शनिवार, 8 दिसंबर 2012

वह कसमों सा आया रसमों सा चला गया .. ब्‍लॉग4वातर्ा .. संगीता पुरी



आप सबों को संगीता पुरी का नमस्‍कार , ऐतिहासिक ईडेन गार्डस की जिस पिच पर इंग्लैंड ने पहली पारी में 523 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया उसी पिच पर सचिन तेंदुलकर [5] समेत भारत के सभी सूरमा बल्लेबाज एक-एक करके अपना विकेट गंवाते चले गए पर भला हो आर अश्विन [नाबाद 83] का जिन्होंने संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी कर अपनी टीम को पारी की हार से बचा लिया! 

पिछले हफ़्ते इक रात गुरु वृहस्पति यानि Jupiter मिलने आए थे हम सबसे ! - ज़मीनी दुनिया की तो यात्राएँ हम करते ही रहते हैं। पर इस दुनिया के ऊपर भी एक रहस्यमय दुनिया है इस आकाशगंगा की, जिसे समझने और देखने के लिए खगोलशास्त्री और बड़...गणित छोड़, सब विषयों में फेल - इस चिट्ठी में रामनुजन के द्वारा बिताये स्कूल के जीवन की चर्चा है। गॉवर्मेन्ट कॉलेज कुम्बाकोनम जहां रामानुजन फेल हो गये - चित्र यहां से रामानुजन ने प्राइमरी ...- *न जाने क्या पाने को जी चाहता है * तेरी रहमत का है ये भी एक दौर मालिक कि सब कुछ भुलाने को जी चाहता है तूनें तो बख्सी दुनिया की सारी नियामतें मुझे पर तुझ...मौन को सुरक्षित कर लिया - *छीनना तुमने अपना अधिकार बना लिया* *पर यथासंभव मैंने अपने मौन को सुरक्षित कर लिया * *यह मौन - मेरा अस्तित्व मेरा व्यक्तित्व है * *रेगिस्तान में यही मौन पा...


मुखौटे ... - लो, आज उन्ने.... उनके समर्थन में सीना ठोक दिया है अब,... जनता,... पार्टियाँ ... जिसकी जो मर्जी वो करे ? ... अब तो बच्चों-बच्चों की जुबां पे सरेआम चर्...जानते हो ! प्रेम में कुछ शेष नहीं रहता ………… - तुमने स्वीकारा अपना प्रेम और छोड दिया एक प्रश्न मेरी तरफ़ …मेरी स्वीकार्यता मेरे जवाब का इंतज़ार तुम्हारे लिये शेष रहा …………मगर शेष रहा …………क्या? प्रेम ? उसक...ये सर्दियां और तुम्हारे प्यार की मखमली सी चादर... - आज मौसम ने फिर करवट ली है, ज़रा सी बारिश होते ही हवाओं में ठण्ड कैसे घुल-मिल जाती है न, ठीक वैसे ही जैसे तुम मेरी ज़िन्दगी के द्रव्य में घुल-मिल गयी हो......खुशनुमा मौसम... - *फ़िर सुहाना मौसम आया है हर ओर बहुत खूबसूरत नजारा है खुश्बू से मैं जान पाई हूँ इस मौसम को महसूस पाई हूँ तुम्हारा साथ था तो खिड़की के बाहर दिख जाता था या सार...


मन है, तनिक ठहर लूँ - मन फिर है, जीवन के संग, कुछ गुपचुप बातें कर लूँ । बैठ मिटाऊँ क्लेश, रहा जो शेष, सहजता भर लूँ ।। देखो तो दिनभर, दिनकर संग दौड़ रही, यश प्रचण्ड बन, छा जा...BIKANER- Desnok Karni Mata's Rats Temple बीकानेर- दशनोक करणी माता का चूहे वाला मन्दिर - रामदेवरा बाबा के यहाँ से जब चले तो शाम का समय हो रहा था। उस समय बीकानेर के लिये कैसी भी मतलब सवारी गाड़ी या तेजगति वाली एक्सप्रेस गाडी भी नहीं मिलने वाल...Saavdhaan , up bihaar ban raha hai - जब भी गर्मियां आती हैं तो मेरी धर्म पत्नी को शरीर पे एक अजीब सा इन्फेक्शन हो जाता है . बड़ी परेशानी होती है .एक मित्र है डॉक्टर .उनस...धार बनी नदिया की ....... - नदी की यात्रा ....समुद्र की ओर .....आत्मा की यात्रा, परमात्मा की ओर ....इसी भाव से पढ़िये ....धार बनी नदिया की ...... छवि मन भावे ... नयन समावे .. सूरति...


लिखने को बेकरार - *-* लिखने को बेकरार लेखनी रुक न पाएगी पुरवैया के झोंकों सी बढती जाएगी सर्द हवा के झोंकों का अहसास कराएगी जब कभी गर्मीं होगी प्रभाव तो होगा मौसम क...वह कसमों सा आया और रस्मों सा चला गया - "वह कसमों सा आया और रस्मों सा चला गया , मैं पेड़ों सी खडी रही वह हवा सा गुज़र गया हिला गया बदन मेरा खिला गया वह मन मेरा वह गुज़र गया तो पता चला मुझे गुजारि...किताब - जागते हुए शब्दों के बीच सोते हुए अर्थों में बंद एक किताब अपने में समेटे कई- कई इतिहासों की पुनरावृत्ति भूगोल की नयी परिभाषाएं जीत से हार और हार से जीत का...ऐ ! आलोचना के बाबुओं ... -क्या कहूँ ? इस मुख से कहते हुए बड़ी ही लज्जा सी आती है कि कैसे आज की कविता अपना चीरहरण खुद ही करवाती है और अपनी सफाई देते हुए बात-बात में गीता या सीता को बड...


जलाओ मशाल कि...- *जलाओ मशाल कि रौशनी हो,* *अभिशप्त प्रलेखों को फूंकने का* *हौसला रखो ....।* * **जलती मशाल में तेल कितना है ,* *कम पड़े तो देह की चर्बी जलाने का,* *फैसला रखो...नींद ने टुकड़ों-टुकड़ों मे आना शुरू कर दिया - नींद ने टुकड़ों-टुकड़ों मे आना शुरू कर दिया जब से आपने ख्वाबो मे कदम धर दिया अब हालात संभाले नहीं संभलते हमने आपका नाम छुपाना शुरू कर दिया हाल-ए-दिल बयां ...खुशनुमा मौसम... -*फ़िर सुहाना मौसम आया है हर ओर बहुत खूबसूरत नजारा है खुश्बू से मैं जान पाई हूँ इस मौसम को महसूस पाई हूँ तुम्हारा साथ था तो खिड़की के बाहर दिख जाता था या सार...सारे बैंक हमारे - एनईऍफ़टी द्वारा बैंकों से धन का हस्तांतरण पहले ही बहुत आसान हो चुका है अब इस कड़ी में सरकार और रिज़र्व बैंक ने मिलकर पूरे देश में किसी भी श...

8 टिप्पणियाँ:

शुभप्रभात संगीता जी ....इतनी बढ़िया वार्ता में मेरी रचना का चयन किया ....हृदय से आभार ।

उम्दा लिंक्स के साथ वार्ता है आज की |
मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |

बहुत अच्छे लिंक्स सहेजे हैं ………आभार

बढ़िया वार्ता, बहुत अच्छे लिंक... आभार

बहुत अच्छे लिंक्स ............

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