मंगलवार, 13 मार्च 2012

बाउ और नेबुआ के झाँखी अच्छर सटा के ---ब्लॉग4वार्ता --- ललित शर्मा

ललित शर्मा का नमस्कार, छतीसगढ में आज एक बड़ी दुर्घटना घट गयी, बिलासपुर जिले के युवा पुलिस अधीक्षक ने अपने सर्विस रिवाल्वर से गोली मार कर आत्महत्या कर ली, एक बारगी तो मुझे विश्वास नहीं हुआ कि ऐसा भी हो सकता है, राहुल शर्मा एक अच्छे पुलिस अधिकारी थी।  किन  परिस्थितियों में उन्होने आत्महत्या जैसा कदम उठाया यह खोज का विषय है। हमारी विनम्र श्रद्धांजलि…………अब चलते है ब्लॉग वार्ता पर…… प्रस्तुत हैं कुछ ब्लाग लिंक…………संगीता जी सालगिरह मनाने पहाडी पर बने मंदिर पर गयी थी……साथ ही प्रस्तुत है कुछ चित्र…………
थक गए……तनि सुस्ता लें

सटीक राय - *उत्तर प्रदेश में मिली इस ज़बरदस्त मात के बाद किसी ने राहुल गांधी को यह राय दी , " आम आदमी के दुःख और दर्द को समझने के लिए ... बेहद जरुरी है कि आप शादीशुदा ... खाद्य शृंखला, विवेकाहारी - खाद्य शृंखला में सभी जीव (organisms) की सामान्यतया तीन कडि़यां होती हैं - 1-उत्पादक 2-उपभोक्ता 3-अपघटक दूसरे उपभोक्ता के अन्तर्गत खाद्य उपभोग के आधार पर जी... “ आरक्षण मेरे लिए क्यों ? ” - नहीं चाहिए मुझे तैंतीस प्रतिशत आरक्षण देना चाहते हों यदि बराबरी का अधिकार तो, मत मारना मुझे गर्भ में जन्म लेने देना सहजता से संतान के रूप में-- मत होने देना... 
जय भोले बाबा की

अपने इतिहास की पुस्तकों को पढ़कर क्या अजीब-सा नहीं लगता? - हमारे इतिहास की पुस्तकें हमें बताती हैं कि अहिंसा, महात्मा गांधी, कांग्रेस आदि के कारण अंग्रेजों ने भारत को छोड़ा और हमारा देश स्वतन्त्र हुआ। यह सब पढ़कर बड़ा...  नि:शब्द मौन के बोल नि:शब्द मौन के बोल अबोल से झरते शब्द ज्यूँ झरता अनहद से रसानंद बजता अनहद नाद अंतर में यूँ लगा कबीर हो गया बजा जब अनहद मृदंग शुन्य में पुलकित रोम रोम एकाकार... पॉलीटिक्स एवं महिलाएं - कुछ लोग कहते हैं - "मुझे पौलिटिक्स में रूचि नहीं है" । सच तो ये है की यह कहकर वे अपनी अज्ञानता पर पर्दा डालता हैं। अरे क्यों नहीं रूचि है भाई , देश- दुनिया ... 
जय बम भोले

गुहार ... - *पिता भाई ने विदा किया था, अबकी डोली तुम उठवाना.* *पहले मुझको विदा कराके, घर सहेजकर फिर तुम आना.* *दाम्पत्य की गरिमा हेतु, सप्त पदी के वचन निभाना,* *सांसों ... ब्लोगर ने मचाया धमाल जर्मनी मे - दोस्तों आप सब के लिए गर्व की बात है कि अपना स्टार बल्लेबाज उर्फ़ महफूज़ मियां ने वो कारनामा किया है जो हम आप स्वप्न में ही सोचते हैं . इतने वक्त से लगे हैं ..मां, बहन और बीवी - -अजय ब्रह्मात्‍मज शीर्षक से यह न समझें कि मैं गाली-गलौच की बात करने जा रहा हूं। मां-बहन का नाम आते ही गालियों का खयाल आ जाता है। मैं मां-बहन और बीवी का उ...  
पहाड़ की चोटी से मंगल दर्शन……धरती के नजीक है भई दिखता है
मुलायम की समाजवादी चौसर पर अखिलेश को सत्ता - लखनऊ के 5 कालिदास मार्ग में चाहे अखिलेश यादव रहें लेकिन जो बिसात मुलायम ने अपनी मौजूदगी से बिछायी है उसकी आंच अब 5 विक्रमादित्य मार्ग से ही नजर आयेगी। 15 म...एक विवश याचना - *ईश्वर मेरी समस्त आशंकाएँ निर्मूल करे और ‘वह’ और उसके भाई-भौजाई, बूढ़े माता-पिता (क्रमशः 68 वर्ष तथा 66 वर्ष) पूर्णतः स्वस्थ-प्रसन्न, सुरक्षित रहें। * *आय...सार्थक ब्लॉगिंग की ओर 1.3 - *अंतिम अंक .......!* **रचनाकर्म में स्पष्टता का अपना महत्व है . हम कुछ भी सृजन कर रहे हैं लेकिन जितनी हमारी विषय और विचार के प्रति स्पष्टता होगी उतना ही हम... 
जल्दी आईए……काहे बार बार सुस्ता के टैम खराब कर रहे हैं……

बहुत कुछ बाकी है - इस दुनिया में क्यारखा है जीने के लिए रमे रहने के लिए अपनी दुनिया ही काफी है बड़ी हस्ती ना भी हुएतो क्या सर छिपाने के लिए छोटी सी छत ही काफीहै जो सुक.. लंठ महाचर्चा: बाउ और नेबुआ के झाँखी- 13 - मेरे पात्र बैताल की तरह चढ़ जाते हैं सिर और कंधे पर, पूछते हैं हजार सवाल। मुझमें इतना कहाँ विक्रम जो दे सकूं जवाब *...रोज़ मेरा सिर हजार टुकड़े होता है।आशा का दीपक बुझाया ना जाये - दिल यूँ किसी का जलाया ना जाये मुहब्बत में आंसू बहाया ना जाये बिकते हैं मुस्कान बाज़ार में अब हंसते हुए को रुलाया ना जाये सबके विचारों का चश्मा अलग है अंधे...
इधर से आईए………ई शार्ट कट रास्ता है

अच्छर सटा के...... - “अब फिर चलूं इस कलमुही साईकिल लेकर घिरिर घिरिर रेंगाते हुए” . “तो क्या पहले नहीं जाते थे साईकिल लेकर ? किसने कहा था आपसे कि चुनाव लड़िये और साईकिल वाले से...मै मर चुकी हूँ .... - *शरीर को * *सूरज की तपिश * *झुलसा रही है ....* *बनते हुए * *जख्मों से * *खून का रिसना * *बदस्तूर जारी है ....* *कदम बढ़ना * *चाहते हैं ,* *लेकिन -* *चाहक... मुम्बई- गेटवे ऑफ इण्डिया और एलीफेण्टा गुफाएं - 19 फरवरी 2012 की सुबह चार बजे मैं कुशीनगर एक्सप्रेस से कल्याण स्टेशन पर उतरा। कल शाम मैं भुसावल में था और अगले दिन यानी आज अजन्ता गुफा देखने जाने वाला था। ... 
चलिए……कदम कदम बढाए जा……मंजिल है थोड़ी दूर

पेट की तपिश - ठंडे चूल्हे ने , मुस्कराते हुए ख़ाली पतीली से पूछा ? आज कब आओगी । और क्या पकाओगी ? और सूखी लकड़ियों ने ख़ुशी मनाई । आज वह जलने से , बच गयीं । पतीली ने मेरी...   बंगलौर की एक यादगार होली... - बहुत पहले पूजा जी की एक पोस्ट पढ़ी थी.*..** रहना नहीं देश बिराना रे... किस तरह बंगलौर में होली खेलते इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों पर पुलिस ने ...गिरीश पंकज और शिखा वार्ष्णेय को प्रब्लेस का सम्मान - विगत दिनों प्रब्लेस शिखर सम्मान की घोषणा की गयी थी, जिसके अंतर्गत "नागार्जुन जन्मशती कथा सम्मान" हेतु वर्ष-2011 में प्रकाशित दलित विमर्श पर आधारित उपन्य...

वार्ता को देते  हैं विराम, मिलते हैं ब्रेक्क के बाद्……राम राम

9 टिप्पणियाँ:

वाह इतनी सारी लिंक्स अब बहुत आनंद आएगा पढने का |
मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |संगीता जी के फोटो बहुत अच्छे लगे |
आशा

राहुल शर्माजी को विनम्र श्रद्धांजलि...
बढ़िया लिंक्स के लिए आभार...
संगीताजी सारी फोटो बहुत सुन्दर हैं...

राम राम....
बढ़िया वार्ता... सुन्दर लिंक्स...
आदरणीय संगीता जी वैवाहिक वर्ष्गांठ तथा गिरीश भईया और शिखा जी सम्मान हेतु सादर बधाईयाँ....
सादर आभार.

बहुत उम्दा वार्ता

ब्‍लॉग4वार्र्ता में फेसबुक से फोटो ??
क्‍यूं बोर कर रहे हैं सबको ??
लिंक अच्‍छे लगाए हैं ..
सुंदर वार्ता !!

अलग और मस्त अन्दाज़ रहा वार्ता का ।

बढ़िया चित्र बढ़िया वार्ता

बहुत ही प्रभावशाली वार्ता!!
निरामिष पर मेरे आलेख को शामिल करने के लिए आभार |
संगीता जी के भ्रमण चित्र बहुत ही सु्न्दर है|

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी में किसी भी तरह का लिंक न लगाएं।
लिंक लगाने पर आपकी टिप्पणी हटा दी जाएगी।

Twitter Delicious Facebook Digg Stumbleupon Favorites More