रविवार, 5 सितंबर 2010

संडे की ब्लाग4वार्ता--यशवंत की चाय के साथ--आमंत्रण है…।

नमस्कार, पाठकों........सन्डे की सुबह की नमस्ते......चाय पी ली??? क्या नही पी...........अरे ये तो अच्छी बात नही, जाइये चाय बनाइये और फिर आराम से चाय की चुस्कियां लेते हुए ब्लॉग वार्ता को पढ़िए.........
कल तो हमारे इन्टरनेट कनेक्शन ने हमको धोखा दे दिया........कम्बक्त रात से लेकर आज दोपहर तक धरने पर बैठा रहा और हम वार्ता नही लिख पाए, मजबूरन ललित जी को वार्ता लिखनी पड़ी!!!! खैर चलिए, कल नही तो आज ही सही................तो शुरू करते हैं ब्लॉग वार्ता.............

अपने कविता ब्लॉग  मेरी कलम से पर अविनाश ने कविता लिखी हैं ........महानता  तो पढ़ जाइये .........रश्मि रविजा अपनी बातें ,उनकी बातें, सबकी बातें  लिखती हैं की .......... अगली  पोस्ट ही लिखने की सोची थी पर बीच में ये फिल्म उड़ान, राखी,ओणम आ गयी....अभी भी गणपति की तैयारियों में व्यस्त हूँ फिर भी कुछ ना लिखूं तो खालीपन सा महसूस होता है (और कहीं आपलोग इस ब्लॉग का रुख ही ना भूल जाएँ... ये डर भी है :)............हरदीप संधू जी  ने शब्दों का उजाला पर बताया कि........गधा कौन?? .......भैया ये दादागिरी क्या होती हैं???? जानते हैं आप........करी होगी तो जानेगे न........प्रिया कहती हैं........काश में लड़का हो जाऊ फिर समझूँ ये दादागिरी टाइप चीज़ क्या होती हैं ..........खुशबू तुम्हारी .......महका रही है..........हंसी की गूँज.......गुदगुदा रही है ............कहीं कोई चिट्टी मेरे गाँव आ रही हैं  


क्या कहा??? कविता बहुत हो गयी..........तो क्या करा जाये........कुछ सैर-सपाटा हो जाये........तो चलिए स्कॉट्लैंड की राजधानी एडिनबर्ग घूम कर आते हैं.........अमां यार घूमने निकल गाये......मम्मी से तो पूछ लेते ..........चलो माना, मम्मी हर सवाल का जवाब दे देती हैं.........पर आपके पास डूबे जी के सवाल का जवाब हैं.............मतलब दुबे जी के सवाल का जवाब हैं...........आसमान से डूबा रहे हैं दुबे जी..........अजी महाराज लड़की वालो को दहेज़ देते सुना होगा, देखा होगा.........पर एक समुदाय हैं जहाँ लड़के वाले दहेज़ देते हैं.............यार मेरी उम्र इतनी भी नहीं.........कौन बोला, कौन बोला......अरे अपने ब्लॉग जगत के अनवरत वाले वकील साहब का कल जन्मदिन था .........वकील साहब ने एक बहुत सुन्दर पोस्ट लिखी हैं.....एक पड़ाव यह भी........कुछ बोलना चाहता हूँ???? बोल दूँ.........चलो बोला..............चाँद आता है रोज़ मिलने मगर मुद्दत हो गयी हमें उनसे मिले हुए  

अर्ज किया हैं..............चिकन खाया.......वाह वाह...........चिकन खाया........तो इतिहास नजर आया.........चलो यार बहुत मुशायरा हो गया........बेसबाल खेल कर आते हैं............पर ये वक़्त..........देख लो खुद ही क्या करता हैं वक़्त..........चलो भाई.....कॉमनवेअल्थ गेम्स आ रहें हैं...........to उदय जी का लिखा गीत हो जाये ...........अमां यार..........एक बार खेल का नाम लिया तो भागने लग जाते हों.....रेस लगते हो.......कभी थोडा ठहरा करो ...........एक बात पूछे......बुरा तो नही मानोगे.....मान भी गये तो हमरा का बिगाड़ लोगे............कौन देश के बासी तुम???........कौन हो तुम??? 


जंगल के बीच क्या हैं???/...........जंगल के बीच झील हैं ........... और सफलता की राह कहाँ हैं?????.............सफलता के राह आपके भीतर हैं...........जाने कैसा भटकाव था........या कि कोई पड़ाव था,.........नहीं मालुम क्या था.......पर न जाने क्यों था.......अंतिम पड़ाव......अंतिम सफ़र............. मिलते हैं अब नयी वार्ता पर।



16 टिप्पणियाँ:

अच्छी वार्ता, अच्छे लिंक मिले।

Bahut hi sundar dhang se aapne bahut achhe-achhe links ke madhyam se vaarta ko khushnuma bana diya... meri post shamil karne ke liye bahut bahut dhanyavaad.
Sundar prastuti ke liye bahut bahut sukiya...

बेहद उम्दा ब्लॉग वार्ता यशवंत भाई .....आभार !

वास्तव में ऐसा लगा किसी कि वार्ता में शामिल हैं.........
नए लिंक पढ़ ने को मिले .... आभार.

बहुत मेहनत से सजाई है आपने ये वार्ता ..बहुत रोचक है और लिंकस भी बेहतरीन मिले.

बढ़िया रही ब्लॉग 4 वार्ता!
--
भारत के पूर्व राष्ट्रपति
डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म-दिन
शिक्षकदिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

bahut hi behtareen varta. achchhe links se saji charcha.

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