सोमवार, 15 मार्च 2010

पीठ पर खंजर--एक खतरनाक चिट्ठी--नक्कालों से सावधान ---ब्लाग4वार्ता----ललित शर्मा

कल रविवार था कुछ बढिया चिट्ठे पढने मिले---अब ललित शर्मा का नमस्कार, चलिए मे्रे साथ ब्लाग वार्ता पर ----आज राजकुमार सोनी जी ने अपने ब्लाग बिगुल पर राहुल गाँधी के नाम एक खतरनाक चिट्ठी लिख डाली है---आप इसे अवश्य पढे,----जबलपुर मे ब्लागर मीट पर भी गिरीश जी की पोस्ट आई-संजीव तिवारी जी ने भी एक बढिया पोस्ट लिख कर जानकारी दी कि अब ब्लागर ने भी टैम्पलेट निर्माण की सुविधा दे दी है। हमने उसका प्रयोग करके भी देखा, परिणाम अच्छा रहा। लेकिन अभी आनलाईन टेम्पलेट निर्माण के लिए इन्टरनेट की स्पीड अच्छी होनी चाहिए। तभी कुछ हो सकता है, पावला जी ने ब्लाग बुखार पर ब्लागर पर आ रही  परेशानी के विषय मे जानकारी दी है, गिजिजेश राव जी  भाँग, भैया, भाटिन, भाभियाँ, गाजर घास ... तीन जोड़ी लबालब आँखें - 3 अगली कड़ी लेकर आ गये है।
इधर राजकुमार ग्वालानी जी ने एक पोस्ट लगाकर पुछा है क्या ब्लाग जगत में भी मठाधीशों का राज है अब इनके ब्लाग पर जाकर देखें, क्या जवाब आया है?, सीधी खरी बात पर डॉक्टर आशुतोष शुक्ल कह रहे है कि कभी कभी राजनैतिक मंशाएं आम जन मानस की धार्मिक भावनाओं पर कितनी भारी पड़ जाती हैं इधर नक्कालों से सावधान भी रहना जरुरी है......आज कल किसी की भी नक़ल हो जाती है  बता रहे है अजय झा जी.. कल तक गिरीश पंकज भैया दिल्ली में थे आते ही महावीर वचनामृत बाँच दिये आप भी श्रवण करें और लाभ उठायें....ब्रजेन्द्र कुमार गुप्ता जी योग का महत्व समझा रहे हैं लाभ तो अवश्य होगा पठन से, कोसी की खबर लेकर आए है अरविंद श्रीवास्तव जी।
अब आगे बढते हैं देते है एक बात बताय, रमन सिंग जी ग्राम सुराज लेकर के हैं आय, संदेश अग्रदुत का है,  बात है आगे की सुनिए मनोरमा पर श्यामल सुमन जी पेश कर रहे हैं अपने सदा बहार दोहे , गरमी के दिन  आ रहे हैं कमोबेश पानी का संकट प्रत्येक जगह मंडरा रहा है पंकज मिश्रा उदभावना पर ताल-तलैया पोखर को बचाने का संदेश दे रहे हैं, इसे बचाना भी जरुरी है......नहीं तो........संकट और गहराता जायेगा...... प्यास भुझाने को भी पानी नहीं मिल पायेगा......हैप्पी जी ने एक रहस्य खोला है आमिर खान की सफलता के पीछे कौन है ये बोला है.  ज्योताना पांडे जी की कविता पढ़िए माँ का आंचल,......
विनोद कुमार मिश्र कह रहे हैं कि २०५० तक सांसद में सिर्फ महिलाएं ही होंगी.......दफा ५१२ पर संजय भास्कर कह रहे हैं सदा मुस्कुराते रहो--मुस्कुराना स्वास्थ्य के निहायत ही जरुरी है, अविनाश वाचस्पति जी बगीची पर कह रहे है इतना खून खराबा हो रहा है : कौन चिकित्‍सा करेगा : ब्रॉडबैंड बजा रहा है बाजा  यह तो बहुत गलत हो रहा है यह बाजा तो हर जगह बज रहा है, हम बैठे हैं भुक्त भोगी....विनोद कुमार पांडे जी कह रहे हैं उतर गया बुखार सारा-जो जुते पड़े तेरी गली में........इधर वरुण झा बच्चों को बख्श दो कह रहे है विद्रोही पर--अनाथ आश्रम के बच्चों का मामला बहुत गर्मा गया है।अनवरत पर एक चितकबरी गजल सुनिए पुरुषोत्तम यकीन जी से जिसे प्रस्तुत कर रहे हैं दिनेश राय द्विवेदी जी।
वाणी जी ने ज्ञानवाणी पर लिखा है कि दोस्त बनकर गले लगाता है वही ......पीठ पर खंजर भी लगाता है वही  यह तो दुनिया का दस्तुर है।  मिला जब भी मौका खंजर घोंप गए अपने--युँ ही अपनो ने कत्ल किए है मेरे सपने। अब चलते चलते यहां पर सुनिए मधुर गीत....... यहाँ पर पढ़िए एक अजब गजब गीत, ये हुई ना कोई बात ३० करोड़ हिट वाले ब्लागर ने चीनी सरकार के नाक में दम कर रखा है....... आप सभी को नए संवत्सर की हार्दिक शुभ कामनाएं.....ताऊ पहेली की 65 के विजेता है सुश्री रेखा प्रहलाद.....
अब देते हूँ वार्ता को विराम.........आप सभी को ललित शर्मा का राम-राम

25 टिप्पणियाँ:

नये अन्दाज में चर्चा पढ़कर आनन्द आ गया!

मेरे पास शब्द नहीं हैं!!!!
tareef ke liyee

बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

ललित शर्मा जी को नमस्कार...बहुत बेहतरीन चर्चा...ये तरीका भी मस्त है.

चर्चा का अंदाज व टेम्पलेट दोनों बहुत बढ़िया लगे |

सुन्दर चिट्ठाचर्चा

lalit ji,
nazar nahi laga rahi lekin aap kamal hain..sacchi aapki oorja ka jawaab nahi aur nit naye prayog bhi karne ki aapki ada niraali hai :)
bahut hi zabardast rahi aapki ye charcha bhi...
aabhar...

सुंदर चर्चा , आभार

चर्चा तो खैर आप हमेशा ही अच्छी करते हैं ...
चर्चा में चर्चा करने के लिए आभार ....!!

बहुत ही बेहतरीन वार्ता.

रामराम.

ललित भाई,
आपने मेरी पोस्ट को अपनी चर्चा का हिस्सा बनाकर बच्चों पर उपकार किया है। मैं आपका आभारी रहूंगा।

दोस्त बनकर गले लगाता है वही ......पीठ पर खंजर भी लगाता है वह
yahee to sachche dost kee pahachan hai guru

पोथी-पतरा अच्छा है...
लाड्डो बोलता है..इंजीनियर के दिल से...
laddoospeaks.blogspot.com

नव वर्ष मंगलमय हो ललित जी.. साथ ही आभार आपका.

ललित भाई,
आपने मेरी पोस्ट को अपनी चर्चा का हिस्सा न बनाकर हम पर कैसा भी उपकार नहीं किया है। मैं आपका बिल्कुल भी आभारी नहीं रहूंगा :-)

भई जब राजकुमार सोनी जी अपनी पोस्ट को शामिल करने पर उपकृ्त अनुभव कर रहे हैं तो हमारी पोस्ट न शामिल करने पर हम अनुपकृ्त ही अनुभव करेंगें :-)

बहुत सुन्दर चिट्ठाचर्चा...धन्यवाद!!

ललित जी!

चिटठा चर्चा का अनोखा अंदाज़ है, शुभकामनाये......

अपना नाम पढने में नहीं आया, ये भी संभवतः आपका अनोखा अंदाज़ होगा !
धन्यवाद!

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