ब्लाग 4 वार्ता का आगाज करने से पहले सभी ब्लागर मित्रों को राजकुमार ग्वालानी का नमस्कार- आएं मिलकर बांटते चले सबको प्यार
ब्लाग जगत में इन दिनों दो ही नामों की चर्चा है। एक तरफ अपने छत्तीसगढ़ के लाड़ले ललित शर्मा की, जो पहले छत्तीसगढ़ से अचानक गायब होकर दिल्ली पहुंच गए और वहां पर ब्लागर सम्मेलन में लोगों का दिल लुटने के बाद ऐसे फरार हुए हैं कि उनको खोजने के लिए 111 मुल्कों की पुलिस को सुपारी दे दी गई है। इधर एक और नाम का जलजला आया हुआ है। अब ये जलजला कौन है कोई जलजला ही बता सकते हैं। लेकिन राजीव जी शायद इसके बारे में कुछ बता रहे हैं तो चलते हैं आज की चर्चा की तरफ-
इंटरनेशनल दिल्ली हिन्दी सम्मेलन ब्लॉगर : दिल्ली वालों का दिल लेकर फरार हुए ललित शर्मा (भाग-3) पढ़ने तथा चित्र देखकर इनाम पाने के लिए प्रश्नों के उत्तर देने के लिए क्लिक कीजिए।
मैंने अपनी पोस्ट पर स्टार ब्लॉगर को न्योता देने का ज़िक्र तो किया था...लेकिन नाम नहीं खोला था...नाम *किशोर अजवाणी* भाई ने खुद ही पहले मेरी पोस्ट पर कमेंट के ज़रिए और फिर अपनी पोस्ट पर खोला...जी हां, वो स्ट...
26 मई 2010 को हरिभूमि, फरीदाबाद-दिल्ली संस्करण में पिछले रविवार *नांगलोई में हुए हिन्दी-ब्लॉगर्स सम्मेलन का समाचार*
कवि योगेन्द्र मौदगिल बता रहे हैं- उर्मिल पूछ रही लछमन से.......
तन का क्या विश्वास रे जोगी तन तो मन का दास रे जोगी भगवे में भगवान बसे हैं जटा-जूट विन्यास रे जोगी उर्मिल पूछ रही लछमन से कौन दोष मम् खास रे जोगी जाम-सुराही छूट गये सब छूट गया अभ्यास रे जोगी सूरज, चंदा, ...
(ईमेल से प्राप्त हुआ है यह आलेख..) बी.बी.सी. कहता है........... ताजमहल........... एक छुपा हुआ सत्य.......... कभी मत कहो कि......... यह एक मकबरा है.......... प्रो.पी. एन. ओक. को छोड़ कर किसी ने कभी भी इस
तारीख २६ दिन बुधवार. जिन्दगी के रोज के ढर्रे के मुताबिक भिलाई से कर्तव्यस्थली राजनांदगांव आगमन. दोपहर के डेढ़ बज रहे थे, बड़ी बड़ी मूंछों वाले जनाब, "शेर सिंह" के नाम से संबोधित किये जाने वाले,
करण समस्तीपुरी गाँव-घर में एगो फकरा बड़ा प्रचलित है, 'कबीर दास के उलटे वाणी ! आँगन सूखा, भर घर पानी !!' लेकिन जो कहिये कबीर दास का सब बाते अजगुत (अद्भुत ) होता था। जो बोल दिए उका अर्थ अद्भुत ही होगा।...
पुलिस के ज़ुल्म के किस्से सबने ही सुने हैं। उनकी कार्यप्रणाली पर भी अक्सर सवाल उठते रहते हैं। पुलिस का काम क़ानून व्यवस्था को बनाए रखना है। वो ऐसा करती भी है पर फिर भी उसकी छवि कोई खास अच्छी नहीं है। इसके दर...
आज दिल्ली को प्रदूषण रहित व हर तरह से साफ - सुथरा बनाने की कवायद युद्धस्तर पर चल रही है । ऎसे में दिल्लीवासियों को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सीख दी जा रही है तथा उनसे सुधरने की अपील की जा रही है ...
उफ़ यह गर्मी , उफ़ यह पसीना ।कहते हैं गर्मी के बारे में सोचने से गर्मी कम नहीं होती और पसीने के बारे में सोचने से पसीना बहना कम नहीं होता ।मैंने भी एक बार पसीने के बारे में सोचने की कोशिश की थी और बन गई
पी.सी.गोदियाल बता रहे हैं- 26/11 के अपराधी बनाम मलियाना हाशिमपुरा के दोषी" - क्या यही उच्च सोच है ?
एक तरफ २६/११ का मुंबई हमला, जिसे एक विदेशी मुल्क ने बड़े ही सुनियोजित ढंग से इस देश पर किया था! और एक तरफ मई १९८७ का मेरठ साम्प्रदायिक दंगा, जिसकी शुरुआत कैसे हुई थी, उसका वर्णन उन दंगो के दौरान दी गई रिप...
ईश्वर ने इस संसार में जिसे अकेला बनाया है, धन-वैभव नहीं दिया है, सुख में प्रसन्न होने वाला और दुःख में गले लगा कर रोने वाला साथी नहीं दिया है, संसार के शब्दों में जिसे उसने 'दुखिया' बनाया है, उसके ...
पैरों की तकलीफ से वो चलती बेहाल। किसी ने पीछे से कहा क्या मतवाली चाल।। बी०पी०एल० की बात कम आई०पी०एल० का शोर। रोटी को पैसा नहीं रन से पैसा जोड़।। दवा नहीं कोई मिले डाक्टर हुए फरार। अब बीमार जाए कहाँ अस्पताल...
अब आपसे लेते हैं हम विदा



















