बुधवार, 22 दिसंबर 2010

सर्द मौसम -- माऊस को सजा -- कौन है असली 'भारत -रत्न ' ? ब्लॉग4वार्ता -- ललित शर्मा

नमस्कार, पैट्रोल के दाम बढने का सीधा असर बाजार पर हो रहा है। मंहगाई बढते जा रही है। प्याज और लहसून के दाम तो आसमान छू रहे  हैं। जब से कांग्रेस सरकार ने दिल्ली की गद्दी संभाली है। तब से रोजमर्रा के सामानों के मुल्य में बेतहाशा वृद्धि हुई है। बेलगाम मंहगाई आम आदमी की कमर तोड़ रही है। इधर घोटाले पर घोटाले सामने आ रहे हैं। मंहगाई और घोटालों पर मनमोहनी सरकार लगाम कसने नाकामयाब रही  है। सेठों के गोदामों माल भरा है और जमाखोरी की प्रवृति बढ रही है। कृत्रिम रुप से सामान की कमी दिखा कर अधिक मुनाफ़ा कमाने का चलन पुराना रहा है। सरकार को जमाखोरी की प्रवृति के निवारण हेतु विशे्ष ध्यान देना चाहिए। अब चलते हैं आज की ब्लॉग4वार्ता पर .........

दिनेश राय द्विवे्दी कहते हैं कि कभी दर्द सहने के बजाए, दर्द निवारक ले लेना चाहिए इतवार की सुबह नींद टूटी तो गर्दन ने हिलने से इन्कार कर दिया। मैं धीरे-धीरे बिस्तर पर बैठा हुआ। मैं ने उसे बाईं तरफ घुमाया तो कोई विशेष तकलीफ नहीं हुई, लेकिन जब दायीं ओर घुमाया तो तकरीबन पाँच डिग्री घूमने क...देवेन्द्र पाण्डे कह रहे हैं नव वर्ष के शुभ संदेशे पहले प्रीतम की पाती में अब आते मोबाइल में। नया साल शुभ हो कहते हैं नई अदा, स्टाईल में। कभी इधर तो कभी उधर को दौड़ा-भागा करते है सबकी खुशियों की खातिर ये ह...

छत्तीसगढ़ भवन…ब्लॉग गोष्ठी … संवेदना के आयाम, जीपीएस मोहतरमा और सवा ढाई किलो के हाथ… सूसूचना पहले से थी, अविनाश जी का जीटाक भी दरवाज़ा खड्का गया …किन्तु इससे पहले ही नुक्कड़ पर ब्लॉगर मिलन की खबर पढ़ कर शाम की कड़कड़ाती ठण्ड में ब्लॉगर्स के गरमागरम विचारों और सुखद सानिध्य का लोभ संवरण नहीं कर स.....दोस्तों यह ब्लोगर की दुनिया भी अजीब हेदोस्तों वर्ष २०१० जाने के इन्तिज़ार में हे कुछ दिन शेष बचे हें अपनी म़ोत जिंदिगी का अपन को कोई पता नहीं लेकिन कुछ दिनों बाद वर्ष २०११ नई उमंग नई सुबह लेकर जरुर आयेगा में इस ब्लोगर की दुनिया में मार्च २०१० म...

सर्द मौसम चटक चांदनी फीकी सुबहें मौसम का अंदाज़ है सुबह हवा ने ...बतलाया था सूरज कुछ नाराज़ है धुंध लपेटे चुप पड़ा है बड़ा बिगड़ा नवाब है---अक्षर छत्तीसगढ़सुतनुका का प्रेम संदेश 'ओड़ा-मासी-ढम', अजीब से लगने वाले ये छत्तीसगढ़ी शब्द, विद्यारंभ संस्कार के समय लिखाए जाने वाले 'ओम्‌ नमः सिद्धम्‌' का अपभ्रंश हैं, यानि ककहरा (वर्णमाला) 'क ख ग घ' या 'ग म भ झ' का अभ्...

यार फटीचर तू कितना इमोश्नल है यारश्री राज भाटिया जी और श्री नीरज जाटजी ने आर्थिक सहयोग देने की बात की है। नीरज जी ने तो कल पर्स ही निकाल लिया, बडी मुश्किल से मैनें उन्हें पर्स को वापिस पॉकेट में रखवाया। (नीरज जाटजी और पाबला जी से हुई मुल...राष्ट्रीय ब्लॉगर पुरस्कार अनुसंधान संस्थान...........सतीश पंचम'राष्ट्रीय ब्लॉगर पुरस्कार अनुसंधान संस्थान' .....एक ऐसा संस्थान ..... जिसके बारे में जितना कुछ कहा जाय, कम है। बता दूं कि ब्लॉगरों की हिंदी सेवा के लिये पुरस्कार, उनकी भावना, उनकी सद्भावना, उनके प...

वार्षिक हिंदी ब्लॉग विश्लेषण-२०१० ( भाग-६ )गतांक से आगे बढ़ते हुए ..... जैसे किसी आईने को आप भले ही सोने के फ्रेम में मढ़ दीजिये वह फिर भी झूठ नहीं बोलता । सच ही बोलता है । ठीक वैसे ही कुछ ब्लोग्स हैं हिंदी ब्लॉगजगत में जो हर घटना, हर गतिविधि , ह...कौन है असली 'भारत -रत्न ' ?अखबारों में खबर है कि क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को देश का सर्वोच्च सम्मान 'भारत-रत्न' देने की मांग फिर उठने लगी है . यह हमारी भारत-माता का दुर्भाग्य नहीं तो और क्या है कि उसकी वर्तमान संतानें अपने उन महानं प...

कैक्टससेठ बनारसी दास शहर के गणमान्य नागरिक एवं प्रतिष्ठित व्यापारी हैं. अगले विधान सभा चुनाव में सत्ताधारी पार्टी का टिकिट पाने के लिए तरह तरह के आयोजन कर बड़े बड़े नेताओं को आमंत्रित करते रहते हैं. मुख्य मंत्...रूई का बोझ...पहली किस्त...खुशदीपजीवनकाल को बांटने के लिए *ब्रह्मचर्य, ग्रहस्थ, वानप्रस्थ* और *संन्यास* के खांचों के बारे में आप सब जानते ही हैं...लेकिन ये अवस्थाएं संयुक्त परिवार के लिए बनी थी...आज के दौर में सभी मान्यताएं टूट रही हैं तो...

माऊस को सजा -- पानीपत की चौथी लड़ाई और काफ़िनो  पानीपत के युद्ध के विषय में हम इतिहास में पढते आए हैं,1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराया था। पानीपत की दूसरी 1556 में हुई। पानीपत की तीसरी लड़ाई 1761 में हुई। अब पानीपत की चौथी...छोड़ ना जाने दे, सब अपने हैं, क्या फर्क पड़ता है !भईय्या आपने बैंक लूट लिया एफ.आई.आर.हो जायेगी छोड़ ना जाने दे, सब अपने हैं क्या फर्क पड़ता है ! भईय्या चौक पे मर्डर कर दिया पुलिस पकड़ कर ले जायेगी छोड़ ना जाने दे, सब अपने हैं क्या फर्क पड़ता है ! भईय्या आपने...

चलते चलते व्यंग्य चित्र

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12 टिप्पणियाँ:

अति सुंदर ओर विस्तरित लिंक के साथ सुंदर चर्चा, धन्यवाद

बढ़िया लिंक्स से सजाई है आपने आज की वार्ता ... बहुत बहुत आभार ललित दादा !

बहुत बढ़िया वार्ता ...अच्छे लिंक्स मिले

कई अच्‍छे लिंक मिले, आभार।

sundar charcha.......votvan ka kya kahna.....:P

अच्छे लिंक्स और अच्छी वार्ता बहुत आभार.

सुन्दर वार्ता..मेरे कार्टून को स्थान देने के लिए आभार !

गर्दन तो दर्द से मुक्त हो चुकी है, बस अभी कंधे में दर्द बाकी है। पर वार्ता पढ़ने में कोई बाधा नहीं है।

मस्त जी मस्त बहुत मस्त धन्यवाद

शुक्रिया भैया, मेरे पोस्ट को आज के ब्लॉग वार्ता में शामिल करने के लिए..

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