गुरुवार, 24 मार्च 2011

जजों की कलम बोले या जुबान... सचिन को क्यों ना मिले भारत रतन .. ब्‍लॉग4वार्ता .. संगीता पुरी


आप सबों को संगीता पुरी का नमस्‍कार , एक अंतर्राष्ट्रीय सिख संगठन ने सभी सिख गुरुद्वारों और संस्थानों से 14 मार्च को पर्यावरण दिवस के रूप में मनाने की अपील की है। इस दिन सन् 1644 में गुरू हर राय सिखों के सातवें गुरू बने थे। यह अपील करने वाले ईको सिख संगठन ने कहा कि भारत और अन्य देशों के कई सिख संस्थानों ने इस प्रयास का समर्थन किया है। संगठन ने विभिन्न गुरुद्वारों और संस्थानों को अपनी भागीदारी पंजीकृत कराने के लिए एक वेबसाइट भी शुरू की है। गुरू हर राय को उनके मानवीय कार्यो और प्रकृति और जानवरों के संरक्षण के प्रयासों के लिए जाना जाता है। उन्होंने आनंदपुर साहब के निकट अपने जन्म स्थान और आध्यात्मिक केंद्र कीरतपुर साहब में चिकित्सा उद्देश्यों से जड़ी-बूटी उद्यान की स्थापना की थी। ईकोसिख के संयोजक और वाशिंगटन स्थित सिख परिषद के अध्यक्ष डॉ. राजवंत सिंह ने कहा, "गुरू हर राय ने सिखों को प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित किया और उनके प्रयासों से लोगों में पर्यावरण के संरक्षण के लिए चेतना पैदा हुई। प्रकृति संरक्षण और सामाजिक कार्यों में धार्र्मिक संस्‍थाएं दिलचस्‍पर लें रहे हैं , यह सुखद है। इस खबर के बाद नए चिट्ठों की ब्‍लॉग4वार्ता र चलते हैं __


क्या जजों को सार्वजनिक तौर पर ऐसी टिप्पणियां करनी चाहिएजो लोकतंत्र के अन्य अवयवों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएंक्या उनका यह आचरण स्वयं अपनाई आचार संहिता के अनुरूप हैक्या ऐसे बयानों से संविधान और न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचती हैये ऐसे सवाल हैंजो इन दिनों देश में चर्चित हो रहे हैं। इन सवालों के नायक हैं सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अशोक कुमार गांगुली। पिछले दिनों मुंबई में वकीलों के एक समारोह में उन्होंने एक ऐसी टिप्पणी कर दीजिससे न्यायिक और राजनीतिक हलकों में बवंडर मच गया। उसके तुरंत बाद कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने बड़े संयमित स्वर में कहा कि संविधान में शक्तियों का स्पष्ट बंटवारा है और लोकतंत्र के हर एक स्तंभ को इसका पालन करना चाहिए। 


क्या आप जानते है?



१) यूनेस्को ने जन गण मन को विश्व का सर्वोत्कृष्ठ राष्ट्रीय गीत घोषित किया है।
२) भारत विश्व का एकमात्र लोकतान्त्रिक देश है जंहा इतने विविध धर्म है।
३) भारत के प्रत्येक नागरिक सूचना प्राप्त करने , शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।
४) भारत का प्रमुख ग्रंथ 'भगवत गीता' को विदेशी विश्वविद्यालयों मे पढ़ाया जाता है।
५ )भारत विश्व उन छह देशो मे से एक है जिसका  अपना राष्ट्रीय मुद्रा चिन्ह है।

नमस्कार प्रिय दोस्तों, मुबारक हो आप सभी को क्योंकि हम 21वीं सदी में प्रवेश कर चुके हैं। हमारे भारत ने इन 64 वर्षो में जितनी तरक्की की है, ये तो आप अच्छी तरह से जानते है। राज्यों-राज्यों में जगह-जगह आज हमें आघुनिकरण होता दिखाई देता है। कोई मेट्रो बना रहा है, तो कोई हमारे खिलाड़यों के लिए स्टेडियम, तो कोई दुनिया की सबसे ऊँची बिल्डिंग भारत के अंदर बनाने का सपना देख रहा हैं, तो कोई आम जनता के लिए सस्ती कारों का निर्माण कर चुका है। दोस्तों यह तो रही सिक्के के एक पहलू की बात, चलिए सिक्के के दूसरे पहलू को देखते हैं। कोई मँहगाई बढ़ाने में लगा हुआ है तो कोई पेट्रोल-डिजल के दाम, तो कोई खाने-पीने के समान को मँहगा कर रहा है तो कोई घुमने-फ़िरने के लिए परिवहन को, तो कोई शिक्षा में सुघार करके उसे आघुनिक बनाने में लगा हुआ है, जिससे हमारे देश के बच्चें आगे चलकर हमारे देश की बागड़ोर सम्भाल सकें। लेकिन क्या आपको वाकई यह लगता है कि हमारे देश की शिक्षा का स्तर इतना बड़ रहा है की हमारे देश के बच्चें अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें।

गाँधी जीवन दर्शन केवल पढने लिखने के लिए नहीं है , वरन हममें से हर एक के लिए संपूर्ण जीवन को जीने के लिए एक सहज , सुलभ , प्राकृतिक तौर तरीका है| आज की दुनिया का जो स्वरुप उभरा है वह अपनी-अपनी समझ से अपने जीवन काल में आजतक मनुष्यों ने जो प्रयत्न किये, उसका कुल नतीजा आज की हमारी दुनिया है. आज की दुनिया की अच्छाइयों - बुराइयों या सुविधा और समस्याओं का पूरा श्रेय आज तक पैदा हुए  मानव समाज को है. आज के काल में मनुष्यों की संख्या और गतिविधि इतनी ज्यादा बढ़ गयी है कि हममे से हर एक मनुष्य की जीवन शैली या दैनन्दिन जीवन की गतिविधियों से सारी दुनिया के प्राकृतिक जीवन क्रम पर विनाशकारी असर बढ़ता ही जा रहा है. 





लोग सचिन केलिए भारत रतनपर इतना बहसकर रहे है,
इस लिए मै आजतक भारत रतनपाए लोगो कि लिस्ट दे रहा हूँ , और मुझे जराये बताने का कष्ट करे कि कौन सा व्यक्ति किसक्षेत्र से भारतीय समाज का उथान किया है.मुझे तो इसमें बहुत सारे ऐसे लोग दिख रहे हैजिनसे सचिन बहुत ही आगे है तो उनको भारत रतन क्यों ना दिया जाये।
भारत रत्न पुरस्कार की पूरी सूचीक्र.संनाम जन्म / पुरस्कृत नोट्स भारतीय राज्य या देश1. सर्वपल्ली राधाकृष्णन  1954 द्वितीय राष्ट्रपतिपहले उपराष्ट्रपतिदार्शनिकतमिलनाडु2. चक्रवर्ती राजगोपालाचारी  1954 अंतिम गवर्नर जनरलआजादी की लड़ाईएरतमिलनाडु3. सी वी रमन  1954 नोबेल विज्ञानी तमिलनाडु जीतने पुरस्कार4. भगवान दास  1955 दार्शनिक , स्वतंत्रता सेनानी उत्तर प्रदेश5. सर मोक्षगुन्दम विस्वेस्वर्या 1955 सिविल इंजीनियर कर्नाटक6. जवाहरलाल नेहरू  1955 प्रथम प्रधानमंत्रीस्वतंत्रता सेनानीलेखक.उत्तर प्रदेश

1. मैं फिर से गाऊंगा 




मैं फिर से गाऊंगा 
बचपना बुलाऊंगा 
घिसटूगा घुटनों के बल 
आंगन से चलकर 
लौट -पौट आँगन में आऊंगा
मैं फिर से गाऊंगा!




२. मौसम का आखिरी शिकार 

मौसम का आखिरी शिकार 
आखिर फिर होगा तो कौन
झरे फूल का जिम्मेदार 
आखिर फिर होगा तो कौन!


गुवाहाटी,१४ फरवरी। अरुणाचल में चल रही पनबिजली परियोजना में करीब



चार लाख करोड रुपए की हेराफेरी होने का आरोप लगाते हुए भारतीय
जनता पार्टी ने कहा है कि इससे दूसरा २ जी एस्पेक्ट्रम बनने नहीं दिया
जाएगा। पार्टी ने कहा है कि या तो हेराफेरी करने वालों को पकडा
जाएगा या फिर परियोजना बंद करवा दी जाएगी।
आज यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय सचिव
किरीट सोमैया ने कहा कि अरुणाचल की पनबिजली परियोजना कांग्रेस
पार्टी के लिए लूट का एक खजाना बन गया है। दिल्ली और अरुणाचल से
लेकर असम के मंत्री परियोजना के नाम पर देश का खजाना लूट रहें हैं।
क्योंकि ज्यादातर कार्य फर्जी कंपनियां बना कर मंत्रियों के परिजनों को
दिया गया है।


बाजार भी बड़ी अजीब चीज है। यह किसी को भी धरती से आकाश या आकाश से धरती पर पहुंचा देता है। यह उसकी ही महिमा है कि भ्रष्टाचारी नेताओं को अखबार के पहले पृष्ठ पर और समाज सेवा में अपना जीवन गलाने वालों को अंदर के पृष्ठों पर स्थान मिलता है। बाजार के इस व्यवहार ने गत कुछ सालों से एक नये उत्सव को भारत में लोकप्रिय किया है। इसका नाम है वेलेंटाइन दिवस।



हर साल 14 फरवरी को मनाये जाने वाले इस उत्सव के बारे में बताते हैं कि लगभग 1,500 साल पहले रोम में क्लाडियस दो नामक राजा का शासन था। उसे प्रेम से घृणा थी; पर वेलेंटाइन नामक एक धर्मगुरु ने प्रेमियों का विवाह कराने का काम जारी रखा। इस पर राजा ने उसे 14 फरवरी को फांसी दे दी। तब से ही यह ‘वेलेंटाइन दिवस’ मनाया जाने लगा।


1- ग्रामों में तैनात सफाई कर्मचारी के कार्य करने का समय गर्मियों में प्रातः बजे से 11 बजे तक तथा     सायं  3 बजे से बजे तक है र्सिर्दयों में प्रातः बजे से 12 बजे तक तथा सायं बजे से 5बजे तक है



2- सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत बीपीएल परिवारों को शौचालय निर्माण के लिऐ2200/-रूपये एवं जो परिवार बीपीएल नहीं है ओर वह शौचालय निर्माण कराते है तो उन्हें भी सरकारद्वारा 1500/-रूपये का अनुदान दिया जाता है किन्तु यदि बीपीएल परिवार डा0अम्बेडकर ग्राम में रहता है ओर वहाॅ शोचालय निर्माण कराना चाता है तो उसको सरकार द्वारा 4540/-रू0का अनुदान दिया जाता है।
3- किसान हैल्प लाईन नम्बर 1800-180-1551 है जो अवकाश को छोडकर 24 घंटे खुला रहता है।
4- परिवार में हुऐ जन्म-मृत्यु का पंजीकरण कराना आवश्यक है जो प्रत्येक दशा में 21 दिन केअन्दर-2  कराकर प्रमाण-प़त्र प्राप्त करना न भूलें ।





कुछ संतो ने, विद्वानों ने गौ माता के बारे मे इस तरह कहा है :- 
_______________________________________________
गौवंश की रक्षा मे देश की रक्षा समाई हुई है
                                                                 .                 -
-------- मदन मोहन मालवीयजी |
गौवंश की रक्षा इश्वर की सारी मूक सृष्टी की रक्षा करना है,भारत की सुख समृधि गौ के साथ जुडी है |
                                                                                                

-------- महात्मा गाँधी जी |


सम्पूर्ण गौ वंश हत्या बंद कर के राष्ट्र की उन्नति के लिए गौ को राष्ट्र पशु घोषित कर भारत सरकार यशजीवी बने |
----- गौ रक्षा हेतु ७३ दिन तक अन्न-जल त्याग देने वाले पूरी के शंकराचार्य स्वामी निरंजन देव तीर्थ जी महाराज |
समस्त गौ वंश की हत्या कानूनन बंद होनी चाहिए.अब भारत आजाद है |
                                                                            ----------- गौ प्राण करपात्रीजी महाराज |

आदमी सोच सकता है,बहुत गहराई से सोच सकता हैजानवर ऐसा नहींकर पातेअगर आदमी सोचना बंद कर दे या एकदम कम कर दे तो क्याआदमी भी जानवर जैसा हो जाएगाबात सोचने की हैसोच पाना औरसोच  पाना इन दोनों में से कौन सी स्थिति बेहतर है ? दरअसल सोचपाने की अपनी क्समता  पर हमें कुछ ज्यादा ही नाज हैयह जरूरी नहींकि सोचने कि क्समता होने से ही कोई अपने आप श्रेष्ठ हो जाता होआखिरसोचने की क्समता रखनेवाला मनुष्य ही तो बलात्कार भी करताहै,अन्य और भी अनेक अपराध सोच-समझ कर ही करताहै,जबकि इसके विपरीत  सोचने कि क्समता से वंचित कोई भी जानवरकभी सोच-समझ  कर कोई अपराध नहीं करता. 





दिन हुआ है तो रात भी होगी,



हो मत उदास कभी तो बात भी होगी,
इतने प्यार से दोस्ती की है
खुदा की कसम
जिंदगी रही तो मुलाकात भी होगी.
कोशिश कीजिए हमें याद करने की
लम्हे तो अपने आप ही मिल जायेंगे
तमन्ना कीजिए हमें मिलने की
बहाने तो अपने आप ही मिल जायेंगे .






यादों  के सिरहाने  पर,मै सिर रखकर  के सोया  हूँ  
गिनता  हूँ  बीते  लम्हों  में ,क्या  पाया  हूँ ,क्या  खोया  हूँ ???

है बचपन  भी वो याद मुझे  ,जब गिरकर रोया  सिसक  -सिसक 
चाहा  हसरत  हर पूरी  हो ,पर माँगा  उसको  झिझक -झिझक | 
जब लगी  चोट  कोई  तो  फिर ,माँ  के आँचल  में रोया  हूँ 
गिनता  हूँ  बीते  लम्हों  में, क्या  पाया  हूँ  क्या  खोया  हूँ ||

धरती पर भी ग्रह का अंश विद्यमान है और हमे उसे पहिचानने की आवश्यकता होती है। आप अपने कम्पयूटर की टेबिल पर विराजमान है और आप को यह समझना जरूरी है कि इस टेबिल के आसपास कौन कौन से ग्रह के अंश विद्यमान है। की बोर्ड केतु है और की बोर्ड के अन्दर लिखा जाने वाला कार्य बुध है,की बोर्ड के अन्दर जो बिजली का प्रवाह है वह मंगल के रूप में है और की बोर्ड की बनावट को दर्शाने वाला सूर्य है,की बोर्ड की सजावट शुक्र है और की बोर्ड पर की जाने वाली मेहनत वह की दबाने से सम्बन्ध रखती हो या की बोर्ड की जानकारी के लिये जानी जाती हो। 
अब विदा लेती हूं .. मिलती हूं अगले सप्‍ताह ...

2 टिप्पणियाँ:

बहुत बहुत आभार इन बढ़िया लिंक्स के लिए !

नए चिट्ठों की बढिया वार्ता संगीता जी
आभार

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी में किसी भी तरह का लिंक न लगाएं।
लिंक लगाने पर आपकी टिप्पणी हटा दी जाएगी।

Twitter Delicious Facebook Digg Stumbleupon Favorites More