बुधवार, 4 अगस्त 2010

भगदड़ - ब्लॉगर ही ब्लॉगर हैं - ब्लॉग 4 वार्ता - शिवम् मिश्रा

प्रिय ब्लॉगर मित्रो ,
प्रणाम !

बिना आपका समय बर्बाद किये हुए सीधे मुद्दे की बात करता हूँ और आपके लिए  ब्लॉग 4 वार्ता   के इस मंच से एक और ब्लॉग वार्ता पेश करता हूँ !

आशा है आपको आज की ब्लॉग वार्ता पसंद आएगी |

सादर आपका 


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बाज़ार जनित बीमारियाँ :- हम सब को लग गयी है !

हाय !ये मैंने क्या किया? :- क्यों क्या हुआ ?



मानसून का आना और नहीं आना :- क्या चाहते हो शर्त लगाना ?


हमरा ब्लॉग परिवार – अंतिम भाग :- गलत बोले ...........पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त !! 






झुलसता बचपन .... :- कहाँ है देश के नेता ??









अभी तो मुजरा शुरू हुआ है ! :- तभी तो सब आ गए है !

बुरुंश के फूल :- कैसे होते है ?

अब अपना मुह बंद रखे इस वृहत लोकतंत्र के तंग दिल सनम ! :- रखना ही पड़ेगा !

ब्लॉगर ही ब्लॉगर हैं ! :-  कहाँ ?

उफ़!!... तुम भी न. :- ???????????????

भगदड़..... :- मच गयी !

आज हमारा जन्‍मदिवस है - आशीर्वाद दें । :-  बधाइयाँ जी बधाइयाँ !

'तुझे तुझ से मांग लूं' :- क्या बात है !

दिल तो बच्चा है जी... :- थोडा कच्चा है जी ..........पोस्ट नहीं दिल की बात कर रहा हूँ !

लहर :- आ गयी क्या ?

मै इधर जाऊं या उधर जाऊं!!!  :- सोचना पड़ेगा !


आपका जीमेल अकाउंट सेफ है..? :- पता नहीं ...... देखना होगा  !

क्या आप दुनिया के सबसे असुरक्षित तरीके से इंटरनेट पर जाते हैं!? :- जी मालूम नहीं ....आप बताओ !

दे जाती है दग़ा.... :- कौन ??

मैं प्रवासी हूं :- अच्छा !!

ये रिश्ते ....... :- कितने अजीब होते है !

दर्द.. :- अब  कैसा है ?

आओ खेलें माफी का ड्रामा :- पर कहाँ ?

बारिश का मौसम और भुट्टे की सोंधी खुशबू :- भाई वाह !

...शाबास उपेन्द्र कुमार :- मैनपुरी का चार्टेड एकाउंटटेंट पुलिस कप्तान !

क्यूँ यह दुनियां ? :- ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है ! शुभकामनाएं !

चाँद और मेरी गाँठ :- बहुत याराना लगता है !!

अब तक जो कुछ भी लिखा था :-  था वह अपने लिए या सब के लिए ??

ऊपर वाला देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है... :- शुभकामनाएं !

बाज़ार में हिन्दी पत्रकारिता :- अफ़सोस........... पर बिक रही है !!

काफ़ी दूर … :- चले आये है हम !

कमी क्यूँ हे :- कुछ कमी हम  में ही होगी !

मन मयूरा :- नाच रहा है क्या ?

किशोर दा की याद में ...  :- शत शत नमन !

वो फिर ना आएगा कभी .... :- कसक दिल की !

अब मच्छर के बहाने ... :- इंसान मारे जायेगे !

हां ! तो कौन कहता है हिंदी ब्लॉगिंग से कमाई नहीं होती बे........ :- हम नहीं बोले , भईया जी !!

जय हिन्दुस्तानी रेल और जय रेल यात्री... :- जय हो !

इनका सीधापन फिर भी बरकरार है, आवारा तो लड़के ही हैं :- अब क्या कहे ?

आप बच्चों को ज़हर तो नहीं दे रहे...खुशदीप :- आपका सवाल जरुरी है ............. तभी एक ही वार्ता में दोबारा जगह बनाई है !

विभूति नारायण जी अपनी लेखिका पत्नि के बारे में विचार कर लेते तो शायद ऐसा अश्लील शब्द मुंह से न उगल पाते :- ह्म्म्म !

छेड़छाड़ हमारा अधिकार, हम इसे हासिल करके ही रहेंगे! :- करे रहो !

बरसात, बचपन,वजीफ़ा और मित्रता दिवस :- सब फायेदे की बाते है !


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आज की ब्लॉग वार्ता बस यहीं तक .............अगली बार फिर मिलुगा एक और ब्लॉग वार्ता के साथ तब तक के लिए ...........

जय हिंद !!

45 टिप्पणियाँ:

बहुत ही मज़ेदार "ब्लॉगवार्ता" रही |
पढ़िए सफलता के लिए, अच्छा श्रोता बनना बहुत जरूरी है at

shivan ji...
har post ke saath jo aapka comment hota hai..bas ..laajwaab hota hai...ham to bas muskuraate hi rah jaate hain...
bahut khoob..!!

निराला अंदाज है चर्चा का यह भी शिवम् जी , कृपया जारी रखे !

धांसू वार्ता शिवम भाई

बहुत खूब

@ Shivam ji..naam galat likh diya tha..
Sorry..!!

बढ़िया!

सबसे अच्छी बात लगी कि संक्षिप्त और निष्पक्ष सी हैं प्रतिक्रियायें आपकी, चुटकी लेते हुए। यही कामना कि कोई पूर्वाग्रह न आ पाए कभी किसी मोड़ पर

शुभकामनायें

बी एस पाबला

शिवम भाई ...........कमाल की लैंडिंग विद हैप्पी एंडिंग कराई है आपने सभी पोस्ट हेडिंग के साथ । बहुत ही बढिया , एक दम कमाल । लिंक्स वो भी एक साथ इतने सारे .......बहुत उपयोगी साबित हो रही है वार्ता ..। शुक्रिया

अच्छी चर्चा ! कुछ पंच जो ज्यादा अच्छे लगे ...

मैं तो एक भी हिन्दुस्तानी से नहीं मिला ? :- खोजे कहाँ थे?

बेवफा ,छिनाल ,कामुक कुतिया पर गीदड़ हुआंस और कुक्कुर विलाप -गैर ब्लागीय साहित्य की एक झलक ! :- दिखाइए !

आप खूने इश्क का अंजाम अपने सर न लें -सतीश सक्सेना :- नहीं लेते .........अब खुश !

“अतीत” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”) :- कैसा है ?

अभी तो मुजरा शुरू हुआ है ! :- तभी तो सब आ गए है !

बुरुंश के फूल :- कैसे होते है ?

मन मयूरा :- नाच रहा है क्या ?

हां ! तो कौन कहता है हिंदी ब्लॉगिंग से कमाई नहीं होती बे........ :- हम नहीं बोले , भईया जी !!

बहुत बढ़िया चर्चा.....आभार

अरे!...वाह ...इतने सारे लिंक्स...
बढ़िया चिट्ठाचर्चा

आज किशोर दा के जन्मदिवस पर उनकी पुन्य स्मृति में मेरी पोस्ट को यहाँ जोड़ा गया बहुत बहुत आभार .
एक लाईना चर्चा पसदं आयी.बहुत से लिंक्स मिले.आभार.

इस पिटारे में तो बहुत कुछ मिला....बहुत ही सुन्दर संकलन.


शिवम भाई, वाकई आपने ब्लॉग से चुन चुन कर एक से बढ़कर एक नगीने उपलब्ध कराए हैं। आपकी मेहनत को सलाम करता हूँ।

…………..
अद्भुत रहस्य: स्टोनहेंज।
चेल्सी की शादी में गिरिजेश भाई के न पहुँच पाने का दु:ख..।

आपकी मेहनत को सलाम करता हूँ।

हा हा.. हाँ जी, शिवम् जी मन मयूर नाच रहा है :) मजेदार पोस्ट है आपकी. धन्यवाद.

आज की चर्चा वार्ता बाँचते बांचते तो न जाने कितनी बार मुस्कुराने का मौका मिला...:)
अति उत्तम!

बहुत मेहनत करते हो यार इतने ब्लाग्स को पढने के लिए बहुत समय चाहिए, इतना समय देना हर एक के बस की बात नहीं ! इन बेहतरीन लिंक्स के लिए आपको शुभकामनायें

बेहतरीन चर्चा!

बहुत सुंदर चर्चा लगी जी, धन्यवाद

अच्छी चर्चा, अच्छे लिंक्स।

बहुत ही मज़ेदार ब्लॉगवार्ता

उफ़!!... तुम भी न. :- ???????????????

kya in question marks ka matlab samjha sakte hain , main kuch samjhi nahi :)
thank you for putting my post

बधाई शिवम जी,

मनभावन चर्चा शृंगार !!

चर्चा की इस स्टाईल से तो छाते जा रहे हैं -मौसम को देखकर कुछ छाते दूसरों के लिए भी छोड़ दें :)

सुन्दर लिंक्स के साथ सुन्दर चर्चा बहुत अच्छी लगी।

मज़ेदार "ब्लॉगवार्ता"

मेरी कविता को ब्लॉग वार्ता ४ में लेने के लिए और प्रोत्साहित करने के लिए आपको धन्यवाद |वार्ता के कई लिंक्स बहुत अच्छे हैं |इस हेतु आपको बधाई |
आशा

आजकल कुछ व्यस्ततावश कुछ ज्यादा नहीं देख पा रहे हैं. अच्छे लिंक मिल गये, इन पर हो आते हैं. आभार आपका.

ब्लॉग वार्ता अच्छी रही और कई उपयोगी लिंक भी मिले और मेरी पोस्ट इस ब्लॉग वार्ता मे शामिल करने के लिए आपका आभार !!!!

आपका आभार

बहुत अच्‍छे जालसंकेत दिये हैं आपने ।


धन्‍यवाद

वार्ता खूब रही .................

बहुत बढ़िया चर्चा.....आभार

बहुत विस्तृत चर्चा.

रामराम.

behtrin charcha lagi ,aapka andaz bhi nirala raha ,shukriyaan shamil karne ke liye .kaiyo ko ek hi jagah padhne ka mauka bhi mila .umda .

बहुत मेहनत करते हैं आप। हमें तो जी कभी एकाध लिंक देना पड़े तो सांस फ़ूल जाती है, हा हा हा।

आपका आभारी हूं।

वाह जी वाह....
गज्जब का कलेक्शन निकाला है भाई आज। वाह वाह।

मजा आ गया बस।

आप सब का बहुत बहुत आभार !

कितनी मेहनत करते हो यार...

जय हिंद...

बहुत बढ़िया चर्चा रही !!

आपका हार्दिक आभार।

शिवम् बहुत-बहुत धन्यवाद

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