गुरुवार, 21 अक्तूबर 2010

बीवी को मार सकते हैं, बशर्ते जख्म न आएं---ब्लॉग4वार्ता---ललित शर्मा

नमस्कार,अभी तक हम देखते आए हैं कि स्कूल कॉलेज की परीक्षाओं में अच्छे नम्बरों से पास होने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कारों से नवाजा जाता है। लेकिन लंदन के ब्लेकबर्न  कॉलेज ने घोषणा की है कि वह परीक्षा में असफ़ल होने वाले विद्यार्थी को 5000 पौंड की रकम देगा। कॉलेज प्रशासन का दावा है कि उनके कॉलेज के विद्यार्थी फ़ेल नहीं होते हैं यदि कोई फ़ेल हुआ तो उसे 5000 पौंड (लगभग 3.52 लाख रुपए) देगा। 27 वर्षों से इस कॉलेज की 'ए' लेवल की परीक्षाओं का औसत परिणाम ए ग्रेड में आ रहा है। विद्यार्थियों को फ़ेल होने के लिए उकसाने वाले इस ऑफ़र के लिए कॉलेज की आलोचना हो रही है। अब चलते हैं ब्लॉग4वार्ता पर......


गधा सम्मेलन 2010 समाप्त : फ़िर से वही रामदयाल और वही गधेडी मैं ताऊ टीवी का चीफ़ रिपोर्टर रामप्यारे अब आपको सम्मेलन के क्लोजिंग सेरेमनी का देखा हाल सुनाता हुं. समस्त कार्यक्रम आशानुरुप होने की खुशी में ताऊ महाराज धृतराष्ट्र बडे प्रसन्न दिखाई देरहे हैं. वैसे तो महाराज अंधे हैं पर इस सम्मेलन में महाराज की गतिविधियां उनके अंधे होने पर अंगुली उठाई जाने लायक इशारे छोड गई. खैर यह सब मसला तो सम्मेलन की समाप्ति के बाद भी सुलझाया जा सकता है. अब महाराज ने जैसे कर्म किये हैं वैसे सवाल तो उठेंगे ही.


अब चलते हैं चलते हैं मेवाड़ ब्लॉग पर यहां बताया जा रहा है कि मारवाड़ी तलवारों पर होगा शोध राजपूताना के शाही शस्त्रों की खूबियों का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। इसके तहत जयपुर के सिटी पैलेस और जोधपुर के मेहरानगढ़ में प्रदर्शित मुगल शैली और हिन्दू शैली के शस्त्रों की बनावट, काल, तरीका, स्वरूप में बदलाव, फौलाद, क्षमता आदि का अध्ययन होगा।मेहरानगढ़ में 16वीं से 18वीं शताब्दी के प्रदर्शित शस्त्रों में धार्मिकता का पुट ज्यादा देखने को मिला है। पिछले दिनों जोधपुर आए डॉ. एल्गुड के अनुसार रक्षा एवं आत्मबल की मजबूती के लिए इष्टदेवी-देवताओं से सहायक बनने का आह्वान भी तलवारों पर अंकित किया जाता था।

तुम्हारे न होने का एक बहुत लम्बा सा नाटक.ये कोई नाटक नहीं था पर ना जाने ये मुझे अब तक एक नाटक जैसा क्यूँ लग रहा है? ऎसा लगता है कि कुछ देर के लिये मैं किसी कहानी के भीतर चला गया था। मेरे  आसपास के लोग अजीब से हो गये थे… बदल गये थे… और उस कहानी में भी, मैं कहीं ऊपर था… जहाँ से सारी दुनिया बहुत छोटी दिखती थी। जहाँ से सुख और दु:ख एक दूसरे के साथ आईस पाईस खेलते दिखते थे… एक दूसरे को छकाते हुये, बतियाते हुये, चुपके से दुनिया में ही किसी के साथ हो लेते और उसकी दुनिया बदल देते।  यूं पल में किसी की दुनिया बदलना उनके लिये एक खेल था

मेरी छोटी दुनिया पर पीडी लाए हैं पटनियाया पोस्टउस शहर से पहली मुलाक़ात बचपन में कभी हुई थी, कब, यह अब याद भी नहीं.. सीतामढ़ी से पटना तक गया था, पापा के साथ टंगके, सरकारी गाडी से जो किसी सरकारी काम से जा रहे थे.. गांधी सेतु पुल के ऊपर से गुजरने में अजीब सा सुखद अहसास अब भी याद है.. बिहार में एक कहावत बहुत प्रसिद्द है "उप्पर से फीट-फाट, अंदर से मोकामा घाट".. इस कहावत कि आत्मा को मेरी पीढ़ी से एक पीढ़ी ऊपर वाले लोग ही समझ सकते हैं.. वे लोग जो गाँधी सेतु पुल से बहुत पहले के थे.. या दीगर बात है कि अगली बार पटना आते समय बिहारसरीफ़ और नवादा से गुजरा था.. 

अजनबी पर राजय शर्मा की गजल मैने सच की बात की तो लोग दुश्मन हो गए

मैंने सच की बात की तो लोग दुश्मन हो गये
बात हक के साथ की तो लोग दुश्मन हो गये

उम्र भर जिनसे निभाई मैंने दुश्मनी बार बार
मौत की मंजिल पे सारे मेरे हमदम हो गये

सतीश पंचम जी एक और ब्लॉगर बैठकी का न्योता दे रहे हैं. मित्रो, वर्धा ब्लॉगर कार्यशाला को लेकर देख रहा हूं कि कई पोस्टों पर शिकायतों का अंबार लगा है। छिद्रान्वेषण किया जा रहा है कि किसे बुलाया गया....किसे नहीं बुलाया गया। अगर उसको बुलाया गया तो मुझको क्यों...

स्पन्दन पर शिखा जी बता रही हैं ऐसा भी है लन्दनसंसार एक मुट्ठी में .यही भाव आता है आज का लन्दन देख कर .लन्दन का नाम आते ही ज़हन में एक बहुत ही आलीशान शहर की छवि उभरती हैं .बकिंघम पेलेस, लन्दन ब्रिज, लन्दन आई, मेडम तुसाद और भी ना जाने क्या क्या.पर इन सबसे अलग एक लन्दन और भी है, एक ऐसा शहर जो सारी दुनिया खुद में समाये हुए है आज ऐसे ही लन्दन से आपकी मुलाकात कराती  हूँ. जहाँ आज लगभग ९० विभिन्न समुदायों के लोग निवास करते हैं और जहाँ ३०० से ज्यादा भाषाए बोली जाती हैं.जिनमें बंगाली, गुजरती, मेंडरीन, कौन्टेसी  और  प्रमुख हैं.और इसी एक पॉइंट पर लन्दन २०१२ में होने वाले ओलम्पिक खेलों का मेजबान बन गया. 

बीवी को मार सकते हैं, बशर्ते जख्म न आएंसंयुक्त अरब अमीरात की सर्वोच्च न्यायिक संस्था ने कहा है कि कोई पुरुष अपनी पत्नी और छोटे बच्चों की कुछ इस तरह से पिटाई कर सकता है, जिससे उनके शरीर पर किसी तरह के जख्म या निशान न आएं। न्यायालय का यह फैसला उ...इक्कीसवीं सदी में भी मनुष्य का रूप ऐसा भी हो सकता है !शनिवार के दिन सरकारी दफ्तर और कुछ स्कूल बंद होने से सड़कों पर थोड़ी फुर्सत सी रहती है । इस शनिवार जब मैं सुबह अस्पताल जा रहा था, सड़क पर एक दुखद द्रश्य देखा । करकरडूमा कोर्ट्स से होकर क्रॉस रिवर मॉल के सामन... 

यह तेरा रब...वो मेरा रब ..!रब को ढूँढने पहले तो हम मन्दिर-मस्जिद जाते थोड़ा सा अहिसास होते रब का ... कि भई हाँ ... रब तो है... उसके मिलने से पहले ही उसको राम व अल्ला में बाँटने बैठ जाते हैं... तभी तो हम मानव जाति...सिरेमिक इनसर्ट : नी रिप्लेसमेंट में नया दौर वीरेन्द्र सिंहल की उम्र केवल 32 वर्ष थी कि रयूमैटायड आथ्र्राइटिस के कारण उनके दाएं घुटने में टेढ़ापन आ चुका था। इस कारण उनके घुटने में दर्द रहने लगा। केवल 6 माह बाद ही सिंहल की तकलीफ इतनी बढ़ी कि उन्हें ...आया नया जमाना है.पांव बढाता हूं अब आगे , हृदय मेरा तनिक न हिलता जाना है दूर क्षितिज तक जहां गगन धरती से मिलता. छूना हमको वह उंचाई जहां ठंढी ओस की बूंदें बनता सांझ जहां होती है रुककर ,सुबह जहां होली सा मनता. सागर की गहराई...
 
आदमीएक मित्र की दुकान में रुक कर उसका हालचाल जानना चाहा , इसी बीच एक ग्राहक ने दुकान में आकर शैम्पू देने को कहा , मित्र ने ग्राहक से ब्राण्ड और क्वांटिटी पूछी । खरीददार ने उल्टा पूछा अच्छा क्या रहेगा । मित्र...ऐसी खुशी नहीं चाहताऐसी खुशी नहीं चाहता जो किसी का दिल दुखाने से मिले, हंसी ऐसी नहीं चाहता जो किसी को रुलाने से मिले उस दौलत का क्या करे जो अपनों से दूर है | जो पैदा करती दिल में गुरूर है सर ढकने को छत हो खाने को रोटी हो भूंखे...बिग बॉस के सबसे महंगे प्रतिभागी!सही है पहलवान खली ही बिग बॉस 4 के सबसे महंगे प्रतिभागी हैं। पिछले हफ्ते यानी 16 अक्टूबर को खली की बिग बॉस के घर में जोरदार एंट्री हुई थी। जिसके बाद से बिग बॉस की टीआरपी में खासा सुधार हुआ है,

एक अपसगुन हो गया. सच्ची...!.दो तीन दिन के लिए कल से प्रवास पर हूँ अत: ब्लागिंग बंद क्या पूछा न भाई टंकी पे नहीं चढा न ही ऐसा कोई इरादा अब बनाता बस यात्रा से लौटने तक  . न पोस्ट पढ़ पाउंगा टिपिया ना भी मुश्किल है. सो आप सब मुझे क्षमा करना जी . निकला तो कल था घर से किंतु एक  अपसगुन हो गया. सच्ची एक अफसर का फून आया बोला :-"फलां केस में कल सुनवाई है आपका होना ज़रूरी है.  कल निकल जाना ! सो सोचा ठीक है. पत्नी ने नौकरी को सौतन बोला और हम दौनों वापस .

अब चलते चलते व्यंग्य चित्र


वार्ता को देते हैं विराम पोस्टमार्टम सेंटर यहां पर है, मिलते हैं ब्रेक के बाद.........

8 टिप्पणियाँ:

मजेदार रही है बलोग वार्ता |

ललितजी ,
अच्छी लिंक्स के लिए बधाई
आशा

बढ़िया रही वार्ता

बहुत बढ़िया वार्ता ... मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए आपका बहुत बहुत आभार !

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