शुक्रवार, 10 अगस्त 2012

कन्हैया - कन्हैया तुझे आना पड़ेगा...ब्लॉग4वार्ता....संध्या शर्मा

संध्या शर्मा का नमस्कार... देश भर में श्रीकृष्णजन्माष्टमी का त्यौहार अतिविशिष्ट रूप में मनाया जाता है.  देश के प्रत्येक अंचल में इसकी पूर्ण प्रतिष्ठा है. भगवान श्रीकृष्ण का लीला विलास अनन्त है. जन्म लेते हुये चर्तुभुज रूप में प्रकट होना फिर छोटा बालक बन जाना. कारागार के पहरेदारों का सो जाना तथा पिता वासुदेव की हथकड़ी, बेड़ी व दरवाजे का स्वतः खुल जाना. यमुना नदीं में बाढ़ आ जाने पर भी रात्रि में ही श्री कृष्ण का गोकुल पहुंच जाना ये सब उनकी लीला का प्रताप ही है... कहते हैं जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है और धर्म की हानि होती है श्रीकृष्ण अवतार लेते हैं, शायद वह समय आ गया है...आप सभी को वार्ता परिवार की ओर से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें...आइये अब चलें आज की ब्लॉग वार्ता पर...

स्याम म्हाने चाकर राखो जी... - *जन्माष्टमी पर्व की सभी को बधाई व शुभकामनाएँ....* प्रस्तुत है मीराबाई की एक रचना- (स्वर-अर्चना)... स्याम म्हाने चाकर राखो जी, गिरधारी लाला म्हाने चाकर ...परिकल्पना कृष्ण प्रश्न -यक्ष प्रश्न प्यारे कान्हा सच बतलाना याद कभी तो आता होगा, वो राधा का साथ सुहाना राधा, वो बरसाने वाली प्रेमसुधा बरसाने वाली पहला पहला प्यार ... तुम पिया कृष्ण हो राधा नहीं हो तुम पिया कृष्ण हो राधा नहीं हो तुम सम्पूर्ण हो आधा नहीं हो प्रेम की मूर्ति तुम मैं भक्तिनी सी थोड़े चंचल से तुम ,ज्यादा नहीं हो गहन जंगल से हो तुम रात्रि के कभी दूत हो तुम शांति के तुम्हे पाना ...
और श्राप है तुम्हें.............मगर तब तक नहीं मिलेगा तुम्हें पूर्ण विराम ............. - ये कविता इस संग्रह मे प्रकाशित हुई है ढूँढ रहे हो तुम मुझे शब्दकोशों में निकाल रहे हो मेरे विभिन्न अर्थ कर रहे हो मुझे मुझसे विभक्त बना रहे हो मेरे नए ... वो हमसफर था.... - मेरे हमसफर मेरा साथ दे, मैं बहुत दिनों से उदास हूँ.. मेरे गीत को कोई साज दे, मैं बहुत दिनों से उदास हूँ मुझे हाल तिरा जो दे सके मुझे उस खबर की तलाश है म... तूफानों से ... - अभी मुझे, उन तूफानों से लड़ना है जिनके कारण मैं ... यहाँ पे अटक गया हूँ ! बार बार वो मुझको धक्का देते हैं ! आगे बढ़ने की राहों में कदम कदम प...
 ( rashifal ) क्‍या करें क्‍या न करें 8 ,9 और 10 अगस्‍त 2012 को ?? - मेष लग्नवालों के लिए 8 , 9 और 10 अगस्त 2012 को स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामले अच्छे रहेंगे , इनसे संबंधित कार्यों को अंजाम दें। रूटीन मनमौजी ढंग का हो...  बस्तर के गीत-संगीत और कलाकारों की व्यथा-कथा - इधर कुछ दिनों से लोकगीतों और लोक-कलाओं के संग्रहण तथा लोक कलाकारों से मुलाकात करने की गरज से हमारी टोली लगातार आसपास और दूर-दराज के क्षेत्रों का दौरा कर ...  मूरत सँवारने से बिगड़ती चली गई - हालाते जिस्म, सूरते जाँ और भी ख़राब चारों तरफ़ ख़राब यहाँ और भी ख़राब नज़रों में आ रहे हैं नज़ारे बहुत बुरे होंठों पे आ रही है ज़ुबाँ और भी ख़राब पाबंद हो... 
बिटिया अब नहीं जाती है पीहर: जनसत्ता में ‘Reporter’ - 9 अगस्त 2012 को जनसत्ता के नियमित स्तंभ ‘समांतर’ में Reporter का पीहर...काकोरी कांड की ८७ वी वर्षगांठ पर विशेष - भारतीय स्वाधीनता संग्राम में काकोरी कांड एक ऐसी घटना है जिसने अंग्रेजों की नींव झकझोर कर रख दी थी। अंग्रेजों ने आजादी के दीवानों द्वारा अंजाम दी गई इस घ.. फिर लौटकर आयी किसानो की उम्मीद बारिश,बगड़ - एक तो पहले की इस वर्ष बारिश देर से हुई और फिर बुआई करने के बाद काफी दिनों तक बारिश नहीं हुई तो किसानों का मनोबल टूटने लगा और मनोबल भी क्यों न टुटे बेचारे ...
राह इंसानियत की - धीरज कुमार का काव्य संसार - महादेवी वर्मा ने कहीं कहा है, ‘कविता भाषा का फूल है’, कविता हमें अपने आसपास को देखने की एक नयी नजर देती है, जिन बातों को हम रोज अखबार में पढ़कर भुला देते है ...  मेरी घरती ...स्मृति शिखर से – 20 : वह कौन था ? - -- करण समस्तीपुरी जीवन की कुछ घटनाएँ अविस्मरणीय तो होती ही है अविश्वसनीय भी हो जाती है। बाद में अपने साथ हुई घटना भी भ्रम जैसी लगती है। हम खुद को चिकोट... 
कुचक्रों में फंसती बेटियां और परिवारजनों का दायित्व - फिज़ा और गीतिका के साथ जो कुछ भी हुआ इस विषय में सबकी अपनी-अपनी सोच हो सकती है। किसी के लिए यह आज के दौर की लड़कियों की अति-महत्वाकांक्षी सोच का परिणाम ... रवीन्‍द्रनाथ टैगोर की छत्‍तीसगढ़ से जुड़ी स्‍मृति‍यों को जि‍या हमने..... - रवीन्द्रनाथ टैगोर की पत्नी क्षयराग से पीडि़त थीं। वे उनको लेकर पेण्ड्रा के टीबी सेनिटारियम आए थे और कुछ समय उन्होंने यहां बिताया था। इस बात का जिक्र अक...आंसू - ** * उस दिन जब मैंने तुम्हारा हाथ पकड़ा , तो तुमने कहा..... नही.. और चंद आंसू जो तुम्हारी आँखों से गिरे.. उन्होंने भी कुछ नही कहा... न तो नही ... न तो हाँ ... 
कन्हैया   गोकुल के रचैया अरु गोकुल के बसैया हरि , माखन के लुटैया पर माखन के रखैया तुम ! गोधन के कन्हैया अरु गोवर्धन उठैया नाथ , बृज के बसैया श्याम बृज के बचैया तुम ! भारत रचैया अरु भारत बचैया कृष्ण , गीता क... मानो हुआ प्रेम साकार - कृष्ण जन्माष्टमी पर हार्दिक शुभकामनायें... मानो हुआ प्रेम साकार अति सुहाना समय हुआ था शांत-सौम्य, सारा ब्रह्मांड, चमक रहे थे झिलमिल तारे दिशा स्वच्छ, निर्मल आकाश ! नदियों का जल निर्मल, शीतल.... ओम साई राम !!!! श्रधा और सबुरी ही कल्याण करेंगे .!!! - *श्रधा और सबुरी ही कल्याण करेंगे * *ओम साई राम * ...



अब देते हैं आज की वार्ता को विराम अगली वार्ता में फिर भेंट होगी तब तक के लिए नमस्कार......

8 टिप्पणियाँ:

सुंदर कृष्णमय वार्ता के लिए आभार
कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई

बहुत बढ़िया लिंक्स दिए हैं संध्या जी ! सभी पाठकों को जन्माष्टमी की अशेष शुभकामनायें ! 'उन्मना' से मेरी माँ की रचना 'कन्हैया' के चयन के लिये आपका धन्यवाद एवं आभार !

बढ़िया लिंक्स दी है संध्या जी |कृष्णमय लिंक्स से सजी आज की वार्ता बहुत अच्छी लगी |

अच्‍छे लिंक्‍स ..
कन्‍हैया को अब आना ही चाहिए ..

दुनिया में पाप का घडा लबालब हो गया है ..
जन्‍माष्‍टमी की बधाई और शुभकामनाएं !!

बढिया वार्ता जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई

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