मंगलवार, 7 सितंबर 2010

हमको मेहनत करनी थी ब्लॉग के निरपेक्ष्य पाठक बनाने में....

एक ब्लाग है साधवी जिस पर तीन तारीख तक तीन वर्षों में कुल चौंतीस पोस्ट शाया की गईं......लेखिका स्लो लिखतीं है पर उम्दा बान्गी देखिये ”नींवसाध्वी बाबा समीरानंद का अनुसरण करती नज़र आईं.मौत भी शायराना चाहता हूँ!एक गज़ब ब्लाग है  इस पर प्रकाशित पोस्ट देखिये ”मैं और तुम एक जैसे”काबिल-ए-तारीफ़ है.रानी विशाल जी की व्यस्तता स्वभाविक है फ़िर भी एकाध पोस्ट मिल ही जाती है देखने में. समयचक्र पर मिसिर जी उवाचे: ”क्लिक” करिये  . क्या आपको खबर नहं मिल पा रहीं हैं तो भाई ” हिन्दी लोक ”क्यों नही देखते गुरु...?राजकुमार सोनी ने जो बिगुल बज़ाया उसकी सार्थकता और सामयिकता में कोई सन्देह नहीं. वे लिखते हैं ”कोई उन्हें अपनी कार में घर छोड़ना चाहता है तो कोई देर रात तक दफ्तर में काम करने के लिए दबाव डालता है। किसी की पत्नी बीमार है तो किसी को सपने में स्टेनो टायपिस्ट दिखाई देती है।”(आगे इधर से )
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अदा जी की कविता 
मैं नहीं ! 
अंतिम वृक्ष,
इस प्रीत के मरुस्थल में,
आयेंगे अनेक
चिर अजातरिपु,
कर्मयोगी,
इस कुरुक्षेत्र में,
परन्तु...
इस अनंत पथ के
एक किनारे,
मेरी छाँव तक
तुम आ पहुँचे हो (पूरी कविता इधर है )
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इस बार अचरज़ में है मियां महफ़ूज़ देखिये तो ज़रा इधर जाकर ...? ब्लाग संसद पर यह आलेख ज़रूर देखिये जी , उधर राजीव तनेजा जी की कहानी अर्चना चाओजी की जुबानी गज़ब पोस्ट है
इतनी थकान लग रही है कि अब आगे और नहीं लिख पा रहा हूं सो मित्रों और मित्रानियों सब लोग इस '''लिंक'' पर पधारिये  इधर  लिंक ही लिंक उपलब्ध हैं ताज़ा तरीन भी बेहतरीन भी . दीपक  भाई मसिकागद पर अब एक गज़ब पोस्ट लाने वाले है इस रपट के बाद ऐसा सूत्र बताते हैं.  उधर अनूप सुकुल सा'ब ने अच्छी पोस्ट लगाईं है ...
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पुछल्ला जब से लीगल सेल बना है मेरी पोस्टिंग फिर से हाई कोर्ट में हो गई है हम चार लोग फुरसत के टैम पर दुनियां जहाँ की चर्चा करते हैं. ब्लॉग ब्लागियों की चर्चा के दौरान लोग ट्विटर,अमिताभ,फेसबुक,के अलावा एक बात यह जानते पाए गए कि मैं भी ब्लॉग लिखता हूं...वो इस लिए कि मै उनको लिंक भेजता हूं  यानी अभी ब्लॉग के लिए जनरूचि हम नहीं जगा पाए .... भैया टिप्पणी के लिए हमारी ज़द्दो-ज़हद की जगह हमको मेहनत करनी थी ब्लॉग के निरपेक्ष्य पाठक बनाने में..... गलत कहा हो नकारना ज़रूर मेरी इस बात को .....!
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18 टिप्पणियाँ:

साध्वी के ब्लॉग के बारे में सुन अच्छा लगा..मुझे फॉलो करती है यह और अच्छा है.

अंकल

एक नई नई कविता भी डाल दी है:

http://sadhviritu.blogspot.com/2010/09/blog-post_06.html

बहुत ही अच्छी वार्ता।

हिन्दी का प्रचार राष्ट्रीयता का प्रचार है।

हिंदी और अर्थव्यवस्था, राजभाषा हिन्दी पर, पधारें

बहुत बढ़िया चर्चा .... बधाई ....

बहुत ही अच्छी वार्ता..
बधाई ....

अच्छी संकटमोचक वार्ता रही।
आज भोर देर से हुई क्योंकि रात,
रात भर चलती रही,
दिन की तरह
जब हम जागे
जीवन की दोपहर हो चुकी थी।

आभार

संकटमोचन नाम तिहारो !!

बेहद उम्दा वार्ता ........आभार आपका गिरीश भाई !

नए अंदाज़ में यह चर्चा अच्छी लगी ! शुभकामनायें !

ये अन्दाज़ भी अच्छा है।

बहुत ही सुन्‍दर एवं बेहतरीन ।

बेहद उम्दा वार्ता ...

आज सोनल रस्तोगी, सिद्धार्थ जोशी का जनमदिन है उनको जन्म दिन की हार्दिक शुभ कामनाएं स्वीकार्य हों. सभी टिप्पणी-कर्ता सादर अभिवादन स्वीकारें जो चर्चा में आए उनका भी आभार जो चर्चा पे आए उनका भी

अच्छी जानकारी दी है आपने

अपने विचार प्रकट करे
(आखिर क्यों मनुष्य प्रभावित होता है सूर्य से ??)
http://oshotheone.blogspot.com/2010/09/blog-post_07.html

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