शुक्रवार, 30 जुलाई 2010

सावन आया झुम के-- सावधान हो जाएँ--टमाटर गिफ़्ट करें--ब्लाग4वार्ता

नमस्कार, सरकार अब पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों द्वारा फ़ैलाए जा रहे कचरे के विषय में राज्य सरकारो को आगाह कर रही है और इसके ठोस प्रबंधन के लिए कह रही है। यह एक उचित कदम है,हम जहां भी पर्यटन स्थलों पर जाते हैं वहां कचरे की भरमार हो जाती है। लोग पिकनिक मनाने आते हैं और प्राकृतिक स्थानों में अपने साथ लाया हुआ कचरा फ़ैला जाते हैं। सरका को खाद्य सामग्री की पन्नियों की पैकिंग बंद करा देना चाहिए, यत्र-तत्र पानी की खाली बोतलें, चिप्स की पन्नियां, प्लास्टिक के गिलास फ़ैले रहते हैं, कई जगह लिखा भी है कि "कचरा न फ़ैलाएं"।लेकिन भदेस भारतीय मानते कब हैं, अब चलिए ललित शर्मा के साथ आज की ब्लाग4वार्ता पर...
  
वार्ता का आगाज करते हैं वाणी जी ने कहा कि इनसे सावधान हो जाएँ, सावधानी हटी और दुर्घटना घटी,कल दैनिक भास्कर के इस आलेख को पढ़कर मन में अजीब सी बेचैनी छा गयी ..... इनसे सावधान हो जाएँ ... ऐसे लोगों का अपने आसपास होना जो आपकी निजता , आपकी पहचान चुरा लेते हैं , चिंताजनक है ...मित्रों और परिचितों की ...आज तो म्हारे ताऊ जी ने भी पोस्ट लिख दी सै कई दिनां पाच्छै--"नाचै कुदै बान्दरी और खीर मदारी खाय" .बन्दर* बडी अकड मे चश्मा वश्मा लगाके. और शूट बूट पहन कर, हाथ में छाता लिये हुये बडे तैश मे मदारी के केबिन मे घुस गया. मदारी अपने आफ़िस में बैठा अगला मजमा लगाने की प्लानिंग कर रहा था. डमरू पर घुग्घी कबूतर ...

आज तो भाई समीर भाई का भी जन्मदिन है फिर वही दिन… आ गए याद, समय बीतता जाता है और एक एक दिन करके हम न जाने किस गुणा भाग में लगे जान ही नहीं पाते कि कहाँ आ पहुँचे हैं. फिर एकाएक एक दिन साल में वो दिन आ जाता है, जब आप पैदा हुए थे. खुशी इस बात की होती है कि मित्रों औ...हमारी भी घुमक्कड़ी शरु हो चुकी है 110 कैमरा, नारनौल, जल महल एवं बीरबल का छत्ता--और मैं आप दोनो जरा घुम आएं, चलिए मेरे साथ गाड़ी पर --यात्राएं तो लगातार चलती रहती हैं जीवन ही यात्रा का नाम है,चलते रहना ही जीवन है। अब चलते हैं एक और यात्रा पर। सन् 1985 में मुझे हरियाणा के नारनौल जाने का मौका मिला।बात पुरानी है लेकिन स्मृतियों में ताजा है।...

खुशदी्प भाई ने पूछा है कि स्वर्ग पसंद हैं या नर्क हम तो यहीं कह रहे कि जहां मंहगाई हो कम और लैन लगानी नहीं पड़े, वहीं ले चलो--आज एक दोस्त ने बेहद मज़ेदार ई-मेल भेजा है...अनुवाद करके आपके साथ शेयर कर रहा हूं...उम्मीद करता हूं आपको भी उतना ही आनंद आएगा जितना इसे पढ़ कर मुझे आया... एक मल्टी नेशनल कंपनी (*एमएनसी*) ने भर्ती की निगर..अशोक बजाज ग्राम चौपाल पर.समाचार पत्रों का आभार आभार "मंहगाई एवं नक्सलवाद पर उलझी लोकसभा एवं विधानसभा" शीर्षक से प्रकाशित 27-07-2010 के पोस्ट को दैनिक "छत्तीसगढ़ वाच" ने "स्वतंत्र विचार" स्तम्भ एवं दैनिक "छत्तीसगढ़ समाचार" ने "चौपाल" स्तम्भ में प्रकाशि...

लूका और पीसा के आश्चर्य़ सुबह सुबह हमारा शिप लूका के लिये लिवोर्नो नामक पोर्ट पर डॉक हो गये था ।यहां से हमें बस से आगे जाना था । हमारी बस नंबर थी 16 । लूका और पीसा इटाली के पुराने टस्कैनी प्रदेश के बडे शहर थे और हैं । पुराने जमा...वे गरीब आदमी हैं, मगर इज्जतदार तो हैं असल मुगल खून! मोती के समान रंग! उम्र अस्सी के पार, लम्बे पट्ठे, बगुला के पर जैसे सफेद! बड़ी-बड़ी आँखें - प्यार ‌और शान को निमन्त्रण देती हुईं! कद लम्बा, दाढ़ी खसखसी, मखमली ऊदी कामदार टोपी ..... यह थे मिया खु...

वर्ष के श्रेष्ठ उत्सवी गीतकार का सम्मान कहा गया है कि प्रेम में जीव अभय हो जाता है , वहां तो सिर्फ समर्पण ही रह जाता है ! प्रेम सर्वस्व न्योछावर करके गदगद हो जाता है ! अहंकार सबकुछ पाकर भी खुश नहीं होता है ! प्रेम दूसरों की छाया बनकर अपने को ...शब्दों में जो धार हो तो कलम कम नहीं तलवार सेप्रारब्ध का दुश्चक्र ऐसा चला कि हमें कम्पनी में अपनी फ्री इन्टरनेट वाली सीट से हाथ धोना पड़ गया है......ये बात कोई मायने नहीं रखती कि हमारी कागजो में थोड़ी सी तरक्की हो गयी है......और पता नहीं कैफे वालो को...

नैनीताल की बारिशआजकल मेरा कैमरा खराब हो गया है इसलिये अपना शौक मोबाइल से पूरा कर रही हूं और उसकी के चलते बारिश के कुछ चित्र ले लिये...* बारिश का मौसम है छाते ले लो छाते बारिश में कभी-कभी ऐसा भी हो जाता है बारि...हारा है पहाड़ का अहमदेखा है कभी पर्वत को कितना तनहा होता है नदी के उदगम के बाद । देखा है कभी नदी को कितना उत्सव होता है उसके तट पर उसके रास्ते में उसके बहाव में सागर से मिलने की आस में । देखा है कभी हिमालय को उसका अहम पिघल...

रात अधूरी ....चिंदी चिंदी टुकड़ा टुकड़ा रात को जोड़ा चाँद को पकड़ा रूठा रूठा हाँथ से छूटा वो भूरा बादल का टुकड़ा कुछ बड़े तारे चिपकाए कुछ छोटे यूँही छितराए रात की रानी मांग के लाये काजल भरकर नैन जलाय...टमाटर गिफ़्ट करेंकार्यालय से घर जा रहा था तो सोचा सब्जियां खरीद लूं. जेब मे हाथ डाला तो पांच रुपये का एक सिक्का निकला.वैसे ही मेरा जेब इतना तंग रहता है कि आजकल कपङे सिलवाते समय मेरी धर्मपत्नी छोटा सा एक ही जेब डलवाती है ता...

मैं क्या चाहती हूं ? मुझे अपना ब्याह रचाना है , यह भली भांति जानती हूं , पर मैं कोई गाय नहीं कि , किसी भी खूंटे से बांधी जाऊं ना ही कोई पक्षी हूं , जिसे पिंजरे में रखा जाए , मैं गूंगी गुड़िया भी नहीं , कि चाहे जिसे दे दिया जाए ,...सावन आया झुम केआपने घर में घुसे पानी को बाल्टी से बाहर निकालते हुए आज सावन मास के दूसरे दिन इन्द्र भगवान बगड़ नगरी पर ऐसे मेहरबान हुए कि बगड़ की सड़को गलियों को पानी से सराबोर कर दिया ...

सचिनः कितना महान हुआ भगवान देख हमारे सचिन की ताकत क्या हो गई इंसान कितना महान हुआ भगवान कितना महान हुआ भगवान टेस्ट में जो कर न पाते भगवान वन-डे में भी कर दिखलाते इसलिए ही तो महान और भगवान कहलाते जिसपे सारा देश कुरबान देख हमारे सचिन क.....राजस्थानी !!एक एक नै क्यूं बतानी पड़े क थांरी भासा राजस्थानी ! थे उठो थे जागो अब थांरो फरज राजस्थानी ! निज घर में निज रै थाने क्यूं अणजाणी है राजस्थान? मना मना र बात मनवावां ऐड ी थारै संताना ...

हिन्‍दी ब्‍लॉगरों : टिप्‍पणी दान महादान हैआदमीयत अब है कहां फिर भी सोचा कि चलो इंसान में न सही चूहों में ही तलाश ली जाए कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स के अवसर पर चूहे से चैट तो इंटरनेट ऑन करते ही एक चूहे से चैट शुरू हो गई। उसने कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स का हवाला देत ह...मेरे साईट को कोई संभालने वाला चाहीये मेरे पास एस साईट है जिसका सर्वर Netfirm पर है। सायद आप उस साईट के बारे मे जानते भी होंगे: *Kunnu.NET* (अभी वायरस ईन्फेक्टेड है) मेरे पास २ साईटें हैं और ईनको एक साथ चलाना बहुत मुस्कील पड एहा है। ईसलिय...

नूडल खाने का शिष्टाचारजापान में आजकल खूब गर्मी पड़ती है। गर्मी मौसम में जैसा भारतीय खाना, थाइलैंड के खाना, ऐसा मसालेवाले यानि तीखा खाना अच्छा लगता है। लेकिन ज़्यादा गर्मी से खाने का इच्छा भी खो गया तो हम जापानी ठंडा खाना खाते हैं..लातों के भूत बातों से नहीं मानतेभटनेर का किलाकहानी 1984-85 की चल रही है, अभी तो काफ़ी बदलाव आ गया है,नारनौल से घुम घाम कर हम वापस रिवाड़ी पहुंचे, रिवाड़ी में भी एक दिन आवारागर्दी की। बस युं ही चक्कर काटते हुए, काठ मंडी, गोकलगेट, मुक्तीवाड़ा..

छत्तीसगढ़ में रामछत्तीसगढ़ में राम* भगवान राम ने अपने 14 वर्ष के बनवास काल में 10 वर्ष छत्तीसगढ़ में गुजारे हैं। यह निष्कर्ष “राम वनगमन मार्ग शोध दल” ने अंचल का दौरा कर तथा भगवान राम से सम्बंधित विभिन्न ग्रंथों यथ...एक २ इन १ पोस्ट - २९ जुलाई - एक ख़ास दिन !आज २९ जुलाई है - भारत देश की २ विभूतियों का बहुत गहरा नाता है आज के दिन से ! एक का आज जन्मदिन है तो एक की आज पहली बरसी है ! आइये इस २ इन १ पोस्ट के माध्यम से उन दोनों को ही अपने श्रद्धासुमन अर्पित करें ! ...

नई ग़ज़ल/फ्लैटों, मालों का 'इंडिया' लेकिन अपना देश कहाँ?मैं स्वतन्त्र लेखक-पत्रकार हूँ. संघर्ष मेरे जीवन का पाथेय-सा बन गया है, क्या करुँ. किसी तरह अपना छोटा-सा दफ्तर बनाया है. जिसका मालिक, चपरासी, मैसेंजर सबकुछ मै हूँ. मैंने अपने कार्यालय में प्रख्यात चिन्तक ...जज के पिता और भाई की हत्या - राजस्थान में बिगड़ती कानून और व्यवस्थाराजस्थान में कानून और व्यवस्था की गिरती स्थिति का इस से बेजोड़ नमूना और क्या हो सकता है कि एक पदासीन जज के वकील पिता और वकील भाई की दिन दहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी गई। गोली बारी में जज की माँ और उस का ए...

चलते चलते व्यंग्य चित्र

 
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वार्ता को देते हैं विराम---ललित शर्मा का राम-राम.

10 टिप्पणियाँ:

बढ़िया लिंक्स...उम्दा चर्चा

बहुत अच्छी प्रस्तुति।
राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

लाजवाब लेखों की लाजवाब जानकारी....बेहतरीन चर्चा!

अरे वाह ललित भाई ..........बहुत खूब........ आप ने तो मेरी वह पोस्ट भी ले ली जो देर रात छापी गयी ! बहुत बढ़िया ब्लॉग वार्ता ...आभार आपका !

बहुत अच्छी प्रस्तुति।बेहतरीन चर्चा!

ललित भाई, गागर में सागर भर लाए आप।
उपयोगी पोस्ट को हम तक पहुँचाने का शुक्रिया।
…………..
पाँच मुँह वाले नाग?
साइंस ब्लॉगिंग पर 5 दिवसीय कार्यशाला।

चर्चा में शामिल करने के लिए बहुत आभार ...!

बहुत लाजवाब चर्चा, शुभकामनाएं.

रामराम.

शर्मा जी का जबाब नहीं :)

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