मंगलवार, 18 जनवरी 2011

क्या-क्या हो सकता है काले-धन से--अनंत यात्रा में ----- ललित शर्मा

नमस्कार, शिवम भाई ने आज ड्युटी हमारी लगाई है वार्ता लिखने के लिए, चलते हैं ब्लॉग नगरिया की सैर पर, कुछ लिंक लाएं है घुम फ़िर के। एक ब्लॉग पर रिपोर्ट लगी है कि ब्लागजगत के दो धुरन्दर  ब्लॉगरों का सम्मान आगे चलते हैं यादों में बाबूजी जी लिख रहे हैं रमेश शर्मा कंकर स्तोत्र बांच रहे हैं रंग नाथ सिंह ओ!…मेरा यार बना है दूल्हा पता नहीं कैसी है कहानी, लेकिन लम्बी जरुर है।तुम्हे मादरे हिंद पुकार रही है, उठो सपूतों ! यलगार है, दौड़-दौड़ कर खरीदा ट्रेक्टर आप भी दौड़िए, एक ट्रेक्टर की कीमत में 4 नैनो आ जाएगीं। बस फ़िर मौंजा ही मौजां हैं।आथे गोरसी के सुरता अड़बड़ आथे, गोरसी नंदा गे सहरिया मन बर नई हे, गंवई गांव मा पा जाबे।

क्या-क्या हो सकता है काले-धन से? बहु्त कुछ हो सकता है जी, लाल तो हो ही सकते हैं। धन काला है तो क्या हुआ। सर्फ़ एक्सेल की धुलाई में समझदारी है।गंगा में विदेशी मछलियों का डेरा लग गया है, देशी मछलियों का सफ़ाया हो रहा है।क्षत्रिय और दलित पढिए ज्ञान दर्पण पर।यू-ट्यूब विडियो के किसी भी मनचाहे भाग को आप शेयर कर सकते है ..हां! ये ठीक है, नहीं तो पूरा ही विडियो झेलना पड़ता।गाँव शहर से अच्छे.... सही कहा, लेकिन गाँव भी शहर के कान काटने लगे हैं।कितनी ज़मीन लेकर जाओगे अनंत यात्रा में ? जितनी भी मिल जाए, अनंत यात्रा के खर्च का क्या भरोसा? कितना भी खर्च हो सकता है। 

शहर में ढिंढोरा, बगल में छोरा पुरानी कहावत का नया अंदाज देखिए मुहब्बत ....तकदीर ...और कुछ चुप्पियों के बादल  हरकीरत जी की पोस्ट पर देखिए मैना से गाली बकवाना महंगा पढ़ा वो तो पड़ेगा ही मैना जो है, बात आस्था और तर्क की है, पंडित जी बता रहे हैं।भीतर के गद्दार  के विषय में बता रहें हैं स्वामी अंतर सोहिल, वार्षिक हिंदी ब्लॉग विश्लेषण-२०१० (भाग-१५ ) पढिए, रविन्द्र जी लिख रहे हैं।यात्रा में कभी आपका ऐसे "कैरेक्टर" से सामना हुआ है ?होता तो जी जरुर बताते, अभी आपसे सुनते हैं।हिन्दी चिट्ठाकारों की सबसे लम्बी और सार्थक संगोष्ठी कहाँ हुई, क्यों हुई, किसने की? लिंक पर जाने से ही पता चलेगा। दूसरों पे न कीचड उछाला करो.....लेकिन मानता कौन है, जिसके पास देने के लिए जो होगा, वही तो देगा।रफ़ाक़त आइए ब्लॉग चांद पुखराज का पर, पढिए रजनी महलोत्रा जी कि कविता ख़ुशी हूँ मै. 

चलते चलते एक व्यंग्य चित्र

 


अब वार्ता को देते हैं विराम, मिलते हैं एक ब्रेक के बाद

17 टिप्पणियाँ:

रोचक वार्ता........खाते-पीते घर का लड़का पसन्द आया...

सुन्दर रही आज की वार्ता!
कई महत्वपूर्ण लिंक मिले!

हम खुश हुए कि आपने ड्यूटी बढ़िया तरीके से निभाई है ... लगे रहिये दादा ... जय हो !

शिवम जी खुश तो अपन भी खुश

बढ़िया

शिवम जी खुश तो अपन भी खुश

अच्छी लिंक्स बधाई |पर आज की वार्ता से मन नहीं भरा |
आशा

आज की वार्ता बहुत सुन्दर रही!
पोस्ट शामिल करने के लिए धन्यवाद !

खाते-पीते घर का लडका विशेष अच्छा लगा ।

खाते पीते घर का लड़का जबर्दस्त्त था :) .बढ़िया वार्ता.

सुन्दर वार्ता!
अच्छे लिंक मिले पढने को ..धन्यवाद

जरा ये भी पढ़िए
पैसे की नयी परिभाषा.
आप के कल के चर्चा के लिए बढ़िया हैं

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी में किसी भी तरह का लिंक न लगाएं।
लिंक लगाने पर आपकी टिप्पणी हटा दी जाएगी।

Twitter Delicious Facebook Digg Stumbleupon Favorites More