गुरुवार, 22 जुलाई 2010

श्श्श्श्श्श ! आस्तीनों में छुपे हैं नाग--ब्लॉग4वार्ता-----ललित शर्मा

नमस्कार, आज श्रीमति अजित गुप्ता जी ने एक विचारणीय पोस्ट लगाई। भारत को राजकुमार और ब्रिटेन को राजकुमारी का रुप देते हुए गंभीर बाते सामने ले कर आईं। भारत में भ्रष्टाचार अब बन गया है शिष्टाचार। भ्रष्टाचार देश के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। यह ऐसा उल्टा पेड़ है जिसकी जड़ें आसमान में और शिखर भूमि पर है। हम जमीन पर खड़े होकर जितना काटते हैं उतना ही बढता जाता है। इसकी जड़ों में मठा डालने के लिए सर के बल खड़ा होना ही पड़ेगा। आज रायपुर में लगभग 4500 वेतनमान के उपनिरीक्षक के यहां से छापे में 3करोड़ की संपत्ति एवं नगद का खुलासा हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभी बड़ी मछलियाँ कितना देश को निगल रही हैं। अब हम चलते हैं आज की ब्लाग4वार्ता पर.....

श्श्श्श्श्श ! सूरज ढल रहा है शाम होने वाली है, निशा अपना दामन शनै शनै फ़ैला रही है  ऐसे में शामें सुस्त है मगर बोझिल नहीं  । क्योंकि शाम हमको भी इसी शाम का सहारा है, दुनिया में कोई तो हमारा है, इस शाम का इंतजार हमें सुबह से ही रहता है। बस दिन ढलने का इंतजार रहता है, अगर यह शाम न होती तो कहता लानत भेजूंगा मैं उसको चाहे वह भगवान् भी हो.लेकिन हसीन शाम भी भगवान ने हमारे जैसे दिलज़लों के लिए बनाई है क्या आप भी सोचते हैं?  ऐसा ही कुछ आपके साथ भी होता हो।

दिन ढल गया, चाँद निकल आया, बादलों की , आगोश में जाकर, चाँद और निखर गया बस एकटक देखता हूँ, उसकी ओर, चाँद है, तो देखने का साहस कर लेता हूँ। कौन सूरज को देख पाता है? कोशिश करता हूँ जब देखने कि तो दोस्तों की आस्तीनों में छुपे हैं नाग, अब ये भी चुगली करते हैं कि जमी भी सर उठाने लगी है।पापी मरता नहीं, खँडहर ढहता नहीं यह कैसी विडम्बना है? कल तक जिसका पसीना गुलाब का इत्र था उनके लिए, वे आज छोटी सी उमर में ही लानत मलानत भेज रहे हैं। फ़िर उनकी नादानी माफ़ी के काबिल है और मैं कहता हूँ कि तुम यों ही मुस्कुराते रहो 

श्यामल मुख पर कुण्डली मारे बैठी उदासी मीना-ओ-जाम के सहारे कम होती नजर नहीं आती। सोचने लगता हूँ इसका कारण क्या है? फ़िर कहीं पार्श्व से आवाज आती है लगता है तुम्हारे टूथपेस्ट में सचमुच नमक है । हो सकता है, नमक होना और लगना जरुरी है।इक कतरा जिन्दगी का जिंदगी का साथी है। अगर नमक में आयोडिन है तो कारगर है, नहीं तो उदासी और भी गहरी हो जाएगी कौन जाने - उस पार का सच क्या होगा? यह तो जाने पर पता चलेगा।GPS सिस्टम साथ ले जाना होगा। अक्षांश देशांश के ज्ञान से ही गंतव्य तक पहुंच पाएगें नहीं तो पूछना पड़ेगा ये कौन सी जगह है दोस्तों?

रात गहराते ही जेहन में एक मछली की तड़फ़ सी हल चल मचती है  कि हम बेनाम से नाम की ओर बढते हैं और नाम से पुन: बेनामी की ओर, जब हम तखलिया चाहते हों, इसी की उपज है "बिना शीर्षक" , बिना शीर्षक और "बिना शीर्षक " , यह जीवन का सत्य है। शीर्ष पर शीर्षक जी जरुरत नहीं रहती।एक दोस्त की आत्मकथा रचेगी कीर्तिमान।तुम्हारा होने का अर्थ भी यही है कि अंधेरी राहों पर तुम्हारे लिए कंडील जलाता रहूँ मैं। चाहूंगा कि तुम्हे कोइ यह उलाहना न दे के चलो अच्छा हुआ कि तुम बहुत ही बेरहम निकले । 

कहते हैं बुढ़ापे में जवानी के रोमांस की याद भी जीवन में रस घोलती है, और तनहाई में बोलती भी हैं, कि बैरी काले मेघा आये रे आसमान में बादल उमड़ घुमड़ रहे है लेकिन बारिश नहीं हो रही है, सिंहावलोकन करने पर दूर कहीं गांव में सुनाई देता है चोला माटी के रे, दुनिया का बहुत बड़ा सच है। लेकिन छुद्रमति कहां याद रखने देती है। सब कुछ भुला देती है।ज्ञान का दीपक एवं मशाल जलने से अंतस में उजास हो जाए, बस आज की महफ़िल यहीं पर समपन्न होती है। कल फ़िर मिलते हैं अब मंगाते हैं चूरा मुर-मुर... दही खट्टा.... !

बुधवार, 21 जुलाई 2010

विधानसभा में चलीं कुर्सिंयां, तेरा रंग कैसा,-- ब्लाग4वार्ता------ललित शर्मा

दिल है कि मानता नहीं है, पाबला जी के साथ घटी दुर्घटना के विषय में समाचार मिला तो सुनकर बहुत ही तकलीफ़ हुयी। बस आज उनसे मिलने का इरादा कर लिया। आज अवधिया जी का भी जन्मदिन था। सोचा कि बर्थडे बॉय का जन्म दिन उनके साथ ही मनाया जाए। शरद भाई को फ़ोन किया तो उन्होने बताया कि वे बेटी को कालेज छोड़कर सीधे पाबला जी के घर ही पहुंच रहे हैं। हम भी अवधिया जी को लेकर पाबला जी के घर पहुंच गए। उनसे मिलकर कुछ तसल्ली हुई कि वे ठीक ठाक हैं। बाकी कि जानकारी शरद भाई ने अपनी पोस्ट में दे दी है। अब चलते हैं ब्लाग वार्ता  पर....

इसमें पाबला जी का क्या हाथ ?आज मैं ,ललित शर्मा और अवधिया जी दिन भर उनके साथ थे । वे फ़ोन पर तमाम ब्लॉगर्स से बात भी करते जा रहे थे और हम लोगों के खाने पीने की चिन्ता भी कर रहे थे । अवधिया जी का जन्म दिन था सो उसे भी उन्होने हम सब को पेढ़े खिलाकर मनाया । उनसे इस दुर्घटना का पूरा हाल जानने के बाद ही समझ में आया कि कितना बड़ा हादसा होते होते बच गया ।आज जी.के. अवधिया, राजीव तनेजा का जनमदिन हैआज, 20 जुलाई को - धान के देश में वाले जी.के. अवधिया - हँसते रहो वाले राजीव तनेजा का जनमदिन है बधाई व शुभकामनाएं आने वाले जनमदिन आदि की जानकारी, अपने ईमेल में प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।...

प्यार-प्यार का फ़र्क...खुशदीप एक आदमी की प्रार्थना से ईश्वर प्रसन्न हो गए... बोले...*वत्स अपनी कोई इच्छा हो तो बता*... आदमी बोला...*भगवन् मेरी इच्छा तो कोई नहीं लेकिन आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं *... ईश्वर...*पूछ बालक*... आदमी...*हे परम...थोड़ी खुशियाँ थोड़े गम हैं यही है यही है छाँव-धूप ... बीत गये जीवन के साठ साल...पल क्षणों में क्षण घंटों में और घंटे दिन-रात में परिणित होते जाते हैं और समय अबाध गति से बीतते जाता है। काल का पहिया ज्यों-ज्यों घूमता है उम्र तिल-तिल करके घटते जाता है। शैशवकाल लड़कपन में लड़कपन किशोरावस्था...

सखी री, आया न मानसून..सुनिये-समीर लाल!!परसों ज्ञात हुआ कि पत्रिका सोपानStep के जुलाई २०१० के अंक में नारदवाणी कॉलम में, जिसे भाई अविनाश वाचस्पति जी नियमित लिख रहे हैं, में एक आलेख छपा, जिसका शीर्षक था ’ जुलाई भी बन गयी जून,सखी री आया न मानसून’...सभी मनुष्‍यों का समय बहुत ही तेज गति से बदलता है !!एक सज्‍जन कई वर्षों से हमारे संपर्क में थे , बहुत बुरा दिन चल रहा था उनका। कभी करोडों में खेलने का मौका जरूर मिला था उन्‍हें , पर बाद में एक एक पैसे के लिए मुहंताज चल रहे थे। महीनेभर का खर्च ,

एग्रीगेटर हमारी वाणी-तुम सुनो हमारी जुबानी-कल दिन में बिजली चली गयी थी, इसलिए कुछ काम नहीं हो पाया। इसलिए आज रात में एक नींद के बाद जाग गया, सो कम्प्युटर पर चला आया। ब्लाग पर देखा हमारी वाणी की एक टिप्पणी पड़ी हुई थी। पूर्व में हमारी से इस तरह की ट...वर्ष की श्रेष्ठ सह लेखिकाएक ऐसी लेखिका जो अपने को लेखिका से ज्यादा कलाकार कहलाना पसंद करती है । खुद कुछ नहीं बोलती , बोलती है केवल इनकी कलम -कभी माँ, कभी बेटी, तो कभी पत्नी बनकर .....! स्मृतियों के आईने में झांककर जब इनकी कलम बोल...

यही चार तो होते हैं जी इस खिचड़ी के यार।खिचड़ी के यार* चिड़िया ले कर आई चावल और कबूतर दाल। बंदर मामा बैठे-बैठे बजा रहे थे गाल। चिड़िया और कबूतर बोले- मामा, लाओ घी। खिचड़ी में हिस्सा चाहो तो ढूँढ़ो कहीं दही। पहले से हमने ला रक्खे पा...1 रु. प्रतिदिन से भी कम में कंप्यूटर की सुरक्षाये कोई विज्ञापन नहीं बस एक सलाह है । हम सभी को वायरस और अन्य कंप्यूटर को नुक्सान पहुचाने वाले प्रोग्राम्स का सामना तो करना पड़ता ही है वैसे मुफ्त एंटी वायरस तो है पर सच्चाई है की वो पूरी सुरक्षा नहीं देते...


प्रभाष परम्परा की आड़ मेंमित्रों पिछले कुछ दिनों से दो तीन डाट कामों पर प्रसिद्ध पत्रकार प्रभाष जोशी के नाम पर गठित किए एक ट्रस्ट ( प्रभाष परम्परा न्यास) को लेकर जमकर जूतम-पैजार चल रही है. प्रभाष परम्परा न्यास को गठित करने वाला ए...वर्ष के श्रेष्ठ व्यंग्यकारएक ऐसा चिट्ठाकार जो व्यंग्य की चाशनी में डूबोकर जब साहित्य परोसता है तो फिर चखने वाले के होठों से आह निकालने के बजाये स्वत:वाह निकल जाता है .....! एक ऐसा व्यंग्यकार जिसके व्यंग्य वाण से आहत व्यक्ति भी मुस्...

बिहार विधानसभा में चलीं कुर्सिंयां, कई घायलविधायिका की गरिमा गिराने वालों में आज बिहार विधानसभा के विधायकों ने भी अपना नाम लिखा लिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने जम कर एक-दूसरे पर कुर्सियां और मेजें फेंकीं। आधा दर्जन से भी ज्‍यादा विध...बादलों की , आगोश में जाकर, चाँद और निखर गया,"बादलों की , आगोश में जाकर, चाँद और निखर गया, मिली जब , चांदनी उससे , बहुत उलझन में, पड़ गयी ."तुम याद बहुत आते हो …याद बहुत आते हैं आप स्वर्गीय प्रमोद महाजन जी , आपने ही इस देश के लिए "इंडिया शाईन" और "फ़ील गुड़" का स्वप्न जो देखा था । 

चित्रकारी और शिल्प कला,का बेजोड़ नमूना बगड़ का मोती महलबगड़ कस्बा जिसका जिक्र मैं अपनी एक पोस्ट में पहले भी कर चुका हूं यह कस्बा हमारे जिला मुख्यालय झुन्झुनूं से 15 कि.मी दूर स्थित है।इसके बारे में विस्तृत पढ़ने के लिए मेरी पोस्ट बगड़ एक नजर में पढ़े। अब तो मैं...रविकांत पांडेय जी और हिमांशु मोहन जी के साथ साथ सुज्ञ जी का विश्‍लेषण बढिया रहा .. करण समस्‍तीपुरी ने भी लगायी मुहर!!कल मैने एक लोकोक्ति पोस्‍ट की थी और पाठकों से उसका अर्थ पूछा था .. आत न आर्द्रा जो करे , जात न जोडे हस्‍त। एतै में दोनो गए , पाहुन और गृहस्‍थ !! बहुत सारे रोचक जबाब आए ... पाठकों का बहुत आभार ... आप भी देख...

चलते चलते व्यंग्यचित्र




वार्ता को देते हैं विराम--आपको ललित शर्मा का राम राम

मंगलवार, 20 जुलाई 2010

पाबला जी को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामना दीजिये - डॉक्टर्स डे पर मिला चिकित्सा रत्न पुरस्कार -ब्लॉग 4 वार्ता - शिवम् मिश्रा

प्रिय ब्लोग्गर मित्रो
प्रणाम !

अब तक आप सब तक यह सूचना पहुँच गयी होगी की हमारे प्रिय पाबला जी आज कल थोडा अस्वस्थ है ! आइये दुआ करें कि वह जल्द से जल्द पूरी तरह से स्वस्थ हो कर फिर से ब्लॉग जगत पर जाएँ ! वैसे आप लोग यह जरूर सोच रहे होगें उनकी पोस्टे तो लगभग रोज़ ही रही है .............................तो साहब यही तो कमाल है हमारे पाबला जी का .........................यही तो उनकी लगन है ब्लॉगिंग के प्रति !

इस लिए ही तो हम कहते है ...............

"कम्पयूटर अविश्वसनीय रूप से तेज, सटीक और भोंदू है.

पाबला अविश्वसनीय रूप से धीमा, अस्पष्ट और प्रतिभावान है.
लेकिन दोनों मिलकर, कल्पना-शक्ति से ज़्यादा ताकतवर हैं !!"

आइये आज की ब्लॉग वार्ता शुरू करते है इस ब्लॉग 4 वार्ता के मंच से इस उम्मीद के साथ के हमारे प्रिय पाबला जी बहुत जल्द बिलकुल स्वस्थ हो जायेंगे !

आपका

शिवम् मिश्रा

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पाबला जी को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामना दीजिये .. :- जी जरूर !

है निग़ाह मेरी झुकी हुई, पर ग़ुरूर मेरा हिज़ाब है ... :- वाह क्या बात है !

ये इश्क नहीं आसां जानम तुम समझा करो-----ललित शर्मा :- हम तो समझे समझाए है !

बस हो क्षुधा निवारण :- सच कहा आपने !

महिलाओं को ही क्यों गुजरना पड़ता है लिंग परीक्षण की पीड़ा से? :- जवाब दो !

"हमारीवाणी।कॉम" का घूँघट उठ चूका है, और अस्थाई संकलक को बंद कर दिया गया है :- बधाइयाँ !

इश्क-विश्क, हाय रब्बा :- क्या हुआ भाई जी ?

कुरैशी का दिमाग ख़राब तो नहीं :- लगता तो है ........आगरा बुलवाया जाये क्या ??

अमानत :- बहुत कीमती है !

१० एक शोक सभा.... :- अरे...... अरे........... अरे ........... बहुत बुरा हुआ भाई !!

११ डॉक्टर्स डे पर मिला चिकित्सा रत्न पुरस्कार ---- :- बधाइयाँ जी बधाइयाँ !


१२ कठपुतलियाँ: एक लघु कथा एवं एक कविता :- या यह कहे जीवन गाथा !!


१३ नज़्म! :- अभी पढ़ते है !

१४ खुश रहना बहुत सीधी-सादी बात है पर सीधा-सादा बनना बहुत मुश्किल है! :- सत्य वचन !

१५ “हमने झूला झूला!” (डॉ।रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”) :- मज़ा आया कि नहीं ??


१६ देख भाई देख ... राम तेरी गंगा मैली .... कुंए के ऊपर ट्रांसफारमर ... :- हद कर दी यार !!

१७ क्यों दुखी हैं, स्वामी अग्निवेश ? :- आज के माहौल का असर है ...शायद !

१८ श्रेष्ठ और मनचाही संतान कैसे प्राप्त करें? :- आप बताओ !

१९ संगठित भ्रष्टाचार :- बड़ा ही उत्तम विचार !

२० रेल दुर्घटनाएं और ममता ? :- इनका क्या है नाता ?

२१ रक्त बीज – अरुण देव :- जरूर पढ़ें !

२२ बेटी का जन्मदिन कभी नहीं भूलते, बहू का याद नहीं रहता ? -सतीश सक्सेना :- बहुत नाइंसाफी है !!

२३ बहुत ही अच्छी है मेरी घरवाली :- हद है .......और हमारी क्या बुरी है ??

२४ कमान से निकला तीर जुबान से निकले शब्द वापस नही आते :- सही बोले साहेब !

२५ कहां ले जाऊंगा मैं इतना प्यार...खुशदीप :- घर और कहाँ ??

२६ लाल, बॉल और पॉल ....... :- और कौन कौन ??

२७ खुरचहा पति........................Saleem Khan :- क्या खान साहब, अपने बारे में बताये क्या ??

२८ एक लोकोक्ति का अर्थ स्‍पष्‍ट करें ..... :- आप भी कोशिश कीजिये !

२९ नया एग्रीगेटर: हमारी वाणी :- अब यह फिट है या मिसफिट आप बताओ !!

३० हमारे घर में नया मेहमान आया है… :) :D :- बधाइयाँ जी बधाइयाँ !!

३१ यह क्या कह दिया चिदम्बरम ने? :- कुछ ज्यादा ही बोल दिए क्या ??

३२ माननीय रेलमंत्री के नाम .......अलबेला खत्री का पैगाम :- कोनो प्राइवेट बात तो नहीं है ना ??


आज के लिए बस इतना ही ..........पर फिर भी जाते जाते ................अपनी डफली आप बजता हूँ और अपनी पोस्ट का लिंक नीचे दिए जाता हूँ !


३३ एक साल का इंतजार छोड़िए - अभी से कीजिए रुपये के सिंबल का प्रयोग :- तैयार है ना आप ?


फिर मिलुगा एक और ब्लॉग वार्ता के साथ ...........तब तक के लिए .......

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एक अपील :- ब्लॉग ४ वार्ता एक ब्लॉग चर्चा मंच है जहाँ रोज़ आने वाली पोस्टो की चर्चा ब्लॉग वार्ता के रूप में की जाती है !
सभी पाठको से निवेदन है कि इस मंच का उपयोग केवल और केवल यहाँ दी गयी लिंक्स को पढने और उन पर अपनी राय देने के लिए ही करें | किसी और विषय पर दी गयी आपकी राय हो सकता है इस मंच पर अपनी जगह ना बना पाए !

जय हिंद !!

सोमवार, 19 जुलाई 2010

संघर्ष ही जीवन है .. जीना इसी का नाम है .. ब्‍लॉग 4 वार्ता .. संगीता पुरी

आप सबों को संगीता पुरी का नमस्‍कार .. यूं तो ब्‍लोग वार्ता की टीम में कई चिट्ठाकार हैं , पर अभी मुख्‍य रूप से ललित जी के अलावे शिवम मिश्राजी ही वार्ता कर पा रहे हैं , प्रत्‍येक सोमवार को मेरी भी बारी आ जाती है ... इस सप्‍ताह भी बहुत सारे नए ब्‍लोग्‍स आए .. विषय की विविधता के साथ साथ एक से बढकर एक चिट्ठे .. सबको वार्ता में शामिल कर पाना तो कठिन है .. फिर भी पेश है कुछ मुख्‍य नए चिट्ठे और चिट्ठाकार ....

पिछले सप्‍ताह एक नया ब्‍लॉग हिंद प्रभा चिट्ठा जगत में रजिस्‍टर हुआ है .. पहले लेख में भारत माता की वंदना के साथ ..

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे
त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोहम् ।
महामङ्गले पुण्यभूमे त्वदर्थे
पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते ।।

वन्दे मातरम्




जय हिन्द

जय हिन्दप्रभा

राष्‍ट्र को समर्पित इस ब्‍लॉग के साथ साथ सभी नए ब्‍लोगों को मेरी ओर से असीम शुभकामनाएं ...


डॉ अमीता नीरव जी एक नया ब्‍लॉग लेकर आयी हैं .. अयस्‍क 


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एक विचित्र नाम को ब्‍लॉग सुमन कुमार जी लेकर आए हैं .. जूत्‍ता अगर दादाजी का हो 

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21वीं सदी का इंद्रधनुष लेकर आए हैं ... बबन पांडेय जी ....

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नमस्‍कार ..  अब चलती हूं .. मिलती हूं अगले सप्‍ताह ...
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रविवार, 18 जुलाई 2010

मर्द को दर्द,श्रेष्ठता का पैमाना,पुरुष दिवस,एक त्यौहार--- ब्लाग4वार्ता-----ललित शर्मा

देर रात विलंब से घर पहुंचने के कारण वार्ता लिख नहीं पाए, वैसे भी आज की वार्ता लिखने का दिन भाई  गिरीश बिल्लौरे जी का है। लेकिन वे आज कल कुछ अधिक व्यस्त हैं।  मिसफिट पर भी कम ही नजर आ रहे हैं। लेकिन इश्क लव प्रीत पर कभी-कभी दिख जाते हैं। इसलिए वार्ता हम ही लगाए जा रहे हैं और लगाते ही रहेंगे अनवरत। इस हफ़्ते की ब्लाग4वार्ता स्तंभ में दिनेश राय द्विवेदी जी के ब्लाग तीसरा खंभा की चर्चा है। शीघ्र ही उसकी स्केन कापी ब्लाग पर प्रस्तुत होगी। अब चलिए ब्लाग नगरिया की सैर पर ललित शर्मा के साथ.....
 
प्रदूषण के खिलाफ जंग-- हरियर अभियान छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 20 कि. मी. दूर रायपुर में आज एक लाख पौधे रोप कर नया इतिहास रचा है। छत्तीसगढ़ के गर्वनर शेखरदत्त, मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, उनके मंत्रीमंडल के सदस्य, जनप्रतिनि...श्रेष्ठता का पैमाना : लोकसंघर्ष परिकल्पना सम्मानसपने जिनकी नींव हैं और लेखनी जिनकी ताक़त .....जो सपनों की दुनिया में कोमलता ढूँढती हैं और हकीक़त कविता के रूप में सामने आ जाती है .... इनका मानना है कि सपनों की दुनिया मन की कोमलता को बरकरार रखती है...हर स...


वाणी जी का ब्लाग सफ़र चल रहा है आपका नाम नहीं है तो भी आभार स्वीकार कीजिये ब्लॉग बनाये कुछ ही दिन हुआ था की प्रेमचंदजी का सन्देश आया कुछ त्रुटि की और ध्यान दिलाने और उसमे सुधार करने हेतु ... इसके अलावा ग़ज़ल लेखन में भी अपने सुझाव देते रहे हैं ... आभार ... वर्षाजी , मुझे अपनी रचन...देख अचरज भी है हैरानी भी है-साब जी अभी हाल में एक टूटी-फूटी रचना लिखी थी.. अब उसमे कुछ सुधार किया और गाने की गलती कर बैठा.. सोचा आपको भी सुना ही दूँ.. दिन अच्छा रहा होगा तो ख़राब हो जाएगा सुनने के बाद.. इस प्रयोग के लिए समीर सर का व...

आज खुशदीप सहगल का जनमदिन हैआज, 18 जुलाई को देशनामा वाले खुशदीप सहगल का जनमदिन है। बधाई व शुभकामनाएं आने वाले जनमदिन आदि की जानकारी, अपने ईमेल में प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें। अपने मोबाईल फोन पर SMS के द्वारा जनमदिनों की ...जन्म दिन मनवाने वाले पाबला जी :धन्यवादपाबला जी की वज़ह से सब एक दूसरे को जन्म दिवस पर याद कर लेते हैं आप में से कोई छूटा हो तो अवश्य उनको मेल कर दीजिये वैसे वे स्वयम खोज लेते हैं पर फ़िर भी ...................खैर देखिये आज़ तक के जन्म दिन तो नीचे...

उम्र का बढ़ना भी एक त्यौहार हुआ आज आपको *अटल बिहारी वाजपेयी* जी की एक कविता सुनाता हूं...क्यों सुना रहा हूं ये आज आपको पाबला जी की पोस्ट से शायद पता चल जाए...*अटल जी जिस राजनीतिक धारा से जुड़े रहे, उससे मेरा कोई लेना-देना नहीं लेकिन एक क...देखते क्या हो?…मारो…स्साली को-आ…लौट के आ जा मेरे मीत रे….तुझे मेरे गीत बुलाते हैं"… * “क्या बात तनेजा जी…आज बड़े खुश हो…मस्ती में खुशी के गीत गए जा रहे हैं?"… “कान पे झापड़ मारूंगा एक"… “काहे को?”… “मेरी ये रोनी सूरत आपको खुशी और हर्ष...

आह!गडकरी, वाह!गडकरी भाजपा *ने 1980 में अपनी स्थापना के बाद से इतना विवाद नहीं झेला होगा जितना श्री नितिन गडकरी के अध्यक्ष बनने के बाद से वह झेल रही है| ताजा विवाद, विवादों को हमेशा लपकने और अपने मनमाफिक रंगत देने में माहिर क...मर्द को दर्द : पुरुष दिवस मनाएं : एक ई मेल जो फीमेल से मिलामर्द को दर्द : पुरुष दिवस मनाएं : एक ई मेल जो फीमेल से मिला पढ़ने के लिए जहां मन करे वहां क्लिक करें।

फ़ुरसत में …. एक गज़लशनिवार को हम फ़ुरसत में होते हैं। और इस ब्लॉग के लिए हमारे स्तंभ फ़ुरसत में के लिए कुछ लिखने की ज़िम्मेदारी भी होती है। तो आज सुबह-सुबह क्या लिखूं की उधेरबुन में डायरी के पन्ने पलटने लगा। सहसा अपनी लिखी ...18 जुलाई से 4 अगस्‍त तक बहुत अच्‍छी बारिश नहीं हो पाएगी !!जब से मैने चिट्ठा लिखना शुरू किया है , 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' की दृष्टि से ग्रहों के आधार पर जो आनेवाला मौसम होना चाहिए , उसके बारे में मैं अक्‍सर आलेख लिखा करती हूं। वैसे नियमित तौर पर पढनेवाले पाठक ही सम...

ब्लागिंग नशा है !!! ब्लागिंग नशा है हम आदि हैं रोज लेते हैं मजा चुस्की की तरह कभी एक पोस्ट में ही हो जाता है नशा और कभी फ़ट जाता है नशा एक ही टिप्पणी से और जब कभी बढ जाता है नशा तो भटकते फ़िरते हैं ब्लाग दर ब्लाग ठोकते-पीटते टि...मेक-अप की ताकत पहचान ...ऊपर की तसवीरें उन्हीं महिलाओं की हैं जो नीचे खड़ी हैं...दोनों तस्वीरों में फर्क आप देख सकते हैं ..... मेक-अप की ताकत पहचान ... कितना बदल गया इन्सान...!! 

दुनिया भर की बीवियों तुस्सी ग्रेट हो अन्जू ने आम काटते वक्त सरोते से अंगुली ही कटवा ली। मम्मीजी अपने भतीजे की शादी में गई हैं, दो-तीन दिन में लौटेंगीं तो अन्जू ने खुद ही अचार डालना चाहा। अब हर पांच मिनट में अंगुली के दुखने की बात कहती है (श...अरूंधति राय का लाल प्रेम शादाब जफर शादाब एक महिला के पेशाब करते वक्त निकलने वाली आवाज का अपने उपन्यास में अश्लील शब्दांे में मजे ले लेकर वर्णन कर देश Continue Reading »

कहीं ये बुढ़उ भी तो टिप्पणियाँ के तिकड़म से खुद को नहीं बढ़ा रहा है?कल जब मैंने कम्प्यूटर बंद किया था तो मेरे पोस्ट "जिन्दगी के रंग कई रे" में 8 टिप्पणियाँ थीं और आज सुबह जब मैंने अपना कम्प्यूटर खोला तो पाया कि टिप्पणियों की संख्या 31 हो गई हैं। विश्वास नहीं हो पा रहा था अ...एक शहीद की माँ का पत्र तत्कालीन प्रधानमंत्री के नाम य*ह पत्र शहीद कॉमरेड चंद्रशेखर की माँ द्वारा लिखा गया था , शहीद की मृत्यु पर सरकार द्वारा दिए गए एक लाख के बैंक-ड्राफ्ट को लौटाते हुए | कॉ. चंद्रशेखर नवें दशक की भारतीय छात्र-राजनीति के जुझारू नायक के त...

मस्त रहो मस्ती में,आग लगे बस्ती मेंघड़ी चौक पर गड्ढा कल रात को घर आ रहे थे, कुछ विलंब हो गया था। रात के ग्यारह बज रहे थे। हम बाईक से थे, वैसे भी घर वाले बाईक से जाने से मना करते हैं। लेकिन शहर में बड़ी गाड़ी में दुगना समय लगता है और काम भी न...एक ऐसी शराब जो पहनी भी जा सकती है शराब पीने के लिए बनाई जाती है लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि शराब पहनी भी जा सकती है | आज अंतरजाल पर भटकते हुए मैं josh18 के न्यूज़ पोर्टल पर 3 अप्रेल 2007 को छपी खबर पर पहुँच गया जहाँ पता चला कि आस्ट्रेलिया...

वार्ता को देते हैं विराम- आपको ललित शर्मा का राम-राम.....................

शनिवार, 17 जुलाई 2010

आग की लपटों में जलते रिश्ते--जिन्दगी के रंग कई रे-ब्लाग4वार्ता--ललित शर्मा

नमस्कार, आज बिजली रानी नाखुश है, जल्दी जल्दी जाती है, हमें एक पोस्ट दुबारा लिखनी पड़ी है, भैंस गयी पानी में, लिखे-लिखाए पर पानी फ़िर गया और इधर हमारे मित्र लोग बार- बार फ़ोन कर रहे हैं, बैठे हैं शेरे पंजाब ढाबे में खम्बा उखाड़ के, उनको भी समय दे्ना है, इसलिए जल्दी से कुछ लिंक देता हूँ उम्दा चिट्ठों के, चलिए मेरे साथ ब्लाग नगरिया की सैर पर.......

लोकसंघर्ष परिकल्पना सम्मान : वर्ष की श्रेष्ठ चित्रकार श्रेष्ठता का पैमाना : लोकसंघर्ष परिकल्पना सम्मान अल्पना माने रंगोली…'अल्पना' शब्द संस्कृत के - 'ओलंपेन' शब्द से निकला है, ओलंपेन का मतलब है - लेप करना। मगर किसी का नाम हो अल्पना और वह अपने नाम के अनुरूप अपनी अभिरुचियों को विकसित करते हुए जीवित किवदंती बन...वादों का चमन झुलस चुका है तेरे वादों का चमन हमदम,भरम के पानी से कब तक करूं जतन हमदम। समन्दरे-वफ़ा ही मेरे इश्क़ की महफ़िल , तेरा दग़ा के किनारों सा अन्जुमन हमदम। कुम्हारों की दुआ है मेरे प्यार की धरा को,अजीज़ है तुझे क्यूं ग़ै...


बिना किसी इन्टरनेट कनेक्शन के अपने मोबाइल पर वेब सर्फ़ कीजिये (HP Labs India)जी हाँ आपने जो शीर्षक में पढ़ा वो सही है, अपने मोबाइल पर आप बिना किसी इन्टरनेट कनेक्शन(जीपीआरएस, 3G,WiFi, आदि) के आप अपनी मनपसंद वेब-साईट देख सकेंगें | ऐसी नयी तकनीक(अभी पेटेंट नहीं मिला है) को ला रहा है H...एक वर्ष की ब्लॉग यात्रा ... अभी पिछले दिनों हरियाणा की एक महिला ब्लॉगर से बात हुई ..सामान्य परिचय के आदान प्रदान के दौरान जब उन्हें बताया कि मैं जयपुर से हूँ तो उन्हें आश्चर्य हुआ ...वो मुझे बनारस वासी मानती थी ... ब्लॉगिंग के शुरू...

पुलिस वाला चोरहा अउ चोर हा पुलिस बने हे. मैं बार बार कहता और लिखता रहा हूँ की छत्तीसगढ़ी दर्शकों को मूर्ख मत समझो. लेकिन लोग हैं की मेरी बात मानते ही नहीं. आज अपना भाग्य आजमाने एक और छत्तीसगढ़ी फिल्म " मया दे दे मयारू" रिलीज़ हो रही है. सबको इस ...एंटी वायरस हटाने का औजारये आम समस्या है की आप किसी एंटी वायरस या एंटी स्पायवेयर को काटकर नया या अन्य एंटी वायरस प्रोग्राम अपने कंप्यूटर पर इन्स्टाल करना चाहते हैं पर आपका पुराना एंटी वायरस अन इंस्टाल ही नहीं होता इससे निपटने के ...

पुरानी खांसी कहते हैं कि यह देश किसानों का देश है, लेकिन दुनिया के पेट को रोटी देने वाला किसान जिस तरह से भूखा रहता है। दाने-दाने को तरसता है, उसे देखकर नहीं लगता है कि वास्तव में यह देश किसानों का सम्मान करना भी जानत...बिना अश्लील हुए सैक्सी थीं मधुबाला मधुबाला का जन्म 14 फरवरी 1933 को दिल्ली में हुआ था। उनका वास्तविक नाम मुमताज जहां बेगम था। 1942 में महज 9 साल की उम्र Continue Reading »

जिन्दगी के रंग कई रे .... क्या आप में से कोई ऐसा भाग्यवान है जिसने कभी खराब समय देखा ही न हो? मैं समझता हूँ कि अच्छा और खराब समय तो सभी के जीवन में आते ही रहता है। अच्छे समय में तो हम अपनी मस्ती में इतने डूब जाते हैं कि मन के किसी ...प्रभाष जी के जन्मदिन पर विशेष ख़लिश हिन्दुस्तानी पत्रकार ''प्रभाष जोशी'' रोज़ की तरह देश विदेश की खबरों के लिए मैं नेट पर बैठा था.हिंदुस्तान के पोर्टल से पता चला की ''प्रभाष जोशी'' का निधन हो गया.मैं चोंक गया.ये कैसे हो सकता है...दर्जन...

आग की लपटों में जलते रिश्ते. पिछले दिनों ''हम सब साथ-साथ '' पत्रिका के संपादक किशोर श्रीवास्तव जी का sms आया ... जुलाई-अगस्त अंक के लिए रिश्ते -नातों पर केन्द्रिक रचनायें चाहिए ....उन्हीं दिनों ये नज़्म उतरी थी ....''आग की लपटों में ...डायरी के पन्ने - ८ एक मन था जो बेचैन हुआ था क्यों था ये पता नहीं था कब तक रहती पीड़ा मन में और कब तक रहता संशय मन में कब तक मैं समझाता मन को और कब तक मन समझाता मुझको कब तक रहता सन्नाटा और कब तक रहती खामोशी मौन टूट पडा था मेरा...

द्वितीय प्रमोद वर्मा स्मृति आलोचना सम्मान प्रमोद वर्मा स्मृति आलोचना सम्मान * *मधुरेश और ज्योतिष जोशी को * *रायपुर *। द्वितीय प्रमोद वर्मा स्मृति आलोचना सम्मान से प्रतिष्ठित कथाआलोचक मधुरेश और युवा आलोचक ज्योतिष जोशी को सम्मानित किया जायेगा । यह ...उज्ज्वला अब खुश थी(कहानी) --------- ----------->>>दीपक 'मशाल'.देखा आपने रात में कैसी रासलीला चल रही थी मोहल्ले में? पानी सर से ऊपर होता जा रहा है अब तो.. वो तो अच्छा है दीदी के हमारे बच्चे अभी बहुत छोटे हैं.. वर्ना इन कमीनों की हरकतें देख सुन क्या असर पड़ता उ...

ख्यालों के निशाँ साहिल है मेरी सोच मन के सागर की तेरी यादों की रेत पर मेरे ख्यालों के निशाँ हैं उन नक़्शे पाँव पर जब मैंने अपनी चाहत को रखा तो हकीक़त की लहर ने मिटा दिए आ कर मेरी कल्पना के निशाँ ... ...त्यागपत्र (समापन किस्त) - ३८ मनोज कुमार दोस्तों कथानक को समाप्त करते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि आपने इतने लंबे समय तक हमारा साथ दिया। आपम प्रोत्साहन और मार्गदर्शन ही हमारा प्रेरणा स्रोत रहा। हमने ए...

हम तो हम हैं.......अब हम तो आखिर हम हैं .सच ही कहा है किसी ने चाहें जहाँ भी हों अपनी पहचान कभी नहीं खोनी चाहिए. अब किसी दूसरे देश में दूतावास होते किसलिए हैं अपने देश के ? इसलिए ना कि वहाँ आपके अपने दूत बैठे हों, व...कहां से आया ये सॉरी..........!सॉरी, मैं लेट हो गया..। सॉरी, मैं वो काम पूरा नहीं कर पाया..। मेरी वजह से तुम्हारी ट्रेन छूट गई, आई एम सारी.. मैने तुम्हारा दिल तोड़ा, सॉरी.. सॉरी, मैने तुम्हें गलतफहमी में थप्पड़ मार दिया। ये क्या अब क्य...

बेटा, तुम्हारे पिता ने इसे इतनी बार धोया है कि ललित जी की उम्दा कविता पढी तो अपनी यह पुरानी पोस्ट याद आ गयी * एक गांव के बाहर एक घना वट वृक्ष था। जिसकी जड़ों में एक दो फुटिया पत्थर खड़ा था। उसी पत्थर और पेड़ की जड़ के बीच एक श्वान परिवार मजे से रहता आ रहा... Meri Awaz: मधुमेह भोजन तालिका 1..."मधुमेह भोजन तालिका 1. प्रात: उठते ही एक ग्लास पानी में आधा नींबू डालकर पीयें। एक सप्ताह बाद (केवल ग्रमियों में..."

चलते चलते एक व्यंग्य चित्र


 
 
 
वार्ता को देते हैं विराम--आपको ललित शर्मा का राम राम

शुक्रवार, 16 जुलाई 2010

शाही हेरिटेज शराब -जवाब आयेगा चखने के बाद --ब्लाग4वार्ता --- ललित शर्मा

नमस्कार, आज भारतीय मुद्रा को पहचान मिल गयी है,अभी तक बिना पहचान के ही चल रही थी। इसका मतलब यह है कि इसे डॉलर के चिन्ह जैसा एक चिन्ह दिया गया है। अब उस चिन्ह के लगाने से पता चल जाएगा कि यह रुपया भारत का है। चलो अच्छा काम हुआ, हम बधाई देते हैं भारत सरकार को और मै ललित शर्मा आपको ले चलता हूँ  आज की ब्लाग4वार्ता पर..अब चलाते हैं ब्लाग नगरिया में दो पटरी की रेल...............

जनगणना से जात हटाओ: रविवार को उपवास और धरना
4 निम्बु अपने साथ लेकर जाना है धरने वालो का है कहना

यहां बताया जा रहा है जंगली भैसों का अस्तित्व संकट में
भैंसे सब जगह दिखाई देते हैं देवभोग और अमरकंटक में

पहले अंडा आया या मुर्गी ? या बताओ फ़िर मुर्गा और अंडा
यहां कहते हैं वैज्ञानिको ने अब ढुंढ निकाला है इसका फ़ंडा

कहते हैं आपकी कसम हम बिहार में ताजमहल बना देंगे
भोजपुर में लाल किला,खगड़िया में कुतुबमीनार बना देंगे

हो रही है ब्रह्माण्ड भैंस सुंदरी प्रतियोगिता-दूधिया हलाकान
बाद में एन्ट्री नही मिलनी है जरा यहां भी हो आइए श्रीमान

यहां बहुत दिनों के इंतजार के बाद अंतिम फैसला आ गया
देखिए जल्दबाजी में फ़ैसला लेने कितना नुकसान हो गया

रामकृष्ण मठ का यह कैसा खेल सत्ताधीशों से बढ़ाओ मेल
आपस में फ़टाफ़ट सब लट्ठ बजाओ फ़िर जाओ सब जेल

यहां बरसे रिमझिम रिमझिम मेघा बरसे पवन चले पुरवाई
बने भुलक्कड़ भुल गए छतरी ले जाना हम भीग गये रे भाई

कुमाऊँ का एक मुख्य पर्यटन स्थल है बागेश्वर तनि घुमिए
प्रकृति  की  अद्भुत  छटाओं  का  आनंद लिजिए तनि रमिए

बरखा मौसम बैठे ठाले सुनिए बूढों की जवान प्रेम कहानी
मौसम का असर है दिल जवान है अगर बीत गयी जवानी

मदद-मदद-HELP-HELP-समाधान करें एक आवाज आई
अगर आप कुछ जानते हो तो जल्दी जाकर मदद करो भाई

पढिए तुझसे दिल लगने के बाद,माना है वो बिगड़ने के बाद
बात है मीठी  या जबां मीठी है जवाब आयेगा चखने के बाद

यहां कहते हैं--ना चाहते हुए वो फिर आ गया इस बार भी
आने दिजिए सबका स्वागत है---किसने मना किया कभी

क्या नहीं हो सकता यहां-- गधा होना गर्व की बात हो गई है
तभी तो रेल का टिकिट कटा कर गधेड़ी मायके  भाग गई है

जिस दिल में दया भाव ही न रहा तो वहाँ भला खुदा क्या रहेगा
पूरी दुनिया का मालिक है वह, जहां अच्छा लगेगा वहां  रहेगा

स्वागत में आपके लाए हैं राजस्थान की शाही हेरिटेज शराब
इसके तो कई फ़्लेवर हैं महणसर के पान,केसर सोंफ,गुलाब

जय हो जय हो  अब दुनिया में होगी अपने रुपये की पहचान  
रुपए की भी जग में अपनी,एक पहचान बन गयी अब श्रीमान

सच कहा आपने-दृढसंकल्‍प के आगे भूत भी हार मान जाता है
बैगा गुनिया की जरुरत नहीं है,अब जग भी जान जान जाता है

अंडमान निकोबार द्वीप समूह की चित्र प्रदर्शनी दिखाई गयी है
चित्रकथा पर सुंदर सुंदर चित्रों से आपके लिए सजाई गयी है

बिन पिए ही, मदहोश बना डाला,  उनकी  नशीली  आँखों ने
पढिए यहां-देखो क्या हाल हमारा है, डूब के उनकी आँखों में,

अंत में यहां भी आईए
अब ब्लाग4वार्ता को देते हैं विराम--आपको ललित शर्मा का राम राम

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