बुधवार, 8 दिसंबर 2010

चिट्टाजगत अस्वस्थ्य है ठीक होने तक , हम है ... - लीजिये पेश है 63 लिंक्स की ब्लॉग वार्ता - ब्लॉग 4 वार्ता - शिवम् मिश्रा

प्रिय ब्लॉगर मित्रो,
प्रणाम !

मंगलवार की शाम साढ़े छह बजे वाराणसी का गंगा आरती स्थल शीतला घाट जबरदस्त बम विस्फोट से दहल गया। इस बम विस्फोट में लगभग दो दर्जन लोग घायल हुए हैं, जबकि अस्पताल में उपचार के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई। घायलों में आधा दर्जन विदेशी नागरिकों के होने की सूचना है। मंडलीय अस्पताल पहुंचे 13 घायलों में से इटली के एक नागरिक को गंभीर स्थिति में बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल रेफर कर दिया गया। विस्फोट तब हुआ जब गंगा आरती चल रही थी। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि घाट की रेलिंग और सीढि़यों के पत्थर तक उखड़ गये।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट आरती स्थल से लगभग 20 मीटर दूरी पर हुआ। उस दौरान आरती देखने के लिए मौके पर हजारों लोग जमा थे। विस्फोट की चपेट में आने से आधा दर्जन वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़े, जबकि दो दर्जन लोगों को गहरी चोट आयी। घाट समेत आसपास के इलाकों में भगदड़ मच गयी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बम दूध के कंटेनर में रखा गया था। छह दिसंबर के अगले दिन हुए इस धमाके को पूर्व नियोजित माना जा रहा है। अयोध्या के विवादित ढांचा ध्वंस की बरसी का दिन सुकून से गुजरा था। पुलिस फोर्स थोड़ा बेफिक्र थी। इसका फायदा भी आतंकियों ने उठाया। पुलिस का अनुमान है कि बम को टाइमर सिस्टम से कंट्रोल किया गया था। इसमें आईईडी या आरडीएक्स के प्रयोग की संभावना को भी पुलिस खंगाल रही है। फिलहाल पूरे इलाके को अ‌र्द्ध सैनिक बलों के हवाले करने के बाद सील कर दिया गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी मौके पहुंच गये। घायलों में इटली निवासी 52 वर्षीय मनतरली व सुल्तानपुर निवासी जरायू को कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। शेष घायलों को विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया। इनमें टेढ़ी नीम निवासी एक वर्षीय बच्ची बेबी भी शामिल थी। उसकी नानी उसे लेकर गंगा आरती देखने गयी थी। इसी दौरान विस्फोट की जद में आकर बेबी घायल हो गयी। उपचार के लिए उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। उसकी 45 वर्षीय नानी उर्मिला भी गंभीर रूप से घायल है।
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ब्लॉग 4 वार्ता  के पूरे वार्ता दल की ओर से हम इस धमाके की घोर भात्सना करते है और सरकार से यह अपील करते है कि जल्द से जल्द जांच पूरी करवा दोषियों को कड़ी सजा दी जाए ! 

अब सिर्फ़ बातों से काम नहीं चलेगा कुछ तो ठोस करवाई होनी ही चाहिए !

साथ साथ इस धमाके में घायल हुए और मारे गए लोगो के परिवार के साथ हमारी हार्दिक संवेदनाएं जुडी हुयी है ! इस समय हम सब को एक जुट हो कर रहना है और इन आतंकियों के नापाक मंसूबो को नाकामियाब करना है !


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अब चलते है इस मंच की २७० वी ब्लॉग वार्ता की ओर ....

सादर आपका 


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खेलें हम जी जान से - मेरी नज़र से :- आपकी नज़र से हम क्यों खेले जी .... कोई 'दोस्ताना' थोड़े ही है !




इंतजार के युग :- कब ख़त्म होंगे ?






खिदमतेख़ल्क ही तो इन्सानियत का सरमाया है :- ज़रा समझिए तो सही यह क्या फ़रमाया है !






रंग बिरंगी तितलियाँ ...! :- उड़ जाती है ...फिर आ जाती है !









छोटी सी ये दुनिया...पहचाने रास्ते हैं... :- तुम कभी तो मिलोगे तो पूछेंगे हाल !


ब्लॉगर पंच लक्षणं :- कौन कौन से ?






भारत में आज 'बकासुर' ही 'बकासुर', 'भीम' एक भी नहीं...खुशदीप :- कुंती ही नहीं है तो भीम कहाँ होंगे !


कि दिल अभी भरा नहीं! :- मियाँ बीबी राज़ी तो क्या करेगा काज़ी?


६ दिसंबर ९२ कुछ ख़ास था मेरे लिए :- बहुत से और लोगो के लिए भी था जी !


जान लेना अपने आप को :- बड़ी बात है !


मेरे दिल की बात :- आप तक पहुँची क्या ??










नीला पुलोवर :- किस ने पहना ?


एक दिन जिन्दगी .......केवल राम :-  चलते चलते चली जाएगी !


कितनी नीरा, कितने राजा? :- अनगिनत है जी !


ये जो मेरा चेहरा है :- सबसे अलहदा है !


लघुकथा :: अपराध :- मार्मिक !


उनके कपड़ों में जेब क्यों नहीं ? :- बात में दम तो है  !!


देश के सालाना बजट जितने बड़े घोटाले में अब तक़ गिरफ़्तारी न होना, जेलों में बंद सैकड़ो गरीबो के साथ मज़ाक नही तो क्या है? :- राजा का राज !


शीला या मुन्नी :- हम बोले कि दोनों या दोनों नहीं तो .....???


वन्दे मातरम :- वन्दे मातरम, बन्धु !


सुगंधा मिश्रा और उनका गाया वो यादगार पंजाबी टप्पा..  :- वाह भाई वाह !!


मध्‍य दिसंबर 2010 से लोगों पर स्‍वक्षेत्री बृहस्‍पति का प्रभाव आंशिक हो जाएगा !! :- अच्छा जी !


मेरा वार्षिकोत्सव :) :- आप भी आइये ना !!


6 दिसंबर, डा.आम्बेडकर जी और बावरी मस्जिद :- क्या मतलब ??


छलिया प्रेमी :- कौन .... कहाँ ...कैसे ???


विद्रोही का ब्रह्मज्ञान और कविता :- सकल पदार्थ इ जग माहि – कर्महीन पावत नाहीं


हाईकु :- पन काई कु ??




जूँ :- कहाँ रेंग रही है ?




पेंसिलें :- कितनी है .... मुझे भी चाहिए !!




बनारस की एक हस्ती और -------- :- चले मिलने ?




रोज़ दलाली करने जाता दफ्तर कौन... :- हम आप और कौन ??




मेरे लेपटोप को डेंगू हो गया था.... :- किसे दिखाया ?


आई टेस्टिंग :- कितना नंबर है भाई ??


बार बार मुम्बई से बनारस तक चीख चीख के उभरती आवाज़ों से ना वाक़िफ़ तुम!! :- कब जागोगे ?


आप लोंगो से बिछड़े हुए ३ महीने हो गये :- अब तो वापस आ गए ना ??


लाफ्टर का चौक्का...खुशदीप :- मारा देख के मौका !


चिट्ठाजगत क्‍यों खफा है आजकल, दर्शन नहीं हो रहे हैं कई दिनों से :- क्या खबर, क्या पता !!


मां की जयकार, ख्वाजा का दरवार और अंडों का व्यापार :- हर सु रहे मोहब्बत ... यही वक़्त की दरकार !


"ये कैसी तरक्की" :- जैसी आप समझो वैसी !


"गांधी जी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक") :- या बोलो महात्मा जी !



ऋषी अरविन्द की वाणी :- सुनी आप ने ?


निकम्‍मी नहीं, लुटेरी है सरकार :- सटीक बताये आप !


जय झारखण्ड (कार्टून धमाका) :- धमाको को कार्टून में ही रहने दो !


कोन है असली कोन है नकली .. ई तो राम जाने... :- या आप जाने !!


सड़क मार्ग से महाराष्ट्र यात्रा: वर्षों पुरानी तमन्ना पूरी हुई, गुरूद्वारों के शहर नांदेड़ में :- जो बोले सो निहाल ....


"अखिल भारतीय ब्लागर्स एसोसिएशन" का चुनाव :- आ जाओ भईया लाइन में !!


और यह लीजिये हो गई तैयार ६३ पोस्टो की लिंक्स से सजी हुयी आज की ब्लॉग वार्ता ..... अब मत बोलियेगा कि ब्लॉग जगत की कोई खबर नहीं मिल रही !!


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आज की ब्लॉग वार्ता बस यहीं तक ..... अगली बार फिर मिलता हूँ एक और ब्लॉग वार्ता के साथ तब तक के लिए ......

जय हिंद !!

50 टिप्पणियाँ:

वलाग वार्ता अछ्छा लगा। मेरे पास भी आने की कृरा करें।

शुभ प्रभात शिवम् भैया ,
लम्बी चर्चा है इस बार ...सब पढ़ पाऊंगा ?

बनारस में आतंकवादी हमले की घोर भर्तसना करते हैं।

उम्दा वार्ता के लिए धन्यवाद शिवम बाबु।

अब सिर्फ़ बातों से काम नहीं चलेगा कुछ तो ठोस करवाई होनी ही चाहिए!
ठोस करवाई तो होनी ही चाहिए!

वार्ता सटीक रही |बधाई
आशा

बहुत मेहनत की है शिवम जी .. काफी लिंक मिले .. आभार !!

चिट्ठाजगत के अनुपस्थित रहने की कमी को पूरा करने का आपका प्रयास सराहनीय है। हमारे ब्लॉग को वार्ता में शामिल करने के लिए शुक्रिया। हिन्दी साहित्य की विधाएं - संस्मरण और यात्रा-वृत्तांत

हमेशा की तरह चर्चा अच्छी है

अब वाकई बहुत हो चूका है.... लेकिन कब तक हम केवल यही कहते रहेंगे???


है आज समय जागने का, सो रहे हो आज क्यूँ?

शिवम जी! आभार! अपकी टिप्पणी अच्छी लगी कि दोनों कष्ट में है.. याद आया कि हमारे देश में दो तरह की जनता है, एक वो जिसको भूख लगने पर खाना मिलता है और दूसरी वो जिसको खाना मिलने पर भूख लगती है..
अच्छी चर्चा!!

सिवम बाबू खुसी है एही बात का बकी सब लोग कहत हैं कि आल्हा जीबित है.. इस बार लम्बा और बिस्तार से ब्लॉग चर्चा किए हैं..कुछ देखा हुआ है,कुछ देखते हैं!!

मानवता के विरुद्ध हुए हर हमले की हम कड़ी निंदा करते हैं ,

अच्छी और श्रमसाध्य वार्ता

आदरणीय शिवम् मिश्रा जी
नमस्कार
आज की बार्ता में काफी नए लिंक्स है , जो आपकी मेहनत का परिणाम है , बार्ता लम्बी जरुर है लेकिन सभी लिंक्स तक पहुँचने का प्रयास किया जायेगा ..मेरी रचना को शामिल करने के लिए शुक्रिया

शिवम् भाई आतंकवाद के विरोध में उठाये आपने स्वर में आप मेरे स्वर को सम्मिलित माने. आपने ब्लॉग चर्चा में मेरी पोस्ट को स्थान दिया इसके लिए धन्यवाद.

तिरेसठ
मुझे तो 64 लग रहे हैं

शुक्रिया भईया मेरे पोस्ट को शामिल करने के लिए...
टैग लाइन मस्त लगा मुझे... :) हा हा हा ...

शिवम जी नमस्कार। बहुत दिनों से चिट्ठा चर्चा मे जाना छोड रखा था । वहाँ मेरे साथ अभद्र व्यवहार हुया था। लेकिन इस चर्चा पर सभी अपने लोगों को और आपके आमन्त्रण पर आना ही पडा। आपका धन्यवाद। चर्चा अच्छी लगी। वाराणसी मे धमाकों को लेकर आपकी संवेदनाओं मे हम भी आपके साथ हैं। शुभकामनायें।

वैसे सच कहूँ तो दो दिन से ब्लॉगवार्ता बहुत काम में आ रहा है...चिट्ठाजगत जो बंद है :)

कई अनदेखी लिंक्स के साथ एक लाईना का मजा
भई वाह!

हमेशा की तरह बेहतरीन प्रयास

.
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दो दिन से चिठ्ठाजगत के बीमार होने के कारण परेशान था... आपने काफी राहत दी है...

क्या चिठ्ठाजगत का कोई और विकल्प भी है ?


...

@ निर्मला कपिला

चिट्ठा चर्चा मे जाना छोड रखा था । वहाँ मेरे साथ अभद्र व्यवहार हुया था।

आप अकेली नहीं हैं, बहुत से साथी हैं भुक्तभोगी

और अब तो पता नहीं कि 25 डेडिकेटेड चर्चाकारों की टीम कहाँ है? अब तो वहाँ मासिक खानापूर्ति होती है :-)

बेहतरीन लिंक्स....धन्यवाद

ब्लागवार्ता पर पहलीबार आया हूँ काफी कुछ मिला है यहाँ कुछ नये लिंक भी। सब तक पहुचने की कोशिश जारी है।
मेरी रचना को स्थान देने के लिए धन्यवाद

ब्लागवार्ता पर पहलीबार आया हूँ काफी कुछ मिला है यहाँ कुछ नये लिंक भी। सब तक पहुचने की कोशिश जारी है।
मेरी रचना को स्थान देने के लिए धन्यवाद

thanks ...badhiyaa charcha.. varanasi ki ghatna ne dil dahla diyaa

@pabala ji
Kpila ji ka aasheerwad sabhee baccho par hai
uttam links
Shiwam ji

बहुत सुन्दर वार्ता शिवम् जी, अच्छे लिंक्स उपलब्ध कराये। -आभार

उम्दा वार्ता के लिए धन्यवाद

अच्छी चर्चा है..कई सारे बढ़िया लिंक मिले...शुक्रिया

अच्छी वार्ता ... मेरी पोस्ट शामिल करने के लिए थैंक यू ....

बनारस में आतंकवादी हमले की घोर भर्तसना करते हैं।
काफी लिंक्स मिले ...आभार.

बहुत mehnat से jodi है aj की vaarta .... Mujhe shamil karne ka shukriya ..

शिवम् जी, ,मेरी पोस्ट ब्लोगवार्ता पर लेने के लिए धन्यवाद . बहुत सारे लिंक मिलें. आभार .........वाकई बेहतरीन शब्दों से आपने सजाया है इसे ....

हा हा हा हा शुक्रि है कि मेरे अनुमान के मुताबिक ऐसे समय पर इन चर्चा मंचों की उपयोगिता साबित होगी ...बहुत बहुत शुभकामनाएं . ऐसे तमाम मंचों से जुडे उस सभी साथी दोस्तों को जिन्होंने न सिर्फ़ पोस्टों को खुद पढा सराहा बल्कि , उन तक सैकडों साथी पाठकों को भी पढवाया । जारी रहे ये सिलसिला

आदरणीय मिश्रा साहब,अपनी चर्चा-परिधि में मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिये आभार।सच तो यह है कि इसी के माध्यम से अनेक श्रेष्ठ रचनाओं को पढ़ने का अवसर मिलता है ।बहुत बहुत ध्न्यवाद।

भाई बोलना तो पड़ेगा क्यों की चिठाजगत जिंदा होता तो अपना ब्लॉग तो पे होता यहाँ नदारत है...है ना आश्चर्य की बात? सॉफ्टवेर जैसी काबलियत इंसानों मैं कहां?  भले लोगों से अत्याचारियों का युद्ध था कर्बला…हमारी ओर से भी श्रद्धांजलि……एस एम् मासूम

बहुत उपयोगी चर्चा लिंक्स मिले, आभार!

रामराम.

मस्त चर्चा जी, बहुत से नये साथी मिले, धन्यवाद

इस तरह के हादसे कुछ हद तक कम हो गए थे। पर इस धमाने ने दिखा दिया है कि दुश्मन कमज़ोर पड़ा है पर उसे जड़ से उखाड़ने में हमारा सम्मिलित प्रयास आवश्यक है।

आपने चिट्ठाजगत का विकल्प तैयार कर दिया है, आज तो. लिंक मजेदार भी हैं. एक बात पर हम सभी को विचार करना होगा कि आपकी तरह से सहयोग की भावना शेष ब्लोगर्स में कब आएगी. ज्यादातर हम लोग अब अपने लिए ही लिख रहे हैं और यहाँ भी गुट तैयार कर रहे हैं.
शेष आपके द्वारा हमारी पोस्ट को शामिल करना सुखद लगा, आभार
जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड

बढ़िया लिंक्स से सुसज्जित सुन्दर चर्चा...

shivan aapka ye prayaas blog jagat ko ahmesha yaad rahega. in dino agar blog ko follow kiya hua to to phir bhee padha ja sakta hai. anyathaa bahut mushkil ho gaya hai links tak pahuchna.

आप सब का बहुत बहुत आभार !

शिवम भाई ! जानते हैं मुझे यहाँ सबसे ज्यादा क्या अच्छा लगता है ?
लिंक्स के साथ दिए गए आपके कमेंट्स जिसे हम डायलोग मारना कहते हैं,क्या मस्त मस्त सटीक डायलोग्स है न कि मैं सारे लिंक्स इसीलिए पढ जाती हूँ और आज भी....मेरी स्माइल इतनीईईईईई चौड़ी हो गई.सच्ची.

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