संध्या शर्मा का नमस्कार...जाने वाले को विदा और आने वाले का स्वागत करना यही हमारी भारतीय संस्कृति है. हर साल की तरह दिसम्बर का महीना अपने साथ कडकडाती हुई ठण्ड और नए साल की आहट लेकर आता है. हम ठहरे उत्सवधर्मी. प्रत्येक क्षण, प्रत्येक दिन आनंद और उत्साह से बिताया जाये यही सिखाया है हमारी संस्कृति ने हमें... 2011 के विदा और 2012 की स्वागत बेला करीब है.
नया वर्ष, नयी दिशा, नयी सोच, नयी कामना, नयी आस, नयी भावना के साथ स्वागत कीजिये नए साल काआप सभी को नूतन वर्ष की अशेष शुभकामनाएं....
स्पर्श की ख्वाहिश को मुकम्मल हो जाने देशब्द-शब्द उलझ जाने दे कविता-कहानी से बहल जाने दे रौशन रहेगा अक्षरों में लौ एक गीत को...