गुरुवार, 16 दिसंबर 2010

हिन्दी कैद में बैठी रोवे, टूटे अंग्रेज़ी की टांग ---- ब्लॉग4वार्ता --- ललित शर्मा

नमस्कार, यह मानव जब प्रेम बरसाता है तो अमर प्रेम हो जाता है और जब नृशंस हो जाता है तो पाशविकता की पराकाष्ठा को पार कर जाता है। नृशंस कत्ल करते वक्त उसकी क्या मनोवृत्ति होती है इसका अध्ययन तो अपराध विज्ञानियों ने किया है, लेकिन देहरादून में एक साफ़्टवेयर इंजिनियर ने अपनी पत्नी की हत्या कर उसके 72 टुकड़े कर दिए, यह नृशंसता की पराकाष्ठा है। एक पढा लिखा इंसान इस कदर हैवान हो जाता है घोर निंदनीय है। अब चलते हैं आज की ब्लॉग4वार्ता पर.........

सबसे पहले चलते हैं एड़ी चोटी पर जहाँ उपदेश सक्सेना जी लिख रहे हैं मानवता के अंगों के और टुकड़े मत करो..देहरादून की अनुपमा को उसके साफ्टवेयर इंजीनीयर पति ने नृशंस तरीके से ७२ टुकड़े कर मौत के घाट उतार दिया. इस लोमहर्षक घटना के वक्त क़ातिल पति की मनःस्थिति जो भी रही हो, जब उसने अपने जुर्म का इकबाल कर लिया है, तो उसे सज़ा देने में देरी किस बात की?. दरअसल यह हमारे क़ानून की खामी है कि वह सारे सबूत होने के बाद भी न्याय में इंतज़ार करवाता है. अब बात मीडिया की. इस बेहद दर्दनाक हादसे पर भी मीडिया अपनी टीआरपी बढाने का लोभसंवरण नहीं कर पाया..

परदेशी की प्रीत की रे कोई मत ना करियो होड़, श्री यौगेन्द्र मौदगिल जी ने फंसा दिया मुझे श्री यौगेन्द्र मौदगिल जी ने फंसा दिया मुझे :-) हा-हा-हा, लेकिन मैं खुश हूँ और अपने आपको सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूँ। धन्यवाद यौगेन्द्र जी। सांपला में हास्य कवि सम्मेलन करवाने जा रहा हूँ। तैयारियों में व्...कुरान का कुछ ख़ास सारांशक्या आप जानते हें के कुरान में जिनगी का ज़िक्र १४५ बार आया हे और म़ोत का ज़िक्र भी १४५ बार ही आया हे फरिश्तों का ज़िक्र ८८ बार और शेतान का ज़िक्र भी ८८ बार आया हे , कुरान में दुनिया का ज़िक्र ११५ बार और आखेरत क...

शीत ऋतू की त्रि पदी पढिए वेद व्यथित जी के ब्लॉग पर सर्दी अपना रंग दिखा ही रही है मैंने मित्रों के स्नेह से एक नये छंद त्रि पदी की रचना की है जो पहले भी आप ने मेरे ब्लॉग पर व अन्य स्थानों पर पढ़ा है उसी को आगे बढ़ाते हुए फिर कुछ शीत ऋतू की त्रि पदी लिखी हैं...भगवान निरीह बनाकर क्यों भेजते  बाल विहार मूक वधिर स्कूल, जमशेदपुर हमारी बातों को समझने की कोशिश करते हुए बाल विहार के मासूम बच्चे बाल विहार के बच्चों को लिखकर अपनी बातें बताती हुई सरिता आज बहुत दिनों के बाद बाल विहार गई थी. दरअसल...

उजळी और जेठवै की प्रेम कहानी और उजळी द्वारा बनाये विरह के दोहे-2उजळी द्वारा अपने प्रेमी जेठवा की मृत्यु उपरांत बनाये पिछोले - पाबासर पैसेह हंसा भेला नी हुआ | बुगलां संग बैसेह , जूण गमाई जेठवा || संसार रूपी मान सरोवर में रहकर जेठवा रूपी हंसों का संसर्ग प्राप्त न हुआ ...विजय जाधव का यूं चले जाना दुखद है - नूतन ठाकुर हरियाणा अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म समारोह यमुनानगर में विजय जाधव पत्रकारों को संबोधित करते हुए आज अचानक एक खबर देखी. नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया के निदेशक विजय जाधव की ह्रदय गति रुकने से मृत्यु. 43 वर्षीय जा...

आज पंकज मिश्रा का जनमदिन है, पंकज मिश्रा जी के साथ हमने कई महीनों तक चर्चा हिन्दी चिट्ठों की पर चर्चा लगाई, ब्लाग जगत के महारथी ब्लागर अब कार्य व्यस्तता के कारण विश्राम पर हैं लेकिन ब्लाग जगत इन्हे अभी तक भूला नहीं है। हम अभी याद करते है, उन्हे वार्ता दल की तरफ़ से ढेरों बधाईयाँ,..मंदिर में लड़कियों-महिलाओं के प्रवेश पर रोक क्योंमैं नहीं जानता कि हिंदी ब्लॉग पर पहले ये मुद्दा कभी उठा है या नहीं...लेकिन मुझे इसमें व्यापक विमर्श की संभावना दिख रही है...ये मुद्दा एक मंदिर में भगवान की मूर्ति को एक महिला के छूने के दावे से मचे विवाद क...

निकला होगा चान्दडॉ. राही मासूम रज़ा से क्षमा याचना सहित, आपकी खिदमत में अर्ज़ किया है: हम सोबर* परदेस में, देस में घुटती होगी भांग।। हो ओ ओ... हिन्दी कैद में बैठी रोवे, टूटे अंग्रेज़ी की टांग॥ हम सोबर परदेस में, देस में...धुंध में खोया हुआ ख्वाहिशों का घरमेरे दोस्त, बातें बेवजह हैं और बहुत सी हैं....के जरिये जो बातें करता था वे बहुत दिनों से याद नहीं आई. ज़िन्दगी के आधे रास्ते के बाद हौसला रहता नहीं इसलिए इस बार बिछड़ने की बात चले तो याद दिलाना कि उस घड़ी ...

भारत में ऐसा भीगांव - अंजनी, जिला - मैनपुरी, राज्य - उत्तर प्रदेश। हनुमानजी की माता अंजनी के नाम पर बसे इस गांव में दूध बेचना पाप समझा जाता है। आज जबकी देश में पानी भी खरीद कर पीना पडता है, इस दो हजार भैंसों वाले गांव ...सुण ओए वोट-बैंक सुण !न ही आज देश बना, चोर-उचक्कों का निवाला होता, न हर तख़्त-ए-ताज को, लुच्चे दल्लों ने संभाला होता। सुण ओए वोट-बैंक सुण, दिन ये शायद कभी न आता, वोट अगर तुमने अपना, सोच-समझकर डाला होता॥ उपकार अपेक्षा व्यर्थ है र...

चलते चलते सॉलिड पंच


वार्ता को देते हैं विराम, मिलते हैं ब्रेक के बाद राम राम.................

12 टिप्पणियाँ:

हमेशा की तरह चर्चा अच्छी है

उम्दा लिंक्स से सजी इस ब्लॉग वार्ता के लिए आपका बहुत बहुत आभार ... ललित दादा !

बेहतरीन चर्चा. भाई पंकज मिश्राजी को जन्मदिन पर बधाई .... आभार


आप सब को विजय दिवस की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं !

जय हिंद !!!

विजय दिवस पर विशेष

बढ़िया वार्ता हमेशा की तरह ..कार्टून भी मस्त है.

सभी लिंक बेहतरीन है खासकर ये फोटो तो बहुत ही गहरा कटाक्ष करता है

ललीत जी राम राम सा
वार्ताओं का अच्छा संग्रह

हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

मालीगांव
साया
लक्ष्य

कार्टून ने तो हमे मन्त्रमुग्ध कर दिया। वार्ता तो हमेशा की तरह लाजवाब है।

ओए-होए, चलो अच्छा हुआ हाथ तोड ड़ाला। अब पेट्रोल-डीजल के कारण और चीजों के दाम बढने पर सिर तो नहीं फोड़ेगा।

इस हाथ को सजा जरुर मिलनी चाहिये जो यह गलत वोट देता हे , तोड दो जी इसे:-) अपने बाप का क्या जाता हे, सुंदर चरचा के लिये सुंदर सा धन्यवाद

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