शनिवार, 12 जून 2010

शनिश्चरी चर्चा गिरीश बिल्लोरे की ओर से

आदरणीय पाठिका एवम पाठक गण गिरीश का प्रणाम स्वीकारिये डाक्टर आशुतोष शुक्ला की पोस्ट :भोपाल मुद्दे से भटकाव..अर्चना जी के स्वरों में सुनिये शास्त्री जी का गीत एक गीत.....................पॉड्कास्ट.......उन्मुक्त पर यह सवाल भी   नाई की दाढ़ी को कौन बनाता है     हे पंगेच्छु ब्लागर! तुम्हारे अंतस का ब्लागर कीट ..नित्य नए पंगें का सृ्जन करता है..और करता है रूप बदल ...नित्य नईं बकवास.... पोस्ट हमको तो  पसंद आ  गई है आप भी  देखिये यहां . और आज़ की ख़बर से रूबरू होना चाहें तो आईये इधर   राजतन्त्र पर आई इस पोस्ट को तो प्रिन्ट-मीडिया को छापनी चाहिये  ? कथित आदरणीयों की नज़र इधर कब जायेगी ? महाशक्ति की पोस्ट ज़रूर देखिये यहां......पिताजी पर आई पोस्ट क्या कहने लाज़वाब इधर देखिये और इनके इन ब्लागस का तो ज़वाब नहीं....जो मैं हूं नुक्‍कड़ अविनाश वाचस्पति तेताला बगीची झकाझक टाइम्स...आज़कल बज़ पर भी कमाल हो रहा है इन्दु ताई नौ रत्नों की तलाश में हैं अकबर के दरबार में 'नवरत्न' थे . ये सभी अपने अपने क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ,माहिर और विद्वान थे यानि अद्वितीय. तानसेन ,बीरबल,अब्दुल रहीम खानखाना,राजा टोडरमल .............???????????? क्या आप में से कोई बता सकता है,प्लीज़.विष्णु प्रभाकर जी की कहानी हिन्द युग्म पर देखी ही होगी .पाबला जी ने बताया जुगाली जनसत्ता पर है पोस्ट प्रभावी है आप भी देखिये यहां ....[jugaali.jpg] ललित . काम पर ताज़ा मामला देखिये बुलन्द छत्तीसगढ़ के ब्लागर्स के लिये स्थान तय कर दिया है  http://1.bp.blogspot.com/_YV-l2hVTfAk/TBH-y6BCv_I/AAAAAAAACG8/cjWxUuQM-5o/s1600/buland.JPG कर भी लो खुल कर बातैं अदा जी की पोस्ट पसन्द आई......!आज़ की चर्चा इधर ही खत्म करने की इज़ाज़त दीजिये शेष एग्रीगेटर्स पर तलाशते रहिये चलते चलते कल्पतरु का आलेख देखने योग्य है ज़रूर देखिये यहां 

मित्रो आज शनिवार है आस्था वश शनि मन्दिर जाईये तो आस पास देखिये कोई न कोई बुज़ुर्ग भिक्षु अवश्य मिलेगा ... बस आप को उसके लिये कुछ साथ ले जाना है शायद शनिदेव को आपका यह त्याग भा जाये... मैने ऐसा किया था मुझे कुछ नया ही हासिल हुआ आप भी देखिये यह प्रयोग करके ...............

8 टिप्पणियाँ:

बहुत सुंदर और प्रभावशाली

sundar rachna...aakhri baat par amal karunga

अच्‍छी चर्चा, एक सुझाव है कि लिंक के फांट रंग बदला होता तो लिंको को खोलने मे आसानी रहती, सभी रंग लाल होने के कारण लिंक ठीक से प्रतीत नही हो रहा है।

bahut acchi charcha rahi girish ji...
aapka aabhaar..

ये बढ़िया रही!!

महाशक्ति जी अब देखिये

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