सोमवार, 1 नवंबर 2010

अपनी रचना को इन स्‍टारों में ढूंढिए .. ब्‍लॉग4वार्ता .. संगीता पुरी

आप सभी पाठकों को संगीता पुरी का नमस्‍कार .. अमेरिका की एलेक्जेंड्रिया मिल्स ने विश्व सुंदरी 2010 का खिताब जीत लिया है। प्रतियोगिता में बोत्सवाना एम्मा वारेस दूसरे और वेनेजुएला की एड्रिआना वसीनी तीसरे स्थान पर रहीं। भारत से इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहीं मनस्वी मामगाई शीर्ष 20 सुंदरियों में भी शुमार नहीं हो पाईं। इस चक्र में परंपरागत भारतीय परिधान में सुसज्जित 22 वर्षीय मनस्वी ने फिल्म देवदास (2002) के गीत "धाई श्याम रोक ले" पर शास्त्रीय नृत्य पेश किया। प्रतियोगियों ने "डांसेज ऑफ द वल्र्ड" कार्यक्रम में अपने नृत्य से समां बांध दिया। समारोह में मधुर संगीत की पृष्ठभूमि में प्रतियोगियों ने ओपेरा नृत्य का प्रदर्शन कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायक मंडलों में पूर्व विश्व सुंदरी का खिताब जीतने वालीं डेनिज पेरियर लानफ्रांची (1953), एन सिडनी (1964), मैरी स्टाविन (1977), अगबानी डारेगो (2001) और मारिया जुलिया मंतालिया (2004) शामिल थीं। मिस वल्र्ड 2009 काएने एल्डोरिनो एलेक्जेंड्रिया मिल्स को हीरे के आकार में बने सिहांसन के पास ले गई और ताज पहनाया। प्रतियोगिता में दुनियाभर की 120 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया था .. कल की इस मुख्‍य खबर के बाद आपलोगों को इन स्‍टारों के साथ आज की वार्ता पर ले चलती हूं .....



और अंत में इस अनूठे स्‍टार पर भी एक नजर ......

पढने के लिए आप सबों को बहुत सामग्री मिल गयी .. अब विदा लेती हूं .. मिलती हूं अब अगले सप्‍ताह नए चिट्ठों के साथ  ....

22 टिप्पणियाँ:

सारे सितारे देखते देखते सुबह हो गयी :):) तारे रात को ही दिखते हैं न ...विस्तृत चर्चा ....आभार

अरे वाह दीदी .... आज तो आपने सब को दिन में तारे दिखा दिए !! ;-)
बेहद उम्दा अंदाज़ .... बेहद उम्दा ब्लॉग वार्ता !

आज तो कमाल कर दिया आपने ....

आज की ब्लॉग वार्ता कि नए अंदाज में प्रस्तुति भ्द्त अच्छी लगी बहुत बहुत बधाई |
आशा

ये अन्दाज़ तो कमाल का है……………बिना गये तो पता ही नही चलेगा कि किस बारे मे और किसकी पोस्ट है……………बहुत अच्छा लगा।

गज़ब का प्रयोग
बधाई एक नए प्रयास की

मस्त अंदाज जी, बहुत अच्छा लगा. धन्यवाद

ऐसा अनोखा अंदाज देखा नहीं कहीं... लाजबाव

संगीता पुरी जी, अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रिया देकर मेरी रचना को अपना स्नेहाशीष देने के लिए धन्यवाद. आपने मेरी रचना को अपनी परिचर्चा में जगमगाते सितारो के झुरमुट मे शामिल करके जो सम्मान दिया है उस के लिए बेहद आभारी हूं.
सादर
डोरोथी.

वह संगीता जी आज तो दिन में ही तारे दिखा दिए आपने :)
बहुत सुन्दर चर्चा.

अद्भुत और रोचक चर्चा...बधाई।

वाह !
आज तारों भरी चर्चा...
सितारों से मिलना अच्छा लगा...
हृदय से आभार...

बहुत उम्दा लिंक्स दिये हैं आपने,संगीता पुरी जी ! कुछ बहुत प्यारी रचनायें मिलीं पढने को और पाब्ला जी के यात्रा-वृतांत ने खासा आनंदित किया !बहुत धन्यवाद कि आपने मेरी गज़ल को अपनी चर्चा में स्थान दिया।

सादर !

ब्लॉग-वार्ता को बहुत अनोखे ढंग से पेश किया आज आपने...बहुत सुंदर लगा...इन्ही सितारों के बीच मुझे भी स्थान दिया आपने आपका बहुत बहुत आभार..सभी लिंक्स बहुत ख़ास मिले...बढ़िया चर्चा के लिए बधाई..

रामचंदर ने शम्बूक को मारा था वह जगह बता सकता है कौन ?
वहां भी एक मजलूम का मंदिर बना सकता है कौन ?
पग पग मंदिर जुल्मियों के बने हों जहाँ
वहां इंसाफ का मंदिर बना सकता है कौन ?

रामचंदर ने शम्बूक को मारा था वह जगह बता सकता है कौन ?
वहां भी एक मजलूम का मंदिर बना सकता है कौन ?
पग पग मंदिर जुल्मियों के बने हों जहाँ
वहां इंसाफ का मंदिर बना सकता है कौन ?

एक नया और अच्छा प्रयास .आप सबको दिवाली की शुभ कामनाएं  आज आवश्यकता है यह विचार करने की के हम हैं कौन?

सुंदर वार्ता के लिए आपका आभार
बस युं ही सितारे ही सितारे चमकते रहें गगन
छत्तीसगढ निर्माण की दसवीं वर्षगांठ पर सभी को बधाई

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