संस्कारधानी जबलपुर के नवोदित ब्लागर श्री प्रहलाद पटेल दैनिक-भास्कर के संवाददाता हैं. युवा हैं, सहज हैं मेरे मित्र हैं न मित्रों के मित्र हैं. क्या सोचते हैं अपनी प्रवेश पोस्ट में देखिये तो ज़रा :-
हिन्दी ब्लागिंग एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है जहांसे सब कुछ साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा है .विषय परक ब्लागिंग को कम ही ब्लागर स्वीकार कर पा रहे हैं - गोया उनको दैनिक डायरी लिखना हो. मेरा मानना है कि यदि हिंदी ब्लागर स्वयं के लिये कुछ लिखना चाहते हैं तो बेशक जो चाहें लिखें किंतु यदि मामला सार्वजनिक पठन-पाठन से जुड़ा हो तो यदि विशेषज्ञता पूर्ण नहीं लिखा जाता तो तय है कि ऐसे लेखन का औचित्य कदापि नहीं है. ब्लाग अब व्यक्तिगत रूप से लिखी जाने वाली विधा नहीं रह गई है.
इस आलेख को पूरा उनके ब्लाग News-Spot पर देखिये स्नेह दीजिये
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मित्रो आज़ से ब्लाग4वार्ता नये कलेवर में आ रही है. आशा है पसंद आएगी
हिन्दी ब्लागिंग एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है जहां



