शनिवार, 12 मार्च 2011

जबरिया वार्ता मतलब जबलपुरिया दबंगई -------- ललित शर्मा

सलमान खान ने क्या फ़िल्म बनाई दबंग-दबंग, यहां तो सभी दबंग हो गए हैं। मैने ब्लॉग4वार्ता बंद करने का मन बनाया  और अपनी इच्छा जाहिर कर दी। लेकिन जबलपुर के दबंग ब्लॉगर ने वार्ता का अपहरण करके वार्ता लिख दी। जो कि मुझे अच्छा नहीं लगा। पहले तो इन्होने कोर्ट में जाने की धमकी देकर मुझे दिनेश राय द्विवेदी जी से सलाह लेने को कहा। जिसे मैने मजाक में लिया, लेकिन अब जबरिया वार्ता लगा कर अपनी दबंगई सिद्ध कर रहे हैं। ऐसे दबंगों से तो मै निपटते रहा हूँ। मैं नहीं चाहता वार्ता पर कोई बखेड़ा खड़ा हो।
इस मामले को लेकर वरिष्ठ वार्ताकार संगीता पुरी जी काफ़ी क्षुब्ध हैं और मुझे भी अच्छा नहीं लग रहा है। वार्ता शुरु रहेगी या बंद अब यह निर्णय मैं  उनके उपर छोड़ता हूँ।

12 टिप्पणियाँ:

जबलपुरिया दबंगई-सो तो है ही. हमेशा से जबलपुर दबंग ही रहा है, उसमें संगीता जी को इस तरह उलझाना- ये क्या बात हुई.

सीधे सीधे अपने हिसाब से प्रकरण पर आपस में बात करिये, क्यूँ जबलपुरिया?????

@Udan Tashtari,

हाई कोर्ट जबलपुर में है इसलिए जबपुरिया दबंगई चल रही है। लेकिन ये भी मान लिजिए, हम भी नई राजधानी में रहते है।

नई राजधानी, नई हाई कोर्ट..नया अनुभव.......

ठुमकत चालूँ मैं गली गली...
कि सब कुछ लागे नया नया......


-ऐसा न हो जाये कहीं...

वार्ता के बंद होने की खबर से संगीता पुरी क्षुब्‍ध हो सकती है .. वार्ता के चलते रहने से तो मुझे खुशी होगी .. आप अपने झगडे में मुझे न लपेटें !!

इसके बारे में में कुछ नहीं कह सकती ... हवे अ गुड डे
विसीट मायी ब्लॉग
Music Bol
Lyrics Mantra

amehi khuch apsi gulp hai to.........

lekin agar varta-4 u hai to chalti rahni chahiye....dikkat kya hai....sthapit ho chuke hain....ghabrahat kya hai?

pranam.

यह क्या हो रहा है भाई ...

देखो दादा ये ग़लत बात है जवाब मिसफ़िट पर देता हूं.

मै जल्दी ही टंकी की सफ़ाई करवाता हुं, पता नही कब किसे जरुर्त पड जाये....

टंकी पर छाता लगवा देना...ललित भाई को गर्मी बहुत लगती है.

टिप्‍पणियां बढ़ाने का टोटका निकले
ऐसी मंगल कामना है।
ललित जी वार्ता को बंद कर ही नहीं सकते
करेंगे तो जरूर कोई एग्रीगेटर शुरू कर रहे होंगे
सब उनके मन की पावन भावना को समझें
जो उनकी कड़कदार मूंछों के नाजुक से दिल में
बसती है।

आप ऐसा कैसे कर सकते हैं..? ब्लोगरों
की भावनाएं जुडी है आपकी वार्ता के साथ
बंद न करें !

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