बुधवार, 3 नवंबर 2010

काड़ी बाज--भैरंट लेटर-- ब्लॉगर दर्शन ------ ब्लॉग4वार्ता ------ ललित शर्मा

नमस्कार, रंगाई, लिपाई, पोताई के बाद अब आ गयी है दीवाली, खुशियों की झोली भरकर। बस दीवाली पर हर एक का मन करता है कि सारे घर के बदल डालुं--बल्ब। दशहरे के बाद के 20 दिन दीवाली की तैयारी में ही निकल जाते हैं। दीवाली के त्यौहार पर एक ध्यान अवश्य रखें पटाखे कम से कम चलाएं। जिसके प्रदूषण से पर्यावरण की हानि न हो। हमे रहने के लिए धरती पर स्वच्छ हवा पानी की आवश्यकता है। इसकी पूर्ती होती रहे। तभी हमारा पर्व मनाना सार्थक होगा। जी भर दिए जलाएं अमावश्या का अंधेरा दूर भगाएं। सभी का कल्याण हो इसी भावना के साथ चलते हैं आज की वार्ता पर...........

सबसे पहले  चलते हैं  स्पंदन पर जहाँ शिखा जी ने एक विचारणीय पोस्ट लगाई है--वे कहती हैं लुप्तप्राय संस्कृति ..क्या साजिश.....? कहने को भारत में त्योहारों का मौसम है , दिवाली आ रही है .होना तो यह चाहिए कि पूरा देश जगमग कर रहा हो ,उमंग से सबके चेहरे खिल रहे हो .जैसे बाकी और काम सब अपनी क्षमता अनुसार करते हैं ऐसे ही अपनी अपनी क्षमतानुसार सभी त्योहार  मनाये और एक दिन के लिए ही सही, अपनी समान्तर चलती जिन्दगी में कुछ बदलाव हो ,अपनी सारी  परेशानियाँ , अपने दुःख भूल जाये .पर क्या वाकई त्योहारों का अस्तित्व रह गया है हमारे समाज में ?
हमें ग्लोबल वार्मिंग का बहाना  देकर कहा जाता है के आधुनिकरण रोकें पर दुनिया में लॉस वेगास ,और डिस्नी लैंड जैसी अनगिनत जगहों पर बेशुमार तकनीकियों का बिजली के उपकरणों का प्रयोग किया जाता है। अमेरिका जैसे विकसित देश हमसे कई गुना ज्यादा ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन करते है लेकिन धरती सम्मलेन में वो हमारे ऊपर दबाव डालते है कि हमे इन गैसों के उत्सर्जन में कटौती के प्रयास करने चाहिए,उनसे कोई उन्हें बंद करने के लिए क्यों नहीं कहता ?
अब चलते हैं एक समाचार पर विकीपीडिया का दफ़्तर भारत में खुल रहा है। बावरा मन पर सुनिए जीवन राग सुमन मीत जी से। वाकई मेरा भारत महान है बता रहे हैं खुशदीप, यहां पढिए भूल जाएँ और मुस्कुराएँ दीवाली का त्यौहार आया है ताऊ पहेली - 98 का जवाब आया है विजेता श्री उडनतश्तरी  जी हैं। एक सफ़र पर हम भी रहे शायद कल कु्छ अवकाश मिल जाए।उनके घरों में भी उजाला हो आलोक खरे जी की पोस्ट है।

यहां पर काड़ीबाजों का जिक्र हो रहा है, जब तक दुनिया में काड़ी रहेगी तब तक काड़ी बाज भी रहेंगे। यही दुनिया तो उनको परवाज करने का मौका देती है।कौन सा व्‍यवसाय किया जाए ?? बहुत बड़ा सवाल है कैरियर से जुड़ा हुआ-इसका जवाब आपको यहां पर मिल सकता है। एक हवा थी खुशबू वाली सुंदर कविता है। ये क्या गजब कर डाला मायके गई पत्नी को लिखा गया भैरंट लेटर पढिए। शशि सिंघल जी बता रही हैं घर की रौनक बढ़ाए बंधनवार.-- बन्धनवार के बिना नही सजता कोई त्यौहार।हिन्‍दी ब्‍लॉगर दर्शन की के लिए रेल बुक हो चुकी है कृपया अपनी-अपनी सीटें संभाल ले। कहीं ब्लागर दर्शन यात्रा से वंचित न रह जाएं।

सिंदूर का खर्च बचा रहे हैं  सिन्दूर बनके सजता हूँ | बता रहे हैं, व्हाट एन आईडिया सर जी! धर्म सिंग आ गए हैं दीपावली.... दिवाली ...बग्वाल  मनाने, खुब धूम धड़ाका होगा।दीवाली मनेगी पटाखा होगा। मुझे शिकायत हे बुझो तो जानें क्यों? दीपावली धमाका ! अब आप रूपये 55,555 का नगद पुरस्कार जीत सकते हैं सिर्फ़ एक रचना रच कर जल्दी कीजिए ऑफ़र 24 घंटे के लिए है जिसमें 12 घंटे खर्च हो चुके है। सुगबुगाती आहट आई है गुलाब की जरा घुम कर आएं घुलता है धीमे आँखों में उम्दा काव्य बरस रहा है गज़ब भयो रामा…जुलुम भयो रे


चलते-चलते एक व्यंग्य चित्र


 


अब देते हैं ब्लॉग वार्ता को विराम सभी को ललित शर्मा का राम राम एवं ढेर सारी शुभकामनाएं.....

20 टिप्पणियाँ:

अच्छी चर्चा..... अच्छे लिंक्स धन्यवाद

कुछ लिंक आकर्षित कर रह्र्र है | अच्छी चर्चा के लिए बधाई |
दोपहर के लिए काफी मटीरियल मिलगया है पढ़ने के लिए |
आशा

चर्चा से एक लाभ यह होता है कि कई अच्छे चिट्ठे एक स्थान पर मिल जाते हैं.

अच्छी चर्चा..... अच्छे लिंक्स धन्यवाद !!

हमारी काड़ी को लेने के लिए धन्यवाद
धनतेरस की बधाई

बहुत अच्छी वार्ता ..बहुत से लिंक्स मिले ..आभार

शानदार लिंक्स, बढ़िया चर्चा. आभार.

बहुत अच्छी वार्ता .

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं.

बेहद उम्दा ब्लॉग वार्ता ...ललित भाई ....आपका आभार !
आपको और आपके परिवार में सभी को धनतेरस और दीपावली की बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं ! !

घणी सुथरी चर्चा की शे पंडित जी

बहुत अच्छी चर्चा कई सारे लिंक्स मिले जहाँ जाना बाकी है.
आभार.

हमारी काड़ी को लेने के लिए धन्यवाद
आपको और आपके परिवार में सभी को धनतेरस और दीपावली की बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं ! !

बहुत अच्छी वार्ता ..बहुत से लिंक्स मिले ..आभार

अच्छी चर्चा!!




सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

-समीर लाल 'समीर'

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