बुधवार, 31 अगस्त 2011

निकला चांद ईद का ..हम नहीं सुधरेंगे .. ब्‍लॉग4वार्ता .. संगीता पुरी


आप सबों को संगीता पुरी का राम राम , रमजान ईद का चांद मंगलवार को दिखाई पड गया है। चांद नजर आने के कारण बुधवार को ईद-उल-फितर मनायी जा सकेगी। इस साल मंगलवार को 29वें रोजे के बाद ही चांद दिखाई दिया है , जैसी उम्‍मीद भी की जा रही थी। चांद की स्थिति को देखते हुए पूरे देश में धूमधाम से ईद मनायी जा सकेगी। ईद के खास मौके पर लिखी गयी रचना पढें ..निकला चांद ईद का ... हरसू बहार है कलियों पॅ है शबाब , गुलों पर निखार है देती सुकूं हवा भी , फ़ज़ा ख़ुशगवार है बख़्शिश ख़ुदा के फ़ज़्ल से रमज़ान की मिली निकला है चांद ईद का ... हरसू बहार है सब रंज़िशें भुला के गले ईद पर मिलो इंसां हैं हममें प्या...



भादो मास१ गीले भीत के ढहने के डर से नींद नहीं आती है भादो मास हे देश ! क्यों नहीं है तुम्हें पता ? २ भादो मास के अन्हरिया में टूटी हुई चट्टी(चप्पल) पहनकर गया था वह दिशा मैदान काट लिया साँप ने कोसों दूर न *घन घमंड नभ गरजत घोर भादों का महीना है किन्तु पिछले तीन-चार दिनों से सावन-सी झड़ी लगी हुई है। इन तीन-चार दिनों में तीन-चार बार भगवान भास्कर ने उज्जवल-श्यामल मेघों के आवरण से झाँक तो अवश्य लिया है किन्तु आज प्रातःकाल से सायंकाल .....कृष्ण लीला ……भाग 10सत्ताईस दिनों में फिर वोही नक्षत्र पड़ा था आज कान्हा ने भी करवट लिया था नन्दभवन में आनंद उत्सव मन रहा था ब्राह्मन स्वस्तिवाचन कर रहे थे नन्द बाबा दान कर रहे थे मेरा लाला अभी अभी सोया है गो...खुद को संवारोसृष्टि कि खूबसूरत रचना में हर कोई है लाजवाब | तभी तो हर एक इंसान में है खूबसूरत कलाकार | इसलिए खुद को साबित करना पढता है हर - बार | जैसे मिटटी से बर्तन बनाता है कुम्हार बार - बार | इंसान कि क़ाबल..."अप्पो दिपो भव : "##### लग सकती है छलांग सांसारिकता से आध्यात्मिकता में .. डूब कर वियोग की गहराई में या पा कर मिलन की ऊंचाई को होती है जहां ध्यान की प्रक्रिया घटित , स्वयं को भुला कर ... किन्तु !! लेना होगा हर...


कुछ तस्वीर ... आप सबके लिए !बचपन से पेंटिंग का बहुत शौक था । खासकर पोर्ट्रेट पेंटिंग का । आयल पेंट से पोर्ट्रेट बनाता था । कई लोगों का पोर्ट्रेट बनाया था, जैसे कि मेरे पिताजी का, दादाजी का, और कई यशस्वी व्यक्तिओं का जैसे कि जे आर डी ....कई ब्रांडेड टूथपेस्ट भी हैं दांतों के लिए खतरनाकसोने से पहले और सुबह उठकर दांतों की सफाई करने की डॉक्टर सलाह देते हैं, लेकिन बार-बार टूथपेस्ट के इस्तेमाल से दिल्लीवालों के दांत कमजोर हो रहे हैं। दरअसल, बाजार में बिक रहें कई ब्रांडेड टूथपेस्ट में मानक सहाथों की लकीरों सी उलझी जिंदगी (समापन किस्त)*(नाव्या का एक्सीडेंट हो जाता है...रितेश उसे हॉस्पिटल लेकर आता है...हॉस्पिटल में जिंदादिल डा. समीर से उसकी मुलाक़ात होती है)* सीनियर डॉक्टर राउंड पर आते और वो आस लगाए बैठी होती..शायद उसे छुट्टी दे...उसका ग़म देखा तो , मैं अपना ग़म भूल गया --* * हेयर कटिंग सैलून की आरामदेह कुर्सी पर बैठा , मैं ईर्ष्या रहा था बाजु में बैठे युवक की लहलहाती , ज़ुल्फ़ों को देखकर । तभी हमारा केश खज़ाना देख, दूसरी ओर बैठे एक हम उम्र के चेहरे पर , वही भ.


तेरी चोटी काट कर तेरे बाप के पास भिजवा दूंगी.ताऊ महाराज धॄतराष्ट्र अंधे क्यों बने हुये थे? उत्तर साफ़ है कि हस्तिनापुर जैसे विशाल साम्राज्य का संचालन करने के लिये कई बातों को अनदेखा करना पडता है. द्वापर में महाराज ताऊ अंधे बन कर राज्य चलाते थे. सिर्फ...तू आर हो जा या पार 30 *तू आर हो जा या पार हो जा पर इक तरफ मेरे यार हो जा या तो सिमट कर रह मेरे दिल में या फैल इतना, संसार हो जा जो जुल्म बढ़ जाये हद से ज्यादा तजकर अहिंसा हथियार हो जा गुल था शरारत करने गांव की जानिब,शहर अच्छा नहीं लगता बेगानों के नगर में अब गुजर अच्छा नहीं लगता यहां नफरत निगाहों में,वहां रिश्ते मोहब्बत के बसर अब दूर मिट्टी से,कुंवर अच्छा नहीं लगता कुंवर प्रीतम हुयी मेहर तुम्हारी...पोटेंशियल हरामी मैं किसी को दुआएं-फुआएं नहीं देता, मैं गालियाँ देता हूँ, जो मुझे पैसे नहीं देता.... और उसकी गाड़ी के पीछे पीछे दौड़ता हूँ... और चिल्लाता हूँ ! खेल? ये खेल थोड़ी ना हुआ, ऐसे गोल गोल सर को करके टोपी का फुंतरू घ.....साधारण आपसी गाली गलौच तलाक का आधार नहीं हो सकता* परविंदर सिंह ने पूछा है -* मेरी पत्नी मुझे बहुत तंग करती है बात-बात पर गंदी गंदी गालियाँ निकालती है। बहुत समझाता हूँ लेकिन नहीं समझती है। पत्नी के मम्मी-पापा को बुलाता हूँ तो कहते हैं कि पैसे नहीं है


हथेलियों में फूलों सी ताजगी, पवित्र प्रेम की नदी-> कई विचार जुगनुओं की तरह जगमगाते हैं और फिर बुझ जाते हैं. मैं उन्हें पकड़ने के कई प्रयत्न करता हूँ. इन तमाम जुगनुओं में कभी कोई जुगनू हाथ आया तो आया. नहीं तो यह खेल चलता ही रहता है. सुबह के उजाले में जब य...मध्यकालीन भारत - धार्मिक सहनशीलता का काल (एक)मध्यकालीन भारत - धार्मिक सहनशीलता का काल (एक) हमारे देश में हिन्दू समाज में प्राचीन काल से ही वेदों पर आधारित परंपरा मान्य रही है। मध्यकाल तक आते-आते वर्णाश्रम व्यवस्था जटिल हो चुकी थी। जातियों में विभाज... राजीव गांधी के हत्यारों को फांसी हो या न हो...खुशदीपअगर कोई क़ानूनी पेंच और न फंसा तो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के तीन दोषियों- मुरुगन, संथन और पेरारिवालान को अगली 9 सितंबर को फांसी के तख्ते पर लटका दिया जाएगा...यानि राजीव गांधी की हत्या...Bolte shabd 45आज के शब्‍द जोड़े हैं - 'अहम्' और 'अहंकार' व 'अवगुण' और 'दुर्गुण'  आलेख - डॉ.रमेश चंद्र महरोत्रा स्‍वर - संज्ञा टंडन  89. 'अहम्' और 'अहंकार' 90. 'अवगुण' और..जितना नूतन प्यार तुम्हार जितना नूतन प्यार तुम्हारा उतनी मेरी व्यथा पुरानी एक साथ कैसे निभ पाये सूना द्वार और अगवानी। तुमने जितनी संज्ञाओं से मेरा नामकरण कर डाला मैंनें उनको गूँथ-गूँथ कर सांसों की अर्पण की माला जितना तीखा व्यंग तुम्...


विघ्नहर्ता से एक निवेदन ! पहले अपने करप्ट माइंड सेट को बदलें..मेरे घर के सामने शर्मा जी परेशान थे. नाली जाम रहने के कारण पानी जमा हो रहा था. बगल वाले झा जी व्यवस्था पर टीका टिप्पणी कर रहे थे. मेरी भिड़ंत उनके ऐन मौके पर हगयी. उन लोगों ने मीडिया को गरियाते हुए मुद्द..चल पड़े जिधर दो डग*चल पड़े जिधर दो डग* *-प्रस्तुत है सोहनलाल द्विवेदी जी द्वारा रचित ’युगावतार गाँधी’ का एक अंश * चल पड़े जिधर दो डग मग में, चल पड़े कोटि पग उसी ओर, पड़ गई जिधर भी एक दॄष्टि, मुड़ गये कोटि दॄग उसी ओर, जिसके सिर ...अभि-अनु २९ अगस्त २०११अभिव्यक्ति के २९ अगस्त २०११ के अंक में पढ़ें शीला इंद्र की कहानी- गिलास, रतनचंद जैन का प्रेरक प्रसंग- प्रगति और अभिमान, ऋषभ देव शर्मा की कलम से सच्चिदानंद चतुर्वेदी का उपन्यास `अधबुनी रस्सी', डा .सुरेशचन्...आज का प्रश्न-६२ question no.62*आज का प्रश्न-६२ question no.62* ************************************ *Qus.no 62 : कस्तूरी मृग की नाभि की ग्रंथी मे कस्तूरी ठोस अवस्था मे होती है या द्रव अवस्था मे और एक वयस्क मृग की नाभि मे कितनी मात्रा म..हँसमुखजी भयंकर सर दर्द से पीड़ित थे (हास्य कविता)हँसमुखजी भयंकर सर दर्द से पीड़ित थे पास के होटल में दवा खाने और चाय पीने पहुँच गए बैरे से बोले तेज़ सर दर्द हो रहा है फ़ौरन एक कप चाय ले आओ बैर ने पूछा ग्रीन टी लाऊँ , लैमन टी लाऊँ,ब्लैक टी लाऊँ या ढू.


हम में है हीरो*अगस्त २०११ काफी उथल पुथल वाला रहा . अन्ना हजारे के जन लोकपाल आंदोलन के अलावा वाणिज्य जगत में एक एक महत्वपूर्ण घटना घटी . हीरो होंडा अब हीरो मोटो कॉर्प बन गयी है जनलोकपाल , जनांदोलन और जागता समाज ....१पिछली बार जब अन्ना हज़ारे जंतर मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे थे और जिस तरह से उसने सिर्फ़ पांच दिनों में अपना दायरा और प्रभाव बना दिया था उससे ये तो तय हो गया था कि अब इस देश की जनता के लहू का तापमान उतना ग...आखिर चमत्‍कार हो ही गया - अजित गुप्‍तअभी पूर्व पोस्‍ट में अन्‍ना हजारे के अनशन से जुड़ी कई आशंकाएं थी और किसी चमत्‍कार की उम्‍मीद भर थी। लेकिन चमत्‍कार हुआ और यह चमत्‍कार जनता का जागृत-स्‍वरूप का चमत्‍कार था। इन दिनों काफी प्रवास रहे और जैस...अन्न का दाना !भरने को तो मन रूपी पेट दौलत से भर जाएगा पर, जब न आयेगी नींद तुम्हें, हमें मखमली चादर पर करवट बदल-बदल कर तुम, हम कैसे रातें काटेंगे नींद नहीं आयेगी, तब तक जब तक, अन्न का दाना तुम्हारे, हमारे पेट के...'राईट टू रिजेक्ट' रूपी कदम निसंदेह लोकतंत्र को मजबूत करेगा !लोकतांत्रिक प्रणाली की सर्वाधिक मजबूत व सशक्त व्यवस्था यदि कोई है तो निसंदेह स्वतन्त्र चुनाव प्रणाली है, स्वतन्त्र व निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया निश्चित ही हमारे लोकतंत्र को मजबूती प्रदाय करती है, ये और बात ह....क़ानून अपनी जगह है बबुआ बदलाव अपनी जगह।आज चौबे जी बहुत खुश हैं, कह रहे हैं कि "राम भरोसे देखा ....अन्ना ने चूसा दिया नs गन्ना भ्रष्टाचारियों को .... बड़ा हेकड़ी बग्घार रहे थे पहिला दिन, कि अनशन के लिए पुलिस के पास जाईये, बाद में खुदै करने लगे 30.08.2011 : और टोपी पहना ही दी अन्ना जी ने ...... हम नहीं सुधरेंगे [cartoon]
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13 टिप्पणियाँ:

आज बहुत पढना है ....आपने इतने सारे लिंक दे दिए की छुटी इन्हें पढने में ही लग जायेगी ....!

अति उत्तम चर्चा ... पोस्ट शामिल करने के लिए धन्यवाद !

बहुत सुन्दर।
--
भाईचारे के मुकद्दस त्यौहार पर सभी देशवासियों को ईद की दिली मुबारकवाद।

Aaj to kafi sare link diye aapne......
Din bhar ki khurak yahin se hasil hogi.

Aabhar

बहुत ही सुंदर और विस्तृत वार्ता सज़ाई है संगीता जी । सारी और खूब सारे लिंक्स देने के लिए शुक्रिया आपका , मेरी पोस्ट को स्थान देने के लिए धन्यवाद

आपसबों को ईद बहुत-बहुत मुबारक .

आपको भी सपरिवार ईद की हार्दिक मुबारकबाद!

ईद और गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई।

सुन्दर प्रस्तुति...ईद मुबारक़

तीज,ईद एवं गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई .

जैसे ही आसमान पे देखा हिलाले-ईद.
दुनिया ख़ुशी से झूम उठी है,मना ले ईद.
ईद मुबारक

सुंदर वार्ता,अच्छे लिंक,आभार.

This is Very very nice article. Everyone should read. Thanks for sharing. Don't miss WORLD'S BEST Game

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