रविवार, 10 अक्तूबर 2010

पश्चाताप - डेढ साल में ब्लॉगर भी न बन पाए - ब्लॉग 4 वार्ता - शिवम् मिश्रा

प्रिय ब्लॉगर मित्रो ,

प्रणाम !


मान्यता है कि शारदीय नवरात्र में महाशक्ति की पूजा कर श्रीराम ने अपनी खोई हुई शक्ति पाई। इसलिए इस समय आदिशक्ति की आराधना पर विशेष बल दिया गया है। मार्कंडेय पुराण के अनुसार, 'दुर्गा सप्तशती' में स्वयं भगवती ने इस समय शक्ति-पूजा को महापूजा बताया है।

किष्किंधा में चिंतित श्रीराम

रावण ने सीता का हरण कर लिया, जिससे श्रीराम दुखी और चिंतित थे। किष्किंधा पर्वत पर वे लक्ष्मण के साथ रावण को पराजित करने की योजना बना रहे थे। उनकी सहायता के लिए उसी समय देवर्षि नारद वहां पहुंचे। श्रीराम को दुखी देखकर देवर्षि बोले, 'राघव! आप साधारण लोगों की भांति दुखी क्यों हैं? दुष्ट रावण ने सीता का अपहरण कर लिया है, क्योंकि वह अपने सिर पर मंडराती हुई मृत्यु के प्रति अनजान है।

देवर्षि नारद का परामर्श

रावण के वध का उपाय बताते हुए देवर्षि नारद ने श्रीराम को यह परामर्श दिया, 'आश्विन मास के नवरात्र-व्रत का श्रद्धापूर्वक अनुष्ठान करें। नवरात्र में उपवास, भगवती-पूजन, मंत्र का जप और हवन मनोवांछित सिद्धि प्रदान करता है। पूर्वकाल में ब्रह्मा, विष्णु, महेश और देवराज इंद्र भी इसका अनुष्ठान कर चुके है। किसी विपत्ति या कठिन समस्या से घिर जाने पर मनुष्य को यह व्रत अवश्य करना चाहिए।

महाशक्ति का परिचय

नारद ने संपूर्ण सृष्टि का संचालन करने वाली उस महाशक्ति का परिचय राम को देते हुए बताया कि वे सभी जगह विराजमान रहती हैं। उनकी कृपा से ही समस्त कामनाएं पूर्ण होती है। आराधना किए जाने पर भक्तों के दुखों को दूर करना उनका स्वाभाविक गुण है। त्रिदेव-ब्रह्मा, विष्णु, महेश उनकी दी गई शक्ति से सृष्टि का निर्माण, पालन और संहार करते है।

नवरात्र पूजा का विधान

देवर्षि नारद ने राम को नवरात्र पूजा की विधि बताई कि समतल भूमि पर एक सिंहासन रखकर उस पर भगवती जगदंबा को विराजमान कर दें। नौ दिनों तक उपवास रखते हुए उनकी आराधना करें। पूजा विधिपूर्वक होनी चाहिए। आप के इस अनुष्ठान का मैं आचार्य बनूंगा। राम ने नारद के निर्देश पर एक उत्तम सिंहासन बनवाया और उस पर कल्याणमयी भगवती जगदंबा की मूर्ति विराजमान की। श्रीराम ने नौ दिनों तक उपवास करते हुए देवी-पूजा के सभी नियमों का पालन भी किया।

जगदंबा का वरदान

मान्यता है कि आश्विन मास के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि की आधी रात में श्रीराम और लक्ष्मण के समक्ष भगवती महाशक्ति प्रकट हो गई। देवी उस समय सिंह पर बैठी हुई थीं। भगवती ने प्रसन्न-मुद्रा में कहा- 'श्रीराम! मैं आपके व्रत से संतुष्ट हूं।
जो आपके मन में है, वह मुझसे मांग लें। सभी जानते हैं कि रावण-वध के लिए ही आपने पृथ्वी पर मनुष्य के रूप में अवतार लिया है। आप भगवान विष्णु के अंश से प्रकट हुए हैं और लक्ष्मण शेषनाग के अवतार हैं। सभी वानर देवताओं के ही अंश हैं, जो युद्ध में आपके सहायक होंगे। इन सबमें मेरी शक्ति निहित है। आप अवश्य रावण का वध कर सकेंगे। अवतार का प्रयोजन पूर्ण हो जाने के बाद आप अपने परमधाम चले जाएंगे। इस प्रकार श्रीराम के शारदीय नवरात्र-व्रत से प्रसन्न भगवती उन्हे मनोवांछित वर देकर अंतर्धान हो गई।

आइये मन में माँ की मूरत बसाये हुए अब चलते है ब्लॉग वार्ता की ओर ....... ब्लॉग 4 वार्ता मंच के पूरे वार्ता दल की ओर से आप सब को नव-रात्रि पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

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कामनवेल्थ से लेंगे प्रेरणा :- कौन कमीशन खोर ?

हमको हीरो बनने में बडा मजा आता है जी ......सच्ची कसम से .. :- तो बनिए ना कौन रोकता है ?

पी सी बाबू का गणितीय सूत्र यानि अर्थशास्त्र का समाजशास्त्र” :- बात में दम है पर मानने वाले कम है !

समीरलालजी, शास्त्री जी, और पाबला जी ! अरुणा कपूर जी के लिए आपकी बधाई नहीं आई अब तक ..... :- पर क्यों ?

ब्लोग या वेबसाइट बनाने का क्या उद्देश्य होना चाहिए? :- जानिये यहाँ !

पुरुष बनकर तुम्हें समझना चाहती हूँ... :- ऐसे ही समझ लो जी क्यों सारी पोले खोलोगी !

डेढ साल में ब्लॉगर भी न बन पाए--------- ललित शर्मा :- नौकरी पक्की नहीं हुयी अभी आपकी !

पश्चाताप !! :- किस बात का ?

कल मना मेरा वास्तविक हिन्दी दिवस :- बधाई हो !

आज तुलसीभाई पटेल का जनमदिन है :- बधाइयाँ और शुभकामनाएं !

अक्टूबर २०१० बहुत ही ख़ास महीना है.... :- क्यों भला ?

तुम बिन सब अधूरा होगा :- फिर पूरा कैसे होगा ?

महाराज ताऊ श्री धृतराष्ट्र द्वारा सम्मेलन की औपचारिक घोषणा :- एक और सम्मलेन ??

मौन को आजमाना चाहिए - सतीश सक्सेना :- पर जगह देख कर ....!!

सरकतीं फ़ाईलें : लड़खड़ाती व्यवस्था :- आखिर कब तक चलेगी ?

ये पढ़कर ब्लॉगर नाम पर शर्म आ रही है...खुशदीप :- आपका रोष वाजिब है !

राही तू बस चलता चल :- मंजिल तो आनी ही है !

आपके लिए कैसा रहेगा 9 और 10 अक्‍तूबर 2010 का दिन ?? :- आप ही बताइए ज़रा !

रेयरेस्ट ऑफ़ द रेयर .....मृत्युदंड बनाम आजीवन कारावास ......प्रियदर्शनी मट्टू हत्याकांड फ़ैसले के परिप्रेक्ष्य में .... अजय कुमार झा :- हम्म !

बिहार चुनाव की खामोशी :- तूफ़ान से पहले की है !


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आज की ब्लॉग वार्ता बस यहीं तक ....... अगली बार फिर मिलता हूँ एक और ब्लॉग वार्ता के साथ तब तक के लिए ......
जय हिंद !!

9 टिप्पणियाँ:

वाह शिवमजी बहुत अच्‍छी वार्र्ता ल्रायी आपने .. बहुत अच्‍छे अच्‍छे लिंक मिले .. आपका आभार !!

बहुत सुन्दर शामिल करने के लिये आभार

नवरात्रो की आपको भी शुभकामनायें।

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शिवम् जी-- उम्दा वार्ता -- आभार आपका।

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आप सब का बहुत बहुत आभार !

शिवम भाई, आपकी चर्चा में एक अलग ही स्वाद होता है। काफी दिनों से पढा नहीं था, इसलिए आज फुर्सत से समय निकाल कर आया हूँ।
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वर्धा सम्मेलन: कुछ खट्टा, कुछ मीठा।
….अब आप अल्पना जी से विज्ञान समाचार सुनिए।

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