शनिवार, 26 जून 2010

अघोषित आपातकाल की ओर-जरा बूझिये-0--ब्लाग4वार्ता-------ललित शर्मा

नमस्कार, आज समय मिला तो ब्लाग नगरिया का भ्रमण हुआ, कुछ चिट्ठों को पढा, उनके लिंक आप तक पहुंचा रहा हूँ। चलिए आज की ब्लाग4वार्ता पर ललित शर्मा के साथ...............

आज राज भाटिया का जन्मदिन है आज, 26 जून को पराया देश तथा छोटी छोटी बातें वाले राज भाटिया का जन्मदिन है। इनका ईमेल आई डी rajbhatia007@gmail.com है। बधाई व शुभकामनाएँ *आने वाले **जनमदिन आदि की जानकारी, अपने ईमेल में प्राप्त करने के ल...टटोल के देखा था अन्दर कोई ज़िगर कोई गुर्दा हिला नहीं ......ख़यालों का आना-जाना था, किसी से किसी का सिला नहीं ख़ुद पर ही कभी रंज हुए और कभी किसी से गिला नहीं पत्तों का जब आग़ोश मिला, शबनमी नूर बस दमक उठा बदली में चाँद वो छुपा रहा, रौशन अब कोई काफ़िला नहीं तस्...

बनारस के बनारसी ...पिछले दिनों मैं दिल्ली से बाहर था. अपने गृहनगर वाराणसी जो गया हुआ था. वाराणसी कहते ही कुछ भारी भरकम सा शहर ज़ेहन में उभरता है, चलो वाराणसी न कहकर 'बनारस' या 'काशी' कह लेते हैं. कुछ स्मृतियाँ और चित्र सहे...जब भी कोरा कागज देखा जब भी कोरा कागज देखा , पत्र तुम्हें लिखना चाहा , लिखने के लिए स्याही न चुनी , आंसुओं में घुले काजल को चुना , जब वे भी जान न डाल पाए , मुझे पसंद नहीं आए , अजीब सा जुनून चढा , अपने खून से पत्र लिखा , यह केवल ...

मेरी जान !!..जरा बूझिये तो कौन है..?? ब्लॉग लिखते हुए एक वर्ष से भी ज्यादा का समय हो गया ...और अब तक आप लोगों से अपने सबसे ज्यादा अजीज साथी का परिचय नहीं करवाया ...रुष्ट होंगे ना आप लोग ...साथी ब्लॉगर्स से ऐसी पर्दादारी ....:) आज ठान ही लिया ...ताऊ पहेली - 80 प्रिय बहणों और भाईयों, भतिजो और भतीजियों सबको शनीवार सबेरे की घणी राम राम. ताऊ पहेली *अंक 80 *में मैं ताऊ रामपुरिया, सह आयोजक सु. अल्पना वर्मा के साथ आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. जैसा कि आप जानते ही हैं क...

चम्पू का कारनामा बीज निगम में इकलौता प्रमोशन वह भी पूनम के भाई काइसे कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू का चौधराहट कहें या सत्ता की ताकत यह तो वही जाने लेकिन जब वे बीज विकास निगम के अध्यक्ष थे तब उन्होंने पूर्व मंत्री पूनम चंद्राकर...पीडीऍफ़ को बदलिए इमेज फाइल में एक टूल जिससे आप अपने पीडीऍफ़ फाइल को चित्रों के रूप में बदल पायेंगे । इसके प्रयोग से पासवर्ड प्रोटेक्टेड पीडीऍफ़ फाइल्स को भी चित्रों के रूप में बदला जा सकता है । सिर्फ तीन आसान चरणों में ये सॉफ्टवेयर का प्...

हाँ!…मैंने भी ‘बलात्कार' किया है -राजीव तनेजा हाँ!…मैंने भी *‘बलात्कार'* किया…किया है उसका …जो जगत जननी है …जीवन दायनी है…लाखों-करोड़ों की संगिनी है … खुद मेरी भी अपनी है … मैं ताकता हूँ हर उस ऊंचाई की तरफ…हर उस उपलब्धि की तरफ …जो मुझे खींच ले जाए ...माईकल जैक्सन की याद मेंमाईकल जैक्सन की याद में ..... दुःख से भरा , देखा जब चेहरा बोल उठे यमराज मत हो विकल , बेटा माईकल ! मरने के बाद , कौन सा दुःख सता रहा है तुझको सब पता है मुझको चल ! मिलवाता हूँ ऐसे एक बन्दे से आया ह...

वहुप्रतिक्षित परिकल्पना सम्मान की उद्घोषणा शीघ्रजैसा कि आप सभी को विदित है कि विगत १५ अप्रैल को परिकल्पना पर ब्लोगोत्सव-२०१० की भव्य शुरुआत हुई थी । उल्लेखनीय है कि पहली बार इंटरनेट पर इसप्रकार का अनोखा प्रयोग हुआ है और यह उत्सव हिंदी ब्लॉग जगत के लिए...हम सब अघोषित आपातकाल की ओर... अब पेट्रोल-डीजल और केरोसीन के दाम बढ़ गए। रसोई गैस भी महँगी हो गई। सरकार ने अपना रंग अब दिखाना शुरू कर दिया है। पहले भी यही कहा जाता रहा है कि कांग्रेस व्यापारियों की सरकार है, इसका ...

चम्बा और टिहरी गढ़वाल की सैर --- पिछले १५ सालों में पहली बार ऐसा हुआ कि परिस्थितियोंवश गर्मियों की छुट्टियों में पहाड़ों में जाने का प्रोग्राम नहीं बन पाया । इसलिए दो साल पहले टिहरी गढ़वाल के चम्बा कस्बे की सैर को याद कर , आइये आपको भी चम्...लम्बी जुदाई !!!! साढ़े तीन महीने के लम्बे ब्लॉग वियोग के बाद मौक़ा मिला है, की आज अपनी विरह व्यथा लिखी जाए! सचमुच बड़ी ही दुसह दुख:द और दुस्वार होती है ब्लॉग जुदाई! मायावी दुनिया की आपा धापी में ब्लॉग जगत के आत्मिक रस से...

घूंघट में दूरबीन और हेण्डपम्प का शीतल जल -एक ग्राम यात्रा पिछली पोस्टों घमौरियों ने तोड़ा अहंकार - एक ग्रामयात्रा और देवताओं को लोगों की सामूहिक शक्ति के आगे झुकना पड़ता है से आगे ....... * * *ग*णेश जी महाराज की जय! *जोरों का लगातार उद्घोष सुन कर मेरी झपकी टूट ...चलने का नाम ही जीवन है उसका बस अलख जगा बैठे चलने का नाम ही जीवन है " गैरों से उम्मीद नहीं थी, अपनो ने जख्म दिया मुझको । चाहत कैसी तलबगार की, नेह सुधा न मिला मुझको ।। सुख दुःख की आँख मिचौनी भी, शिरोधार्य किया मैंने । जीवन की हर सच्चाई से , साक्षात्...

चलते चलते आज का कार्टून




चर्चा को देते हैं विराम-सभी को ललित शर्मा का राम राम

15 टिप्पणियाँ:

वाह कुछ और बढ़िया पोस्टों की जानकारी के लिए आभार.

हे राम!!!! मेरे जन्म दिन पर भी सब को कच्चा खाना मिला, वेसे यह मेरा कसुर नही हमारे ईमान दार प्रधान मत्री जी का तोहफ़ा है. अगर बेईमान होते तो पता नही क्या मिलता, बहुत मजे दार पोस्ट जी

जय हो महाराज की! समूचा लिन्क आज पढ़ा गया। जब लिंक देने वाला ही करिश्माई हो तो कैसे छूट सकता है पढ़ा जाना। भार को आ कहकर बुलाना नही चाहता। शुक्रिया ही ठीक है।

वाह जी, बहुत बढ़िया लिंक्स एवं उम्दा चर्चा!!

महत्वपूर्ण पोस्टों को स्थान मिला है। आपका आभार।

सुन्दर चर्चा!
बढ़िया लिंक्स मिले!

बढ़िया चिट्ठाचर्चा

बहुत बढ़िया चर्चा...

चोखी चर्चा भई.....
धन्यवाद्!

मेरा नाम शम्बूक है।"
शम्बूक की बात सुनकर रामचन्द्र ने म्यान से तलवार निकालकर उसका सिर काट डाला। जब इन्द्र आदि देवताओं ने महाँ आकर उनकी प्रशंसा की तो श्रीराम बोले, "यदि आप मेरे कार्य को उचित समझते हैं तो उस ब्राह्मण के मृतक पुत्र को जीवित कर दीजिये।" राम के अनुरोध को स्वीकार कर इन्द्र ने विप्र पुत्र को तत्काल जीवित कर दिया। http://hindugranth.blogspot.com/

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