मंगलवार, 18 अक्तूबर 2011

सदियो पुरानी परंपरा रंगोली के आज भी इतने रंग .. ब्‍लॉग4वार्ता .. संगीता पुरी



5 टिप्पणियाँ:

वाह एक से बढकर एक रंगोली हैं। रंगोली मय वार्ता के लिए आभार

बहुत सुन्‍दर रंगोली। आभार।

बहुत सुन्दर-सुन्दर रंगोलियों से भरी सुन्दर सी वार्ता... वैसे तो महाराष्ट्र में साल भर रंगोली सजाने की प्रथा है लेकिन दिवाली के समय तो इनका रंग और खूबसूरती देखने लायक होती है... बहुत सुन्दर मनभावन वार्ता...

बहुत सुन्दर रंगोलीमयी वार्ता।

वाह बहुत बहुत सुन्दर रंगोली भी और वार्ता भी.

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