गुरुवार, 26 अप्रैल 2012

अमृत घट जब छलक उठे, बिन तेल जले जब बाती -- ब्लॉग4वार्ता --- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, कल 25 अप्रेल हमारी शादी की साल गिरह थी, सुबह-सुबह बेटा गुलदस्ते की जगह पूरा गुलमोहर का पेड़ ही उखाड़ लाया और हमें सालगिरह की शुभकामनाएं दी। हम वैवाहिक कार्यक्रम में धमतरी में थे। सभी रिश्तेदारों एवं परिजनों का स्नेह एवं आशीर्वाद मिला। शाम को सत्येन्द्र शर्मा जी (संध्या शर्मा जी के पतिदेव जी) ने केक लाकर कार्यक्रम को अविस्मर्णीय बना दिया। केक काटा और शाम को सालगिरह मनाई, वार्ता के साथ प्रस्तुत हैं कुछ चित्रावली…………………
माय फ़्रेंड चंदू - गुलदस्ते के साथ

1988 की एक कविता1988 मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण वर्ष है , इस साल मेरा विवाह हुआ था और मुझे घर की पकी - पकाई रोटी मिलने लगी थी । कुछ प्रेम कवितायें भी लिखीं इस साल और शिल्प और कथ्य में भी कुछ परिवर्तन हुआ । प्रस्तुत है उस...स्लूथअ और ब इस भौतिकवादी जगत के देखे-भाले चरित्र हैं। परंतु दोनों में कुछ बुनियादी अंतर है। अ अमीर है और ब गरीब, अ अल्पसंख्यक है और ब बहुसंख्यक। इसलिए स्पष्ट है कि अ को ब फूटी आंख नहीं भाता, व...
सालगिरह की सुबह


ईश्वरमुझे प्रारंभ से ही या यूं कहूं कि किशोरावस्था से ही 'ईश्वर' के अस्तित्व पर संदेह रहा है यानि उस पारलौकिक शक्ति या सत्ता पर, जिसे सामान्य समझ, संदर्भ और चर्चा में ईश्वर कहा या समझा जाता है ... यह संदेह उस ...दिवाश्वप्न प्रहरी देखे , दिवा - श्वप्न , रण - रक्षण , कैसा होगा - विष अंतस , अमृत जिह्वा पर , ईश - स्मरण कैसा होगा- शपथ वरण , प्रतिवद्ध नीत , विपरीत आचरण , कलुष ह्...
यम्मी केक


मातृत्व की गरिमा बढ़ा देते हैं " पीले -पोमचे " प्रकृति द्वारा इस सृष्टि की सम्पूर्णता के लिए दिए गये अनुपम उपहारों में नर और नारी भी सम्मिलित हैं .प्रकृति ने ही उसी नारी को मातृत्व का सुख ,अधिकार और गरिमा के अनूठे उपहार से नवाज़ा है ! कहा भी जाता है ...बर्फ एक उदास शाम को मन की झील में डूबते - उतरते नज़रें गीली हो गयीं थीं और झील पर जमी बर्फ पिघलने लगी थी .....
संध्या एवं सत्येन्द्र जी के साथ हम
हमारी सरकार मंदिर के सामने पीपल के नीचे पक्के फर्श पर वह प्रतिदिन निर्धारित समय पर बिखेरता है पंछियों के लिए दाना। थोड़ी ही देर में आते हैं ढेर सारे कौए काँव-काँव, काँव-काँव चीखते, झपटते चुग जाते हैं पूरा का पूरा। ...दृश्य नहीं वह द्रष्टा है    वह कैद नहीं है मंदिर में दृश्य नहीं वह द्रष्टा है,  नाम-रूप में बंध न सके सृष्टि नहीं वह सृष्टा है ! झांक रहा इन नयनों से श्रवणों से शब्द वही धारे, कोमलतम स्पर्श उस...
   

संध्या जी एवं हम्मार मालकिन
 

पाकिस्तान में प्राथमिक स्कूल के सिलेबस.चौंकाने वाले तथ्य सामने आये हैं, पाकिस्तान में प्राथमिक स्कूल के सिलेबस में, भारत, हिन्दुओं और गैर मुसलामानों के खिलाफ शिक्षा देने की बात सामने आई है, जो धीरे-धीरे पाकिस्तानी बच्चों में भारत, हिन्दुओं और गैर...अमृत घट जब छलक उठे, बिन तेल जले जब बातीशब्द-शब्द जब मानवता के हितचिन्तन में जुट जाता है तम का घोर अन्धार भेद कर दिव्य ज्योति दिखलाता है जब भीतर की उत्कंठायें स्वयं तुष्ट हो जाती हैं अन्तर ...

ये भी एक अंदाज है

वार्ता को देते हैं विराम,मिलते हैं ब्रेक के बाद, राम राम

18 टिप्पणियाँ:

सुंदर चित्र ..
मेरे हिस्‍से का केक ??
अच्‍छी वार्ता है ..
वर्षगांठ की बहुत बहुत बधाई !!

शादी की सालगिरह पर हार्दिक शुभकामनाएं |
आशा

@संगीता पुरी

पूरा केक ही आपके लिए है, जितना चाहे उतना ले……… शुक्रिया आभार

बहुत अच्छी वार्ता ललित जी ! विवाह की वर्षगाँठ की बहुत बहुत बधाई आप दोनों को ! धमतरी का नाम पढ़ कर अपने जगदलपुर में बिताये चार वर्ष याद आ गये ! यह प्रदेश तब कितना पहचाना सा लगता था ! धन्यवाद आपका !

सबसे पहले शादी की ढेर सारी बधाईयाँ ...मालकिन और सेवकराम दोनों को ...आप दोनों का जीवन यू ही शानदार चलता रहे...जीवन में यू ही अमृत छलकता रहे ...आमीन !

सर जी, शादी की सालगिराह बहुत-बहुत मुबारक हो!

वाह
बहुत अच्छी वार्ता रही
वैवाहिक वर्षगांठ के लिये
हार्दिक हार्दिक बधाइयां

सालगिरह पर हार्दिक शुभकामनाएं ...

ललित जी, सर्वप्रथम आप दोनों को विवाह के २४ बसंत देख लेने पर हार्दिक बधाईयां । यकीन मानिये की अगर जीवन साथी हमख्याल और वाकई दुःख और सुख में साथ देना वाला हो तो, निसंदेह जीवन का यह सफ़र खुशनुमा और आनंददायक हो जाता है । और इस मामले में आप बहुत भाग्यशाली है, ईश्वर आप दोनों की जोड़ी ७ जन्मो तक बनाये रखे ।

बहरहाल, आपको अनगिनत धन्यवाद जो आपने मेरे ब्लॉग में मेम्बरशिप ली । आपके इस नज़र-ए-इनायत के लिए में हमेशा शुक्रगुजार रहूँगा । आप मेरे लिए हमेशा स्पेशल रहेंगे, बिलकुल पहले प्यार की तरह आप मुझे भुलाये नहीं जायेंगे, क्योकि मेरे ब्लॉग को ज्वाइन आप सबसे पहले नंबर है. ।

पेशे एक सोफ्टवेयर इंजिनियर हूँ, दूसरी भाषा के रूप में अंग्रेजी मजबूरन स्वीकार करनी पड़ी, पर मेरा मन तो हिंदी में ही बसता है । लेखन के मामले में यू कहिये तो मै अभी शैशवस्था में ही हूँ, आप जैसे अनुभवी ब्लोगरो का आशीर्वाद, स्नेह और मार्गदर्शन मिला तो यकीन मानिये निराश बिलकुल नहीं करूँगा ।

शुभेच्छु

सूर्या

ललित जी, सर्वप्रथम आप दोनों को विवाह के २४ बसंत देख लेने पर हार्दिक बधाईयां । यकीन मानिये की अगर जीवन साथी हमख्याल और वाकई दुःख और सुख में साथ देना वाला हो तो, निसंदेह जीवन का यह सफ़र खुशनुमा और आनंददायक हो जाता है । और इस मामले में आप बहुत भाग्यशाली है, ईश्वर आप दोनों की जोड़ी ७ जन्मो तक बनाये रखे ।

बहरहाल, आपको अनगिनत धन्यवाद जो आपने मेरे ब्लॉग में मेम्बरशिप ली । आपके इस नज़र-ए-इनायत के लिए में हमेशा शुक्रगुजार रहूँगा । आप मेरे लिए हमेशा स्पेशल रहेंगे, बिलकुल पहले प्यार की तरह आप मुझे भुलाये नहीं जायेंगे, क्योकि मेरे ब्लॉग को ज्वाइन आप सबसे पहले नंबर है. ।

पेशे एक सोफ्टवेयर इंजिनियर हूँ, दूसरी भाषा के रूप में अंग्रेजी मजबूरन स्वीकार करनी पड़ी, पर मेरा मन तो हिंदी में ही बसता है । लेखन के मामले में यू कहिये तो मै अभी शैशवस्था में ही हूँ, आप जैसे अनुभवी ब्लोगरो का आशीर्वाद, स्नेह और मार्गदर्शन मिला तो यकीन मानिये निराश बिलकुल नहीं करूँगा ।

शुभेच्छु

सूर्या

विवाह की वर्षगाँठ की बहुत बहुत बधाई आप दोनों को !

शादी की सालगिराह बहुत-बहुत मुबारक हो आप दोनों को !

बहुत अच्छी तस्वीरों के साथ बढ़िया वार्ता.

शादी की सालगिरह पर हार्दिक शुभकामनाएं ...

विवाह की वर्षगाँठ पर हार्दिक बधाई!

बहुत बहुत बधाई हो ललित जी|

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