शनिवार, 5 जून 2010

आग लग जाये जहाँ में फिर से फट जाये ज़मीं- नई पृथ्वी की तलाश--------ब्लाग4वार्ता

आज पर्यावरण दिवस है,जिसे हम वर्ष में एक बार मनाते हैं और कुछ पेड़ लगाकर,गोष्ठियां सेमीनार करके अपने कर्तव्य की इति श्री कर लेते हैं। पर्यावरण प्रदुषण से पृथ्वी के वातावरण को खतरा हो गया है धरातल की गर्मी दिनों दिन बढते ही जा रही है। जिस हिसाब से पृथ्वी के संसाधनो का निर्बाध दोहन हो रहा है और जल, वायु एवं वातावरण प्रदुषित हो रहा है लगता है कि एक अतंराल के बाद नयी पृथ्वी की आवश्यकता पड़ ही जाएगी। इससे पहले हम इसी पृथ्वी को सहेज ले तो उत्तम है। अब मै ललित शर्मा ले चलता हुं कुछ चिट्ठों की वार्ता पर.........

सबसे पहले एक आलेख लेते हैं उमेश चतुर्वेदी जी का  कब चेतेंगे हम पर्यावरण को लेकर --पर्यावरण को लेकर विकसित देशों की चिंताएं कितनी गंभीर है, इसे समझने के लिए उनके रवैये पर भी ध्यान देना होगा। पिछले साल दिसंबर में डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगेन में हुए सम्मेलन में भी उनका टालू रवैया साफ नजर आया। अमेरिका समेत तकरीबन सभी ---जुगाली पर संजीव शर्मा बता रहे हैं चींटी ने खोली ज़माने की पोल कई बार पुरानी दन्त कथाएं और मुहावरे बहुत कुछ कह जाते हैं.कुछ तो इतने सटीक होते हैं कि मौजूदा समय के बिलकुल अनुरूप लगते हैं और गागर में सागर की तरह साफगोई के साथ हकीकत को बयान कर देते हैं.कुछ ऐसी ही एक कथा मेरे एक मित्र ने मेल पर भेजी है. मुझे लगता

अदालत का नोटिस फेसबुक के माध्यम से भेजा जाएगा आस्ट्रेलिया की एक अदालत ने कहा है कि सुनवाई से बचने की कोशिश करने वालों को ऑनलाइन सोशल नेटवर्किग वेबसाइट "फेसबुक" के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजी जा सकती है। अदालत ने आदेश दिया है कि बच्चो के विवाद में श... एक बहुत ही मकबूल गीत सुनिये, देखिए और अपनी प्रतिक्रिया दीजिये... एक बहुत ही मधुर गीत है जिसके बोल हैं " ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे". एक बड़ी दुर्लभ फुटेज यूट्यूब पर है. यहां यह गीत कोकिलाकंठी सुमन कल्यानपुर गा रही हैं.सुनिये, आनन्द लीजिये और प्रतिक्रिया दीजिये. ...

एक रहिन ईर, एक रहिन बीर, एक रहिन राजा, एक रहिन हम.... एक रहिन ईर, एक रहिन बीर, एक रहिन राजा, एक रहिन हम, एक रहिन ईर, एक रहिन बीर, एक रहिन राजा, एक रहिन हम। ईर ने कहा चलो शिकार कर आबें, बीर ने कहा चलो शिकार कर आबें, राजा बोला चलो शिकार कर आबें, हमऊँ बोले हाँ च... उसका / मेरा चाँद -- एक नौनिहाल माँ का एक खिड़की से झाँक रहा था साथ थाल में पड़ी थी रोटी चाँद अस्मां का मांग रहा था माँ ले कर एक कौर रोटी का उसकी मिन्नत करती थी लाके देंगे पापा शाम को उससे वादा करती थी पास खड़ा एक मासूम सा बच्...

गाने की वाट अभी कुछ दिनों पहले ही हास्य अभिनेता राजू श्रीवास्तव की एक प्रस्तुति को देखकर मैं खूब हंसा था। राजू श्रीवास्तव ने कुछ फिल्मी गानों की तीन-पांच करते हुए यह साबित करने की कोशिश की थी कि गाना लिखने वालों ने गी...केवल नमाज़ पढ़ लेने से ख़ुदा नहीं मिलता ख़ुदा को पाने का रास्ता सिवाय ख़ल्क की यानी दूसरों की ख़िदमत के और कोई नहीं है । माला लेकर 'अल्लाह अल्लाह ' रटने से, चटाई बिछा कर नमाज़ पढ़ने से या गुदड़ी ओढ़ लेने से अल्लाह नहीं मिलता--

एक घंटे में गूगल से 3497.62 रुपए पाने का मौका नहीं, कोई मज़ाक नहीं। यकीन मानिए। गूगल ब्लॉगर साथियों को एक घंटे में 3497.62 रुपए पाने का मौका दे रहा है। इसके लिए न तो कोई विज्ञापन को लगाने या उस पर क्लिक करने का झमेला है और न ही कोई दूसरा मशक्कत वाला क... मशहूर भारतीय हस्तियों के ट्विटर पते-भारत में बहुत सी मशहूर हस्तियाँ अब लोगों से ट्विटर के माध्यम से ही अपने विचार बाँट रही है । अभी तो जैसे होड़ लगी है की कौब ट्विटर में है और कौन नहीं । यहाँ पर है एक सूची कुछ भारतीय हस्तियों की उनके ट्विटर ...

तो क्या अब मधुमेह से बचने के लिये भी दवाईयां लेनी होंगी? एक बार तो यह रिपोर्ट देख कर मेरा भी दिमाग घूम गया कि अब नौबत यहां तक आ पहुंची है कि मधुमेह जैसे रोग से बचने के लिये भी दवाईयों का सहारा लेना होगा। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि प्री-डॉयबीटिज़ को मधुमेह तक न प...तुम और धर्म धारण करने योग्य जो भी है जरुरी नहीं है हो वह धर्म ही तुम्हे जो धारण किया है मैंने अपने रोम रोम में अपनी हर सांस में हर क्षण हर पल तुमसे निर्देशित हुआ हूँ निर्धारित हुआ हूँ पोषित हुआ हूँ मैं , धर्म नहीं...

आइना वही रहता है चेहरे बदल जाते हैं क्या करना है साहब लड़के को ज्यादा पढ़ा लिखाकर? आखिर करना तो उसे किसानी ही है। चिट्ठी-पत्री बाँचने लायक पढ़ ले यही बहुत है।"* यह बात हमसे गाँव के एक गरीब किसान ने कही थी जब हमने उसे अपने बच्चे को खूब पढ़ाने-ल... ब्लागर मीट रिपोर्ट नहीं, बल्कि यह एक बढिया ब्लागर मीट थी, जिसमें Blogging के कई सारे Points पर सभी ने अपने-2 विचार व्यक्त किये। जो आप श्री मयंक जी की , श्री अजय झा जी की, श्री पवन चंदन जी की, श्री शाहनवाज जी की, नुक्कड और अन्य रिपोर्टो...

व्यंग्य पर व्यंग्य लिखना ही है तो टिप्पड़ियां लिखिए बड़ी दर्दनाक बात है. मन दहल जाता है सुनकर. मुल्क में तमाम समस्याएं है. गरीबी की समस्या, महंगाई की समस्या, सरकार बनाने की समस्या और सरकार बन गयी तो उसे चलाने की समस्या.... ज़िंदगी आग लग जाये जहाँ में फिर से फट जाये ज़मीं। मौत हारी है हमेशा ज़िंदगी रुकती नहीं।। आँधी आये या तूफ़ान बर्फ गिरे या फिर चट्टान। उत्तरकाशी भुज लातूर सुनामी और पाकिस्तान।। मौत का ताण्डव रौद्र रूप में फँसी ज़िंदगी अं...

न्याय देते-देते हम अपने साथ अन्याय ना कर बैठें-----कसाब प्रकरण जिस देश के 90%लोगों को पीने के पानी की सुविधा मुहैया न हो, जिस देश के गांवों को पक्की सड़कें नसीब न हो, जिस देश के बच्चों को गांव में प्राथमिक शाला उपलब्ध न हो। ऐसी आधार भूत समस्याओं से लड़ने वाला देश मात्र ... भिखारीपन मुआ... ...ब्लॉग्गिंग की दुनियाँ में- उस दिन में यूँ ही.. एक कवी सम्मलेन सुनने चला गया, सुनने को तो वहाँ कुछ ख़ास था नहीं, पर वहाँ का नज़ारा देख बस मजा आ गया कुछ मत पूछिए ! बस यूँ जानिये की मजा आ गया......! कवी सम्मलेन तो वो कम था.. एक-दुसरे क...

जीवन कोई दलदल है क्या........?....(क्षणिका) जितना सुलझाना चाहता हूँ* *उतना ही छटपटाता हूँ,* *जितना छटपटाता हूँ* *उतना ही धंसता जाता हूँ,* *जीवन कोई दलदल है क्या........?* *समझ ही नहीं पाता हूँ...* . . . *जय हिन्द जय श्रीराम,* *कुंवर जी,*  यह कैसा आविष्कार ? इंसान ने शुरुआत से ही विज्ञान को अपना साथी बनाया हुआ है ............उसने अपनी हर जरूरत के मुताबिक अपने इसी साथी की मदद से अपने लिए ऐसी ऐसी खोजे करी कि आज वह अपनी धरती को छोड़ चाँद तक पर बसने के सपने सजा रहा...

वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता मे : श्री अविनाश वाचस्‍पति प्रिय ब्लागर मित्रगणों, आज वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता में श्री अविनाश वाचस्पति की रचना पढिये. लेखक परिचय :- अविनाश वाचस्‍पति, साहित्‍यकार सदन, पहली मंजिल, 195 सन्‍त नगर, नई दिल्‍ली 110065 मोबाइल 09868...मिस हॉस्टल ....लघुकथा [एक बार फिर] आज के *अमर उजाला* के *रूपायन *में प्रकशित मेरी लघुकथा *मिस हॉस्टल* ..... एक बार फिर से *मिस हॉस्टल* * * *आज हॉस्टल में बहुत गहमागहमी का वातावरण था क्योंकि आज समस्त वरिष्ठ छात्राओं के मध्य में से को...

कोशिशों की अब भी आख़िरी तो साँस थी बची... कुछ बातें बहुत विचलित कर देती हैं...जरा सी हार पर ये समझना कि ज़िन्दगी के सब रास्ते बंद हो गए...और जीवन जैसे अनमोल उपहार को तोड़ कर फेंक देना और मौत को गले लगा लेना...जब तक हार न मानो हार नहीं होती....बस ...मंगलौर विमान दुर्घटना से लगा IB के विशेष अधिकारियों के कार्यों पर सवालिया निशान----? हलांकि IB (खूपिया ब्यूरो) में इमानदार और देश के लिए मर मिटने वाले अधिकारी अभी भी मौजूद हैं ,ये अलग बात है कि उनकी इस भ्रष्ट व्यवस्था में सुनी नहीं जाती है | हमारा आग्रह है IB के ऐसे इमानदार अधिकारियों से कि वे छोड़ दें ऐसे नौकरी को जिसमे उनके सत्य और--

पर्यावरण दिवस विशेष : पेड़ तब भी नही सुखाता कल ०५ जून विश्व पर्यावरण दिवस है, खूब शोर होगा, अपीले होंगी, पौधे रोपे जायेंगे, तस्वीरे खिंचेगी लोग जबरिया मुस्कुराते हुये न जाने क्या भाषण पेलेंगे और हो जायेगा इस बार भी पर्यावरण दिवस..........चिडियों,ने जब बदल लिया होअपना आशियाना /छांव ने तलाश लिया--द संडे पोस्ट में नितीश कुमार, अमर सिंह, मनोज बाजपेयी के ब्लॉगों सहित दिल्ली ब्लॉगर सम्मेलन दिल्ली से प्रकाशित साप्ताहिक द संडे पोस्ट के 30 मई-6 जून अंक में 'ब्लॉगनामा' स्तंभ अंतर्गत बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार, राजनीतिज्ञ अमर सिंह, फिल्म अभिनेता मनोज बाजपेयी के ब्लॉगों की चर्चा सहित नांगलोई, दिल्ली में हुए ब्लॉगर सम्मेलन का जायजा--

आज का कार्टुन 

Mastan singh MASTAN TOONS पर

अब देते हैं वार्ता को विराम--आप सभी को ललित शर्मा का राम राम

10 टिप्पणियाँ:

बेहतरीन चर्चा....कमजोर धोबी का कार्टून बहुत पसंद आया..अब जाते हैं लिंक पर. :)

कई महत्वपूर्ण चिट्ठों को संकलित करने का एक सार्थक प्रयास ललित भाई। मेरे गीत की पंक्तियों को आपने शीर्षक बनाया - आभारी हूँ।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

बहुत बढिया चर्चा !!

दादाजी आपने अच्छी चर्चा की है। खुश रहिए।

उम्दा चर्चा....अच्छे लिंक्स मिले

अच्छी चर्चा अच्छे लिन्क। जिम्बावे ने की अच्छी धुलाई भारतीय खिलाड़ियों ने अपने कपड़े की लिन्क अपने शरीर से हटाई। क्या कार्टून चर्चा की है आपने ललित भाई।

wha lalitanand ji anand aa gaya.............jai johar.....................

'नुक्कड़' में छपे मेरे लेख को वार्ता में शामिल कर सम्मानित करने के लिए आपका बहुत बहुत आभार !
ऐसे ही सहयोग बनाये रखें !

खरी चर्चा महाराज!
जै राम जी की....

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