लगा है। गर्मी बढ रही है, जल का स्तर लगातार कम होता जा रहा है। होली के बाद पानी के लिए त्राहि त्राहि मचने लगती है। बरसात भी विलंब से आने लगी है। गर्मी भी जोरों से पड़ती है। कुल मिलाकर बदलाव जारी है। वायु की शुद्धता कम होने लगी है।फ़सल की पैदावार भी कम होने लगी है। पर्यावरण दुषित होने का परिणाम है। इसलिए पर्यावरण को बचाना बहुत जरूरी है।पर्यावरण को बचाने के लिए पानी और बिजली का कम से कम उपयोग करें। अब चलते हैं आज की ब्लॉग4वार्ता पर......
"जल जो न होता तो ये जग जाता जल"जल संरक्षण महाभियान पर विशेष ** चांदी सा चमकता ये नदिया का पानी , पानी की हर बूंद देती जिंदगानी ! अम्बर से बरसे जमीन पर मिले , नीर के बिना तो भैय्या काम ना चले ! ओ मेघा रे.......... जल जो न होता तो ये जग... कुत्तों से भी अंगरेजी में बोलते हैं.१४ सितम्बर...हिंदी दिवस...हिंदी का उत्सव... इस पर वर्षों से कुछ न कुछ लिखता ही रहा हूँ. लिखे बिना मन भी तो नहीं मानता. कुछ लिखना शुरू करूंगा तो बात लम्बी हो जायेगी इसलिए अपनी बात कहने के लिये दो कविताएँ प..

अस्पताल -अस्पताल जहाँ , आशा निराशा की आँख मिचौली में झूलती है जिंदगी । कभी, भंवर से निकल साहिल से मिल झूमती है जिंदगी । कभी, मंझधार में फंसी डगमगाती कश्ती सी लगती है जिंदगी । जहाँ , उम्मीदों की हज़ारों ख्वाहिश...मोहब्बत ...दर्द...और हँसी ज़िन्दगी अपनी चीखों से निजात पाने के लिए कई बार मुस्कराहट का नकाब ओढ़ लेती है ......और जब कभी तन्हाई में ये नकाब उतारती है तो हंसी मुआवजा मांगने लगती है ...ऐसे में भला मैं उसे क्या देती ....बस ये नज्में उत....

सबसे पहली पोस्ट लेते हैं डॉक्टर महेश परिमल की वे कहते हैं क्या कहती है प्रधानमंत्री की सख्ती?अक्सर यह कहा जाता है कि जो खामोश तबियत के होते हैं, उनके गुस्से से बचना। इसे सच कर दिखाया है हमारे प्रधानमंत्री ने। इस बार तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को भी नहीं छोड़ा। इससे लगता है कि अब ह...घर आये गणपति बाबाफिर से आये हमारे द्वार गणपति बाबा जी, आरती उतारूँ बारम्बार गणपति बाबा जी। आप आये तो रौनक लागी रोज मनाये त्यौहार गणपति बाबा जी। हम तो बालक भोले भाले कैसे कर सत्कार गणपति बाबा जी। 

चकल्लस.आज कल सब कुछ फिक्स हे बैसे ये फिक्सिंग शब्द क्रिकेट से शुरू हुआ कॉमनवेअल्थ गेम से होता हुआ इस साहित्य में भी आ पहुंचा जहाँ तक प्रोफ़ेसिओनलिस्म कि बात हे वहा तक तो ठीक हे, लेकिन जहा सिर्फ लोग शौक पूरा ...अच्छे ब्लॉग लेखन के लिए जरूरी हैपिछले दो पोस्ट में मैंने ब्लॉग लेखन से संवंधित कुछ महत्वपूर्ण पहलूओं पर प्रकाश डाला, किन्तु जब अनुशासन की बात आई तो एक ब्लोगर जिनके नाम का उल्लेख उचित नहीं है, ने बेनामी टिपण्णी करके तर्कहीन बातें की . उ...

मुन्नी बदनाम और बाम की बिक्रीआयटम सांग से फिल्में हिट होती हैं इसका ताजा उदाहरण दबंग फिल्म है। मुन्नी बदनाम हुई, मलायका अरोड़ा के प्रोमो से दबंग का जिस तरह क्रेज बढ़ा उसका नतीजा है कि सिनेमाहॉल में शुक्रवार को भारी भीड़ इक_ा हुई जो सल...बारिशकभी तो ये आंगन छिडकती है बारिश कभी पेड-पौधे धुलाती है बारिश । कभी तो झमाझम बरसती है बारिश और मोर छमाछम नचाती है बारिश । बादल के ढोलक बजाती है बारिश कभी बिजली में नाचती है ये बारिश । पवन में कभी सनसनाती है ब...

कुछ शामें और आज का दिनमालूम तो था ही कि आ रहे हैं मगर कहाँ और कब मिलेंगे, यह आकर बताने वाले थे. गुरुवार की सुबह बात हुई कि शुक्रवार की शाम को ७ बजे सिनेमा देखकर फुरसत होंगे, तब आ कर ले जाईये. टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्...ताऊ पहेली - 91 (Bhoram Dev Temple-Chattisgarh) विजेता : श्री समीरलाल ’समीर’प्रिय भाईयो और बहणों, भतीजों और भतीजियों आप सबको घणी रामराम ! हम आपकी सेवा में हाजिर हैं ताऊ पहेली 91 का जवाब लेकर. कल की ताऊ पहेली का सही उत्तर है Bhoram Dev Temple-Chattisgarh और इसके बारे मे संक्षिप्त ...एक निवेदन महेन्द्र मिश्र जी का

कह ना सकेंगापलकें उठी उठ कर झुकी पल में सावल करती कई न मिली नज़र कभी कही पर नज़र में बस हरसू वही न नाम तो लिया मगर हर बात में वही वही दिल जाने वो नहीं कहीं फिर भी ढूंढे उसे इधर उधर उसके नाम से हर शाम ढले उसी...दिल्ली, बाढ़ और अटल बिहारी बाजपेई की सरकार...अटल बिहारी बाजपेई जी की सरकार के समय एक बड़ी महत्वाकांक्षी योजना बनाई गयी थी और वह योजना थी नदियों के आपस में जोड़ने की. जिसका यह उद्देश्य था कि देश की सभी बड़ी नदियों को आपस में जोड़ दिया जाता जिससे कि पूरे द...

राजभाषा एक वचन लेना ही होगा एक वचन लेना ही होगा संगीता स्वरुप आज हम स्वतंत्र भारत के नागरिक जब स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं ध्वज में चन्द पुष्प रख राष्ट्रध्वज फहराते हैं यह देख अक्सर एक ख्याल आता---गीत मेरे मैं पूर्ण हुई ...सम्पूर्ण हुईगीत मेरे मैं पूर्ण हुई ..सम्पूर्ण हुई मिचमिचाती अधमुंदी पलकों में सपनीले मोती जमागाये मेरी सूनी गोद भर आई जब यह नन्ही कली मुस्कुराई मैं अकिंचन हुई वसुंधरा ब्रह्माण्ड मेरी गोद में समाया रीता था

चलते चलते एक व्यंग्य चित्र


अब देते हैं वार्ता को विराम--अगर दांत दर्द ठीक कराना है तो डॉक्टर का रास्ता यहां से है:)

सोमवार, 13 सितंबर 2010

छिछोरों से मुखातिब-निकलेंगे फिर जुल्म मिटाने--ब्लॉग4वार्ता---ललित शर्मा

नमस्कार, मित्रों पर्युषण पर्व मनाया गया। यह क्षमा-याचना का पर्व है। अपने जाने अनजाने में की गयी भूल या गलती के लिए  क्षमा मांग लेना भी एक बहुत बड़ा कार्य है। क्षमा वीरस्य भूषणम् कहा गया है। विगत 365 दिनो मे जाने अनजाने, आपके दिल को दुखाया हो तो मैं पर्युषण महापर्व का आज संवत्सरी का प्रतिक्रमण करते हूए मन से, वचन से, काया से, सरल हृदय से, खमत-खामणा करता हूँ, क्षमा मांगता हूँ. अब चलते हैं आज की ब्लॉग4वार्ता पर और चर्चा करते हैं आज के कुछ उम्दा चिट्ठों की.......


ईद … जरूरत … रवायत … और पाइथागोरसआज ईद भी है और गणेश चतुर्थी भी … कहीं कहीं हरतालिका तीज भी … इन सब के लिए पूरे देश को शुभकामनाएँ …. कल सपत्नीक बाजार का रुख किया तो रास्ते में ही पता चल गया कि त्योहारों का मौसम आ गया है …. बाजारों में कप...शर्त जीतने हेतु उस वीर ने अपना सिर काटकर दुर्ग में फेंक दियाबिंधियो जा निज आण बस, गज माथै बण मोड़ | सुरग दुरग परवेस सथ, निज तन फाटक तोड़ || अपनी आन की खातिर उस वीर ने दुर्ग का फाटक तोड़ने के लिए फाटक पर लगे शूलों से अपना सीना अड़ाकर हाथी से टक्कर दिलवा अपना शरीर शूलो...

14 को चेन्नई में सजेगा भव्य दरबार राजभाषा हिन्दी का - मैं तो जा रहा हूं...........आप भी चलो !फिर आ गया है हिन्दी दिवस ! हिन्दी सप्ताह ! हिन्दी पखवाड़ा ! अर्थात हिन्दी कवियों के लिए नये सीज़न का श्रीगणेश ! इस बार अपना हिन्दी दिवस अहिन्दी भाषी प्रदेश तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में मनेगा और ध...ईद पर भी हिंसाकश्मीर में जिस तरह से अलगाव वादी नेता अपने काम को अंजाम देने के लिए भोले भले लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं वह किसी भी तरह से उचित नहीं कहा जा सकता है. ऐसा नहीं है की कल ईद के दिन आम कश्मीरी इस ख़ुशी के त्यौ...

आदिवासियों को कौन पूछता है...छत्तीसगढ़ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन गडकरी कहने को तो प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में आए थे और वे यहां रमन सिंह के चक्रव्यूह में उलझकर रह गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच से आदिवासी नेता विधायक सांसद त...सुनहरा धोखा रक्तिम उषा, स्वर्णिम अरुणोदय, रवि की चमक-दमक, चन्द्र-रजत की ललक, उष्ण-शीत दिवस, झर झर झरता पावस, इन सबमें पलता मानव, कभी दिव्य, कभी दानव। अहं त्वं अन्य का जाल, क्ष...

सभी छिछोरों से मुखातिब हूं .........कुछ भी पढने से पहले आप ये पोस्ट पढ लीजीए । ..और इसके बाद ..अंदाज़ा लगाईये कि ....इसके बाद जब ये पोस्ट आई है ...तो स्थिति कैसी होगी मेरी .........। तो मैं आप सबको और साथ ही उन तमाम छिछोरों को भी बताता चलूं...पिंजरे में बंद एक पक्षीकभी स्वतंत्र विचरण करता था , चाहे जहां उड़ता फिरता था , जीने की चाह लिए एक पक्षी , जब पिंजरे में कैद हुआ था , बहुत पंख फड़फड़ाए थे , खुले व्योम में उड़ने के लिए , मन चाहा जीवन जीने के लिए , अपनों से मिलने के लिए...

मिलनआओ इस हिंदी दिवस पर अंग्रेजी का बहिष्कार न करके उसे ढूध में चीनी की तरह मिला के देखें एक प्रयोग *मिलन * मैंने सीखा है suffer ........ करना जीवन के इस छोटे से सफ़र से सौ बार तुझे चाहा पर रही ba...“700 वाँ पुष्प” “भारत माँ के मधुर रक्त को, कौन राक्षस चाट रहा?” *आज देश में उथल-पुथल क्यों, क्यों हैं भारतवासी आरत? कहाँ खो गया रामराज्य, और गाँधी के सपनों का भारत? आओ मिलकर आज विचारें, कैसी यह मजबूरी है? शान्ति वाटिक...

शिवाला में धारा पाठशिवाला में भादो अमावस्या पर मुखिया श्री मनोज कुमार मिश्र ने धारा पाठ का आयोजन किया। तस्वीर में हवन में आहूति देते दिख रहे हैं श्री मनोज कुमार मिश्र। **फोटो : रोशन मिश्र* अखबारों में खबरें अधूरी क्यों होती हैं?दैनिक भास्कर के कोटा संस्करण ने स्थानीय नगर निगम के बारे में खबर प्रकाशित की है*, " तंगी में भी बदहाली" *। यह किसी घटना से उपजा समाचार नहीं, अपितु नगर निगम कोटा की कार्य प्रणाली से संबद्ध कुछ सूचनाओँ से ...

मेरा प्यारा साथी २आप सभी का धन्यवाद, सब की शुभकामनायें शायद हेरी के काम आ जाये, लेकिन अभी तक हालत ठीक नही, आज तो सुबह से ही इसे पेशाब नही आ रहा, आधी रात के बाद बेचेन था, अब थोडा आराम से बेठा है, दवा तो इस की चल रही है, देख...आदमी की तरह चलता कुत्ता और तुम्हें मेरी याद भी नहीं आती.. हुँहसुबह से कुछ लिखने का जी किया आज... बस टाइप करता चला गया.. बाद में देखा तो ये बना... अब जो बना सो बना.. पर सोचता हूँ आपको दिखा ही दूँ.. काश तुम्हारी याद होती कोई बिल्ली जब भी वक़्त बे-वक़्त दिल-ओ-दिमाग क...

संत घिरे स्टिंग ऑपरेशनों मेंएक बार फिर संत आसाराम बापू विवादों के घेरे में नजर आ रहे हैं। अकेले बापू ही नहीं कुछ और भी नामी प्रवचनकारों का स्टिंग किया गया और लगातार दिखाया जा रहा है ।* *एक टीवी न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में बापू... मौत तू एक कविता है...प्रिय ब्लॉगर मित्रो * *प्रणाम !* *कैसे है आप सब ? लीजिये एक बार फिर हाज़िर हूँ* *काफी अंतराल के बाद आज फिर आपकी ख़िदमत में उपस्थित हूं |* *दोस्तों, आप सभी के लिए १९७० की मशहूर फिल्म आनंद की ये दिल को छू... 


कुछ मीठा हो जाए....आकाश में उडते बादलों को देखकर आकाश में उडते बादलों को देखकर यह खयाल आया..... ओ लै छाता तो मैं घर में ही भूल आया 2. राहे-राह सी तुरिया जांदा रा... निकलेंगे फिर जुल्म मिटानेजो प्रतिबद्ध हो कर लिखते है, उनके लिये रचना परिवर्तन का माध्यम होती है.कोशिश करता हूँ कि कुछ ऐसा लिखूं,कि लोग उसे कुछ समय तक तो याद रख सकें. लेकिन ऐसा सौभाग्य कम लोगों को ही मिल पाता है. फिर भी मेरा काम ह...

कबिता : चंदारोज रात के आवै चंदा, अउ अंजोर बगरावै चंदा। सुग्घर गोल सोंहारी बनके, कतका मन ललचावै चंदा। होतेच संझा चढ़ अगास मा, बादर संग इतरावै चंदा। डोकरा कस फेर होत बिहनिया, धीरे-धीरे जावै चंदा। तरिया पार के मंदिर ऊपर, च...जय हो - सुशील ने कुश्ती में लिखा नया इतिहासबीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार ने रविवार को सफलता का एक और इतिहास रच दिया। उन्होंने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के खिताबी जंग में स्थानीय खिलाड़ी गोगाएव अलान को 3-1 से हराया। यह उपलब्ध...

ब्लॉगिंग का इतना ही फ़साना है.ब्लॉगिंग की हर शह का इतना ही फ़साना है,* *इक पोस्ट का आना है, इक पोस्ट का जाना है...* *कहीं टिप्पणियों का टोटा, कहीं खजाना है,* *ये राज़ नया ब्लॉगर समझा है न जाना है...* *इक सक्रियता के फलक पर टिकी हुई य...इक फासले के दरम्यान खिले हुए चमेली के फूल रसोई की खिड़की से उन पर हल्की सफ़ेद रौशनी पड़ रही थी. वे चमेली की बेल पर लगे हुए फूल थे. दूधिया जुगनुओं की तहर चमकते हुए. बेल जो झाड़ी जैसी हो गई थी. जरा उचक कर गौर से देखो तो लगता था कि रात की स्याही में उ...



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वार्ता को देते हैं विराम--मिलते हैं ब्रेक के बाद--कल की पहेली का हल देखने यहां पर जाईए---

रविवार, 12 सितंबर 2010

टिप्पणीयां मेनका तो नहीं--परायी जुल्फों का मोह-- ब्लाग4वार्ता--ललित शर्मा

नमस्कार, आज दिन भर बधाईयों का तांता लगा रहा, कई त्यौहार एक साथ ही आ गए। अल सुबह ही हमारे मित्र ने फ़ोन खड़का कर ईद की मुबारक बाद दी। उसके बाद गणेश भगवान की स्थापना करना था। उसकी तैयारी हुई और स्थापना की गई। कल तीजा का त्यौहार था। सभी बेटी माई घर घर मिलती रहीं आज जाकर। कुल मिला कर दिन बढिया बीत गया। अब चलते हैं आज की ब्लाग4वार्ता पर .....

गणेश चतुर्थी और ईद की समवेत बधाई----------अल्पना गणेश चतुर्थी और ईद की बधाई *गणपति बप्पा मोरिया* *ईद मुबारक* आर्ट गैलरी .....................श्री गणेश चतुर्थी ,तीज और ईद की त्रिवेणीभारत भूमि पर प्रेम , विश्वास और श्रध्दा की त्रिवेणी * आज गणेश चतुर्थी का पावन पर्व है , आज तीज भी है, यह सुहागनों के कठोर व्रत का पर्व है .जिन सुहागनों ने कल तीज का पर्व मनाया वे आज व्रत तोड़ेंगी .कुछ ...मेरे प्रभु गणपतिचरणों में नेह छुआ वंदन करूँ जगतपति आए फिर अबकी बार मेरे प्रभु गणपति सकल संसार में प्राणप्रिय सबके तुम भाग्य विधाता गुणी तुम अद्भुत विलक्षण जगत पालक परम ज्ञाता अस्मिता के तुम ही श्री हो प्राण बसे तुम्हीं..

मेरा प्यारा साथी यह चित्र है हमारे प्यारे प्यारे हेरी का, जब यह दो महीनो का था तभी से हमारे यहां है, हमारे बच्चो के संग ही बडा भी हुया, सभी बच्चो का बहुत प्यारा है, छोटे बच्चे तो इसे बहुत तंग भी करते है, तो उस समय यह मेरे.ताऊ पहेली - 91प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम. ताऊ पहेली *अंक 91 *में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते ही हैं क...नशे के जाल में गुम युवा वर्ग....भारतीय समाज हमेशा से ही पूरे विश्व के लिए एक आदर्श और कौतुहल रहा है !सयुइंक्त परिवार में रहने वाले बच्चे बहुत ही संस्कारशील होते है !इसी करण हमारे युवा काफी समय तक कुरीतियों से दूर रहे और अपने आप को नशे...

कुत्ते से करिये मालिक की पहचान !दिये गये शीर्षक पर कुछ लिखने से पहले एक छोटी सी भंडास निकालना चाहुंगा. आप घबराइये नही, यह भंडास अथवा बद्दुआ मैं उन निर्लज बेशर्मो पर निकाल रहा हूं जिन्होने आम दिल्ली वालों का जीना पिछले एक दशक से दुभर कर ...परायी जुल्फों का मोह एक वरिष्ठ फिल्म समीक्षक से बात हो रही थी। उन्होंने श्रीदेवी के घर आयोजित हुई एक पारिवारिक दावत का जिक्र किया, जिसमें उनके पति बोनी कपूर, अनिल कपूर, कुछ खास सिनेमा और सिनेमा से इतर मित्रों की उपस्थिति के बी...ध्यान बंटाने के मामले में टिप्पणीयां मेनका तो नहीं ...... पर मेनका से कम भी नहीं..........सतीश पंचमआप सोच रहे होंगे अभी चंद लम्हों पहले एक पोस्ट लगाई थी तो अभी क्या कारण है कि तुरत फुरत नई पोस्ट लानी पड़ गई। 

रेगज़ार हाँ,ये नहीं हुआमैं नहीं करता शिकवा वक़्त से नहीं हूँ नाराज़ किस्मत से रूठा नहीं हूँ भगवान् से मैंने इन से तो नहीं माँगा था तुम्हें मैंने तुम से माँगा था वक़्त तुम से चाही थी क़िस्मत---पंजाबी लघुकथा फोड़ा जगरूप सिंह किवी राम गोपाल का बेटा कंवल चार लड़कियों के बाद पैदा हुआ था। इस कारण ही वह सारे परिवार का लाड़ला था। बहुत लाड़-प्यार के कारण कंवल बुरी आदतों का शिकार हो गया। लेकिन ---मीडिया है कमालमेरे दिल से मीडिया...यारों चीज बड़ी है कमाल यहां बिछा है हर जगह खबरों का ही मायाजाल संपादक रहते हैं हमेशा बेहाल उन्हें रहता है अक्सर खबरों का ही मलाल सुबह-शाम उठते-बैठते हर वक्त उन्हें आते.

मन की लहरें समाजीकरण एक बंधनशुद्ध तरल प्रवाही चेतना लिए बालक सृष्टि से उभरकर मानव समुदाय में अवतरित हुआ उसके कानों में मानवी परिधि यानी माँ –बाप परिजनों ने अपना मंत्र फूँकना शुरू किया उसकी आँखों में अपनी..चित्रावली उल्लूफोटोग्राफी एक कला है और उस कला को देखने-समझने के लिए गहरी आंखें होनी चाहिए हर फोटोग्राफ अपने आपमें कुछ न कुछ बोलता है नेट सर्फिंग के दौरान विभिन्न साइट्स से लिए गए ये चित्र---आखिर कब तक..अब मैं नहीं हम आखिर कब तक लाल बहादुर शास्त्री स्वतंत्र भारत के दूसरे प्रधानमंत्री ने समृद्ध भारत के लिए एक सूत्र दिया था जय जवान-जय किसान ...पर किसान आज तक भी कर्ज के बोझ के तले दबे आत्महत्या कर रहा है.

निरंतर की आशिकी मेंडा.राजेंद्र तेला निरंतर कब दिल खुश रहा किसी आशिक़ का आशिक़ी में दिल बरबाद होता है हर आशिक़ का आशिक़ी में चैन से सोता नहीं कोई आशिक़ आशिक़ी में निरंतर इस डर में जीता है आशिक़ आशिक़ी---अयोध्या का फैसलाक्या होगा शायद वो इतना जरूरी न हो क्यूंकि इस केस में कोर्ट क्या कहता है से ज्यादी जरूरी चीज़ शायद धर्म के आका बनके बैठे कुछ संगठन क्या राय देते हैं होता आया है ऐसे संगठन---घुरूवा एक नानवेज टाईप पोस्‍ट क्षमा सहित संजीव तिवारी लगभग पांच साल पहले मैं अपने एक होटल प्रबंधक मित्र के साथ मुम्‍बई गया था हम दोनों को एक कम्‍पनी में काम था। मुझे एक संस्‍था के वाणिज्यिक परिसर में उक्‍त .

खुशवंत सिंह का मानसिक दिवालियापन .९० साल से ज्यादा के हो गए खुशवंत सिंह शायद अपना मानसिक संतुलन खो बैठे है या सस्ती लोकप्रियता का बुखार उन्हें चढ़ गया है . आज उन्होंने अपने साप्ताहिक लेख जो हिन्दी में ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर के ना...जीवन के पल हर गुजरा पल इक याद छोड़ जाता है , उस याद के भरोसे इक आस छोड़ जाता है , आस के बहकावे में इक सांस छोड़ जाता है , सांस की परछाई में इक घुटन छोड़ जाता ह...एक विचार कभी-कभी आत्मा के गर्भ में,* *रह जाते हैं कुछ अंश-* *दुखदायी अतीत के,* *जो उम्र के साथ-साथ,* *फ़लते-फ़ूलते-* *लिपटे रहते हैं-*

चलते चलते एक व्यंग्य चित्र






अब ब्लाग वार्ता को देते हैं विराम और हम जाते हैं हमीर पुर की सुबह देखने राम राम

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शनिवार, 11 सितंबर 2010

ठेठरी खुरमी--गणेश चतुर्थी--ईद मुबारक--काहे नही टिपियाएंगे

आज दो प्रमुख त्यौहार साथ-साथ है ईद और गणेश चतुर्थी। आप सभी को गणेश चतुर्थी और ईद की शुभकामनाएं। हर्षोल्लास से मिलकर प्रेम से त्यौहार मनाएं। ब्लाग जगत में भी इन त्यौहारों पर शुभकामनाओं की धूम हैं। बधाईयाँ बाँटी जा रही हैं और ग्रहण की जा रही हैं। अब चलते हैं ब्लागनगरिया की सैर पर और आनंद लेते हैं कुछ उम्दा चिट्ठों का, श्री गणेश करते हैं आज की ब्लॉग4वार्ता का...........

सबसे पहले चलते हैं सिणगार ...... म्हारी लेखणी सूं पर यहाँ किरण राजपुरोहित जी ने एक गीत सजाया है"वीरोवीरो गीत बैन पूछे- वीरा ओ कटोड़ा री बाळद सइया उमरीजै वीरा ओ कटोड़ा में घूरिया रे किसाण? जामण रो जायो आवियो जी !! वीरा पडूत्तर देवे- बाई ऐ बासनीगढ़ सूं बाळद सईंया उमरीजी बाई ऐ खाराबेरा गढ में घूरिया रे किस..कह रहे हैं.नज़रें हटा कर दिखाओ तो जानें...खुशदीप.तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती, नज़ारे हम क्या देखें...* 1975 में आई फिल्म *कभी-कभी* का ये गाना शायद आपको भी याद हो...वक्त बदल जाता है, नज़ारे देखने का अंदाज़ भी बदल जाता है...जिस चेहरे से आदमी की नज़र नहीं...

श्री गणेश चतुर्थी 11 को ; शुभ कामनाएँश्री गणेश चतुर्थी 11 को , पढ़िए - *भाग्योत्कर्ष* ब्लॉग की नगरी मा कुछ हमारा भी हक़ होईबे करी ...काहे नही टिपियाएंगे??ब्लॉग की नगरी मा कुछ हमारा भी हक़ होईबे करी ...काहे नही टिपियाएंगे?? अभी कुछ दिनों पहले चिट्ठाजगत के धडाधड टिप्पणियां कॉलम में में बहुत सारी टिप्पणियों पर अपने ब्लॉग का पता देखा तो मारे डर के हालत खस्ता हो ...3.7 एक त्रासद वापसी आजाद हिन्द फौज के कर्नल (डॉ.) आर.एम. कासिवाल के शब्दों में इम्फाल-कोहिमा अभियान का आकलन: *“* *हमारी सेना ने सहयोगी सेना के साथ मिलकर मणिपुर सेक्टर में ब्रिटिश ताकतों को काफी पीछे तक धकेल दिया था। हमारे क...

कठफोडवा और ठेठरी खुरमी पिछले कुछ दिनों से मेरे घर के बागवानी के लिए सुरक्षित रखे गए स्‍थान में एक सूखी लकड़ी पर एक चिडि़या लगातार चोंच मार रही थी, मेरा पुत्र उसको उत्‍सुकता से देखता था और उत्‍सुकता के कारण मुझसे उसके संबंध में ...चाँद का दीदार ईद मुबारक *आ*ज ईद है,चाँद नहीं दिखा इसलिए ईद का पर्व 11 सितम्बर को मनाने का ऐलान किया गया है, ईद के अवसर पर गूगल से चाँद की बहुत ही प्यारी एवं मनमोहक तस्वीर प्राप्त हुई है,आइये इस तस्वीर से चाँद का दीदा...

"ईद मुबारक" एहसासात... अनकहे लफ्ज़.पर--सभी स्वजनों को* "ईद मुबारक"*, मित्रों, दुनिया में हर इंसान का सबसे बड़ा धर्म और कर्म अपने ज़मीर को, दिल को तथा अपनी रूह को पाक और साफ़ रखना है...* *** *"नैरंगिए नज़र है, दुनिया तो फ़क़त फानी है, * *इक रूहे प...जवान कांवडीया चल बसा रास्ते में-सुबह5 बजे उठकर स्नान किया और नास्ता करके 6 बजे सबने पूजा करके जल उठाया और रामपुर की ओर चल पड़े। मैं और दिनेश यात्रा में आगे ही चल रहे थे। तभी रामपुर में एक होटल से हमे किसी ने पुकारा, देखा तो देवी और नीनी म...

ईद की शुभकामनाएं कल मनाये जाने वाले भाई चारे ,प्यार, सदभावना व प्रेम के त्यौहार ईद की आप सभी बलॉग प्रेमियों व सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं,बधाईया साथ ही गणेश चतुर्थी पर्व की अग्रीम बधाईया मेरे न..दिनेश जोशी, आपकी याद आ रही है.अब उस बात को बीस साल हो गए हैं. वे फाके के दिन थे. शाही समौसे और नसरानी सिनेमा की दायीं और मिलने वाली चाय के सहारे निकल जाया करते थे. उन्हीं दिनों के प्रिय व्यक्ति दिनेश जोशी कल याद आये तो वे दिन भी बेशुमा...

गणेशोत्सव - 1934श्री गणेशाय नमः। सर्वविदित है कि मुख्‍यतः पेशवाओं में प्रचलित गणपति पूजन को सन 1893 में तिलक जी ने समानता, एकता और ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरोध का सार्वजनिक उत्सव बना दिया। छत्तीसगढ़ में इस उद्देश्य-पूर्त...देश की आवाज़ बन गए डॉ. रमन सिंह !क्या आपको छत्तीसगढ़ के अमर शहीद वीर नारायण सिंह के महान संघर्ष और बलिदान की अमर कहानी याद है ? अगर नहीं, तो जरा इतिहास के पन्नों को पलटकर पढ़ लीजिए। आपको यह मालूम हो जाएगा कि कैसे डेढ़ सौ साल पहले 1856 में छ...

ईद मुबारक!सभी मित्रों एवं शुभचिंतकों को ईद की बहुत-बहुत मुबारकबाद। अल्लाह से दुआ है कि यह ईद ना केवल हिंदुस्तान में बल्कि पूरे आलम में चैन-अमन एवं खुशियां लेकर आए....... आमीन!* वैसे तो ईद का मतलब त्यौहार होता है ...मटुकनाथ और जूली की प्रेमसाधना बनाम प्रभु चावलालव गुरू मिस्टर मटुकनाथ और उनकी प्राणप्यारी प्रेमिका जूली इन दिनों चर्चा में नहीं हैं . अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों शायद भूमिगत रह कर प्रेम-साधना कर रहे हैं . उधर नित नये स्वांग रच कर दुनिया में तमा..

साँप - सीढी बचपन में खेल कर सांप - सीढ़ी का खेल सीख लिया था ज़िंदगी का फलसफा . खाने - दर - खाने चलते हुए मानो बस ज़िंदगी चलती सी ही है . और जब आ जाती है सीढ़ी कोई तो समझो ज़िंदगी में कोई खुश...
गुब्‍बारा चालिस करोड़ का ....जी हां, देख लीजिए गुब्‍बारा......... जो चालिस पैसे नहीं... चालिस रूपये नहीं...चालिस हजार नहीं... चालिस लाख नहीं... पूरे चालिस करोड़ का है जी.सेठिया जी री आवाज़ल्यो सुणो, जनकवि कन्हैयालाल सेठिया जी सूं वां री चावी रचना 'पातल'र पीथळ'। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हनुमानगढ़ संगम रा प्रधानाचार्य श्री हरिकृष्ण आर्य रै विशेष आग्रह पर आ कविता बरस 2008 में सेठियाजी फोन...

मिस्टर डान एंड मिसेज डान आर कमिंग टू टाउन ... मिस्टर डान एंड मिसिज डान..हाल-फिलहाल आज माँ-बाबा पहुँच रहे हैं कनाडा, पूरे तीन साल बाद उनको देखना होगा और मेरी बिटिया मिलेगी उनसे पूरे १५ साल बाद, देखना चाहती हूँ क्या दृश्य होगा, एक हफ्ते से ही डर रही..ब्लॉग का जन्मदिन और ५० वी पोस्ट की गिफ्ट !!प्रिय ब्लॉगर मित्रो , प्रणाम ! आज कुछ खास नहीं बस यह बताना चाहता था कि आज आपके इस ब्लॉग ने १ साल पूरा कर लिए है और यह पोस्ट इस ब्लॉग की ५० वी पोस्ट है | इस डबल ख़ुशी के मौके पर आप सब को बहुत बहुत बधाइयाँ ...
 
मानव मूल्यउपरोक्त रचना फेसबुक मित्र श्री हरिकृष्ण लाल सचदेव द्वारा ज्ञान दर्पण पर प्रकाशनार्थ भेजी गयी जो आपके सम्मुख प्रस्तुत है संघर्ष एवं क्षत्रिय | pc to phone काल करे जी मेल के द्वारा ताऊ अस्पताल में बाबाश्र...ईद मुबारक सभी को ईद की मुबारकबाद ।यह सुंदर और विहंगम दृश्य , जो आप देख रहे हैं ,यह पवित्र शहर मक्का स्थित सबसे बड़ी मस्जिद का है । यहां २९ अगस्त को हजारों की संख्या में मुस्लिम लोग एकत्रित हुए और रमजान की नमाज अदा ...
 

चलते चलते व्यंग्य चित्र




वार्ता को देते हैं विराम-सबको राम राम--मिलते हैं ब्रेक के बाद.........

शुक्रवार, 10 सितंबर 2010

प्रश्न - आप कौन से नम्बर के भारतीय हो ? - ब्लॉग 4 वार्ता - शिवम् मिश्रा

प्रिय ब्लॉगर मित्रो,
प्रणाम !

एक भारतीय मूल के शोधकर्ता द्वारा किए गए अध्ययन में दावा किया गया है कि इंटरनेट किशोरों को अवसाद से निपटने में मदद कर सकता है।
यूनिवर्सिटी आफ सिडनी की डा. सुवीना सेठी तथा उनके सहकर्मियों ने अपने अध्ययन में पाया कि आनलाइन आपसी संवाद आधारित मानसिक स्वास्थ्य सेवा तथा पारंपरिक काउंसलिंग किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद कर सकती है।
इंटरनेट सेल्फ हेल्प फोर डिप्रेशन शीर्षक वाले इस अध्ययन में मौजूदा आनलाइन मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभाव को जांचने की कोशिश की गई थी। इस अध्ययन रिपोर्ट के तथ्य में जर्नल आफ टेक्नोलोजी इन ह्यूमन सर्विसेज में प्रकाशित हुए हैं। 

वैसे इन्टरनेट ने हम हिंदी ब्लॉगर लोगो को भी आपस में संवाद करने में काफी मदद की है.........अब इस से अवसाद कितना कम हुआ या बढ़ा यह तो आप जाने या राम जाने ! ;-)

हम तो बस इतना जानते है की आज ब्लॉग 4 वार्ता  के इस मंच पर ब्लॉग वार्ता लगाने की हमारी बारी है ....तो आइये चलते है ब्लॉग जगत की एक सैर को |

सादर आपका  

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जब एक के बाद एक ध्वस्त होते रहे टैंक और भागी पाकिस्तानी सेना :- अमर शहीद हवलदार अब्दुल हमीद को हमारा शत शत नमन !


नीरो बाँसुरी बजाता है... :- रोम जलता है तो जले उसके बाप का क्या जाता है !

पागल – लघु कथा :- वैसे तो हर पागल की होती है  एक अलग व्यथा !









आप डाक्टर हैं या कसाई ?---ZEAL :- आजकल दोनों में कुछ ख़ास फर्क रह तो नहीं गया है !

एक-दूजे के लिये..! :- क्या क्या करोगे ?

कौन सुनता विस्फोट :- सब बहरे है यहाँ !


वो होंगे कामयाब … :- जी जरूर ....हम भी यही दुआ करते है !

प्रश्न :- है कोई जवाब ??

सिंगापुर से.......! (पार्ट -2) :- क्या लाये है हमारे लिए ?

मेरा शून्य :- इसको इन सन्नाटों में रहने दो !!


आप कौन से नम्बर के भारतीय हो ? :- जी एकदम पक्का जवाब दे रहा हूँ .....३ नंबर के है जी !!

राष्ट्रमंडल खेलों का नहीं,सेक्स रैकेटों की तैयारियां पूरी :- चलो किसी बात की तो तैयारी पूरी हो गयी समय पर !

सात फेरों का बंधन :- कितना मजबूत होता है ?

कुछ ' शब्द ' जो तैरेंगे फिजाओं में ... एक सपना देखिये आप भी ! ... क्योंकि फैसला अब आने ही वाला है... :- सब इंतज़ार में है !!

टिप्पणी नहीं चाहिए। No comments please! :- पर क्यों ?

मेरी मौत का आखरी पैगाम--------- :- किस किस के नाम ??

एस के पाण्डेय का व्यंग्य – एक मास्टर का मूड :- आज पढ़ाने का है !!

ब्लोगिंग में अनुशासन का महत्व .... :- कितने जानते है और कितने मानते है ??

कोई लड़की बोर ही नहीं होती ! :- है ना कमाल ??

पाखण्ड अच्छा है :- सिर्फ़ अच्छा ......अरे हुज़ूर बहुत अच्छा कहिये !


वामपंथी क्रान्तिकारी चे ग्वेवारा, भारत माता और सरस्वती से भी बड़े हैं…? :- बिलकुल नहीं !!

लव ..कैन किल यू...! :- बट हाउ ?

मैनपुरी में कम्प्यूटर शिक्षा :- खुद फर्जी और बांट रहे असली ज्ञान - प्रशासन बेखबर , छात्र हैरान !! :- हद है !

ये क्या है???? :- आप बताओ ?

देश के सभी कानून अंग्रेजी, हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में इंटरनेट पर उपलब्ध क्यों नहीं? :- इतनी महेनत कौन करे ?

देवदूत???????? :- या यमदूत ????????

११ सितम्बर......क़ुरान जलाओ दिवस :- ह्म्म्म !!

नज़ीर अकबराबादी की ईद :- ईद मुबारक !!

वह कुछ असमंजस में पड़ गयी :- पर क्यों ??

ताऊ अस्पताल में बाबा श्री ललितानंद जी महाराज :-  पूजा करवाने गए थे या बीमार थे ??

ग़ज़ल पढ़िए और देखिये कि कैसे एक कुकुर को आती है गिनती और जोड़, घटाना------->>>दीपक मशाल :- क्या बात है !!

आप समझ भी नहीं पाते और पल में जिंदगी का ढर्रा बदल जाता है. :- सत्य वचन !

....और ये रही सेंचुरी पोस्ट ;) :- बहुत खूब .... ऐसे ही झिलाते रहो, भईया !!

मेरी जिंदगी के कुछ लम्हे (राजदूत मोटर साईकिल, मेरी हीरो रेंजर और कालिया का वेस्पा स्कूटर..) :- मेकनिक हो का ??

नास्तिक अपना मुसीबत भरा समय किसके सहारे काटें ?? :-क्यों आप हो ना !

नीतिगत मामलों में सर्वोच्च न्यायालय व्याख्या ना करें क्योंकि ये अधिकार सोनिया गाँधी को है ....? :- और क्या मुझे या आपको ??

एक भीगी सी शाम और शर्मशार कर देने वाले विचार. :- यह मौसम का जादू है मितवा !!

और यह रही आज की ५१ वी लिंक ........

हरितालिका तीज व्रत - पूजा :- हमारे घर पर आज हो रही है !

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आज की ब्लॉग वार्ता बस यहीं तक अगली बार फिर मिलुगा एक और ब्लॉग वार्ता के साथ तब तक के लिए ......

जय हिंद !!

गुरुवार, 9 सितंबर 2010

रोटी नहीं कॉन्डम--एक और सिस्टम क्लीनर---ब्लॉग4वार्ता---ललित शर्मा

नमस्कार मित्रों, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी गरीबों को अनाज नहीं बाँट कर अनाज सड़ाना हठधर्मी की पराकाष्ठा है। जनता के धन का अपव्यय करना भी लोक तंत्र में एक बड़ा अपराध है। जो कि मनमोहनी सरकार किए जा रही है, कृषि मंत्री शरद पवार की ढाल बनकर। अगर इतनी बड़ी राशि किसी व्यवसायी की डूब जाती तो उसका दीवाला निकलना ही क्या मरण हो जाता। जनता की गाड़ी कमाई का नुकसान करने वालों के लिए उचित दन्ड की विधान होना चाहिए। प्रजातंत्र को राजतंत्र की तरह चलाना गलत है। अब चलते हैं ब्लॉग4वार्ता पर और  ब्लॉग नगरिया की सैर करते है।

यह ब्लॉग ऐसा ही कुछ कह रहा है--प्रधानमंत्री की नसीहत : गरीबों की फज़ीहत सड़ता अनाज और न्यायालय का फैसला* *प्र*धानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने सुप्रीमकोर्ट को नीतिगत मामलो में हस्तक्षेप न करने की नसीहत देकर एक नये विवाद को जन्म दे दिया है ।वकील साहब कह रहे हैं अन्न को सड़ने के लिए छोड़ देना कितना जरूरी है?भविष्य के लिए संग्रहीत भोजन ही वह वस्तु है जिस ने मनुष्य को सोचने और बहुत सारे दूसरे कामों को करने की फुरसत बख्शी। यदि उस के पास कुछ दिनों या महिनों का भोजन न होता तो उस का सारा समय भोजन की तलाश में ही जा...

न्यायालय के आद..राज भाटिया जी कह रहे हैं.लो जी हम लॊट आये.....लोटने के लिए आपका स्वागत है भाई साहब, जी भर लोटिए--नमस्कार, हम लोट तो रविवार को ही आये थे, लेकिन नींद पुरी करने मै समय लगा.... आदत के हिसाब से हम सही समय पर यानि दस बजे यहां से निकले, ओर करीब १५ कि मी जाने के बाद मैने पेट्रोल से टंकी फ़ुल कर ली, ताकि रास्ते...खाने को लाई नहीं, मुँह पोछने को मिठाई!देसिल बयना - 46 खाने को लाई नहीं, मुँह पोछने को मिठाई! करण समस्तीपुरी एगो कहावत तो सुने ही होंगे, *'सब दिन होत न एक समाना !'* सच्चे समय केतना बदल गया है। मोगलिया नवाब गया, अंगरेज़ गया, जमींदारी गया, मं...

ज़िंदगी हुई हल करते हुए इस गणित कोजोड़ दो तुम मेरी खुशी में अपनी खुशी घटा लेने दो मुझे अपने गम में तुम्हारा गम क्या कहूँ कैसे गुणा होगा हमारे प्यार से तुम्हारे प्यार का और जाने कैसे भाग दिया जायेगा इस तरफ के अवसाद से उस तरफ के अवसाद का ...आज पल्लवी त्रिवेदी, इरशाद अली का जनमदिन हैआज, 8 सितम्बर को - कुछ अहसास तथा नेस्बी वालीं पल्लवी त्रिवेदी - इरशादनामा वाले इरशाद अली का जनमदिन है। बधाई व शुभकामनाएँ आने वाले जनमदिन आदि की जानकारी, अपने ईमेल में प्राप्त करने के लिए यहाँ क्...

बंद और देश...देश में जिस तरह से आम जनजीवन को प्रभावित करने वाले बंद बहुत जल्दी जल्दी आयोजित किये जाने लागे हैं उससे लगता है कि नेताओं को आम जनता की बिलकुल भी परवाह नहीं रह गयी है. यह सही है कि लोकतंत्र में सभी को अपनी ...शब्दों को गणपति में बदलने में माहिर श्रीगंगानगर में विजय गौड़ एक ऐसा कलाकार है जो किसी भी शब्द को गणपति का रूप प्रदान कर देता है। आप हस्ताक्षर करो विजय उसको गणपति बना देगा। एक हस्ताक्षर के अनेक गणपति।

क्या सोचा था क्या ये लोकतंत्र हो गया !सत्ता पाना ही भ्रष्टों का मूलमंत्र हो गया, क्या सोचा था क्या ये लोकतंत्र हो गया ! परदे के पीछे से चल रहा आज छद्म-राज है, कुर्सी पर बैठी कठपुतली एक यंत्र हो गया !! युवराज यूं घूमता है अपने इस साम्राज्य मे...आपको भी शायद गुस्सा आना चाहिए चीन की हरकतें चिंता का विषय होना ही चाहिए ,लेकिन यह हमारा भी दुर्भाग्य ही है कि हमारे नेतागण अपने निहित स्वार्थों से ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं ,देश का भला ये क्या खाक सोच पायेंगे ! चीन ने दक्षिण एशिया में ...

संसार में रुपया ही सबसे बड़ा नहीं है किन्तुऐसा नहीं है कि संसार में रुपया ही सबसे बड़ा है, रुपये से बढ़ कर एक से एक मूल्यवान वस्तुएँ हैं जैसे कि विद्या, शिक्षा, ज्ञान, योग्यता आदि, किन्तु मुश्किल यह है कि इन सभी वस्तुओं को केवल रुपये अदा करके ही प्रा....छत्तीसगढ़ के दस सालदृश्य एक :* रायपुर शहर, गौरव पथ में रात का नजारा . लगता है कनाट प्लेस में टहल रहे हैं..| नियोन साईन बोर्ड और लकदक करती लाईटें, कृत्रिम झरना और फव्व्वारे ...चमकती हुए सड़क पर भागती हुई कारें ...लगता है छत्...

स्टेशन की बैंच से कॉन्वोकेशन के स्टेज तकमोस्को स्टेट यूनिवर्सिटी अभी तक आपने पढ़ा कि कैसे हमारा वेरोनिश से मोस्को जाना तय हो गया था और हम हंसी ख़ुशी तैयारियों में लग गये थे कि चलो अब कम से कम इंडिया की टिकट के लिए मॉस्को के चक्कर लगाना तो...नानी का बागतब मैं बहुत ही छोटी थी नानी जब चली बसी मुझे तो उसका चेहरा भी याद नहीं है कोई माँ ने रखी हैं सँभाल नानी की निशानियाँ जिनमें से मैं नानी का चेहरा ढूँढ लेती हूँ माँ ने दी कीमती सौगात ना...

ग़ज़ल/ जख्म दिया करते हैं फिर थोड़ा मुसकाते हैंपाँच दिन बाद फिर हाज़िर हूँ. यानी फिर वही दिल लाया हूँ. पेश है बिल्कुल नई ग़ज़ल.देखे शायद इन शेरों में सच्चे लोगों का दर्द उभरा हो शायद. भले लोगों को दुर्जन हमेशा तकलीफ ही देते है. लेकिन अनुभव यही बताता है क...माने या ना माने पर यह सच विश्वास क्या है और अंधविश्वास क्या है इसके झमेले में नहीं पड़ें तो अच्छा। अरे भाई जिसकी जैसी मर्जी उसे वैसे जीने दो। बड़े-बड़े संत, महात्मा, अवतार आ-आ कर चले गये। समझाते-समझाते सदियां बीत गयीं पर क्या सोच बदल...

रोटी नहीं कॉन्डम ज़रूरी है लोगों के लिए किसी सरकार की जनता के लिए तय प्राथमिकताओं में अब बदलाव आ रहा है. पानी, रोटी, सड़क, रोज़गार, बिजली, सुरक्षा आदि मामलों पर पांच-छह इंच का कॉन्डम भारी पड़ गया है. आम आदमी चाहे घटाटोप महंगाई के...एक और सिस्टम क्लीनरएक मुफ्त औजार जो आपके सिस्टम को साफ़ रखने, स्टार्ट अप् प्रोग्राम्स को व्यवस्थित रखने, फाइल या फोल्डर को पूरी तरह डिलीट करने जैसे कई काम करता है । अगर आप अपने....

वार्ता को देते है विराम--एक कहानी के लिए यहाँ पर जाएं। मिलते हैं ब्रेक के बाद
कल की वार्ता शिवम मिश्रा करेंगे।

बुधवार, 8 सितंबर 2010

शकुनी मामा और महतारी--ऐसा भी होता है ----ब्लाग4वार्ता -----ललित शर्मा

वर्तमान में शहरों में सांस लेना भी मुस्किल हो गया है, लालबत्ती पर कुछ देर खड़े होने से ही आँखों में जलन होनी शुरु हो जाती है, शाम को जब घर पहुंचो तो आँखे लाल मिलती हैं। शहरों मे अस्थमा के मरीजों की संख्या बढती जा रही है। बरसात लगते ही उनकी परेशानी बढ जाती है। इन सब बीमारियों का जन्म पर्यावरण के नुकसान के कारण हुआ है।इसलिए पर्यावरण को बचाना जरुरी है। आज 36 गढ में पोला का त्यौहार मनाया जा रहा है, इस त्यौहार के विषय में जानकारी के लिए यहाँ पर जाएं--अब चलते हैं आज की ब्लाग4वार्ता पर.............

वार्ता की शुरुवात करते हैं एक उम्दा ब्लॉग पर्यावरण से जिस पर अल्पना जी कह रही हैं पर्यावरण संरक्षण में शिक्षक की महती भूमिका.पर्यावरण के प्रति जागरुकता में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। जब से शिक्षा के क्षेत्र में मैकाले पद्धति ने प्रवेश किया, तब से प्राचीन ग्रंथों के अध्यापन प्रतिबंध लगा दिया गया और यह पद्धति अंग्रेजों के जाने के बाद भी अनवरत जारी है। जिससे विद्यार्थी बचपन से पर्यावरण की शिक्षा से विमुख रहे।"केरा तबहिं न चेतिया जब ढींग लागी बेर" यह उक्ति यहां पर चरितार्थ होती है। अंधाधुंध वन काटे गए, पहाड़ों का सीना चीर एवं धरती के गर्भ से खनिजों का दोहन किया गया। कल कारखानों के अवशिष्ट पदार्थों पूण्य सलिला नदियों में बहाया गया। जिससे नदियाँ भी प्रदुषित हुई।

जानिए बीबीसी हिंदी रेडियो के कार्यक्रमों(Programme) को डाउनलोड करने बेहद सरल एवं लीगल तरीका बीबीसी मेरा एकमात्र पसंदीदा समाचार स्त्रोत, जिसे मैं करीब जब 8-10 साल का था, तब से सुनता आ रहा हूँ ..दादाजी (जिन्हें हम बाबा कहतें थे) सुनते थे …फिर जब मैंने देश दुनिया को जाना तो उनके साथ बैठकर समाचार स.,, क्रांति दूत पर आज चांदनी घर आयी है.सपने भी न देख सका था, भरकर पेट सोया ही कब था खाकर घाव हमने कांटों से जी भरकर रोया ही तब था. उसे जो उपर बैठा प्रति पल आज मेरी दुनियां भायी है आज चांदनी घर आयी है. पूनम की रौशन रातों में हमने देखा था गुप्प अं...

अलबेला खत्री पूछ रहे हैं प्रीति टेलर को पढ़ते हैं आप ? पढ़ते हैं तो कितना टिपियाते हैं ? आओ बात करें एक अलग विषय परप्यारे मित्रो ! यों तो हिन्दी ब्लॉग जगत में एक से बढ़ कर एक शब्दों के जादूगर और शैलीसम्राट कवि/लेखक मौजूद हैं लेकिन कुछ ही लोग ऐसे हैं जो कविता के माध्यम से सिर्फ़ शब्द साधना में तल्लीन हैं _ उन्हें को. डॉक्टर महेश परिमल कह रहे हैं..सुख हमेशा चेतना से बाहर रहता हैहर पुस्तक अपने ही जीवन से एक चोरी की घटना है. जितना अधिक पढ़ोगे उतनी ही कम होगी स्वयं जीने की इच्छा और सामथ्र्य है. यह बात भयानक है. पुस्तकें एक तरह की मृत्यु होती हैं. जो बहुत पढ़ चुका है, वह सुखी नहीं र...

अर्चना चाव जी ने राजीव तनेजा की एक कहानी को अपना स्वर देकर पॉडकास्ट किया है...मेरी कहानी अर्चना चाव जी की जुबानी. ओ बड़े दिनों में खुशी का दिन आया…. आज मुझे कोई ना रोके… बतलाऊँ कैसे कि…मैंने क्या पाया?… ओ बड़े दिनों में खुशी का दिन आया… आज मैं खुश हूँ…बहुत खुश…मेरी कहानी छोड़ो ना...कौन पूछता है को आवाज़ जो मिल गई …… ये भी कमाल है--पत्रकार भी गरीबी रेखा के नीचे!भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी की बात अगर केन्द्र सरकार मान लेती है तो कम से कम अपने राज्य छत्तीसगढ़ के तो सैकड़ों पत्रकार जरूर गरीबी रेखा के नीचे आ जाएंगे। इन दिनों पत्रकारों के बीच इस बात को लेकर....

धीरु सिंग जी का जन्म दिन हमने भी मनाया-उन्हे आधी रात को फ़ोन लगाया आज धीरू सिंह का जनमदिन हैआज, 6 सितम्बर को दरबार वाले धीरू सिंह का जनमदिन है। बधाई व शुभकामनाएं आने वाले जनमदिन आदि की जानकारी, अपने ईमेल में प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें। अपने मोबाईल फोन पर SMS के द्वारा जनमदिनों की जा..छोटी सी कविता पढें .लम्बी डगर है, लम्बा सफ़र है.खूबसूरत बनायेगें , दुनिया की झांकी आज मेरे जन्म दिन पर बहुत सारे बधाई संदेश प्राप्त हुए .बधाई संदेश भेजने वाले अधिकांश लोग मेरे ब्लाग जगत...

छप्पन के बचपने का पहला दिन ..... आ ही गया, कल का दिन अहम तो था ही। आखिर हम सुबह सवेरे जब पाँच बज कर उनचास मिनट में छह सैकंड शेष थे तब जिन्दगी के पचपन साल पूरे कर छप्पनवें में प्रवेश कर लिया था। हम ने घोषणा भी कर दी थी कि अब फिर से बचपन आरंभ हो रहा ...वीणा के स्वर कहीं खो गए हैंवीणा के स्वर कहीं खो गए हैं , मुझसे हैं नाराज , जाने कहाँ गुम हो गए हैं , उनके बिना रिक्तता , अनजाने ही मुझमें, घर कर गई है , जब चाहे अपना, आभास करा जाती है , उसे भरना बहुत मुश्किल है , जो कुछ भी हुआ था , उस...

मेरी पहली प्राथमिकता ज्‍योतिष का विकास करने की थी !!अभी तक आपने पढा .... दूसरे ही दिन से टी वी पर ज्‍योतिष के उस विज्ञापन की स्‍क्रॉलिंग शुरू हो गयी थी , जो मैने पिछली पोस्‍ट में लिखा है.... *FOR ACCURATE TIME BOUND PREDICTION AND PROPER COUNSELLING BASED O...नई सुबह -------भाग ४इतना कहकर शैफाली मुझे स्तब्ध खड़ा छोड़कर चली गयी और मैं काफी देर बुत -सा ठगा खड़ा रहा ----------- अब आगे ------------- वो तो दोस्तों ने जब मुझे काफी देर तक दूर खड़ा देखा तो आकर पूछा , "कौन थी वो जो उसके ख्य...

खामोशियाँ ..खामोशियाँ ठहर गयीं हैं आज आ कर मेरे लबों पर खानाबदोशी की ज़िंदगी शायद उन्हें रास नहीं आई इस सृष्टि का रचयिताइस सृष्टि का रचयिता कोई ईश्वर नहीं , स्वयं यह सृष्टि है पश्चिमी धर्म-दर्शन में ईश्वर -गॉड- को इस सृष्टि से परे माना जाता है, जिसकी इच्छा से इस विश्व-ब्र्रह्मांड की रचना होती है और उसकी इच्छा से ही इसका.जो हल निकाला तो सिफर निकले रात कब बीते कब सहर निकले इसी सवाल में उमर निकले तमाम उम्र धडकनों का हिसाब जो हल निकाला तो सिफर निकले बद्दुआ दुश्मनों को दूँ जब भी रब करे सारी बेअसर निकले हर किसी को रही अपनी ही तलाश जहाँ गए जिधर जिधर निकले...

मां ... छिलका उतारते हुए नारियल का * *याद आई-- मां* *अपने रेशे रेशे से बनाया * *जिसने इस गिरी को ...* *उसको हम कहाँ पहचानते आज* * जिसने खुद सहे धुप,बर्फ ,आंधी ,तूफ़ान के थपेड़े * *वो छिलका * *फैक दिया गया है मलबे...किसी ने किसी को नहीं सुना दुनिया की सबसे लम्बी चैटिंग में......मेघ बजै, हवा चलै : धर्मेन्द्र कुमार सिंह "सज्जन"..मेघ बजै, हवा चलै जियरा अगियार जलै धनुष-गगन, बूँद-तीर मन्मथ तन रहा चीर मन होवै अति अधीर पोर-पोर बढ़ै पीर सन-सन पछियाँव बहै बिरही मन आज दहै सूरज ज्यों गले मिलै अमवा झुकि झूमि-झूमि महुआ मुख रहा चूमि भीग रहे पा...

अशोक बजाज को प्रज्ञा सम्मान*प्रधानमंत्री की नसीहत : गरीबों की फज़ीहत पर्यावरण एवं नशामुक्ति के क्षेत्र में अशोक बजाज एवं पत्रकार राजकुमार सोनी को प्रज्ञा सम्मान* ( एक समाचार ) रायपुर।गायत्री परिवार छतीसगढ़...राहुल बाबा थोड़ा क्रिएटिव हो जाइए.. राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में...* *केंद्र से करोड़ों रुपया गरीबों की बेहतरी के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं के लिए यूपी भेजा जाता है लेकिन उस पैसे को यूपी सरकार सही जगह न पहुंचा कर अपने फायदे के लिए इस्तेमा...आज सोनल रस्तोगी, सिद्धार्थ जोशी का जनमदिन हैआज, 7 सितम्बर को - ज्‍योतिष दर्शन, दिमाग की हलचल और मेरे अंचल की कहावतें वाले सिद्धार्थ जोशी - कुछ कहानियाँ, कुछ नज्में वालीं सोनल रस्तोगी का जनमदिन है। 

छत्तीसगढ़ के पांच ब्लाग टॉप 40 मेंदो दिन पहले अचानक चिट्टा जगत के टॉप 40 ब्लागों की सूची पर नजरें पड़ीं तो देखा कि वहां पर छत्तीसगढ़ के पांच ब्लाग हैं। इस समय *ललित डाट काम, अमीर धरती-गरीब लोग, राजतंत्र, आरंभ और धान के देश में *टॉप 40 में...फिर वही शाम है और वही रात है,.फिर वही शाम है और वही रात है, और फिर चांदनी में वही बात है । फिर से वो ही कशिश है फिजाओं में भी और फिर से तुम्हारा हँसी साथ है । फिर.. फिर वही रातरानी है महकी हुई खुशबुएँ और मस्ती, बिखरती हुई कहीं लहरों ... 

महापुरुष-महापुरुष में ज्यादा फर्क नहीं होता उस दिन मंत्री जी को एक महापुरुष की स्मृति में भाषण देना था, लेकिन ऐन वक्त पर उन्हे याद आया कि पी.ए. से भाषण तैयार कराना तो भूल ही गये। समस्या पी.ए. को बताई। पी.ए. ने कहा- 'कोई बात नहीं सर, हालांकि उन मह... क्या उचित क्या अनुचित संबंध बनाए ऐसे लोगों से , कभी दूर रहते थे जिनसे , की चर्चा जिन बातों की , क्या विश्वास किया था पहले , धर्म ,जाति , भाषा ,प्रान्त , जाने क्या सोच लिया तुमने , पहले भी बहुत सोचते थे , पर अन्याय ना सह पाते थे ,...
अक्सर रुखी रातों में ......रानीविशाल अक्सर रुखी रातों में बेबस यादों के साए जब मंडराते है इधर उधर तब दर्द मसकते दिल के छाले चटक चटक कर फूटते है तब टिप टिप कर रिसने लगता है वो दर्द का दरिया जो छुपा हुआ था तपस आलोक में जो कई तहों .शकुनी मामा और महतारीआम तौर पर मुंबई के लोग बाहर काम करने तब निकलते हैं जब मुंबई में उन्हें कोई पूछता नहीं है. शकुनी मामा भी कई दिन से ख़ाली थे, रायपुर का एक धूर उनके सम्पर्क में आया तो शकुनी मामा ने तत्काल बिसात बिछा दी. हिंद..

कैसा कैसा ऐसा भी होता है :-)अरजेंटाइना के ब्यूनस आयर्स के एक मदिरालाय में श्रीमान गोमेज ने एक अनोखी शर्त जीती। उसने शीर्षासन करते हुए बीयर की दस बोतलें पी ड़ालीं। अपने यहां जनहित में अखबारों में बहुत कुछ छपता रहता है। ऐसे ही जरमनी की ...मर्म का अन्वेषणचित्रकार, फोटोग्राफर, पत्रकार रमन किरण एक हिन्दी पत्रिका 'जंगल बुक' हर महीने निकाल रहे हैं, एक और त्रैमासिक कला पत्रिका 'नया तूलिका संवाद' निकालने की तैयारी कर चुके हैं। रमन, कवि हैं उनके दो कविता संग्रह ....

बच्चों की शिक्षा के एवज में ली गई फीस की राशि से मिडिया का धंधा , स्कूल सभी सुविधा विहीनडॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल और डॉल्फिन न्यूजविजन प्राइवेट लिमिटड एक ही सिक्के के दो पहलू हैं । मीडिया को परचून की दुकान समझने वाले डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल के राजेश शर्मा उनकी धर्मपत्नी उमा शर्मा अ...
धन्यवाद धन्यवाद और धन्यवादधन्यवाद धन्यवाद और धन्यवाद . इसके सिवा और कुछ कह भी तो नहीं सकता . ५ सितम्बर को रात में सोया था तब तक आने वाली खुशियों से अन्जान था . ठीक १२ बजे मोबाइल बजा उधर से आवाज़ थी आपको जन्मदिन की शुभकामनाये .क्या.....

चतुरानाऊ भोकवा पांड़े--एक कहानी........पढ़िए 

अब देते हैं ब्लॉग4वार्ता को विराम-आपको ललित शर्मा का राम राम

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