शुक्रवार, 17 दिसंबर 2010

विजय दिवस पर विशेष - सोच बदलने से मिलेगी सफलता,चीन भारत के लिये कितना अपनापन रखता है इस विषय पर ब्लाग जगत मौन रहा - ब्लॉग 4 वार्ता - शिवम् मिश्रा

प्रिय ब्लॉगर मित्रो,
प्रणाम !
भारतीय स्वाधीनता संग्राम में काकोरी कांड एक ऐसी घटना है जिसने अंग्रेजों की नींव झकझोर कर रख दी थी। अंग्रेजों ने आजादी के दीवानों द्वारा अंजाम दी गई इस घटना को काकोरी डकैती का नाम दिया और इसके लिए कई स्वतंत्रता सेनानियों को 19 दिसंबर 1927 को फांसी के फंदे पर लटका दिया।
फांसी की सजा से आजादी के दीवाने जरा भी विचलित नहीं हुए और वे हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए। बात नौ अगस्त 1925 की है जब चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह सहित 10 क्रांतिकारियों ने मिलकर लखनऊ से 14 मील दूर काकोरी और आलमनगर के बीच ट्रेन में ले जाए जा रहे सरकारी खजाने को लूट लिया।
दरअसल क्रांतिकारियों ने जो खजाना लूटा उसे जालिम अंग्रेजों ने हिंदुस्तान के लोगों से ही छीना था। लूटे गए धन का इस्तेमाल क्रांतिकारी हथियार खरीदने और आजादी के आंदोलन को जारी रखने में करना चाहते थे।
इतिहास में यह घटना काकोरी कांड के नाम से जानी गई, जिससे गोरी हुकूमत बुरी तरह तिलमिला उठी। उसने अपना दमन चक्र और भी तेज कर दिया।
अपनों की ही गद्दारी के चलते काकोरी की घटना में शामिल सभी क्रांतिकारी पकडे़ गए, सिर्फ चंद्रशेखर आजाद अंग्रेजों के हाथ नहीं आए। हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के 45 सदस्यों पर मुकदमा चलाया गया जिनमें से राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह को फांसी की सजा सुनाई गई।
ब्रिटिश हुकूमत ने पक्षपातपूर्ण ढंग से मुकदमा चलाया जिसकी बड़े पैमाने पर निंदा हुई क्योंकि डकैती जैसे मामले में फांसी की सजा सुनाना अपने आप में एक अनोखी घटना थी। फांसी की सजा के लिए 19 दिसंबर 1927 की तारीख मुकर्रर की गई लेकिन राजेंद्र लाहिड़ी को इससे दो दिन पहले 17 दिसंबर को ही गोंडा जेल में फांसी पर लटका दिया गया। राम प्रसाद बिस्मिल को 19 दिसंबर 1927 को गोरखपुर जेल और अशफाक उल्ला खान को इसी दिन फैजाबाद जेल में फांसी की सजा दी गई।
फांसी पर चढ़ते समय इन क्रांतिकारियों के चेहरे पर डर की कोई लकीर तक मौजूद नहीं थी और वे हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर चढ़ गए।
काकोरी की घटना को अंजाम देने वाले आजादी के सभी दीवाने उच्च शिक्षित थे। राम प्रसाद बिस्मिल प्रसिद्ध कवि होने के साथ ही भाषायी ज्ञान में भी निपुण थे। उन्हें अंग्रेजी, हिंदुस्तानी, उर्दू और बांग्ला भाषा का अच्छा ज्ञान था।
अशफाक उल्ला खान इंजीनियर थे। काकोरी की घटना को क्रांतिकारियों ने काफी चतुराई से अंजाम दिया था। इसके लिए उन्होंने अपने नाम तक बदल लिए। राम प्रसाद बिस्मिल ने अपने चार अलग-अलग नाम रखे और अशफाक उल्ला ने अपना नाम कुमार जी रख लिया।
खजाने को लूटते समय क्रांतिकारियों को ट्रेन में एक जान पहचान वाला रेलवे का भारतीय कर्मचारी मिल गया। क्रांतिकारी यदि चाहते तो सबूत मिटाने के लिए उसे मार सकते थे लेकिन उन्होंने किसी की हत्या करना उचित नहीं समझा।
उस रेलवे कर्मचारी ने भी वायदा किया था कि वह किसी को कुछ नहीं बताएगा लेकिन बाद में इनाम के लालच में उसने ही पुलिस को सब कुछ बता दिया। इस तरह अपने ही देश के एक गद्दार की वजह से काकोरी की घटना में शामिल सभी जांबाज स्वतंत्रता सेनानी पकड़े गए लेकिन चंद्रशेखर आजाद जीते जी कभी अंग्रेजों के हाथ नहीं आए। 
चीन भारत के लिये कितना अपनापन रखता है इस विषय पर ब्लाग जगत मौन रहा मुझे लगा था कि ओबामा के दौरे की समय बहुत पोस्ट आई कुछ ब्लागर्स विमर्श अवश्य करेंगे किंतु मुझे न मिल सकी शायद पोस्ट-वाहक एग्रीगेटर की अनुपस्थिति के कारण भी ब्लाग्स तक मै न जा सका हूं खैर जो भी हो यात्रा के बाद कुछ विचार ज़रूर आएंगे मुझे उम्मीद है .....
अमर शहीद राजेंद्र लाहिड़ी के बलिदान दिवस पर उनको ब्लॉग 4 वार्ता  के पूरे वार्ता दल और पूरे हिंदी ब्लॉग जगत  की ओर से शत शत नमन !!
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
आइये अब चलते है आज की ब्लॉग वार्ता की ओर ...
सादर आपका 

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

कैसा रहेगा आपके लिए 17 और 18 दिसंबर का दिन ?? :- मेष लग्‍नवालों को धन , परिवारऔर घर गृहस्‍थी से संबंधित समस्‍याओं से कुछ राहत मिलेगी। स्‍वास्‍थ्‍य , आत्‍म विश्‍वासया जीवनशैली से संबंधितमामलों में ध्‍यान संकेन्‍द्रण बना रहेगा। पितापक्ष , सामाजिक पक्ष ,...
मेरे घर की उखड़ी साँस.... :- उजड़ा छप्पर टूटी बाँस मेरे घर की उखड़ी साँस यादें सूख पपड़ी भयीं कहीं फँसी है दर्द की फाँस लोग कहाँ हैं, बस्ती सूनी घर में उग आई है काँस अंत समय क्या चाहे 'अदा' दू गज कपड़ा आठ गो बाँस...
फोन टैपिंग ,लाबिंग और चमेलिया जी - - - - - - -mangopeople :- चमेलिया जी फोन पर अपनी सहेली से बात कर रही थी " आज कल ये मुर्गी बड़ा परेशान करने लगी है सुबह पांच बजे ही बांग दे कर उठा देती है और वो बिल्ली तो हफ्ते भर से यही आकर बैठी है रोज दूध का मलाई चट कर जाती है| आज...
इश्तियाक * :- *आईने से मुझे नफरत है कि उसमें असली शक्ल नज़र नहीं आती... मैंने जब कभी अपना चेहरा आईने में देखा, मुझे ऐसा लगा कि मेरे चेहरे पर किसी ने कलाई कर दी है... लानत भेजो ऐसी वाहियात चीज़ पर... जब आईने नहीं थे, लो...
लो खरगोश फिर हार गया :- बहुत हो गया। वर्षों से बदनामी का दंश सहते-सहते पूरी खरगोश जाति ग्लानी से पूरे जंगल में मुंह छुपाए रहती थी। भले ही कोई अब कुछ ना कहता हो पर शर्म के मारे खरगोशों की किसी उत्सव या जश्न मे भाग लेने की इच्छा ..
झूठ का तर्क-कुतर्क :- हम झूठ क्यों बोलते हैं? सभी जानते हैं कि यह हमारी फितरत कभी नहीं रही है. इसके बावजूद झूठ बोलने का हमारा सिलसिला बदस्तूर जारी है. मुझे लगता है झूठ इंसान दो वजहों से बोलता है. एक, खुद का बचाव करने के लिए और ...
वार्षिक हिंदी ब्लॉग विश्लेषण-२०१० (भाग-४) :- *===========================================* *अत्यल्प को छोड़कर पूरे ब्लॉगजगत का लेखन स्तरहीन है * *===========================================* ** * चौंक गए न आप ? आपकी ही तरह मैं भी चौंक गया था , जब इस ...
"छोड़ देंगे" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक") :- * ज्ञान का आशीष देना बन्द कर दो,* *गीत हम अभिनव बनाना छोड़ देंगे।* * तुम सुरीली तान देना बन्द कर दो,* *जिन्दगी का गान गाना छोड़ देंगे।।* * * *धार बन कर अनवरत सी बह रही हो,* *छंद को मधुरिम स्वरों में कह रही...
"रूह" बनाम "जिस्म" :- आज मेरी रूह, पूछ बैठी मेरे जिस्म से, क्या हासिल होता है तुम्हें, दूसरों की ही सोच कर, या विचार कर उनकी खुशी, लोगों की नोच-खरोच दिखती है, तुम्हारे जिस्म पर, फ़िर भी तुम रखते हो, ख्याल उनकी ही उंगलियों का, आगे ...
लड़की है या कोई जादू :- लड़की है या कोई जादू 14 दिसम्बर 2010 की रात जिंदिगी की खुबसुरत रात बन गयी.... तीरगी को चीरती एक आवाज़ के साथ ठीक 10 बज कर 5 मिनट पर मैंने अपनी बेटी का दीदार किया.इस शानदार पल को बयान करना बेहद मुश्किल है....
भ्रष्ट नौकरशाहों के जरिये राडिया ने खेला खेल :- सीबीआई अगर वाकई सरकार के हिसाब से काम करती है तो 2जी स्पेक्ट्रम के साथ अब गैस को लेकर हुये घपले का खेल भी सामने आयेगा। नीरा राडिया के जरिये रतन टाटा ही नहीं अब रिलायंस ग्रुप या कहे मुकेश अंबानी को भी खंगाल...
युद्ध के मैदान में ठहाकों की महफ़िल................ :- हास्य कवि सम्मेलन की धूम मची पानीपत में देखिये आप भी झलकियाँ :
शबनम के ये घूंट :- शबनम के ये घूंट मुझे और ना पिला साकी | मंजिल है दूर मेरे कदमो को ना रोक साकी || यहीं डगमगा ना जाऊ तेरे इश्क मे कहीं | मेरे खवाबो को भी हकीकत मे बदलने दे साकी || :- Shekhar Kumawat
देवनागरी लिपि - पूर्णतः वैज्ञानिक लिपि :- शायद आपको पता होगा कि हमारी हिन्दी की वर्णमाला, वास्तव में देवनागरी वर्णमाला, पूर्णतः वैज्ञानिक है। वर्ण या अक्षर ध्वनि को प्रदर्शित करने वाले संकेत होते हैं और देवनागरी वर्णमाला को पूर्णतः ध्वनि की उत्पत्...
अब लक्ष्य निर्धारण नहीं करती :- अब लक्ष्य निर्धारण नहीं करती निर्धारण कर लो तो पाने की चाह प्रबल हो जाती है और उस जूनून में काफी कुछ बह जाता है और बचता है तो सिर्फ रेतीले मटमैले पैरों में चुभते से कुछ कंकर पत्थर और गाद में सड़ते पाँव ...
आज़ाद पुलिस संघर्ष गाथा-४ (मुंबई में पुलिस का चालान काटेगी आज़ाद पुलिस) :- आशा है मेरी पिछली पोस्टों आज़ाद पुलिस संघर्ष गाथा-१, आज़ाद पुलिस संघर्ष गाथा- २ और आज़ाद पुलिस (संघर्ष गाथा –३) के माध्यम से आज़ाद पुलिस से आप पर्याप्त परिचित होंगे …नहीं हैं तो कृपया उक्त पोस्टें पढ़ें…. इन ...
सोच बदलने से मिलेगी सफलता :- भारतीय खिलाडिय़ों को विश्व कप बॉडी बिल्डिंग जैसी स्पर्धा में सफलता पाने के लिए अपनी सोच बदलनी होगी। जो खिलाड़ी एक बार भारतश्री का खिताब जीत लेते हैं उनको राष्ट्रीय खिताब जीतने के बाद इसका मोह छोड़कर विश्व ...
मुंबई गाथा.. भाग ३ ये है बॉम्बे मेरी जान (Bombay meri jaan.. Mumbai Part 3) :- मुंबई गाथा की सारी किश्तें पढ़ने के लिये यहाँ क्लिक करें। [image: टैक्सी मुंबई] जैसे ही बांद्रा में टैक्सी में बैठे तो टैक्सी ड्राईवर ने हमारा समान जितना डिक्की में आ सकता था उतना डिक्की में रखा और ...
पित्तशमन और मस्तिष्क की सक्रियता के लिए-चंद्रभेदन प्राणायाम :- अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए प्राणायाम सबसे अच्छा उपाय है। अष्टांग योग में प्राणायाम का महत्वपूर्ण स्थान है। मात्र सांस लेने की क्रिया से ही हमारे स्वास्थ्य को बहुत लाभ प्राप्त होता है। प्राणायाम से...
जरूर आना मेरी शोक सभा में :- जगत् की प्रशंसा प्राप्त करने के लिए मरना आवश्यक है या मरने के बाद आदमी पूरी दुनिया के लिए प्रशंसनीय हो जाता है? मरने के बाद जिसकी प्रशंसा में हमारे गले रुँध जाते हैं और वाणी विगलित हो जाती है, उसके जीते जी...
आंच-४८ (समीक्षा) पर इक नज़र जिंदगी... :- आंच-४८ (समीक्षा) इक नज़र जिंदगी... [image: 088]मनोज कुमार इक नज़र जिंदगी... एक लबादा सा ऊपर से नीचे तक न जाने क्या क्या . खुद में समाये हुए कुछ सुन्दर सा या असुंदर भी शायद कुछ भी नजर नहीं आता लगाते रह...
नीरा राडिया के बारे में जो आप नहीं जानते...खुशदीप :- पप्पू, मुन्नी, शीला के गानों ने हक़ीक़त में जितने पप्पू, मुन्नी, शीला है, बिना बात उनकी नाक में दम कर दिया...कई बार असल ज़िंदगी में भी कुछ लोग इतने बड़े खलनायक या खलनायिका हो जाते हैं कि उनके ऊपर बच्चों का...
देह की आज़ादी के पीछे से बेटियों के लिए खतरा :- आजादी भरे देश में आज सभी को आजादी उपलब्ध है। प्रत्येक व्यक्ति की आजादी अपने तरीके की परिभाषा निर्मित करती है। आजादी आदमियों के लिए कुछ और कहती है तो औरतों के लिए आजादी कुछ दूसरे किस्म की है। आजादी की यह...
 गिरीष बिल्लोरे मुकुल ने इश्क-प्रीत-लव पर सौवीं पोस्ट पूर्ण की "एक छोटी सी प्रेम कहानी लिख कर " , पैंतीस साल की उसे छोड़ने गया वो चालीस साल का रास्ते में पैंतीस साल की उसने पूछा :"मैं आपसे प्यार करने लगी हूं ?"
जी मुझसे सभी प्यार करतें हैं पर  प्यार का हर   रास्ता देह से होकर न जाए वो ही बेहतर है. आज़ आपको आपके घर वापस छोड़ रहा हूं उसका अर्थ समझिये .जी सच आज वास्तव में आपने मुझे मेरे घर वापस छोड़ा है तभी तो मैं आपसे प्यार करने लगी हूं जो सच देह से होकर नहीं गुज़रता
और उसका लाईव प्रसारण भी किया Bambuser | Love Story (girishbillore)
सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है - अहमद फ़राज़ :- सुना है लोग उसे आँख भर के देखते है सो उसके शहर में कुछ दिन ठहर के देखते है सुना है बोले तो बातो से फुल झड़ते है ये बात है तो चलो बात करके देखते है सुना है उसके लबो से गुलाब जलते है सो हम बहार पे इल्जाम धरक...


लीजिये आज फिर अपनी डफली आप बजाता हूँ ... क्या करूँ मौका ही ऐसा है ...


विजय दिवस पर विशेष :- *ऊपर दी गई इस तस्वीर को देख कर कुछ याद आया आपको ?* *आज १६ दिसम्बर है ... आज ही के दिन सन १९७१ में हमारी सेना ने पाकिस्तानी सेना को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था ... और बंगलादेश की आज़ादी का रास्ता साफ़ और...
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

आज की ब्लॉग वार्ता बस यहीं तक ..... अगली बार फिर मिलता हूँ एक और ब्लॉग वार्ता के साथ तब तक के लिए ......
जय हिंद !!

16 टिप्पणियाँ:

भाई शिवम जी वाह

बहुत सुंदर वार्ता लगायी है आपने शिवम जी ..इतने सारे महत्‍वपूर्ण लिंकों के लिए आभार !!


सुंदर वार्ता के लिए आभार शिवम जी

एंजिल से मुलाकात

शिवम जी

वार्ता में मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए धन्यवाद | चिटठा जगत के काम नहीं करने से कई पोस्टो तक पहुच नहीं हो पा रही थी हमारीवानी पर दो पोस्ट देख पर वो ओपेन नहीं हो रहा था आप ने उसका लिंक दे दिया धन्यवाद | चीन भारत सम्बन्ध पर कुछ लिखने की इच्छा थी कोई बड़ी बौद्धिक बात नहीं बस कुछ हल्का फुल्का किन्तु पहले कंप्यूटर में समस्या फिर अग्रीगेटर की समस्या , हम जैसे कम पहचाने जाने वाले ब्लोगर की पोस्ट तो बिना अग्रीगेटर के लोगों तक पहुचना ही मुश्किल हो गया है | आप ने थोड़ी मुश्किल हल कर दी है उसके लिए भी धन्यवाद |

बहुत सुन्दर लिंक्स के साथ आज की वार्ता की है…………आभार्।

वार्ता में मेरे ब्लॉग की लिंक जोड़ने के लिए धन्यवाद |

एग्रीगेटरों की आंख-मिचौली और पाठकों के समयाभाव के बीच,इस प्रकार के मंच बहुत उपयोगी हैं।

शिवम् जी ,

बहुत सुन्दर वार्ता -बधाई।

पहले तो एक या दो ही विभीषण थे। अब तो उस रेलवे कर्मचारी जैसे ढेरों गद्दार हैं जो पैसे की लालच में कभी भी देश को बेच देंगे।

आभार।

.

बहुत सुंदर वार्ता लगायी है आपने, मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए धन्यवाद |

इस वार्ता में शामिल होकर गर्व महसूस हो रहा है। आपने इस वार्ता मंच पर हमारी रचना को सम्मान दिया, आभारी हूं।

mahatwpurn links ke saath sundar vartaa...abhaar.

शिवम् जी,

काकोरी कांड के बारे में जानकारी दे कर हमें याद दिला दिया की हम अपनी स्वतंत्रता के इन महान शहीदों की शहादत को भूल क्यों रहे हैं? इस लिए ये स्वत्रन्त्र भारत के सत्ता में व्याप्त लुटेरों के बारे में खोज खबर लेते लेते हम इसके प्रति उदासीन होने लगे हैं. शहादत को याद करने के लिए धन्यवाद और हम जैसे लोगों पर लानत जो इस दिन को भूल गए.

आप सब का बहुत बहुत आभार !

सभी शहीदों को शत-शत नमन...
काफी अच्छी पोस्ट्स के लिंक दिए हैं आपने.. आभार
ब्लॉगिंग: ये रोग बड़ा है जालिम

बहुत सुंदर वार्ता लगायी है आपने शिवम जी ..
जय हिंद...!

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी में किसी भी तरह का लिंक न लगाएं।
लिंक लगाने पर आपकी टिप्पणी हटा दी जाएगी।

Twitter Delicious Facebook Digg Stumbleupon Favorites More