जी हां साल बीतते बीतते ..बिल्कुल ही बीत जाने पर तुला हुआ है ...जाने दीजीए भाई ..हमें साल की कमी थोडी है ..एक डंडा लगा देंगे ..अगले 365 दिन अपने ..हा हा हा । अब ये तो सबको पता चल ही गया है कि फ़िलहाल जो लिखाई पढाई चल रही है वो तो बस लिंक की इंक पकड के सब पहुंच रहे हैं तो लीजीए हम ले आए हैं आपके लिए पटरियां और रेलगाडी दोनों ही सर्दियों में बचकर रहिए , न पेले जाओ दंड, अनवरत पर लग रही है देखिएकिसको ठंड ॥अब आप पहुंचिए इस पोस्ट के समीप,देखिए देशनामा पर रहस्य कौन सा खोल रहे खुशदीप ॥औरत मर्द एक समान सब समझाते रोज ,लेकिन अब भी कईयों को बेटियां लगतीं बोझ ॥पूछ रहे हैं त्रिपुरारी, कैसे कर पाओगे प्यार,अरे भाई जानना है , तो यहां पहुंचें सरकार निजता का उल्लंघन...