शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2011

वार्ता लेकर फिर हाजिर हूँ - ब्लॉग 4 वार्ता - रुद्राक्ष पाठक

मेरे सभी बड़ो और  सभी मित्रो को मेरा प्रणाम !

लम्बे समय से वार्ता ना कर पाने के लिए माफ़ी चाहूँगा | स्कूल की पढाई की वजह से ब्लॉगिंग को बिलकुल भी समय नहीं दे पता हूँ लेकिन कोई बात नहीं मैं फिर से अपनी वार्ता लेकर प्रस्तुत हूँ आशा है कि आपको ये पसंद आयेगी |

अपनी वार्ता शुरू करने से पहले आपको एक चुटकुला सुनना चाहूँगा 


नर्सरी-क्लास में बैठी टीचर बच्चों की कापिया जाच रही थीं। बच्चे अपना काम खत्म करके बतिया रहे थे। इतने में बाहर से एक चुनावी जुलूस निकला। नगर पालिका के चुनाव थे। उनके नारे सुन कर एक बच्चा गौरव भी नारे लगाने लगा- ''जीतेगा भई, जीतेगा- दीपक शर्मा जीतेगा।'' अन्य बच्चे भी उसी के स्वर में स्वर मिलाते हुए बोलने लगे। टीचर ने विशेष रूप से गौरव को डाटते हुए सबको चुप रहने को कहा। गौरव एक बार तो सहम गया, फिर बड़ी मासूमियत से बोला- ''मैम, मेरे पापा है दीपक शर्मा। आप भी उनको वोट डालना। मैम, प्लीज डालोगी न?''
''हा भई, हा'' कह कर मैम ने पीछा छुड़ाया। थोड़ी देर तो वे चुप रहे, फिर शोर करने लगे। टीचर ने चिल्लाते हुए कहा, ''देखो गौरव! चुप हो जाओ। नहीं तो मैं तुम्हारे पापा को वोट नहीं डालूंगी।'' इसके बाद न गौरव बोला, न अपने साथियों को बोलने दिया।


तो लीजिये लिंक्स प्रस्तुत है :

4 टिप्पणियाँ:

बढिया लिंक उपलब्ध कराने के लिए आभार

बहुत बढ़िया...
चुटकुला सही है भाई...

बढ़िया लिंक्स दिए है ... अब थोडा नयापन भी ले आओ भाई ... वैसे पहले पढाई जरुरी है ! शुभकामनाएं !

बहुत बढ़िया लिंक्स दिए है .. आभार
http://kavyana.blogspot.com/2011/02/blog-post.html

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