रविवार, 30 दिसंबर 2012

काला शनिवार .. हम रहे इंसान कितना .. ब्‍लॉग4वार्ता .. संगीता पुरी

आप सबों को संगीता पुरी का नमस्‍कार ,सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में दम तोड़ने वाली दिल्ली दुष्कर्म पीड़िता के शव को लेकर विशेष विमान भारत के लिए रवाना हो चुका है। शव वाहन से उसके शव को हवाई अड्डा लाया गया, जहां से एयर इंडिया के एक चार्टर्ड विमान से शव को भारत लाया जा रहा है। इलाज के लिए 23 साल की लड़की को भारत से यहां लाया गया था। डॉक्टरों की कड़ी मेहनत के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और शनिवार तड़के 2 बजकर 15 मिनट पर उसकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे भारतवर्ष में शोक की लहर है , ब्‍लोगरों ने आज भी इस विषय पर लिखना जारी रखा है .....

काला शनिवार - आज इस साल ने जाते जाते, मुँह पे कालिख सी पोत डाली है. सर झुकाए हैं, शर्मसार हैं हम!! मुझे माफ़ करना कि मैं खुश हूँ तुम्हारे चले जाने से... - *पिछले बारह दिन अजीब से थे, दुःख अफ़सोस, गुस्सा... बस यूँ ही लिखता रहा फेसबुक पर, कुछ शब्दों को यहाँ सहेज कर रख ले रहा हूँ ताकि ताउम्र याद रहे ये आज का काल...ख़ामोशी की गूँज ऐसी होनी चाहिए - क्या कहूं सत्ता बीमार है या मानसिकता इंसानियत मर गयी या शर्मसार है मौत तो आनी है इक दिन मगर मौत से पहले हुयी मौत से कौन कौन शर्मसार है ? क्योंकि न इ...' नारी ' होने की सजा - [image: nasreen_victim_honor_killing.jpg] वेदना की सीमाओं से परे एक दबी चीख सुनी क्या ' निर्भया ' खामोश है अब क्या कहे ? कह चुकी सब यातनाओं से परे ...

बस ये आक्रोश....ये संवेदनशीलता जाया न होने पाए - हमारा देश आक्रोश, अविश्वास, बेबसी की आंच से सुलग रहा है। व्यवस्था के प्रति ये क्रोध हर तबके के लोगों में है पर युवाओं में ज्यादा मुखर है। सही भी है, द...दामिनी कि मौत समाज और सरकारों को शर्मसार करने के लिए काफी होनी चाहिए !! - कई दिनों से मौत से लड़ाई लड़ने के बाद आखिर जीने की इच्छा दिल में लिए दामिनी इस दुनिया से रुखसत हो गयी लेकिन उसकी मौत समाज और सरकारों के सामने सवाल छोड़ गयी...एक बेटी के जाने के बाद - साहसी बेटी के जाने के बाद अब सरकार की आलोचना करना वक्त बर्बाद करना है। वैसे भी आलोचना उसकी की जाती है जिसमें सुधरने की संभावना हो। सरकारें आसमान से नहीं आत...वधाई तुम्हे देशवासियों ! - *देखने में आया है कि * * दामिनी पर हुए जुल्म * *और उसकी मौत पर * *आंसू बहाने ही सही * *किन्तु शर्म इस देश में * *पुन: लौट आई है। * *बस, अब इतनी सी * * गुजा...'दामिनी' - 'दामिनी' 'तुम' चली गयी, जाना ही था तुम्हे, रुक भी जाती तो क्या? कहाँ जी पाती 'तुम' अपनी जिंदगी 'फिर से' , कहाँ से लाती जीने की वही चाह, वही उमंग, और...

# चिता की आग # - तुझको अग्नि के हवाले कर के .... मैं जड़- सी हो गई हूँ ..... कभी अपनी छाती का लहू पिलाया था मैने .. तेरी वो नटखट आँखें .. वो चेहरे का भोलापन . वो प्या...प्रीतनिया.... संध्या शर्मा -गीत नया क्या गाऊं साथी छेड़ूँ क्या वीणा पर तान क्रंदन उर की हर धडकन में पीड़ा होती प्रबल महान छूटी लय,ताल बिखरी है बिसरा सकल सुरों का भान मेरे मन के राग...मोमबत्तियाँ न जलाएं..खुद बने मशाल - 13 दिनों के कष्ट को सहने के बाद अन्ततः उस पीड़ित लड़की को सभी कष्टों से मुक्ति मिल गई। आज इस दुखद समाचार को सुनकर देशव्यापी शोक की लहर है। राजनेत...देश के ‘‘लोकतंत्र’’ में क्या ‘‘राजनीतिक तंत्र’’ ‘‘अप्रासंगिक’’ हो गया है? -*राजीव खण्डेलवाल:* Photo from:freethoughtblogs.com हमारा देश भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है जहां लोकतंत्र को मजबू...

दामिनी के नाम - दामिनी ! तुम नेपथ्य में चली गयी, करोड़ों आँखों को नम कर गयी. देखो, मरना तो एक दिन सभी को है मगर जिस तरह तुमको जाना पड़ा उस पर पूरा देश शर्मिन्दा और घायल..." रह गयीं अब दुनिया में " नाम " की खुशियाँ , तेरे मेरे किस " काम " की खुशियाँ.....?? - * प्यारे दोस्तों,नमस्कार! आज मैं बहुत उदास हूँ !! जिंदगी साथ छोड़ गयी, मौत ने गले लगा लिया उसको , जो " जीना " चाहती थी !! लेकिन प्रश्न ये उठता है कि...खुद को आज़माने का... -हमारे दामनों पर खून के छींटे बहुत से हैं... है आया वक़्त अब अपने ज़मीरों को जगाने का... ये माँ का दूध, राखी हर बहन की हो नहीं ज़ाया... ये मौका है खुदी से आज...हम रहे इन्सान कितना......- हम रहे इन्सान कितना, कह नहीं सकते- गिर सकता है इन्सान कितना, कह नहीं सकते- मिट गयी है लक्षमण रेखा कायम कबूल थी बिक सकता है ईमान कितना, कह नह...

स्विफ्टकी ऍण्ड्रॉइड कीबोर्ड ३.१ में हिन्दी, हिंग्लिश समर्थन शामिल - स्विफ्टकी ऍण्ड्रॉइड स्मार्टफोन तथा टैबलेट के लिये एक प्रसिद्ध और लोकप्रिय कीबोर्ड ऍप्लिकेशन है। जैसे-जैसे आप टाइप करते जाते हैं यह सीखती जाती है ताकि आपको ...यार्ड में लेखन - वरिष्ठ अधिकारी का निरीक्षण है, यार्ड में नयी पिट लाइनों का निर्माण कार्य चल रहा है, पिट लाइनों का उपयोग यात्री ट्रेनों के नियमित रख रखाव के लिये किया जात...गाँव-शहर हर जगह ठण्डो रे ठण्डो! - सुदूर पहाड़ों पर बर्फवारी के चलते वहाँ से आने वाली सर्द हवाओं से जब देश के अधिकांश हिस्से ठिठुर रहे हों, ऐसे में वे अपनी हिमपूरित पहाड़ी हवाएं अपने शहर मे...अड़हा बईद परान घाती - यह कहावत हिन्दी कहावत नीम हकीम खतरे जान का समानार्थी है, जिसका अभिप्राय है : अनुभवहीन व्यक्ति के हाथों काम बिगड़ सकता है. अब आईये इस छत्तीसगढ़ी मुहावरे में..लवकुश का गर्भ-ज्ञान - माता, रोओ मत, इस सुनसान जंगल में तुम्हारे असहाय-क्रन्दन की आवाज सुनकर न मेरे पिता राम, नाही चाचा लक्ष्मण आएंगे देखो माता देखो कैसे बदल गए राजधर्म के अर्थ कुछ...




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9 टिप्पणियाँ:

नमस्कार!
लिंक्स का चयन सही है।

अच्छी वार्ता

वेटी दामिनी को श्रद्धांजलि

आक्रोश और पीड़ा से भरी गहन वार्ता... दामिनी को विनम्र श्रद्धांजलि

अच्छी लिंक्स |
आशा

वार्ता में मुझे शामिल करने के लिए आभार!

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