रविवार, 19 अगस्त 2012

आज फ़िर कुछ तूफ़ानी करते हे -- ब्लॉग4वार्ता --- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, राजभाटिया की नयी दुकान खुल रही है - भाई आज एक बात जो कई दिनो से मेरे दिमाग मे घुम रही हे कहना चाहता हूं, यह सुचना ही समझे, जो लोग विदेशी टूर पर( युरोप मे) लोगो को भेजते हे, अगर वो लोग चाहते हे कि उन्हे कोई स्थानीय ( यूरोपियन) लेकिन जन्म से भारतिय हो ओर इस सारे टूर को अलग अलग देशो मे घूमाये, तो भाई बंदा हाजिर है, मै आप के लोगो को अलग लग देशो मे जहां जहां आप ने टूर मे बताया होगा उन्हे घूमाऊंगा, और हमेशा भारतिय खाना उन्हें मिलेगा क्योकि मै कोई प्रोफ़ी नही बस बेठे बेठे मेरे दिमाग मे यह विचार आ गया... ओर मै चाहता हूं जल्द ही रिटायर मेंट ले लूं ओर फ़िर कुछ तूफ़ानी करते हैं...:) अब चलते हैं आज की वार्ता पर...


साईकिल यात्रा व देहरादून स्टेशन भ्रमण  यह यात्रा शुरु से यहाँ से देखे इस यात्रा का इस लेख से पहला भाग यहाँ से देखे। चौथे या पाँचवे दिन की बात है, शाम को यह तय हुआ था कि संदीप व बबलू को हरिद्धार या ऋषिक...सनातन वर्ण व्यवस्था ब्राह्मणोस्य मुखमासीत | बाहू राजन्यः कृतः |* *उरू तदस्य यद्वैश्यह | पद्भ्यां शुद्रो अजायत॥ * उपरोक्त पुरुष शुक्त श्लोक का अर्थ ये लगाया जाता है कि "मानस यग्य में उस विराट पुरुष द्वारा स्वें का उत्...हिंग्लिश बाल कविता बरसात के दिनों में एक अध्यापक ने विद्यार्थी से स्कूल ना आने का कारण पूछा तब उसने कुछ इस तरह से बताया .... इट वाज रैनिंग झमाझम । रोड पर आते थे जब हम । लेग माई फिसलिंग गिर पड़े हम । इसी वजह से कुड न...

यह कैसी आतंक पिपासा यज्ञ क्षेत्र यह विश्व समूचा, होम बने उड़ते विमान जब, विस्मय सबकी ही आँखों में, देखा उनको मँडराते नभ। मूर्त रूप दानवता बनकर, जीवन के सब नियम भुलाकर, तने खड़े गगनोन्मुख, उन पर टकराये थे नभ से आकर। ध्वंस बिछा...परमानेंट मेमोरी इरेज़र कुछ बेवकूफाना हरकतें - (किया कभी?) नए 'कटर' से पेंसिल... और दाँत से गन्ने - छिलकों की लंबाई का रिकॉर्ड तोड़ने-बनाने की कोशिश। फाउंटेन पेन में सूख गयी स्याही की खुशबू… बॉलपेन के रीफ़ील में स्याही ड...सरासर जान से खिलवाड़ प्रसंगवश* एक चर्चित जुमला है, रोम जब जल रहा था तब नीरो बांसुरी बजा रहा था। कुछ ऐसा ही हाल राज्य सरकार एवं उनके नुमाइंदों का है। इन दिनों दुर्ग-भिलाई में सरकारी भवनों से प्लास्टर उखड़ने की खबरें लगातार आ ...

तुम खेलो, युधिष्ठिर  फड़ बिछी है , चल रहा है दौर , तुम खेलो, युधिष्ठिर ! * खेल के पाँसे किसी के हाथ साध कर के फेंकता हर बार , और तुम भी एक हो , जिसको यहाँ चुन कर बिठाया , चाल चलने को किया तैयार . कौन बोलेगा तुम्हारे सामने ,... आजादी हमें खैरात में नहीं मिली है!! आजादी हमें खैरात में नहीं मिली है उसके लिए हमारे देश के अनेको देश भक्तों ने जान की बाजी लगाकर देश पर मर मिटने की कसम खाई और शहीद हुए. उनके वर्षों की तपस्या और बलिदान से हमने आजादी पाई है ". झंडा के सामन...दो बेचारे वह ड्राइवर था, बहुत अच्‍छा ड्राइवर था. दूर दूर तक लोगों ने उसकी ड्राइविंग के चर्चे सुन रखे थे. एक दि‍न उसने फ़ैसला कि‍या कि‍ चलो अपनी ही गाड़ी ख़रीद ली जाए. वह शोरूम जाकर बोला –‘लाला जी एक अच्‍छी सी कार...

१८ अगस्त १९४५ और नेताजी सुभाष चंद्र बोस नेताजी की मृत्यु १८ अगस्त १९४५ के दिन किसी विमान दुर्घटना में नहीं हुई थी।* *( इस तथ्य को साबित करने के लिए आगे कुछ और तथ्य व चित्र आप सब के सामने रख रहा हूँ, यहाँ यह सपष्ट करना ठीक होगा कि यह सब तथ्य व ...नेक सलाह दे रहा हूँ यदि आप प्रोपर्टी में इन्वेस्टमेंट की सोच रहे है, और आगे चलकर आपका मकसद कोई अपना धंधा करने अथवा प्राइवेट सैक्टर में नौकरी करने का है तो बिना किसी लाग-लपेट, बिना किसी स्वार्थ के फ्री में यह नेक सलाह दूंगा कि...मुकम्मल हूँ मैं मीलों चली अपने ही अन्दर सूखता गया मैं का समंदर धुंधलाती हथेली गुमशुदा लकीर मन उचाट रमता फ़कीर यकायक दुनिया मेरी सिमटने लगी आवाज़ कोई मुझसे लिपटने लगी पर कोई कहीं नहीं बस मैं सब तरफ भीतर बहार बस म...

चलते चलते एक व्यंग्य चित्र :
वार्ता को देते हैं विराम, मिलते  हैं ब्रेक के बाद, राम राम

10 टिप्पणियाँ:

सुप्रभात... बढ़िया चुने हुए लिंक्स के साथ तूफ़ानी वार्ता के लिए शुक्रिया ललित जी...

धन्‍यवाद जी मेरे कार्टून को भी उद्धृत करते के लि‍ए.

बढ़िया लिंक्स हैं आज की |ईद के शुभ अवसर पर सब को हार्दिक शुभ कामनाएं |
आशा

बड़े दिनों में आज धूप खिली..तो फिर तूफानी????
:-)
बढ़िया वार्ता..
शुक्रिया
अनु

अत्यन्त रोचक सूत्रों से सजी वार्ता..

रोचक वार्ता............

मैंने ब्लॉग तो २०१० में आरंभ कर दिया पर बाद में उसे भूल ही गया। अब एक मकसद से वह याद आया तो आपके comments इंतजार करते मिले। तदर्थ, आपके ब्लाग पर पहुचने का सौभाग्य हुआ। बिलंब के लिए क्षमा चाहता हूँ। ज्ञातव्य, मैंने अब मेरे उस ब्लॉग का नाम “सुगम पथ” कर दिया है।

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