सोमवार, 5 जुलाई 2010

मैं भी नेता बनूँगा - सबको अपनी जान प्यारी है, देश बचाने कोई नहीं आएगा - ब्लॉग4वार्ता - शिवम् मिश्रा

प्रिय ब्लॉगर मित्रो
प्रणाम !

वैसे तो जीवन का हर एक दिन अपने आप में एक नया दिन, एक नया अनुभव होता है पर फिर भी हमारे जीवन में कुछ दिन ऐसे आते है जो अपनेआप में बेहद महेत्वपूर्ण होते है |

आज का दिन मेरे और कार्तिक ( मेरे बेटे ) के जीवन का एक ऐसा ही बहुत बड़ा दिन है ! आज कार्तिक पहली बार स्कूल गया |

आशा है कि मैं उसको सही शिक्षा दे पाउगा ताकि वो इस महान भारत देश का एक आदर्श नागरिक बन सके ! आप सब का आशीर्वाद भी चाहिए होगा हम दोनों को ही !

आज समय का थोडा आभाव रहा सो आज की वार्ता आपको थोड़ी छोटी लगेगी ! पहले ही आपसे माफ़ी मांगता हूँ पर यह वादा भी करता हूँ कि अगली वार्ता में आपको कोई शिकायत नहीं होगी !

तो लीजिये साहब पेश है ब्लॉग 4 वार्ता के मंच पर मेरी एक और वार्ता !

आपका
शिवम् मिश्रा
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वो एक मायावी कुमार विश्वास और वो एक अविस्मरणीय संध्या... :- सब माया है !!


संसाधन सीमित हैं, कृपया ध्यान रखें :- समीर भाई सही कह रहे है आप !

विवाह पुराण:- द्विरागमन के दिन हवाई अडवेंचर :- देव बाबा ...........माफ़ कीजियेगा देव बाबा नहीं अब यह है देव बाबु !

मसला स्वतंत्रता का, कोशिश अंग दिखाने की और विवाद समानता का :- बात में दम है !

मानवता के लिए प्रकृति की एक महान भेंट होमिओपैथी -सतीश सक्सेना :- मान गए भाई साहब !

कहना भूला नही हूँ और तुम मुझे भुला न देना.... :- हो नहीं सकता मिश्र जी !

नक्सलियों की हताशा :- सरकार की विफलता कहिये !

सिर्फ जटिलताएं ही जटिलताएं, सरलता कुछ भी नहीं....... :- अब क्या करें हम खुद जटिल जो हो गए है !

सबको अपनी जान प्यारी है, देश बचाने कोई नहीं आएगा :- इसको बदलना होगा !

१० भारत बंद करने से क्या होगा ? जिम्मेदार लोगों को बंद करो ! मैं इसका विरोध करता हूँ !! :- हम भी करते है !

११ गाँव की शादी के बारे में एक पोस्ट(एक कविता मुफ्त में) :- एक पर एक मुफ्त मुफ्त मुफ्त !!

१२ हल स्थाई हो, अस्थाई नहीं :- सहमत है हम भी आपसे !

१३ व्यथा- चालू चिड़िया की :- अरे बेचारी !

१४ ये देखिए...धोनी की शादी के जूठे पत्तल :- राम राम राम !! हद कर दी !

१५ माफ़ कीजियेगा... मगर! :- सही समझाइश !

१६ मैं भी नेता बनूँगा ......... :- खतरनाक इरादे है भाई !

१७ बारिश का मौसम और बचपन के वे दिन :- हमे भी याद आ रहे है !

१८ बातों ही बातों में :- क्या बात कर दी आपने !

१९ कार्टून:- दोस्त हैं कि मानते ही नहीं... :- क्या करें दिल ही नहीं मानता !!

२० नरेंद्र मोदी के लश्कर ए तैयब्बा से सम्बन्ध उजागर :- ब्रेअकिंग न्यूज़ है क्या ??

और अंत में अपनी डफली आप बजता हूँ अपनी आज की पोस्ट का लिंक दिए जाता हूँ

२१ मेरा बेटा बड़ा हो गया है !! :- आपका आशीर्वाद चाहिए होगा !

फिर मिलूगा एक और ब्लॉग वार्ता के साथ , तब तक के लिए.....

जय हिंद !!

19 टिप्पणियाँ:

aji waah waah

ye toh bada umdaa blog hai

anand aaya

badhaai is shandar varta ke liye

बहुत दिलचस्प चर्चा है.

खूबसूरत पोस्ट

इसमें चित्र भी चिपकाएं
कार्तिक बेटे के दर्शन हमें भी करवाएं
ताकि आशीर्वाद सीधे चेहरे के रस्‍ते
दिलों में उतर जाएं।

बंद को खोल दिया है
आप कह रहे हैं
बंद किया है।

बहुत बढिया वार्ता .. बेटे को बहुत बहुत आशीर्वाद !!

बढ़िया वार्ता...बेटे को शुभकामनायें और आशीर्वाद

बच्चों का स्कूल में पहला दिन - महत्वपूर्ण पड़ाव है। उसके सुखमय जीवन के लिये शुभकामनायें।

बहुत ही बढ़िया चर्चा रही ये तो ...

बहुत सुन्दर और संयत रही आज की चर्चा!

मिश्रा जी को सादर अभिवादन्। ब्लॉग 4 वार्ता मे करा रहे हैं लिन्क दे के नई नई सामग्रियों का रसास्वादन। आभार!

बहुत दिलचस्प चर्चा

शिवम भाई

बढिया वार्ता की है आपने।

जब बच्चा पहली बार स्कुल जाता है तो
पिता और माता के मन में एक उमंग होती है।

जिस तरह एक वृक्ष अपने बीज को पल्लवित होते देखता और
हर्ष से भर उठता है,हवा से उसकी पत्तियां खुशी के मारे लरजती हैं

बालक को शुभाशीष

बहुत सुरूचिपूर्ण चर्चा! बच्चे को शुभाशीष!!

बहुत बढिया वार्ता

इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

बढे, फले-फूले यही आशीर्वाद है।

आप सब का बहुत बहुत हार्दिक धन्यवाद और आभार !

शिवम् भाई !
बढ़िया वार्ता दे रहे , कार्तिक को आशीर्वाद ..अपने पिता जैसा नाम रोशन करे

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