शनिवार, 19 फ़रवरी 2011

जब्त का हौसला नहीं बाकी - एक बार मिस्र हो जाओ मेरे देश - अब तक ५६ - ब्लॉग 4 वार्ता - शिवम् मिश्रा

प्रिय ब्लॉगर मित्रो ,
प्रणाम ! 

ब्लॉग 4 वार्ता  के इस मंच पर आज आप सब को बिना किसी भूमिका के सीधा वार्ता की ओर लिए चल रहा हूँ  ... शुरुआत में एक ऐसी पोस्ट के कुछ अंश दे रहा हूँ जिस के बाद किसी और भूमिका की कोई जरुरत ही नहीं रह जाती है ...

सब दे रहे हैं गालियां
अपने घरों और गाँवों में
उनके गुस्से को थोड़ा
खदबदाओ मेरे देश
सड़कें बहुत हैं
चौराहे हैं अनगिनत
किसी चौक को
तहरीर चौक बनाओ मेरे देश
ये जेलों के कैदी
ये वर्षों के बंदी
गुलामी-गुलामी ये कब तक रहेगी
एक बार मिस्र हो जाओ मेरे देश.

सादर आपका 


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हम तो यह भी कहेंगे ... खुद भी न बनो !

कभी देश मेरा सोने की चिड़ियाँ था

बधाइयाँ और शुभकामनाएं

आम पाठक है कहाँ ... यहाँ तो सब खास है

देश जलाते हुए कैसे दिखाते ?

नारायण ... नारायण !!

अगर नहीं है ... तो कहीं नहीं है !

आप बताएं !

हम्म ...

सहमत है जी !

कानून क्या कहता है ?

ब्लोगिंग के लिए

आभार !

तुम को आज पता चला ?

किस ने लिखा ?

हमने उमर गँवाई अपनी बीज फूल के बोते बोते ...

जहाँ का टिकेट मिल जाए !

बहुत है !

अहेम है !

वाह !

असली या नकली ?

काम की बात !

क्या न करें ...

बहुत बुरी आदत होती है !

या ब्लॉग का ...!

बुरे दिन है बिचारे के ...

खतरनाक भी होते है !

कमाई भी तो करनी है !

कैसे बताये ... हम तो पुरुष है !

बात में दम है !

भारत निर्माण करवा रही सरकार

इस फरवरी ने बहुतो को बर्बाद किया है ... एक हम भी है !

प्रधान मंत्री तो नहीं हो न ?

 क्या आपके पास सोनिया आंटी है ?


अशक्तता
चलो अच्छा है कि बर्दाश्त करने की ताकत बढ़ी

क्या भारतीय बदबूदार होते हैं?
कैसे बताये किस बाहर वाले को कभी सुंघा नहीं !
झट से दाना खाओ और फट से उड़ो ..
खुद को !
 जय हो !
 हिम्मते-इल्तिजा नहीं बाकी
बेशर्म है 
ओम साईं नाथाय नम:
 बहुत बेइंसाफी है !
 सब ठीक हो जाता है !
 यह नेता अगवा क्यों नहीं होते ... नहीं बस ऐसे ही पुछा !?

भ्रष्टाचार की लड़ाई मे नींव के पत्थर... सादर नमन
 हम सब आपके साथ है !


आतंक के साए में....... राग तेलंग
 एक बूढ़ा क्रांतिकारी


नई ग़ज़ल/ आज दिखता है जो बौना कल बड़ा हो जाएगा
 देश को दारु के साथ ... चखने की तरह खा जायेगा !


रेल बजट से मैनपुरी को कोई उम्मीद नहीं ...
हो भी कैसे ... अभी हम नेता कहाँ बने !



सात ख़ून माफ़
अरे महाराज सिर्फ ७ ??


ये कौन सी श्रेणी की ईमानदारी है - - - - - mangopeople
 १ नंबर की ... बेवकूफी है ... हम लोगो की !


पार्क में उड़ता पर्चा...     
हवा तेज़ रही होगी ...


भारत के कुश्ती किंग सुशील पहलवान शुकरवार शाम शादी के बंधन मैं बंध गये ....
अरे महाराज बड़े बड़े पहलवान हार गए ... आप क्या हो ... खैर हार्दिक बधाइयाँ ! 


थोडा-बहुत..सच…बहुत कुछ झूठ- राजीव तनेजा 
हर कोई बोलता है


सुशील कुमार जी को नुक्‍कड़ और समूह के अन्‍य ब्‍लॉगों की जिम्‍मेदारी से मुक्‍त कर दिया गया
बड़े बेआबरू हो कर तेरे नुक्‍कड़ से हम निकले ... बहुत निकले मेरे अरमान ... फिर भी कम निकले 


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आज की ब्लॉग वार्ता बस यहीं तक ... अब तक ५६ ... पोस्टो के लिंक है  आज की वार्ता में ... अगली बार फिर मिलता हूँ एक और ब्लॉग वार्ता के साथ तब तक के लिए ......
जय हिंद !!

19 टिप्पणियाँ:

सुन्दर चर्चा .... इतने सारे अच्छे लिंक लाने के लिए आपने जो मेहनत की है उसकी दाद देनी पड़ेगी !

बहुत ही कसावट की बुनावट है और क्या खूब वार्ता की सजावट है । शुभकामनाएं शिवम भाई

आज दो खबर महत्वपूर्ण पाई गईं
जो इस वार्ता में भी हैं
दो पहलवानों के बारे में. एक तो
सुशील कुमार पहलवान की शादी
दूसरा सुशील कुमार को जबरिया तलाक़
सार्थक चर्चा

56 के 56 लिंक बेहतरीन है शिवम् भाई... बेहतरीन वार्ता...

आपने चुन चुनकर बहुत सारे अच्‍छे लिंक्स लगाए हैं .. टिप्‍पणियां तो आपकी लाजबाब रहती ही हैं .. सुबह से फुर्सत नहीं थी .. अब जा रही हूं लिंक्स पर .. बहुत अच्‍छी वार्ता .. आपका आभार !!

क्या खूब वार्ता सजाई है …………गज़ब के लिंक्स के साथ आपकी टिप्पणियाँ चार चाँद लगा रही हैं।

आज की इस वार्ता में शामिल हो कर बहुत अच्छा लग रहा है।
हमें मंच पर सम्मान देने के लिए शुक्रिया।

ji is manch par sthan dene ke liye dhanywad

आप सब का बहुत बहुत आभार !

अति सुन्दर चर्चा , धन्यवाद

संतुलित और कसी हुई सार्थक वार्ता.आभार.

क्रिकेट के चक्कर में आज कई जगह नहीं जा पाया...अब जा रहा हूँ...
इत्ते सारे लिंक भी मिल गए...
मेरे ब्लॉग को शामिल करने का शुक्रिया...

एक बार मिस्र हो जाओ मेरे देश.......

कविता बहुत अच्छी लगी..... बेहतरीन लिनक्स की वार्ता के लिए आभार

वार्ता में सामयिक घटनाक्रम को समाहित करना अच्छा प्रयोग है. उससे रिलेटेड पोस्ट का ज़िक्र भी उत्तम ही है. शिवम भाई सच्चे मन से की गई कोशिशें सनातन हो जातीं हैं.

उपयोगी चर्चा। ज़रूरी लिंक।

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