ब्लाग 4 वार्ता का आगाज करने से पहले सभी ब्लागर मित्रों को राजकुमार ग्वालानी का नमस्कार.............
आएं मिलकर बांटते चले सबको प्यार......मित्रों आज की चर्चा करते समय एक बार फिर से दिल बहुत ज्यादा दुखी है, पिछली चर्चा के समय अपने राज्य में सबसे बड़ी नक्सली घटना में करीब 76 जवान शहीद हो गए थे। और आज जब हम चर्चा करने बैठे हैं तो हमारे एक ब्लागर मित्र ललित जी के ब्लाग जगत से विदा लेने की दुखद खबर साथ है। हम छह दिनों तक ब्लाग बिरादरी से एक तरह से अलग रहे हैं। लौटे तो मालूम हुआ कि ये हादसा हो गया है। खैर हमें लगता है कि अपने ललित जी मान ही जाएंगे। इसी उम्मीद के साथ आज की चर्चा का आगाज करते हैं।
आएं मिलकर बांटते चले सबको प्यार......मित्रों आज की चर्चा करते समय एक बार फिर से दिल बहुत ज्यादा दुखी है, पिछली चर्चा के समय अपने राज्य में सबसे बड़ी नक्सली घटना में करीब 76 जवान शहीद हो गए थे। और आज जब हम चर्चा करने बैठे हैं तो हमारे एक ब्लागर मित्र ललित जी के ब्लाग जगत से विदा लेने की दुखद खबर साथ है। हम छह दिनों तक ब्लाग बिरादरी से एक तरह से अलग रहे हैं। लौटे तो मालूम हुआ कि ये हादसा हो गया है। खैर हमें लगता है कि अपने ललित जी मान ही जाएंगे। इसी उम्मीद के साथ आज की चर्चा का आगाज करते हैं।
मैं ! अनादि काल से दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती बन कर जन्मती रही हूँ , करोड़ों सर झुकते रहे मेरे चरणों में, और दुगुने हाथ उठते रहे मेरी गुहार को, झोलियाँ भरती रही मैं, कभी दुर्गा, कभी लक्ष्मी, और
सुप्रभात... अगर लोग आपकी टांग खिंचाई करते हैं, आपको आहत करते हैं, या आप पर चिल्लाते हैं, परेशान मत होइए... बस इतना याद रखिए...हर खेल में शोर दर्शक मचाते हैं, खिलाड़ी नहीं... आपका दिन शुभ हो..
(लेनिनग्राद का एक युद्ध दृश्य) (स्टालिनग्राद के विध्वंस का दृश्य) अपने आलेख ‘महायुद्ध के बाद का रूस : भारतीय मूल्यांकन‘ में जोशी जी प्रोफेसर आशाराम, जो इलाहबाद विश्वविद्यालय में राजनीति विभाग के
महाजाल पर सुरेश चिपलूनकर पूछ रहे है- प्यार-मोहब्बत की किताबी बातें हाँकने वालों से सिर्फ़ एक सवाल… यह मोहब्बत(?) वन-वे-ट्रैफ़िक क्यों है?…… Love Jihad, Hindu-Muslim Love Relations, Conversion
कल रविवार का दिन था यानी घर-परिवार का दिन. घर के ही बहुत सारे निजी काम थे जो मुझे निबटाने थे, बेटे और श्रीमतीजी की गुजारिश थी कि हम दिन भर उनके साथ रहें. मैं सुबह - सुबह अपने तेरह वर्षीय पुत्र को खुश रखने ...
कल यानी रविवार का यह वाकया है! बंद गेट के बाहर कुछ लोग खड़े जोर-जोर से बाते कर रहे थे , और गेट के अन्दर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड से उलझ रहे थे! लोग मांग कर रहे थे कि वह उन्हें अन्दर जाने देने के लिए गेट खोले ...
धान के देश में जीके अवधिया बता रहे है- नया ब्लोगर आया है स्वागत करो! स्वागत करो!! ... फलाँ ब्लोगर चला गया बिदाई दो! बिदाई दो!! ...कोई नया ब्लोगर आया और शुरू हो गया धूम-धाम के साथ उसका स्वागत्। दौड़-दौड़ कर पुराने ब्लोगर्स आने लग जाते हैं टिप्पणी कर के उसका स्वागत करने के लिये। उसने क्या लिखा है यह पढ़ें या न पढ़ें किन्तु स्वागत जरूर करें..
जगजीत सिंह को दुनिया प्यार करती है। मैं भी उन्हें बहुत चाहता हूं। दुनिया में मौजूद करोड़ों प्रशंसकों में से एक मैं भी उनका प्रशंसक ही हूं। अभी दो रोज पहले ही महान गजल सम्राट जगजीत सिंह का रायपुर शहर मे





अल्पना द्वारा अल्पना की आर्ट गैलरी - पर
अल्पना की आर्ट गैलरी से हस्तनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड
अब आपसे लेते हैं हम विदा- लेकिन दिलों से नहीं होंगे जुदा
10 टिप्पणियाँ:
बहुत बढ़िया चर्चा..बधाई.
nice
वाह बहुत ही रंगारंग वार्ता है. मजा आगया.
रामराम.
अच्छे विचारणीय लेखों की चर्चा के लिए , शुभकामनायें
Bahut badhiya, ati sundar !!
राजकुमारजी को मेरा नमस्कार
ब्लॉग4वार्ता में ब्लॉग चर्चा पेश करने का निराला अंदाज बहुत भाया । चर्चा के साथ - साथ दिए गए कार्टून बेहद आकर्षक लग रहे हैं ।
बहुत बढ़िया चर्चा।
बहुत अच्छी चर्चा रही आज कि भी
राजकुमार जी मेरी प्रविष्ठी को स्थान देने के लिए हृदय से आभारी हूँ...
गुरु ग्वालानी जी
आपका हार्दिका अभार एकदम नए तरीके की झ्क्कास चर्चा
के लिये
बहुत अच्छे अच्छे लिंक्स मिले .. धन्यवाद !!
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