बुधवार, 17 अगस्त 2011

साला सडेला सिस्टम कानखजूरा हो गया -- ब्लॉग4वार्ता -- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, अन्ना गिरफ़्तार, तिहाड़ जेल की मुख्य रखवार रही किरण बेदी भी तिहाड़ जेल में अन्ना के साथ कैद में। इससे साबित होता है कि देश में भ्रष्ट्राचार का बोलबाला रहेगा। भ्रष्ट्राचार  के खिलाफ़ आवाज उठाने वालों को जेल में ठूंसा जाएगा। भ्रष्ट्राचारी खुले आम कुर्सियों की शोभा बढाएगें। ऐसे में एक फ़िल्म याद आ रही है "जाने भी दो यारों"। इसके कथानक जैसा ही घट रहा है जमाने में। ईमानदार सजा पा रहे हैं भ्रष्ट्राचारी मलाई खा रहे हैं। अन्ना की गिरफ़्तारी से देश भर के नौजवान अन्ना के समर्थन में आ गए हैं। देखते हैं सरकार की हठधर्मी कब तक चलती है। अब चलते हैं आज की ब्लॉग4वार्ता पर.......


सबसे पहले  जागो सोने वालों एवं पढो, एक चिठ्ठी: अन्ना दादा के नाम,दादा जी आपका गांव तो खुशहाल होगा, यहां दिल्ली में आपकी वजह से दम घुट रहा है। सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। हालत ये है कि 15 मिनट का रास्ता दो घंटे में भी पूरा हो जाए तो गनीमत है। दादा जी इस बार बच्चों का बहुत मन था कि वो 15 अगस्त को दिल्ली के लालकिला पहुंचे और वहां आजादी का जश्न मनाएं। इसके लिए उन्होंने बहुत तैयारी भी कर रखी थी। लेकिन सुबह से ही टीवी पर आप और आपके समर्थकों का हो हल्ला देखकर हिम्मत नहीं पड़ी कि घर से बाहर निकलें। पहले तो बच्चों को बहुत बुरा लगा, लेकिन कोई बात नहीं उनके लिए मैकडोनाल्ड से पिज्जा मंगवा लिया था, इसलिए उन्हें झंडारोहण न देख पाने का कोई मलाल नहीं है। हां एक बात और बच्चों से वादा किया था कि शाम को दिल्ली में अच्छी रोशनी होती है, वो देखने चलेंगे।

क्या 'भ्रष्टाचारी' भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकता? विगत कुछ समय से अन्ना और उसकी टीम पर केन्द्र सरकार और कांग्रेस पार्टी द्वारा लगातार हमले किये जा रहे है कि अन्ना और उनके साथी भ्रष्टाचार में स्वयं लिप्त रहे है। इसलिए भ्रष्टाचार के विरूद...अन्ना गांधी वर्सेस ..अदर.गांधी---इक रोज ये नीरस जिंदगी बीत जायेगीइक रोज ये नीरस जिंदगी बीत जायेगी, सूनी रातों की तन्हा चाँदनी रीत जायेगी। *** कोई बात न कर उसकी बेवफाई की यहाँ, है वो मेरी कहानी साथ मेरे बीत जायेगी। *** इक दिल ही तो था टूट ...

जो बोलोगे तो इस राज में महज मवाद हो तुम स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देने के लिए ही आया था मै आज...पर हालात ऐसे है कि चाह कर भी न दे पाया!जो भी घटनाक्रम देश में दोहराया जा रहा है वो कतई बधाई के लिए उपयुक्त नहीं है ऐसा भी नहीं है--अंधे ताऊ महालाज धॄतराष्ट्र....तानून मंत्री लामप्याले...और मिस समीला टेढी...? ताऊ महाराज धॄतराष्ट्र अपने राजमहल में अपने राज्य के नियम निर्माण मंत्री रामप्यारे और अपनी खास सलाहकार मिस समीरा टेढी के साथ गंभीर चिंतन की मुद्रा में बैठे हैं. ताऊ महाराज : रामप्यारे, ये क्या हो रहा है? ...अन्‍ना हजारे, सबके प्‍यारे : कर लिया गिरफ्तारअन्‍ना गिरफ्तार इतनी तेज रफ्तार बोला भ्रष्‍टाचार करो विचार मत करो विचार अनशन अत्‍याचार है सरकारी विचार भ्रष्‍टाचार की महिमा सदा रहेगी अपरंपार पूरी कविता का आनंद लेने और वोट देने तथा राय जाहिर कर...

सड़ियल सिस्टम कानखजूरा हो गया है साला सडेला सिस्टम अब बिच्छू नही रहा,वो कानखजूरा हो गया है।भ्रष्टाचारी राजा, कलमाडी, कन्नीमोज़ी, मारन, जैसी सैकड़ो,हज़ारों टांगे है।और अब वो डंक मार कर खुश नही हो जाता,खून चूसने लगा है और लगता है आखिरी बूंद...दिहाड़ी का मजदूरएक कंपनी के चीफ सेफ्टी ऑफिसर के फोन की घंटी बजने लगी | उधर से फोन करने वाले ने अमुक प्लांट में दुर्घटना की सुचना दी | तुरंत ही उसने अपने अधीनस्थ कर्मचारी को घटना स्थल पर भेज कर दुर्घटना की सम्पूर्ण जा...

आजादी से मुक्ति की ओरपिछले दो दिनों से देख रहा हूँ कि हर तरफ शुभकामनाओं को बांटने का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है , और यह होना भी चाहिए . क्योँकि हम सब समाज का हिस्सा हैं और समाज के हर व्यक्ति के हितों की चिंता करना हमारा कर्... महात्मा गांधी कहां थे?स्वतंत्रता दिवस आता है चला जाता है। पर कभी किसी ने सोचा कि आजादी के पैरोकार महात्मा गांधी क्यों नहीं उपस्थित थे उस समय जब पहली बार लाल किले से तिरंगा फहराया गया। कहां थे वे, क्या कर रहे थे उस समय? सत्ता म...

चेत अभी समय बचा है सड़क किनारे खड़ा अकेला देख रहा था एक पेड़ व्यथित आये कुछ लोग आज हाथ में लिए कुल्हाड़ियाँ और किया कितने ही पेड़ों को काट धरासाई कुछ औरों को काटने की हुई तैयारी गिनकर नंबर आज पडोसी नंबर २२३ भी कट के धरती पे गि...चलो श्रीखण्ड महादेव की ओदिनांक 20 जुलाई सन 2011 दिन बुधवार, को हमारी यात्रा की आज सबसे कठिन मंजिल थी। जहाँ हम रुके हुए थे, उस टैंट में कुछ अन्य लोग भी ठहरे हुए थे, जिन्होंने हमें बताया कि असली यात्रा तो नैन सरोवर से आगे जाकर शुरु...

आज के ज़माना के पढ़ई....हो जाथे करलईपंद्रही ले जादा होगे (पंद्रह-20 दिन पहले) बेटा ला हिमाचल प्रदेश, जउन ला देव भूमि घलो कथें, के मंडी आई आई टी मा छोड़ के आये हन. माई पिल्ला त नई गे रेहेन. दाई दादा अउ बेटा भर गे रेहेन. नोनी(जउन दन्त चिकित...क्या यही है आज़ादी ?? मेरी एक पुरानी रचना जिसे आप सभी के साथ फिर से साझा करना चाहती हूँ... आज़ादी -आज़ादी ........ मनाते आ रहे हो 65 सालों से जश्न , पर मैं पूछती हूँ ? आज़ादी -आज़ादी कैसी आजादी.... कहने को तो भारत माता मुक्त ह...

रेशम की डोरमम्मी मम्मी कल स्कूल में रेशम की राखी बनाना सिखायेंगे ,मुझे रेशम का धागा दिलवा दो ना. बिटिया की बात सुनकर सीमा अपने बचपन के ख्यालों में खो गयी .दादी ने उसे रेशम के धागे से राखी बनाना सिखाया था .चमकीले रे...कैसी आज़ादीसिवा तारीख कुछ नहीं बदला कैसी आज़ादी ********* कहाँ छुपी है जनता से डरती बूढ़ी आज़ादी ************ टुकड़े किया हमने लोकतन्त्र सच छूमन्त्र ********* बदनसीब गरीबी न बदली कैसी आज़ादी *********** लोग ...

वार्ता को देते हैं विराम, मिलते हैं ब्रेक के बाद, राम राम............

5 टिप्पणियाँ:

जी इस ब्लाग फार वार्ता में मुझे पहली बार स्थान मिला है। आपका बहुत बहुत शुक्रिया।

सोनिया जिसकी मम्मी है,

वो सरकार निक्कमी है !!

अच्छी प्रस्तुति ...

बहुत अच्छी वार्ता.. मेरी रचना को स्थान देने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया... देश के दर्द में डूबी वार्ता...

बहुत अच्‍छे अच्‍छे लिंक्‍स .. आभार !!

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