रविवार, 29 अप्रैल 2012

बाबा' मुझे 'निर्मल' कर दो -- ब्लॉग4वार्ता -- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, आज की फ़टाफ़ट वार्ता में पढिए राहुल सिंह का लेख अकलतरा के सितारे उनके ब्लॉग का पता  है http://akaltara.blogspot.in वे कहते हैं - अकलतरा में सन 1949 में सहकारी बैंक की स्‍थापना हुई, बैंक के पहले प्रबंधक का नाम लोग बासिन बाबू याद करते हैं। डा. इन्द्रजीतसिंह द्वारा भेंट-स्‍वरूप दी गई भूमि पर बैंक का अपना भवन, तार्किक अनुमान है कि 1953 में बना, इस बीच उनका निधन हो गया। उनकी स्‍मृति में भवन का नामकरण हुआ और उनकी तस्‍वीर लगाई गई। लाल साहब के चित्र का अनावरण उनके अभिन्‍न मित्र सक्‍ती के राजा श्री लीलाधर सिंह जी ने किया। शशि पुरवार  की कविता पढिए - जीवन मुट्ठी से फिसलती रेत इनके ब्लॉग का पता है - http://sapne-shashi.blogspot.in जीवन मुट्ठी से फिसलती रेत पल -पल बदलता वक़्त का फेर हिम्मत से डटे रहना यहीं है कर्मो का खेल ! हर आहट देती है सुनहरे कदमो के निशां चिलचिलाती धुप में नंगे पैरों से चलकर बनता है आशियाँ ! छोड़ो बीती बातें म...

आशा सक्सेना की सुनिए बांसुरी इनके ब्लॉग का पता है - http://akanksha-asha.blogspot.in/ प्राण फूंके कान्हां ने * *बांस की पुगलिया में *** *बाँसुरी बन कर बजी *** *ब्रज मंडल की गलियों में *** *अधरामृत से कान्हां के*** * स्वर मधुर उसके हुए *** *गुंजित हुए सराहे गए *** *कोई सानी नहीं उनकी, गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के लिए कॉमिक्स के लिए वेब पता लेकर आए हैं यूवा ब्लॉगर लक्ष्मण विश्नोई, इनके ब्लॉग का पता है - http://bahut-kuch.blogspot.com कनाडा से अदा लिख रही  हैं दुल्हन में वो दुल्हनियत नहीं थी इनके ब्लॉग का पता है - http://swapnamanjusha.blogspot.inएक शादी में जाना हुआ था इंडिया में, सब कुछ बहुत भव्य था, साज-सिंगार, खान-पान एक से बढ़ कर एक....शादी के कार्ड  से लेकर विवाह समारोह भव्यता का हर रंग लिए हुए...लेकिन एक कमी बहुत ज्यादा महसूस हुई....

मुनीष जापान से लिख रहे हैं - मयख़ाने में मुजस्समे इनके ब्लॉग का पता है  http://maykhaana.blogspot.in ये लिखते हैं - जापानी लोक कथाओँ में तेंगू नामक एक मिथकीय जीव का ज़िक्र आता है ।बच्चे भी इसका नाम सुनते हुए बड़े होते हैं । लंबी नाक वाले इस तेंगू में इन्सान और परिन्दों दोनों की खूबियाँ हैं और प्र... डॉ सत्यजीत साहू का डायबिटिज क्लिनिक खुल गया है - इनके ब्लॉग का पता है - http://drsatyajitsahu.blogspot.in डायबिटीक क्लिनिक डा सत्यजीत साहू MBBS,PGCDM(Diabetes) डायबिटीक विशेषज्ञ समय : सुबह 11 से शाम 5 तक 17 गुरुकुल काम्प्लेक्स ,नगर निगम भवन के सामने , कालीबाड़ी रायपुर( छ.ग .) पढिए दैनिक बिहिनिया संझा, इनके ब्लॉग का पता है -http://kaushal-1.blogspot.com

रजनी मल्होत्रा नैय्यर की रचना पढिए, इनके ब्लॉग़ का पता है http://rajninayyarmalhotra.blogspot.in/ कर दी कुर्बान अपनी मुहब्बत जिन्होंने हँसते- हँसते, क्यों न आया उनका नाम शहीदों में ? छिन्न कर भला क्या हासिल होता, बुजदिलों की कमी नहीं थी ज़माने में । "रजनी " विष्णु वैरागी लिखते  हैं अलंकरण : सरोजकुमार इनके ब्लॉग़ का पता है http://akoham.blogspot.inडिग्री को तलवार की तरह घुमाते हुए वह संग्राम में उतरा वह काठ की सिद्ध हुई! डिग्री को नाव की तरह खेते हुए वह नदी में उतरा वह कागज की सिद्ध हुई! डिग्री को चेक की तरह सँभाले हुए वह बैंक पहुँचा वह हास्यास..  मयंक लिखते हैं - सुबह अब मेरे दर पे आती नहीं है. इनके ब्लॉग़ का पता है - http://taazahavaa.blogspot.in तेरी ये उदासी जो जाती नहीं है मेरे दर पर अब सुबह आती नहीं है किताबें मेरी धूल में सन गई हैं वो आंखों को चेहरा दिखाती नहीं हैं चांद आया था घर, ताक पर रख दिया है कि अब धूप आंगन में आती नहीं है तेरी आंख... 

शाश्वत शिल्प पर पढिए महेन्द्र वर्मा जी की गजल बस इतनी सी बात इनके ब्लॉग का पता है -बस इतनी सी बातजल से काया शुद्ध हो, सत्य करे मन शुद्ध, ज्ञान शुद्ध हो तर्क से, कहते सभी प्रबुद्ध। धरती मेरा गाँव है, मानव मेरा मीत, सारा जग परिवार है, गाएँ सब मिल गीत।* *ज्ञानी होते हैं सदा, शांत-धीर-गंभीर, जहाँ नदी म... केवल राम लिख रहे हैं - 'बाबा' मुझे 'निर्मल' कर दो इनके ब्लॉग का पता है - http://www.chalte-chalte.com भा*रतीय संस्कृति में "बाबा" शब्द एक अहम् स्थान रखता है . बाबा शब्द फ़ारसी भाषा का शब्द है और इस शब्द को साधू संतों के लिए आदरसूचक शब्द के रूप में प्रयोग किया जाता है . बाबा शब्द जहन में आते ही एक ऐसे व्यक्... रचना दीक्षित ने खोली खिड़की इनके ब्लॉग़ का पता है http://rachanaravindra.blogspot.in/ खिड़की बरसों पहले नए शहर में अपनों से दूर आई थी. जब कभी ऊब जाती, उकता जाती, उदास हो जाती, खोल लेती थी खिडकी. भर लेती ताज़ा हवा, नई सांसें. बना लिए थे कुछ रिश्ते भईया, भाभी, मौसी, चाची, बुआ, जीजी, दादी, ...

वार्ता  को देते हैं विराम, मिलते हैं अगली वार्ता में, राम राम  

-----

6 टिप्पणियाँ:

वाह ..

फटाफट में भी अच्‍छी वार्ता लग गयी !!

वाह... निर्मल वार्ता... बढ़िया लिंक्स...

बढ़िया ....प्रस्तुति ......राम राम बड़े गौटिया ... जय जोहर ...

बहुत सार्थक और बढ़िया वार्ता रही |मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |
आशा

कई बार फटाफट खाने में और बनाने में चीज़ बढ़िया बन जाती हैं ...

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी में किसी भी तरह का लिंक न लगाएं।
लिंक लगाने पर आपकी टिप्पणी हटा दी जाएगी।

Twitter Delicious Facebook Digg Stumbleupon Favorites More