गुरुवार, 2 दिसंबर 2010

भ्रष्टाचार का विरोध सब कर रहे हैं, आइये हम सफाया करें - ब्लॉग 4 वार्ता - शिवम् मिश्रा

प्रिय ब्लॉगर मित्रो,
प्रणाम !

पिछले ७ दिनों की भागम भाग के बाद आज फिर हाज़िर हूँ ब्लॉग 4 वार्ता  के इस मंच पर एक और ब्लॉग वार्ता ले कर.... सो बिना समय बर्बाद किये चलते है आज की ब्लॉग वार्ता की ओर.....

सादर आपका


शिवम् मिश्रा

-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

न्यू ज़ीलैंड को लिटा दिया पूरी तरह से लैंड पर :- गम्भीर, विराट और श्रीसंत ने कमाल कर दिया इण्डिया की टीम ने जयपुर में धमाल कर दिया न्यू ज़ीलैंड को लिटा दिया पूरी तरह से लैंड पर इत्ता ज़ोर से मारा कि पिछवाड़ा लाल कर दिया जय हो ! इण्डिया जय हो !

भ्रष्टाचार का विरोध सब कर रहे हैं, आइये हम सफाया करें :- भ्रष्टाचार...........भ्रष्टाचार.............भ्रष्टाचार!!! अब हर जगह इसी की चर्चा हो रही है। ब्लॉग पर तो इसकी चर्चा बहुत जोरों से और बहुत ही पहले से होती आ रही है। हमने भी कई बार अपने ब्लॉग पर इसको समाप्त ...

Those Rains Were Special (बरसात के वो दिन) :- आज एक कविता देखिये, जिसे मैंने अंग्रेजी में लिखा था और पोस्ट किया था अपने दूसरे ब्लॉग "एहसास प्यार का" पे..फिर उसे किस खूबसूरती से चचा जी(सलिल वर्मा) ने हिन्दी में अनुवाद किया..हिन्दी वाले कविता को पढ़िए, ...

थ्री टी से टी थ्री तक :- -चौं रे चम्पू! एक हफ़्ता में बनारस, पटना, रांची, मुंबई, रायपुर, आगरा, अरे घर में टिकै कै नायं? -चचा, पाँव में चक्कर है। आपके चम्पू का नाम ही ऐसा है। सभी जगह हवाई जहाज से गया। आगरा बाई रोड, और सिर्फ बनारस ...

“उग रहे भवन भारी..” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक") :- सब्जी, चावल और गेँहू की, सिमट रही खेती सारी। शस्यश्यामला धरती पर, उग रहे भवन भारी-भारी।। बाग आम के-पेड़ नीम के आँगन से कटते जाते हैं, जीवन देने वाले वन भी, दिन-प्रतिदिन घटते जाते है, लगी फूलने आज वतन...

राजस्थानी भाषा में पति और पत्नी के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले कुछ शब्द :- कल रात अपने एक राजस्थानी मित्र के चिरंजीव की शादी में जाना हुआ था। बातों ही बातों में पता चला कि राजस्थानी भाषा में पति और पत्नी के लिए अलग-अलग करीब २५० शब्दों का प्रयोग होता है। मित्र के पिताजी ने कुछ पर्...

वर्ष-२००८ के अग्रणी ब्लोगर :- *........गतांक से आगे .... * *हिंदी ब्लोगिंग के समूचे परिदृश्य के बिहंगावलोकन के क्रम में मैंने वर्ष-२००३ से वर्ष-२००८ तक के सक्रिय और महत्वपूर्ण ब्लॉग का उल्लेख कर चुके हैं , संभव है कुछ और महत्वपूर्ण ...

 क्षणिकाएं....केवल राम :- १. अंतिम बार जब तुमने अंतिम बार मेरे कमरे की दहलीज से बहार जाते वक़्त मेरे सिर पर हाथ फेरते हुए कहा था .... कि तुम सिर्फ मेरे लिए और मैं सिर्फ ... तुम्हारे लिए तब मुझे लगा था मोहब्बत किसी , इबादत से कम नहीं ।...

अनाथ से शादी क्यों? :- कल की पोस्ट पर यह सवाल सबसे महत्त्वपूर्ण है। मैं ना तो मित्र के सम्बन्धी विवाह के इच्छुक नरेन्द्र टक्कर को मिला हूँ और ना ही उनको जानता हूँ। चूंकि मेरे मित्र ने जब मुझसे अनाथालय से शादी की जानकारी प्राप्त ...

हमारी देसी आदतें - सतीश सक्सेना :- खुशदीप सहगल के द्वारा अपनाए जा रहे देसी ट्रेफिक नियमों की लिस्ट देख , हमारा भी, देसियों के द्वारा अपनाए जा रहे कुछ और नियम, बताने का दिल कर गया ! सो हमारे कुछ देसी रूल देखिये ! विश्वस्तरीय मेट्रो की सफाई देख...

 डायेनासोर्स अलाइव....! :- * कुछ दिन पहले ममा पापा मुझे जू लेकर गए | वहां सभी तरह के जानवर थे पर खास बात यह थी की वहां बहुत सारे डायेनासोर्स भी थे | वो भी अलाइव | मुझे तो इनके पास जाकर भी डर लग रहा था | फिर धीरे धीरे हिम्मत जुटाई |...

पर्दे पर भारत :- . चैनल फ्लिप करते हुए एक जगह "इंडिया" देखा तो रुक गया। माथे पर लाल टीके लगाये और गले में दोशाला डाले हुए दो पुरुष एक दूसरे से पुर्तगाली भाषा में बात कर रहे थे। जब तक कुछ समझ पाता, ब्रेक हो गया और रिओ की ...

 जब हनुमान जी घर मेरे आए ....पंजाब यात्रा संस्मरण -५..jha ji on ride :- ** * * * * * * * * * * इससे पहले आप मेरी पंजाब यात्रा में इन पोस्टों पर पढ चुके हैं कि मैं कहां कहां कैसे कैसे घूमा । आज मैं आपको मिलवाता हूं हनुमान जी से ..अरे नहीं नहीं यूं तो भारत में हनुमान जी से ...

जबलपुर-ब्लागर्स एसोसिएशन की कार्यशाला रिपोर्ट : हिंदी ब्लागिंग : विकास एवम संभावनाएं :- रिपोर्ट और चित्र कहां गएहै न कितना विचित्र जबलपुर का बलशाली ब्‍लॉगिंग आयोजन 6.30 बजे शाम से सूर्या होटल में संपन्‍न हुआ भव्‍य हुआ होगा दिव्‍य भी उसमें समीर लाल जी ललित शर्मा जी जी के अवधिया जी गिरीश ...

निदक नियरे राखिये , आँगन कुटी छवाय -- Beware of क्रिटिक्स :- निंदक नियरे राखिये, आगन कुटी छवाए , बिन पानी साबुन बिना , निर्मल करे सुभाय । अरे भाई हम क्या ख़ाक कुटी छावायेंगे, ये तो स्वयं ही यत्र-तत्र अपनी कुटिया डाले कालोनी बसाये मिल जायेंगे। एक ढूंढो चार मिलेंगे। ...

-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
आज की ब्लॉग वार्ता बस यहीं तक ..... अगली बार फिर मिलता हूँ एक और ब्लॉग वार्ता के साथ तब तक के लिए ......

जय हिंद !!

21 टिप्पणियाँ:

शुभ प्रभात शिवम् !
बढ़िया लिंक के लिए आभार आपका !

बेहतरीन प्रस्तुति ,बधाई !

सुनने में आया है कि एक रिपोर्ट आई है
पर वो भी अभी तक नहीं दी दिखलाई है
एक दिन की प्रेम कथा जो किसी के साथ कहीं भी घट सकती है

उम्दा वार्ता ..कई अच्छे लिंक्स मिले ...

.

बढ़िया वार्ता , सुन्दर लिंक्स
आभार शिवम् जी ।

.

link achhe hain uske liye badhaai aur meri post sammilit karne ke liye hardik aabhaar !

थैंक यू शिवम् अंकल मेरी पोस्ट को सुंदर वार्ता में शामिल करने के लिए.......

सुन्दर चर्चा!
मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए धन्यवाद!

अच्छी जानकारी , सुन्दर लिंक्स .अच्छी वार्ता

बढिया लिंक्स मिले……………सुन्दर वार्ता…………आभार्।

बेहतरीन लिंक्स के आभार शिवम जी!

बहुत ही चुन चुन कर लाए हैं शिवम भाई ...आभार आपका

सूक्ष्म मगर सुन्दर लिंक वार्ता शिवम जी !

आप सब का बहुत बहुत आभार !

mere blog ko saamil karne ke liye bahut aabhar :)

शिवम् मिश्रा जी
आपका बहुत- बहुत शुक्रिया, मेरी पोस्ट को बार्ता में शामिल करने के लिए ...

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी में किसी भी तरह का लिंक न लगाएं।
लिंक लगाने पर आपकी टिप्पणी हटा दी जाएगी।

Twitter Delicious Facebook Digg Stumbleupon Favorites More