रंगभेदी विज्ञापन क्यों ? सवाल को उठाने वाले आलेख हस्तक्षेप डाटकाम पर पढ़कर आज़ से तीस बरस पुरानी बात याद आई सांवली दिखने वाली लड़की को देख कर आए एक शेखीबाज़ परिवार उसे बहू बनाने के लिये असहमत होते देख मैंने तैश में आकर उनका अपमान किया था. मामला एक ऐसे रिश्तेदार का था जो अपने पुत्र के लिये वधू की तलाश में निकले और जब मेरे घर वापस आए तो बड़े उपेक्षा पूर्ण भाव से एक लड़की के प्रमुख दोष यानी उसके सांवले-रंग के आधार पर सम्बंध के लिये सरे आम लड़की के परिवार को इंकार करके आए थे. कितनी क्रूर होते हैं समाज के लोग जो "रंग-भेद" को प्रश्रय देते हैं. उस नामाकूल रिश्तेदार को मैं आज भी पसंद नहीं हूं.. पर अपने आप में मैं खुश होता हूं कि हर बुरी बात का प्रतिकार करना चाहिये.
इसे भड़ास पर भी देखिये "क्या काले रंग वालों का कोई अस्तित्व नहीं?"
इसे भड़ास पर भी देखिये "क्या काले रंग वालों का कोई अस्तित्व नहीं?"
हे मानवश्रेष्ठों, यहां पर मनोविज्ञान पर कुछ सामग्री लगातार एक श्रृंखला के रूप में प्रस्तुत की जा रही है। पिछली बार हमने व्यक्ति के वैयक्तिक-मानसिक अभिलक्षणों की कड़ी के रूप में ‘योग्यता’ के अंतर्गत प्रतिभा और उसके सामाजिक-ऐतिहासिक स्वरूप पर चर्चा की थी, इस बार हम प्रतिभा की संरचना को समझने की कोशिश करेंगे। यह ध्यान में रहे ही कि यहां सिर्फ़ उपलब्ध ज्ञान का समेकन मात्र किया जा रहा है, जिसमें समय अपनी पच्चीकारी के निमित्त मात्र उपस्थित है
ब्लॉग बुलेटिन: गायब होती टिप्पणियों का राज़ - शाहनवाज़ जी के पास है बाबा देशनामा पर 'हेट स्टोरी' के प्रोमोज़ पर चल गई कैंची...खुशदीप जी ने बताया. चलो कुछ तो हो रहा है. सैंसर बोर्ड वालों नी खुशदीप के कहां ले जाएगी ये बोल्डनेस... इस आलेख को भांचा है शायद. तेताला पर हिन्दी चिट्ठाकारिता के विकास के मार्ग में बाधक आत्ममुग्धता की दूषित प्रवृत्ति बेशक चिंतनीय आलेख है.
साहित्य-सुरभी को 100 वीं पोस्ट ( कविता ) की बधाई दीजिये .और देखिये पार्थवी के जादू भाग - और झर कर भी नवगीत अनुपम बन पड़ा है नवगीत की पाठशाला पर.
आप मिलेंगे
अविनाश वाचस्पति ऊर्फ अन्नास्वामी से
असीम त्रिवेदी से
अपने और बहुत सारे साथियों से
जो आपकी अभिव्यिक्ति के तालों को
डिलीट करना चाहते हैं
हाइड करना चाहते हैं...
अविनाश वाचस्पति ऊर्फ अन्नास्वामी से
असीम त्रिवेदी से
अपने और बहुत सारे साथियों से
जो आपकी अभिव्यिक्ति के तालों को
डिलीट करना चाहते हैं
हाइड करना चाहते हैं...
आगे जानने जाइये नुक्कड़ पर .इसके बाद संस्मरणात्मक आलेख अवश्य देखिये
आज़ जिन ब्लाग को देखा
ज़िन्दगी…एक खामोश सफ़र, सत्यार्थमित्र,मेरी छोटी सी दुनिया,******दिशाएं******,कवि योगेन्द्र मौदगिल,महाशक्ति,आज की ग़ज़ल,इयत्ता,मनोरमा,दुबे का बेबाक-अंदाज, हया ',दिल की बात, मानसिक हलचल,फुरसतिया
इनमें क्या था ... न मै न कहूंगा आप खुद देखिये जाकर
जै राम जी की !!
रामनवमीं की हार्दिक शुभ कामनाएं
2 टिप्पणियाँ:
Nice link & good job
बहुत अच्छे लिंक्स...रामनवमीं की हार्दिक शुभकामनाएं...
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