रविवार, 3 अक्तूबर 2010

अमीरी की लक्ष्मण रेखा तय कौन करेगा--एक सवाल?--ब्लॉग4वार्ता---ललित शर्मा

नमस्कार मित्रों,बापू और शास्त्री जी के जन्म दिवस पर आज विशेष वार्ता की जा रही है। चित्रों में सिर्फ़ 15 ब्लॉग लिंक दे रहा हूँ, क्लिक करके देखें तभी पता चलेगा कि आज किन ब्लॉग पोस्ट को वार्ता में शामिल किया गया है।































शिवराम जी को श्रद्धा सुमन अर्पण करते हुए,ब्लॉग वार्ता को विराम देता हूँ - राम राम

20 टिप्पणियाँ:

शिव राम जी को मेरी भी श्रद्धांजलि !

अच्छा रहा ब्लॉग वार्ता का यह गांधी जयंती अध्याय भी, ललित जी !शिवराम जी को मेरी भी श्रद्धांजलि !

सुंदर लगा यह संस्करण, शिवराम जी नमन.

रामराम

सुन्दर प्रस्तुति ....सारे लिंक्स देखे ...आभार ..

शिव राम जी को श्रद्धांजलि !

अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी को उनकी जयन्ती पर श्रद्धांजलि के रूप में आपने एक अनोखा और सुंदर प्रस्तुतिकरण दिया है.कोटा (राजस्थान )के वरिष्ठ सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यकर्ता शिवराम जी के निधन के दुखद समाचार से मन व्यथित हो गया.ब्लॉग 4 वार्ता में आपने इस खबर को भी जगह दी. बहुत-बहुत आभार .

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (4/10/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा।
http://charchamanch.blogspot.com

ललित भाई, बेहद उम्दा ब्लॉग वार्ता रही आज की ...... मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए आपका बहुत बहुत आभार ......खास कर इस लिए भी ......अक्सर २ अक्टूबर को गांधी जयंती पर गांधी 'भक्तो' की भीड़ में शास्त्री जी को लोग भूल ही जाते है !!

प्रस्तुति तो अच्छी थी..लेकिन सिर्फ़ चश्मों की वजह से कंफ्यूजन होता रहा..पोस्ट पढ़ने की लिए चश्में गिनने पड़े ..
कुछ लेबल भी होना चाहिए ..पोस्ट/ब्लॉग के बारे में...
सारे लिंक्स देखे ...आभार ..

सुंदर प्रस्तुतिकरण

लाजवाब चश्में, राम राम शर्माजी

14 लिंको को ही खोल पायी .. कौन एक लेख छूट गया .. समझ ही नहीं आया .. कई बार गिनने पर 14 चश्‍में हीं दिखे .. फिर अंत में 15 चश्‍मे गिन पायी .. बडे कन्‍फ्यूजन वाली वार्ता रही .. सुंदर लेखों को पढवाने का आभार !!

भईया आज बापू के चश्में से दुनिया देखी. उन्हें नमन. प्रयोगात्मक चर्चा और अच्छी लिंक के लिए धन्यवाद. मेरी और से प्रणाम.

सभी के चश्मे से गांधी दर्शन करा दिया आपने, आभार।

ललित भाई।

वार्ता में स्थान प्रदान करने लिए आपका आभारी हूँ।

चाश्मेमयी वार्ता खूब रही.

चश्मे में पहेली है कि पहेली में चश्मा है
चश्मे की पहेली है कि पहेली का चश्मा है

गजब!

शिवराम जी को श्रद्धा सुमन

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